जापान कृषि विशेषताएं - जापान में कृषि छोटे पैमाने पर होती है। यहां के कुल भूमि का केवल 16% भाग कृषि योग्य है। जापान में कृषि क्षेत्र सीमित होने के कारण यहां के किसान इस प्रकार की पद्धति को अपनाते हैं जिससे भूमि से अधिकतम उत्पादन किया जा सके। इस प्रकार सीमित भूमि पर पैदा … पढ़ना जारी रखें जापान कृषि विशेषताएं महत्व
श्रेणी: सुदूर पूर्व एशिया का अध्ययन
जापान की मिट्टियां कटिबंधीय अकटिबंधीय मिट्टियां
जापान की मिट्टियां - जापान में केवल 15% भूमि कृषि योग्य है, दूसरी ओर अत्यधिक भूमि का अपरदन जापानी कृषि पर प्रभाव डालता है। जापान एक पर्वतीय देश है। ऊचे भागों से निकलने वाली नदियां तीव्र गति से प्रवाहित होती है। जिससे मिट्टी का अपरदन अधिक होता है और मिट्टी कृषि योग्य नहीं रह पाती … पढ़ना जारी रखें जापान की मिट्टियां कटिबंधीय अकटिबंधीय मिट्टियां
जापान के वन महत्व वन विनाश से उत्पन्न 4 समस्याएं
जापान के वन - प्राकृतिक वनस्पति के अंतर्गत सभी प्रकार के वन, झाड़ियां तथा घासें सम्मिलित की जाती हैं। जलवायु, धरातल तथा मिट्टी की विभिन्नता प्राकृतिक वनस्पति को निर्धारित करती है। शीतोष्ण कटिबंधीय मानसूनी जलवायु के कारण यहां विभिन्न प्रजाति के वृक्ष तथा अनेक प्रकार की वनस्पतियां पाई जाती हैं। यहां की अर्थव्यवस्था में वनों … पढ़ना जारी रखें जापान के वन महत्व वन विनाश से उत्पन्न 4 समस्याएं
जापान स्थलाकृतियां व जापान के 5 भौतिक स्वरूप
जापान स्थलाकृतियां - जापान का धरातलीय स्वरूप सभी जगह एक जैसा नहीं है। यह स्थलाकृति या पूरे देश में विक्रय रूप में मिलती है। जापान के धरातलीय स्वरूप को भारत की तरह (पर्वत, पठार, मैदान व तटवर्ती क्षेत्र) विभाजित नहीं कर सकते। यहां पर पर्वत पठार मैदान टुकड़ों में चारों द्वीपो पर मिलते हैं। जापान … पढ़ना जारी रखें जापान स्थलाकृतियां व जापान के 5 भौतिक स्वरूप
जापान की जलवायु – 10 विभाग विविधता 6 प्रभावित करने वाले कारक
जापान की जलवायु - महाद्वीप एवं समुद्री वायु राशियां, चक्रवात, हरीकेन तथा मानसून हवाएं जापान की जलवायु को प्रभावित करती हैं। यहां की जलवायु शीतोष्ण मानसूनी है। शीतोष्ण कटिबंधीय प्रदेशों में स्थित होने के कारण यहां की जलवायु पर धरातल की अपेक्षा सामुद्रिक दशाओं का प्रभाव अधिक पड़ता है। इसी कारण शीत ऋतु में तापमान … पढ़ना जारी रखें जापान की जलवायु – 10 विभाग विविधता 6 प्रभावित करने वाले कारक
जापान भूपृष्ठीय रचना – पहाड़ियां, पर्वत, मैदान, ज्वालामुखी
जापान भूपृष्ठीय रचना - जापान को प्राकृतिक प्रदेशों के निर्धारण में उच्चावच संरचना अपवाह के सम्मिलित भौतिक तत्वों के साथ ही जलवायु और जैविक तत्वों जैसे प्राकृतिक वनस्पति तथा जंतुओं को भी सम्मिलित किया जाता है। प्राकृतिक प्रदेशों की संकल्पना प्राकृतिक तत्वों की समरूपता पर आधारित होती है। एक प्राकृतिक प्रदेश के भीतर उच्चावच, जलवायु, … पढ़ना जारी रखें जापान भूपृष्ठीय रचना – पहाड़ियां, पर्वत, मैदान, ज्वालामुखी
जापान भौगोलिक स्थिति (30°N to 45°)
