शिक्षा शास्त्र

शिक्षा के दार्शनिक परिप्रेक्ष्य

    शिक्षा के सामाजिक परिप्रेक्ष्य

      शिक्षा के मनोवैज्ञानिक परिप्रेक्ष्य

        शैक्षिक नेतृत्व एवं प्रबंधन

          शैक्षिक निर्देशन एवं परामर्श

            पाठ्यक्रम विकास एवं आकलन

              भारतीय शिक्षा प्रणाली का विकास

                Career After 12th, समूह गतिशीलता

                समूह गतिशीलता

                समूह गतिशीलता डायनॉमिक्स भौतिक शास्त्र से लिया गया है। डायनॉमिक्स ग्रीक भाषा से लिया गया है जिसका अर्थ है शक्ति। इस प्रकार समूह गत्यात्मकता समूह में छिपी हुई शक्ति के अध्ययन से संबंधित विषय है। समूह गति विज्ञान उन विषयों का ज्ञान देता है जो एक समूह में सक्रिय होती हैं। उन व्यक्तियों का अध्ययन […]

                शिक्षा

                शिक्षा अर्थ परिभाषा प्रकृति विशेषताएं

                शिक्षा अपने आप में एक विस्तृत शब्द है जिसके माध्यम से कोई भी मनुष्य विशेषकर शिशु अपनी आंतरिक भावनाओं को प्रकट कर सकता है। शिक्षा को अंग्रेजी भाषा में Education (एजुकेशन) कहते हैं। शिक्षा एक विशेष प्रकार का वातावरण है, जिसका प्रभाव बालक के चिंतन, दृष्टिकोण व व्यवहार करने की आदतों पर स्थाई रूप से […]

                आधुनिक भारतीय समाज,

                आधुनिक भारतीय समाज

                आधुनिक युग में भारतीय समाज में अनेक परिवर्तन हुए हैं और निरंतर हो रहे हैं। आज यहां भारतीय समाज विकास की सीढ़ियां चढ़ता जा रहा है, वहीं दूसरी ओर अनेकानेक दोषों और समस्याओं से भी ग्रस्त हो रहा है। भारतीय समाज के आधुनिक स्वरूप को निम्न प्रकार समझा जा सकता है – आधुनिक भारतीय समाज […]

                Bal Vikas

                वृद्धि और विकास प्रकृति व अंतर

                वृद्धि और विकास – वृद्धि को आमतौर पर मानव के शरीर के विभिन्न अंगों के विकास तथा उन अंगों की कार्य करने की क्षमता का विकास माना जाता है। जबकि विकास एक सार्वभौमिक प्रक्रिया है जो जन्म से लेकर जीवन पर्यंत तक अभिराम गति से चलती रहती है। विकास केवल शारीरिक वृद्धि की ओर संकेत […]

                शिक्षा के व्यक्तिगत उद्देश्य, भारतीय समाज का आधुनिक स्वरूप

                भारतीय समाज का आधुनिक स्वरूप

                भारतीय समाज का आधुनिक स्वरूप – भारतीय समाज दुनिया के सबसे जटिल समाजों में एक है। इसमें कई धर्म, जाति, भाषा, नस्ल के लोग बिलकुल अलग-अलग तरह के भौगोलिक भू-भाग में रहते हैं। उनकी संस्कृतियां अलग हैं, लोक-व्यवहार अलग है। भारतीय समाज का आधुनिक स्वरूप समाज की प्रकृति गतिशील होने के कारण उसमें निरंतर परिवर्तन […]

                किशोरावस्था, Indian culture

                किशोरावस्था

                बाल्यावस्था के समापन अर्थात 13 वर्ष की आयु से किशोरावस्था आरंभ होती है। इस अवस्था को तूफान एवं संवेदी अवस्था कहा गया है। हैडो कमेटी की रिपोर्ट में कहा गया है 11 से 12 वर्ष की आयु में बालक की नस में ज्वार उठना आरंभ होता है इसे किशोरावस्था के नाम से पुकारा जाता है। […]

                समस्या समाधान विधि, मानव विकास की अवस्थाएं, राज्य स्तर पर शैक्षिक प्रशासन

                समस्या समाधान विधि विशेषताएं 7 लाभ व 7 दोष

                समस्या समाधान विधि छात्र की मानसिक क्रिया पर आधारित है क्योंकि इस विधि में समस्या का चयन करके छात्र स्वयं के विचारों एवं तर्क शक्ति के आधार पर मानसिक रूप से समस्या का हल ढूंढ़ कर नवीन ज्ञान प्राप्त करता है। समस्या समाधान विधि में विद्यालय का पाठ्यक्रम इस प्रकार संगठित किया जाता है कि […]

