भारतीय समाज में नारी की स्थिति अनेक प्रकार के विरोधों से ग्रस्त रही है। एक तरफ़ वह परंपरा में शक्ति और देवी के रूप में देखी गई है, वहीं दूसरी ओर शताब्दियों से वह ‘अबला’ और ‘माया’ के रूप में देखी गई है । दोनों ही अतिवादी धारणाओं ने नारी के प्रति समाज की समझ … पढ़ना जारी रखें भारतीय समाज में नारी
श्रेणी: भारतीय समाज मुद्दे एवं समस्याएं
भारतीय समाज में नारी की स्थिति कैसी है?
भारतीय समाज में नारी की स्थिति अनेक प्रकार के विरोधों से ग्रस्त रही है। एक तरफ़ वह परंपरा में शक्ति और देवी के रूप में देखी गई है, वहीं दूसरी ओर शताब्दियों से वह ‘अबला’ और ‘माया’ के रूप में देखी गई है। दोनों ही अतिवादी धारणाओं ने नारी के प्रति समाज की समझ को, … पढ़ना जारी रखें भारतीय समाज में नारी की स्थिति कैसी है?
मृदा प्रदूषण
मृदा के किसी भी भौतिक रासायनिक और जैविक घटक में आवांछनीय परिवर्तन को मृदा प्रदूषण कहते हैं। मृदा प्रदूषण न केवल विस्तृत वनस्पति को प्रभावित करता है बल्कि यह मिट्टी के सूक्ष्म जीवों की संख्या में परिवर्तन कर देते हैं, जो कि मृदा को उपजाऊ बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है। मृदा प्रदूषण के … पढ़ना जारी रखें मृदा प्रदूषण
विस्थापन के कारण
विस्थापन के कारण - विस्थापन शब्द अंग्रेजी भाषा के Displacement शब्द से बना जिसका अर्थ है अपना स्थान बदलना। जब कोई व्यक्ति अथवा समूह किसी कारण से अपने स्थाई स्थान से हटा दिया जाता है तो इस क्रिया को विस्थापन कहते हैं। जबकि हटाए गए व्यक्ति को विस्थापित कहते हैं। उदाहरण के लिए भारत में … पढ़ना जारी रखें विस्थापन के कारण
विस्थापन के कारण – प्राकृतिक आर्थिक राजनीतिक सामाजिक नगरीकरण
विस्थापन के कारण - विस्थापन शब्द अंग्रेजी भाषा के Displacement शब्द से बना जिसका अर्थ है अपना स्थान बदलना। जब कोई व्यक्ति अथवा समूह किसी कारण से अपने स्थाई स्थान से हटा दिया जाता है तो इस क्रिया को विस्थापन कहते हैं। जबकि हटाए गए व्यक्ति को विस्थापित कहते हैं। उदाहरण के लिए भारत में … पढ़ना जारी रखें विस्थापन के कारण – प्राकृतिक आर्थिक राजनीतिक सामाजिक नगरीकरण
वृद्धों की योजनाएं
वृद्धों की योजनाएं वृद्धों की चौमुखी सहायता करने के लिए संस्थाओं द्वारा चलाई जाती हैं। वृद्धजनों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सरकारी और गैर सरकारी संस्थान मिलकर कार्य कर रहे हैं। वृद्धों की योजनाएं वृद्धों के लिए निम्नलिखित कल्याणकारी कार्यक्रम और योजनाएं चलाई गई है- राष्ट्रीय वृद्धजन परिषदराष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजनाकेंद्रीय सहायता योजनावृद्ध … पढ़ना जारी रखें वृद्धों की योजनाएं
वृद्धों की योजनाएं – 7 वृद्धावस्था कल्याणकारी योजनाएं
वृद्धों की योजनाएं वृद्धों की चौमुखी सहायता करने के लिए संस्थाओं द्वारा चलाई जाती हैं। वृद्धजनों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सरकारी और गैर सरकारी संस्थान मिलकर कार्य कर रहे हैं। वृद्धों की योजनाएं वृद्धों के लिए निम्नलिखित कल्याणकारी कार्यक्रम और योजनाएं चलाई गई है- राष्ट्रीय वृद्धजन परिषद राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना केंद्रीय … पढ़ना जारी रखें वृद्धों की योजनाएं – 7 वृद्धावस्था कल्याणकारी योजनाएं
पारिस्थितिकी
पारिस्थितिकी शब्द वर्तमान में प्रचलित Ecology शब्द का हिंदी अनुवाद है। Ecology शब्द का उद्गम ग्रीक भाषा के 2 शब्दों Oikos= House या घर तथा Logus= Study या अध्ययन से हुआ है। इस शब्द के जन्मदाता रिटर्न ए सर्वप्रथम 1807 में इस शब्द का प्रयोग किया लेकिन जर्मन वैज्ञानिक अर्नेस्ट हैकल ने इस शब्द की … पढ़ना जारी रखें पारिस्थितिकी