जापान भौगोलिक स्थिति - द्वीपों का देश जापान पूर्व का ब्रिटेन कहा जाता है। इसे उगते हुए सूरज का देश भी कहा जाता है। जापान उत्तरी गोलार्द्ध तथा पूर्वी गोलार्ध में एक द्वीप दुनिया के नाम से स्थित है। जापान की प्रगति का मुख्य कारण उसकी भौगोलिक स्थिति है। जापान द्वीप समूह के पश्चिम में … पढ़ना जारी रखें जापान भौगोलिक स्थिति (30°N to 45°)
चीन जनसंख्या वृद्धि समस्या एवं समाधान – 145+ करोड़
चीन जनसंख्या वृद्धि - विलकालस के अनुमान के अनुसार चीन की जनसंख्या 1650 ईसवी में 7 करोड़ थी। जो 1710 ईसवी में 14 करोड़, 1850 में 34 करोड़ तथा 1930 ईस्वी में 43.2 करोड़ तक हो गई। विश्व बैंक के अनुमान के अनुसार, 1990 में चीन की जनसंख्या 11344 लाख हो गई थी। आज चीन … पढ़ना जारी रखें चीन जनसंख्या वृद्धि समस्या एवं समाधान – 145+ करोड़
चीन खनिज संसाधन – कोयला एंटीमनी तांबा टिन खनिज 1 Best Notes
चीन खनिज संसाधन - चीन में कोयले की तरह खनिज संसाधन भी यहां के प्रत्येक क्षेत्र में थोड़ा बहुत मिलता है। अक्टूबर 1949 से स्थापित साम्यवादी सरकार ने भू सर्वेक्षण द्वारा पता लगाया कि चीन में आशा के अनुरूप खनिज संपदा नहीं है। पिछले 25 से 30 वर्षों में चीन में नए-नए खनिजों के उत्पादन … पढ़ना जारी रखें चीन खनिज संसाधन – कोयला एंटीमनी तांबा टिन खनिज 1 Best Notes
चीन कृषि विशेषताएं महत्व 8 Features
चीन कृषि विशेषताएं - 1911 की क्रांति के बाद चीन की जनसंख्या में तेजी से वृद्धि हुई। इसी बीच जापान ने भी चीन पर आक्रमण कर दिया। जिसके परिणाम स्वरूप चीन की कृषि पूरी तरह से अव्यवस्थित हो गई। उन्हें गेहूं और चावल का अधिक मात्रा में आयात करना पड़ता था। 1949 में क्रांति शुरू … पढ़ना जारी रखें चीन कृषि विशेषताएं महत्व 8 Features
चीन की मिट्टियां विभाजन तथा 6 भौगोलिक प्रदेश
चीन की मिट्टियां - मिट्टी पर्यावरण की उपज है। मिट्टी को निर्मित करने में 4 संघटक व 4 मंडलों का योगदान है। जैसे स्थलमंडल से चट्टान चूर्ण, वायुमंडल से वायु या गैस, जलमंडल से जल तथा जीवमंडल से ह्यूमस प्राप्त होता है। इन सभी के मिश्रण से मिट्टी बनती है। जिसे मृदा मंडल कहते हैं। … पढ़ना जारी रखें चीन की मिट्टियां विभाजन तथा 6 भौगोलिक प्रदेश
चीन की मिट्टियां मृदा संरक्षण मृदा अपरदन
मिट्टी पर्यावरण की उपज है। मिट्टी को निर्मित करने में 4 संघटक व 4 मंडलों का योगदान है। जैसे स्थलमंडल से चट्टान चूर्ण, वायुमंडल से वायु या गैस, जलमंडल से जल तथा जीवमंडल से ह्यूमस प्राप्त होता है। इन सभी के मिश्रण से मिट्टी बनती है। जिसे मृदा मंडल कहते हैं। चीन में भौम्याकृति, जलवायु, … पढ़ना जारी रखें चीन की मिट्टियां मृदा संरक्षण मृदा अपरदन
चीन के वन 10 वनस्पतियां वन विनाश
चीन के वन - प्राकृतिक वनस्पति पर जलवायु और मिट्टी का प्रभाव सबसे अधिक पड़ता है। वर्तमान समय में केवल 14.3% भाग पर वन पाए जाते हैं। यहां की प्राकृतिक वनस्पति में वन, घास के मैदान तथा मरुस्थलीय झाड़ियों की प्रधानता है। यहां के उत्तरी पूर्वी भाग में सदाबहार वन, दक्षिणी पूर्वी भाग में मानसूनी … पढ़ना जारी रखें चीन के वन 10 वनस्पतियां वन विनाश
चीन के वन तथा वन विनाश
