भारत में जनसंख्या वृद्धि के कारण - भारत की बढ़ती हुई जनसंख्या एक कठिन समस्या है। जनसंख्या वृद्धि अर्थव्यवस्था पर भी प्रभाव डालती है। जनसंख्या की तीव्र एवं नियंत्रित वृद्धि को जनसंख्या विस्फोट कहा जाता है। भारत में बीसवीं सदी के उत्तरार्ध में ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई थी। यहां बढ़ती हुई जनसंख्या एक चिंताजनक स्थिति … पढ़ना जारी रखें भारत में जनसंख्या वृद्धि के कारण 11 Top Reasons
श्रेणी: भूगोल
जैव विविधता ह्रास के कारण – 11 Top Reasons
जैव विविधता ह्रास के कारण - वर्तमान समय में जैव-विविधता का विलोपन बहुत तीव्रता से हो रहा है। इसके लिए प्राकृतिक - तथा मानवीय दोनों कारक उत्तरदायी हैं। प्राकृतिक कारक जैसे जलवायु परिवर्तन, ज्वालामुखी विस्फोट, भूकम्प, भू-स्खलन, अतिवृष्टि, शीतलहरी, हिमावरण, हिमद्रवण, मृदा अपरदन, आँधी-तूफान आदि के कारण जीव-जातियों का क्षरण हो रहा है। जैव विविधता … पढ़ना जारी रखें जैव विविधता ह्रास के कारण – 11 Top Reasons
बाघ परियोजना उद्देश्य व 27 बाघ रिजर्व परियोजनाएं
टाइगर प्रोजेक्ट (बाघ परियोजना) को 1 अप्रैल 1973 में शुरू किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य भारत में बाघों की जनसंख्या को उचित स्तर पर बनाये रखना है ताकि वैज्ञानिक, सौन्दर्यात्मक, सांस्कृतिक और पारिस्थितिक मूल्य बनाए रखे जा सके। इससे प्राकृतिक धरोहर को भी संरक्षण मिलेगा जिसका लोगों को शिक्षा और मनोरंजन के रूप में लाभ … पढ़ना जारी रखें बाघ परियोजना उद्देश्य व 27 बाघ रिजर्व परियोजनाएं
वायु प्रदूषण परिभाषा प्रकार स्रोत रोकने के 5 उपाय
वायु प्रदूषण - वायु विभिन्न वायुमण्डलीय गैसों का यांत्रिक मिश्रण है जो मानव सहित विभिन्न जीवधारियों के जीवन का आधार है। एक सामान्य व्यक्ति को प्रतिदिन लगभग 35 गैलन या 16 कि. ग्राम. वायु की जरूरत होती है। जिसे वह अपने आस-पास के आक्सीजन सम्पन्न वायुण्डल से प्राप्त करता है। बड़े पैमाने पर जीवाश्म ईंधन … पढ़ना जारी रखें वायु प्रदूषण परिभाषा प्रकार स्रोत रोकने के 5 उपाय
जल प्रदूषण परिभाषा स्रोत जल प्रदूषण नियंत्रण के 10 उपाय
जल प्रदूषण - जनसंख्या वृद्धि और औद्योगिक विस्तार के परिणामस्वरूप पानी की माँग बढ़ी है जिसके कारण जल की गुणवत्ता काफी घट गई है। जब मनुष्य द्वारा जल से इसकी स्वयं शोधन क्षमता से अधिक मात्रा में विजातीय अवांछनीय तत्व डाल दिये जाते हैं तब जल प्रदूषित हो जाता है। यद्यपि जल के प्रदूषक प्राकृतिक … पढ़ना जारी रखें जल प्रदूषण परिभाषा स्रोत जल प्रदूषण नियंत्रण के 10 उपाय
मरुस्थलीकरण प्रभाव कारण नियंत्रण के 5 उपाय
मरुस्थलीकरण - ऐसी भूमि जहाँ पर किसी भी प्रकार की वनस्पति नहीं पायी जाती है और न ही पाये जाने की सम्भावना होती है ऐसे क्षेत्र को मरुस्थल कहते हैं। दूसरे शब्दों में सामान्य तथा शुष्क क्षेत्रों जहाँ वनस्पति व वर्षा का सदैव अभाव रहता है तथा वर्षा 100°C वार्षिक से कम होती है। उस … पढ़ना जारी रखें मरुस्थलीकरण प्रभाव कारण नियंत्रण के 5 उपाय