जातीय संघर्ष
भारत में जातीय संघर्ष सर्वाधिक मिलता है। स्वतंत्र भारत में जाति संघर्षों में बाढ़ सी आई है। जातीय ऊंच-नीच, भेदभाव व संकीर्णता से अनेक तत्वो, विरोधो व संघर्षों को जन्म दिया है। आज एक जाति दूसरी जाति के विरुद्ध मोर्चाबंदी किए है एक क्षेत्र दूसरे क्षेत्र के विरोध में खड़ा है।पी• एन• हक्सर Today cost … पढ़ना जारी रखें जातीय संघर्ष
जातीय संघर्ष व जातीय संघर्ष के 9 मुख्य कारण
भारत में जातीय संघर्ष सर्वाधिक मिलता है। स्वतंत्र भारत में जाति संघर्षों में बाढ़ सी आई है। जातीय ऊंच-नीच, भेदभाव व संकीर्णता से अनेक तत्वो, विरोधो व संघर्षों को जन्म दिया है। जातीय संघर्ष एक जाति की उपजातियों में अथवा विभिन्न जातियों के विरोध तनाव व संघर्ष को जातीय संघर्ष कहा जाता है। आज एक … पढ़ना जारी रखें जातीय संघर्ष व जातीय संघर्ष के 9 मुख्य कारण
जातीय संघर्ष निवारण
जातीय संघर्ष निवारण के लिए अनेक समाज शास्त्रियों ने अपने अपने सुझाव दिए हैं। स्वस्थ समाज के विकास के लिए आवश्यक है कि विकास के मार्ग की बाधाओं और समस्याओं को दूर किया जाए तथा अनुकूल परिस्थितियों का सृजन किया जाए। जातीय संघर्ष निवारण जातीय संघर्षों निवारण हेतु सुझाव निम्नलिखित हैं। जातिवाद की समाप्ति आर्थिक … पढ़ना जारी रखें जातीय संघर्ष निवारण
जातीय संघर्ष निवारण के 10 Important उपाय
जातीय संघर्ष निवारण के लिए अनेक समाज शास्त्रियों ने अपने अपने सुझाव दिए हैं। स्वस्थ समाज के विकास के लिए आवश्यक है कि विकास के मार्ग की बाधाओं और समस्याओं को दूर किया जाए तथा अनुकूल परिस्थितियों का सृजन किया जाए। जातीय संघर्ष निवारण जातीय संघर्ष निवारण हेतु सुझाव निम्नलिखित हैं- जातिवाद की समाप्ति आर्थिक … पढ़ना जारी रखें जातीय संघर्ष निवारण के 10 Important उपाय
भारत में वृद्धो की समस्याएं
वृद्धो की समस्याएं - सामान्यत: 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों की गणना वृद्ध वर्ग के अंतर्गत की जाती है लेकिन भारत में जहां व्यक्ति की औसत जीवन अवधि अपेक्षाकृत कम है 69 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों को वृद्ध कहा जाता है। भारत में स्वास्थ्य सेवाओं के विकास, आयु संभावित में वृद्धि … पढ़ना जारी रखें भारत में वृद्धो की समस्याएं
वृद्धो की समस्याएं व सरकार की कल्याणकारी योजनाएं
वृद्धो की समस्याएं - सामान्यत: 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों की गणना वृद्ध वर्ग के अंतर्गत की जाती है लेकिन भारत में जहां व्यक्ति की औसत जीवन अवधि अपेक्षाकृत कम है 69 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों को वृद्ध कहा जाता है। भारत में स्वास्थ्य सेवाओं के विकास, आयु संभावित में वृद्धि … पढ़ना जारी रखें वृद्धो की समस्याएं व सरकार की कल्याणकारी योजनाएं
संघर्ष अर्थ परिभाषा प्रकृति विशेषताएं अंतर पीढ़ी संघर्ष
संघर्ष वह प्रयत्न है जो किसी व्यक्ति या समूह द्वारा शक्ति, हिंसा या प्रतिकार अथवा विरोधपूर्ण किया जाता है। संघर्ष अन्य व्यक्तियों या समूहों के कार्यों में प्रतिरोध उत्पन्न करते हुए बाधक बनता है। दूसरे शब्दों में यह कहा जा सकता है ऐसा प्रश्न जो स्वयं के स्वार्थ के लिए व्यक्तियों या सामूहिक कार्य में … पढ़ना जारी रखें संघर्ष अर्थ परिभाषा प्रकृति विशेषताएं अंतर पीढ़ी संघर्ष