                रागदरबारी उपन्यास, कफन कहानी सारांश

                कहानी के तत्व – कथावस्तु पात्र कथाकथन भाषा शैली उद्देश्य

                कहानी के तत्व – कहानी किसी भी प्रकार की हो, उसका कुछ कथानक अवश्य होता है, उसमें कुछ पात्र अवश्य होते इन पात्रों का अपना स्वभाव और चरित्र अवश्य होता है और वे आपस में कुछ वार्तालाप भी करते हैं। यदि कहानी उचित भाषा-शैली में न लिखी जाए तो उसका प्रभावहीन होना निश्चित है। फिर […]

                शिक्षण

                शिक्षण सूत्र क्या है? विभिन्न प्रकार के 11 शिक्षण

                शिक्षण सूत्र में अच्छा शिक्षक सदैव अपने ज्ञान तथा अनुभवों की व्याख्या छात्रों के मस्तिष्क तक पहुँचाने में सफल होता है। छात्रों को उनकी रुचि एवं जिज्ञासा के अनुकूल, विषय-वस्तु का ज्ञान प्रदान करना, ज्ञान को स्पष्ट रूप से समझाना तथा ऐसी कक्षा-परिस्थितियाँ एवं कक्षा वातावरण तैयार करना, जिसमें छात्र अधिकतम अधिगम क्रियायें तथा अधिगम […]

                विकलांगता अधिनियम, वंचित बालकों की समस्याएँ

                विकलांगता अधिनियम 1995 के सम्बंध में सरकार के प्रयास

                विकलांगता अधिनियम 1995 को अधिनियम के कार्यान्वयन में प्राप्त अनुभव के प्रकाश में, नए वर्षों में विकलांगता क्षेत्र में किए गए विकास और संयुक्त राष्ट्र के तहत प्रतिबद्धताअ के प्रकाश में एक नए कानून द्वारा प्रतिस्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया था। इस इकाई में हम मौजूदा कृत्यों और नीतियों के बारे में चर्चा करेंगे […]

                विज्ञान पाठ्य पुस्तक

                विज्ञान पाठ्य पुस्तक क्षेत्र आवश्यकता 10 विशेषताएँ व सीमाएँ

                पाठ्य पुस्तक अध्यापक के लिए ऐसा महत्त्वपूर्ण साधन है जो उसके विज्ञान शिक्षण के लिए आवश्यक है। विज्ञान पाठ्य पुस्तक के द्वारा शिक्षक छात्रों के व्यवहार, ज्ञान कौशल आदि में परिवर्तन लाकर विज्ञान शिक्षण के उद्देश्यों को पूर्ण करने का प्रयास करता है। पाठ्य पुस्तक में पाठ्य वस्तु का ज्ञान एक विशेष क्रम में निश्चित […]

                मैकाले का विवरण पत्र 1835, त्रिभाषा सूत्र, राज्य स्तर पर शैक्षिक प्रशासन

                एडम रिपोर्ट – प्रथम, द्वितीय व तृतीय एडम रिपोर्ट

                एडम रिपोर्ट – एडम एक शिक्षाविद्, विद्वान एवं कर्तव्यनिष्ठ समाज सेवक थे। एडम का मानना था कि शिक्षा के द्वारा ही किसी भी समाज का विकास किया जा सकता है। तत्कालीन गवर्नर जनरल लॉर्ड विलियम बेंटिक ने एडम को बिहार तथा बंगाल में शिक्षा की स्थिति का सर्वेक्षण करने का कार्य दिया था। एडम रिपोर्ट […]

                प्रौढ़ शिक्षा की आवश्यकता

                प्रौढ़ शिक्षा की आवश्यकता – Requirement of Adult Education

                प्रौढ़ शिक्षा की आवश्यकता – अशिक्षित मानव पशु के समान ही है, वर्तमान समय के सामाजिक आर्थिक राजनैतिक व्यवसाय तथा तकनीकी वातावरण में अपने को समायोजित करने के लिए तथा प्राकृतिक संपदा व वैज्ञानिक उपलब्धियों का अधिकतम सदुपयोग करने के लिए मानव का शिक्षित होना अत्यंत आवश्यक है। विभिन्न परिस्थितियों के कारण शिक्षा प्राप्त करने […]