भारत में वनोन्मूलन के 6 कारण 10 उपाय व वन संरक्षण नीतियां
भारत में वनोन्मूलन - जिस प्रकार से प्राकृतिक प्रकोप का प्रभाव सारे मानव क्रियाओं पर पड़ता है उसी प्रकार मानव अन्य विपदाय मानव के स्वयं के लिये घातक सिद्ध हो रही है। मानव अपनी सुख-सुविधाओं के क्रम करता है और यही सुविधायें आगे चलकर उसके लिए अभिशाप सिद्ध होती है। वन किसी देश की अमूल्य … पढ़ना जारी रखें भारत में वनोन्मूलन के 6 कारण 10 उपाय व वन संरक्षण नीतियां
पर्यावरण अवनयन के 10 कारण व Top 5 रोकने के उपाय
पर्यावरण अवनयन - पर्यावरण तंत्र की संरचना जैविक अजैविक संघटकों द्वारा होती है। यदि इस तंत्र के इसी संघटक में कोई परिवर्तन होता है तो अन्तः निर्मित स्वतः नियामक क्रियाविधि द्वारा उसकी क्षतिपूर्ति हो जाती है और पर्यावरण तंत्र में सन्तुलन बना रहता है। पर्यावरण अवनवन का अर्थ है "पर्यावरण के भौतिक संघटकों में जैविक … पढ़ना जारी रखें पर्यावरण अवनयन के 10 कारण व Top 5 रोकने के उपाय
मृदा अपरदन के कारण व 8 रोकने के उपाय
मृदा अपरदन - मृदा जब अपने पोषक जैविक तत्व, भौतिक बनावट व रासायनिक संरचना को देती है तब मृदा का विघटन एवं विनियोजन प्रारंभ होकर उनका स्थानांतरण हो जाता है। इसे ही मृदा अपरदन कहा जाता है। यह एक लंबी प्रक्रिया है जो विभिन्न मृदा बहुत ही की भौगोलिक परिस्थितियों में अनेक साधनों द्वारा संपन्न … पढ़ना जारी रखें मृदा अपरदन के कारण व 8 रोकने के उपाय
पर्यावरण परिवर्तन के कारण
पर्यावरण परिवर्तन के कारण - मानव के सामाजिक, आर्थिक व सांस्कृतिक गतियों के रूप विभिन्न वातावरण में विकसित हुए हैं। वातावरण की सीमा इन सभी पर लागू होती है। लेकिन समय के साथ-साथ मानवीय क्षमता-दक्षता के कारण उपलब्ध पारिस्थितिकी से वह संतुष्ट नहीं रहा। मानव ने देखा प्राकृतिक वातावरण में बहुत कुछ दे रहा है … पढ़ना जारी रखें पर्यावरण परिवर्तन के कारण
ओजोन क्षरण के कारण व Top 4 प्रभाव
ओजोन क्षरण - ओजोन शब्द यूनानी शब्द ओजो से बना है। जिसका अर्थ होता है गंध। ऑक्सीजन का बदला हुआ रूप ओजोन है। ओजोन O3 मैं ऑक्सीजन O2 से एक परमाणु अधिक होता है। ओजोन गैस का रंग नीला तथा गंध तीखी होती है। ओजोन मंडल में यह ऑक्सीजन पर सूर्य की पराबैंगनी किरणों की … पढ़ना जारी रखें ओजोन क्षरण के कारण व Top 4 प्रभाव
हरित गृह प्रभाव स्रोत उत्पन्न समस्या समाधान
हरित गृह प्रभाव - शीत प्रधान देशों में जहां पर शरद काल में पर्याप्त सूर्य ताप का प्रभाव होता है। पौधे खासकर फलों एवं सब्जियों का हरित प्रभाव का प्रयोग किया जाता है। हरित गृह प्रभाव में प्रवेशी लघु तरंगे सौरिक विकिरण अंदर की ओर पहुंच जाता है। परंतु पृथ्वी से विकिरण विकृत दीर्घ तरंगे … पढ़ना जारी रखें हरित गृह प्रभाव स्रोत उत्पन्न समस्या समाधान
मृदा तंत्र विशेषताएं महत्व संघटक