प्राकृतिक वनस्पति पर जलवायु और मिट्टी का प्रभाव सबसे अधिक पड़ता है। वर्तमान समय में केवल 14.3% भाग पर वन पाए जाते हैं। यहां की प्राकृतिक वनस्पति में वन, घास के मैदान तथा मरुस्थलीय झाड़ियों की प्रधानता है। यहां के उत्तरी पूर्वी भाग में सदाबहार वन, दक्षिणी पूर्वी भाग में मानसूनी पतझड़ वन, उत्तरी पश्चिमी … पढ़ना जारी रखें चीन के वन तथा वन विनाश
चीन के जलवायु प्रदेश
भौगोलिक विविधता व विस्तृत क्षेत्रफल के कारण चीन में अनेक प्रकार की जलवायु मिलती है। कोपेन जलवायु वर्गीकरण के आधार पर चीन में निम्न जलवायु प्रदेश मिलते हैं- शीतल स्टेपी शुष्क शीत प्रकारशीतल मरुस्थलीय प्रकारगर्म शुष्क शीतकाल प्रकारगर्म आद्र प्रकारशीतल शुष्क शीतकालीन प्रकारशीतल शुष्क शीत ऋतु प्रकारउच्च भाग का टुंड्रा प्रकार चीन के जलवायु प्रदेश … पढ़ना जारी रखें चीन के जलवायु प्रदेश
चीन की जलवायु
चीन की जलवायु - भौगोलिक विविधता व विस्तृत क्षेत्रफल के कारण चीन में अनेक प्रकार की जलवायु मिलती है। कोपेन जलवायु वर्गीकरण के आधार पर चीन में निम्न जलवायु प्रदेश मिलते हैं- शीतल स्टेपी शुष्क शीत प्रकारशीतल मरुस्थलीय प्रकारगर्म शुष्क शीतकाल प्रकारगर्म आद्र प्रकारशीतल शुष्क शीतकालीन प्रकारशीतल शुष्क शीत ऋतु प्रकारउच्च भाग का टुंड्रा प्रकार … पढ़ना जारी रखें चीन की जलवायु
चीन का पठारी भाग
चीन के लगभग 34% भाग पर पठार विस्तृत है। इनमें से अधिकांश पठारी भाग पर्वत श्रेणियों से गिरे हुए हैं। कुछ विशेष पठार निम्न है- तिब्बत का पठार यूनान का पठार मंगोलिया का पठार लोयस का पठार चीन का पठारी भाग तिब्बत का पठार तिब्बत का पठार चीन का सबसे बड़ा पठार है। यह उबड़ … पढ़ना जारी रखें चीन का पठारी भाग
चीन का पठारी भाग 1. तिब्बत 2. यून्नान 3. मंगोलिया 4. लोयस
चीन का पठारी भाग - चीन के लगभग 34% भाग पर पठार विस्तृत है। इनमें से अधिकांश पठारी भाग पर्वत श्रेणियों से घिरे हुए हैं। कुछ विशेष पठार निम्न है- तिब्बत का पठार यूनान का पठार मंगोलिया का पठार लोयस का पठार चीन का पठारी भाग तिब्बत का पठार तिब्बत का पठार चीन का सबसे … पढ़ना जारी रखें चीन का पठारी भाग 1. तिब्बत 2. यून्नान 3. मंगोलिया 4. लोयस
चीन पर एक भौगोलिक निबंध
चीन पर एक भौगोलिक निबंध - चीन भारत के उत्तर एवं उत्तर पूर्व में अवस्थित एक विशाल देश है। यह एशिया महाद्वीप के एक चौथाई भाग पर स्थित है। यह देश दक्षिण में हाई नांदुरी प्रश्न उत्तर में मंचूरिया के उत्तरांश तक लगभग 4000 किलोमीटर तक विस्तृत है। चीन 10° उत्तर से 54° उत्तरी अक्षांश … पढ़ना जारी रखें चीन पर एक भौगोलिक निबंध
चीन भौगोलिक निबंध चीन का भूगोल Top 8 Best Points
चीन भौगोलिक निबंध - चीन भारत के उत्तर एवं उत्तर पूर्व में अवस्थित एक विशाल देश है। यह एशिया महाद्वीप के एक चौथाई भाग पर स्थित है। यह देश दक्षिण में हाई नांदुरी प्रश्न उत्तर में मंचूरिया के उत्तरांश तक लगभग 4000 किलोमीटर तक विस्तृत है। चीन 10° उत्तर से 54° उत्तरी अक्षांश तक तथा … पढ़ना जारी रखें चीन भौगोलिक निबंध चीन का भूगोल Top 8 Best Points
चीन की प्रमुख स्थलाकृतियां