संघर्ष अर्थ व विशेषताएं
संघर्ष वह प्रयत्न है जो किसी व्यक्ति या समूह द्वारा शक्ति, हिंसा या प्रतिकार अथवा विरोधपूर्ण किया जाता है। संघर्ष अन्य व्यक्तियों या समूहों के कार्यों में प्रतिरोध उत्पन्न करते हुए बाधक बनता है। दूसरे शब्दों में यह कहा जा सकता है ऐसा प्रश्न जो स्वयं के स्वार्थ के लिए व्यक्तियों या सामूहिक कार्य में … पढ़ना जारी रखें संघर्ष अर्थ व विशेषताएं
तलाक की आवश्यकता तलाक के 5 कारण तलाक के विरोध में 3 तर्क
तलाक - भारतीय समाज में अनेकों वैवाहिक समस्याएं विद्यमान है। आज के दिनो में एक प्रमुख समस्या तलाक या विवाह-विच्छेद की है, जोकि व्यक्तिक विघटन को प्रोत्साहित करती है। जब किसी व्यक्ति का विवाह किसी लड़की के साथ होता है तो वे दोनों पवित्र अग्नि के समक्ष मेरे लेकर एक दूसरे का सुख दुख में … पढ़ना जारी रखें तलाक की आवश्यकता तलाक के 5 कारण तलाक के विरोध में 3 तर्क
तलाक
तलाक - भारतीय समाज में अनेकों वैवाहिक समस्याएं विद्यमान है। दिन में एक प्रमुख समस्या तलाक या विवाह-विच्छेद की है, जोकि व्यक्तिक विघटन को प्रोत्साहित करती है। जब किसी व्यक्ति का विवाह किसी लड़की के साथ होता है तो वे दोनों पवित्र अग्नि के समक्ष मेरे लेकर एक दूसरे का सुख दुख में साथ निभाने … पढ़ना जारी रखें तलाक
राष्ट्रीय व राज्यस्तरीय मानवाधिकार आयोग गठन शक्तियां कर्तव्य
भारत में राष्ट्रीय स्तर व राज्य स्तर दोनों पर मानवाधिकार आयोग की स्थापना की गई है। जिसका मुख्य उद्देश्य मानव के अधिकार का संरक्षण करना, जागरूकता फैलाना व शोध कार्य करना है। राष्ट्रीय तथा राज्य स्तरीय मानवाधिकार आयोगों का अध्ययन हम लोग करने वाले हैं। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 की धारा 3 … पढ़ना जारी रखें राष्ट्रीय व राज्यस्तरीय मानवाधिकार आयोग गठन शक्तियां कर्तव्य
मानवाधिकार आयोग
भारत में राष्ट्रीय स्तर व राज्य स्तर दोनों पर मानवाधिकार आयोग की स्थापना की गई है। जिसका मुख्य उद्देश्य मानव के अधिकार का संरक्षण करना, जागरूकता फैलाना व शोध कार्य करना है। राष्ट्रीय तथा राज्य स्तरीय मानवाधिकार आयोगों का अध्ययन हम लोग करने वाले हैं। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 की धारा 3 … पढ़ना जारी रखें मानवाधिकार आयोग
मानवाधिकार संकल्पना इतिहास और कानूनी स्थिति
मानवाधिकार का व्यक्ति के व्यक्तित्व विकास तथा समाजपयोगी कार्यों में महत्वपूर्ण स्थान होता है। अधिकार, सामाजिक जीवन की अनिवार्य आवश्यकता है। अधिकारों के बिना मानव जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है। राज्य द्वारा व्यक्ति के व्यक्तित्व, विकास हेतु अनेक सुविधाएं दी जाती हैं। राज्य के द्वारा व्यक्ति को प्रदान की जाने वाली बाहरी … पढ़ना जारी रखें मानवाधिकार संकल्पना इतिहास और कानूनी स्थिति
मानवाधिकार
मानवाधिकार का व्यक्ति के व्यक्तित्व विकास तथा समाजपयोगी कार्यों में महत्वपूर्ण स्थान होता है। अधिकार, सामाजिक जीवन की अनिवार्य आवश्यकता है। अधिकारों के बिना मानव जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है। राज्य द्वारा व्यक्ति के व्यक्तित्व, विकास हेतु अनेक सुविधाएं दी जाती हैं। राज्य के द्वारा व्यक्ति को प्रदान की जाने वाली बाहरी … पढ़ना जारी रखें मानवाधिकार
दहेज प्रथा के 4 कारण, 5 लाभ, 10 हानियां व 5 निवारण के उपाय