                Mobile phone and youth

                संप्रेषण की समस्याएं Problems of Communication

                संप्रेषण की समस्याएं – संप्रेषण के मार्ग में अनेक बाधाएं और अवरोध हैं। वास्तव में जो तत्व संप्रेषण के प्रभाव में वृद्धि करते हैं, यदि उनका प्रयोग न किया जाए तो संप्रेषण का प्रभाव घटने लगता है। संप्रेषण की समस्याएं संप्रेषण की समस्याएं को घटाने वाले तत्व मुख्यत: निम्न है- 1. सैद्धांतिक बाधा पृष्ठभूमि, शिक्षा […]

                व्यावसायिक निर्देशन, शैक्षिक पर्यवेक्षण, समूह निर्देशन

                समूह निर्देशन अर्थ आवश्यकता व उद्देश्य

                निर्देशन कार्यक्रम के आधारभूत तत्वों को मितव्ययता, कुशलता एवं प्रभावी ढंग से पूर्ण करने का एक साधन समूह निर्देशन है।यह निर्देशन की एक पद्धति है जिसके द्वारा छात्रों को उनके विकास में सहायता प्रदान की जाती है। सामूहिक निर्देशन क्रियाएं अन्य क्रियाओं में सहयोग प्रदान करती हैं। उनका विकल्प नहीं है। निसंदेह पहले निर्देशन पर […]

                शैक्षिक व व्यावसायिक निर्देशन में अंतर

                शिक्षा के व्यक्तिगत उद्देश्य के पक्ष में 5 विपक्ष में 8 तर्क

                प्राचीन समय में शिक्षा के व्यक्तिगत उद्देश्य को उस समय के विद्वानों का काफी समर्थन प्राप्त रहा है। आधुनिक युग में भी शिक्षा मनोविज्ञान की प्रगति के कारण इस उद्देश्य पर विशेष बल दिया जाने लगा है। आधुनिक समय में इस उद्देश्य के प्रमुख समर्थकों के नाम है रूसो, रावल, पेस्टोलॉजी, नन आदि। शिक्षा के […]

                संस्कृति

                संस्कृति अर्थ परिभाषाएँ आवश्यकता संस्कृति की विशेषताएँ

                संस्कृति शब्द का जन्म संस्कार शब्द से हुआ है जो संस्कार व्यक्ति को संस्कृत बनाते हैं उसे संस्कृति नाम से संबोधित किया जाता है। भारतीय संविधान के अंतर्गत संस्कारों का बहुत महत्व है। गर्भाधान से लेकर मानव के पुनर्जन्म तक विवेक संस्कार किए जाते हैं, जिससे मानव सुसंस्कृत बनता है। जन्म होने पर नामकरण संस्कार, […]

                इकाई योजना

                इकाई योजना विशेषताएं महत्व – 7 Top Qualities of unit plan

                इकाई योजना का सर्वप्रथम विकास एच सी मॉरीसन ने किया यह प्रविधि गेस्टाल्ट मनोविज्ञान के सिद्धांतों पर आधारित मानी जाती है। इकाइ योजना बीसवीं शताब्दी की देन है। सन 1920 से 1935 के मध्य इसके अनेक रूप सामने आए किंतु इसका व्यापक प्रयोग 1929 के बाद ही शुरू हुआ। इस योजना का विकास ऐसी मारीसन […]

                समावेशी बालक प्रकार पहचान व Top 5 विशेषताएँ

                समावेशी बालक – अधिकांश बाधित बालक विद्यालय तथा समाज में बिना पहचाने रह जाते हैं। चाहे वह स्कूल जाते हैं अथवा नहीं इसके परिणाम स्वरूप में अपनी कार्यक्षमता हों तथा प्रतिभाओं का पूर्ण रूप से विकास नहीं कर पाते हैं। अतः ऐसे बालकों के लिए ऐसे अध्यापकों की आवश्यकता होती है कि वह बाधित बालकों […]

                विकलांग शिक्षा उद्देश्य पाठ्यक्रम व सरकारी प्रयास

                विकलांग शिक्षा – विकलांग बच्चे विशिष्ट बच्चों की श्रेणी में आते हैं, जिनकी पहचान गुणों, लक्षणों, आदर्शों या किसी कमी के कारण अलग से प्रतीत होती है। विशिष्ट बालक वह है, जो सामान्य बालकों से शारीरिक, मानसिक, सांविधिक और सामाजिक विशेषताओं में इतने अधिक विषमता पूर्ण होते हैं कि अपनी उच्चतम योग्यताओं को विकसित करने […]

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