चीन की प्रमुख स्थलाकृतियां - चीन में अनेक प्रकार की स्थलाकृतियां स्थित हैं। भूमि है तो कहीं ऊंची पर्वत श्रेणियां, कहीं ऊंचे पठार हैं तो कहीं लोयस मिट्टी का प्रदेश है। यहां के अधिकांश समतल क्षेत्र यहां के पूर्वी क्षेत्र में है और अधिकांश पर्वती क्षेत्र दक्षिणी पश्चिमी भाग में है। संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस … पढ़ना जारी रखें चीन की प्रमुख स्थलाकृतियां
चीन की स्थलाकृतियां 5 पठारी मैदानी पहाड़ी क्षेत्र
चीन की स्थलाकृतियां - चीन में अनेक प्रकार की स्थलाकृतियां स्थित हैं। भूमि है तो कहीं ऊंची पर्वत श्रेणियां, कहीं ऊंचे पठार हैं तो कहीं लोयस मिट्टी का प्रदेश है। यहां के अधिकांश समतल क्षेत्र यहां के पूर्वी क्षेत्र में है और अधिकांश पर्वती क्षेत्र दक्षिणी पश्चिमी भाग में है। संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस या … पढ़ना जारी रखें चीन की स्थलाकृतियां 5 पठारी मैदानी पहाड़ी क्षेत्र
चीन भूपृष्ठीय रचना उच्चावच
चीन भूपृष्ठीय रचना उच्चावच - भूपृष्ठीय रचना में चीन की विशालता एवं भू वैज्ञानिक संरचना उत्तरदाई है। मुख्य रूप से भूपृष्ठीय रचना में कई प्रकार की विविधताएं दिखाई देती है। इन विविधताओं को हम तीन भागों में विभाजित कर सकते हैं। उत्तरी चीन मध्य चीन दक्षिणी चीन उत्तरी चीन इस क्षेत्र में नॉनशान एवं सिंगलिंग … पढ़ना जारी रखें चीन भूपृष्ठीय रचना उच्चावच
चीन भूपृष्ठीय रचना 1. उत्तरी चीन 2. मध्य चीन 3. दक्षिणी चीन
चीन भूपृष्ठीय रचना - चीन एशिया महाद्वीप के पूर्व तथा प्रशांत महासागर के पश्चिम में स्थित एक विशाल देश है। एशिया महाद्वीप का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा तथा विश्व में रूस तथा कनाडा के बाद तीसरा बड़ा देश है। यह भारत के उत्तर एवं उत्तर पूर्व में स्थित 18° उत्तरी अक्षांश से लेकर 54° उत्तरी … पढ़ना जारी रखें चीन भूपृष्ठीय रचना 1. उत्तरी चीन 2. मध्य चीन 3. दक्षिणी चीन
चीन स्थिति भूवैज्ञानिक संरचना
चीन स्थिति भूवैज्ञानिक संरचना - चीन एशिया महाद्वीप के पूर्व तथा प्रशांत महासागर के पश्चिम में स्थित एक विशाल देश है। एशिया महाद्वीप का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा तथा विश्व में रूस तथा कनाडा के बाद तीसरा बड़ा देश है। यह भारत के उत्तर एवं उत्तर पूर्व में स्थित 18° उत्तरी अक्षांश से … पढ़ना जारी रखें चीन स्थिति भूवैज्ञानिक संरचना
सुदूर पूर्व एशिया
एशिया महाद्वीप के पूर्णता पूर्व में स्थित देश सुदूर पूर्व देश कहलाते हैं। यह देश 21° उत्तरी से 54° उत्तरी अक्षांश तक और 74° पूर्व से 146° पूर्वी देशांतर के मध्य स्थित है। सुदूर पूर्व शब्दावली का प्रयोग सर्वप्रथम सपेट महोदय ने किया है। इसी भू-भाग का जिन्सबर्ग महोदय ने पूर्वी एशिया नामकरण किया है। … पढ़ना जारी रखें सुदूर पूर्व एशिया
सुदूर पूर्व एशिया भौगोलिक, प्राकृतिक, चीन जापान Top नदियां
सुदूर पूर्व एशिया - एशिया महाद्वीप के पूर्णता पूर्व में स्थित देश सुदूर पूर्व देश कहलाते हैं। यह देश 21° उत्तरी से 54° उत्तरी अक्षांश तक और 74° पूर्व से 146° पूर्वी देशांतर के मध्य स्थित है। सुदूर पूर्व शब्दावली का प्रयोग सर्वप्रथम सपेट महोदय ने किया है। इसी भू-भाग का जिन्सबर्ग महोदय ने पूर्वी … पढ़ना जारी रखें सुदूर पूर्व एशिया भौगोलिक, प्राकृतिक, चीन जापान Top नदियां