दहेज उस धन या संपत्ति को कहते हैं जो विवाह के समय कन्या पक्ष द्वारा वर पक्ष को दिया जाता है। हिंदू विवाह से संबंधित विभिन्न समस्याओं में से दहेज समस्या एक भीषण समस्या है। दहेज वह संपत्ति है जो विवाह के अवसर पर लड़की के माता-पिता या अन्य निकट संबंधियों द्वारा दी जाती है। … पढ़ना जारी रखें दहेज प्रथा के 4 कारण, 5 लाभ, 10 हानियां व 5 निवारण के उपाय
दहेज प्रथा
दहेज उस धन या संपत्ति को कहते हैं जो विवाह के समय कन्या पक्ष द्वारा वर पक्ष को दिया जाता है। हिंदू विवाह से संबंधित विभिन्न समस्याओं में से दहेज समस्या एक भीषण समस्या है। दहेज वह संपत्ति है जो विवाह के अवसर पर लड़की के माता-पिता या अन्य निकट संबंधियों द्वारा दी जाती है।फेयर … पढ़ना जारी रखें दहेज प्रथा
घरेलू हिंसा स्वरूप कारण और घरेलू हिंसा रोकने हेतु सुझाव
घरेलू हिंसा, भारतीय समाज में अनेक प्रकार की समस्याएं पाई जाती हैं, जिनका समाधान करने के लिए परिवार का प्रत्येक सदस्य प्रयत्नशील रहता है। कभी-कभी पारिवारिक समस्याएं इतना विकराल रूप धारण कर लेती हैं कि परिवार के सदस्यों द्वारा उनका समाधान कर पाना असंभव हो जाता है। इस स्थिति में परिवार के सदस्य हिंसा का … पढ़ना जारी रखें घरेलू हिंसा स्वरूप कारण और घरेलू हिंसा रोकने हेतु सुझाव
घरेलू हिंसा
घरेलू हिंसा, भारतीय समाज में अनेक प्रकार की समस्याएं पाई जाती हैं, जिनका समाधान करने के लिए परिवार का प्रत्येक सदस्य प्रयत्नशील रहता है। कभी-कभी पारिवारिक समस्याएं इतना विकराल रूप धारण कर लेती हैं कि परिवार के सदस्यों द्वारा उनका समाधान कर पाना असंभव हो जाता है। इस स्थिति में परिवार के सदस्य हिंसा का … पढ़ना जारी रखें घरेलू हिंसा
5 दलित समस्या समाधान Dalit Problem Solution
दलित समस्या समाधान - जिन वर्गों का प्रयोग हिंदू सामाजिक संरचना सोपान में निरंतर स्थान रखने के लिए समुदायों के लिए किया जाता है वह दलित व अनुसूचित जातियां कहलाती हैं। 'निम्नतम' स्थान का आधार इन जातियों के उस व्यवसाय से जुड़ा है, जिसे अपवित्र कहा गया है। यहां पर दलितों की विवेचना अनुसूचित जाति … पढ़ना जारी रखें 5 दलित समस्या समाधान Dalit Problem Solution
दलित समस्या समाधान
दलित समस्या समाधान - जिन वर्गों का प्रयोग हिंदू सामाजिक संरचना सोपान में निरंतर स्थान रखने के लिए समुदायों के लिए किया जाता है वह दलित व अनुसूचित जातियां कहलाती हैं। 'निम्नतम' स्थान का आधार इन जातियों के उस व्यवसाय से जुड़ा है, जिसे अपवित्र कहा गया है। यहां पर दलितों की विवेचना अनुसूचित जाति … पढ़ना जारी रखें दलित समस्या समाधान
पिछड़ा वर्ग समस्या समाधान सुझाव
पिछड़ा वर्ग समस्या समाधान सुझाव - पिछड़ा वर्ग शब्द का प्रयोग समाज के कमजोर वर्गों विशेषत: अनुसूचित जातियों, जनजातियों और पिछड़े वर्गों के संदर्भ में किया जाता है। भारतीय संविधान में पिछड़ा वर्ग शब्द का प्रयोग किया गया है। सामान्यत: इन वर्गों में अनुसूचित जातियों, जनजातियों, भूमिहीन श्रमिकों एवं लघु कृषकों आदि को शामिल किया … पढ़ना जारी रखें पिछड़ा वर्ग समस्या समाधान सुझाव
अल्पसंख्यक कल्याण कार्यक्रम – 7 Minority Development Programme
अल्पसंख्यक कल्याण कार्यक्रम - धार्मिक एवं भाषाई अल्पसंख्यकों की समस्याओं के समाधान हेतु सरकार ने अनेक प्रयास किए हैं। अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा के लिए अनेक प्रावधान किए गए हैं। संविधान के अनुच्छेद 14, 15 एवं 16 में कानून के समक्ष समानता एवं विधि के समान संरक्षण का आश्वासन दिया गया है। किसी भी … पढ़ना जारी रखें अल्पसंख्यक कल्याण कार्यक्रम – 7 Minority Development Programme



