सामान्य रूप में शैलों के विघटन तथा वियोजन से प्राप्त ढीले एवं असंगठित भू पदार्थों को मृदा कहते हैं। मिट्टी वास्तव में जीवमंडल या जीवन परत का हृदय या क्रोड है, क्योंकि यह उस मंडल का प्रतिनिधित्व करती है जिसमें पौधों के पोषक तत्वों का उत्पादन तथा रखरखाव होता है। मृदा मिट्टियां जंतु खनिज एवं … पढ़ना जारी रखें मृदा तंत्र विशेषताएं महत्व संघटक
पारिस्थितिक तंत्र परिभाषा घटक 9 विशेषताएं व कार्य
पारिस्थितिक तंत्र - किसी भी प्रदेश की वनस्पति जंतुओं का वितरण वहां की जलवायु पर निर्भर करता है साथ ही उस प्रदेश की जलवायु वहां की वनस्पति द्वारा प्रभावित होती है और वनस्पति उस प्रदेश में पाए जाने वाले जंतुओं के वितरण को भी प्रभावित करती है इस प्रकार भूमि और वनस्पति में तथा मिट्टी … पढ़ना जारी रखें पारिस्थितिक तंत्र परिभाषा घटक 9 विशेषताएं व कार्य
पर्यावरण परिभाषाएं पर्यावरण संगटक
पर्यावरण अंग्रेजी भाषा Environment का हिंदी रूपांतरण है अंग्रेजी शब्द की उत्पत्ति फ्रेंच भाषा में Envinor से हुई है जिसका तात्पर्य घिरा हुआ है। सामान्य रूप से पर्यावरण उस परिवेश को कहते हैं जो जीवमंडल के चारों ओर से घेरे हुए होते हैं। किसी स्थान विशेष में मनुष्य के आस-पास भौतिक वस्तुओं (स्थल, जल, मृदा, … पढ़ना जारी रखें पर्यावरण परिभाषाएं पर्यावरण संगटक
पारिस्थितिकी परिभाषा उद्देश्य महत्व Ecology
पारिस्थितिकी शब्द वर्तमान में प्रचलित Ecology शब्द का हिंदी अनुवाद है। Ecology शब्द का उद्गम ग्रीक भाषा के 2 शब्दों Oikos= House या घर तथा Logus= Study या अध्ययन से हुआ है। इस शब्द के जन्मदाता रिटर्न ए सर्वप्रथम 1807 में इस शब्द का प्रयोग किया लेकिन जर्मन वैज्ञानिक अर्नेस्ट हैकल ने इस शब्द की … पढ़ना जारी रखें पारिस्थितिकी परिभाषा उद्देश्य महत्व Ecology
पर्यावरण भूगोल के 3 उद्देश्य विकास संबंध
पर्यावरण भूगोल की मुख्य अध्ययन वस्तु मानव-पर्यावरण संबंधों का अध्ययन है तथा इस विषय अध्ययन का प्रमुख उपागम पारिस्थितिकी उपागम है। पर्यावरण भूगोल को निम्नलिखित रुप से परिभाषित किया जा सकता है- पर्यावरण भूगोल सामान्य रूप से जीवित जीव तथा प्राकृतिक पर्यावरण के मध्य मुख्य रूप से प्रौद्योगिक स्तर पर विकसित आर्थिक,मानव एवं उसके प्राकृतिक … पढ़ना जारी रखें पर्यावरण भूगोल के 3 उद्देश्य विकास संबंध
जापान कृषि विशेषताएं महत्व
जापान कृषि विशेषताएं - जापान में कृषि छोटे पैमाने पर होती है। यहां के कुल भूमि का केवल 16% भाग कृषि योग्य है। जापान में कृषि क्षेत्र सीमित होने के कारण यहां के किसान इस प्रकार की पद्धति को अपनाते हैं जिससे भूमि से अधिकतम उत्पादन किया जा सके। इस प्रकार सीमित भूमि पर पैदा … पढ़ना जारी रखें जापान कृषि विशेषताएं महत्व
जापान की मिट्टियां कटिबंधीय अकटिबंधीय मिट्टियां
जापान की मिट्टियां - जापान में केवल 15% भूमि कृषि योग्य है, दूसरी ओर अत्यधिक भूमि का अपरदन जापानी कृषि पर प्रभाव डालता है। जापान एक पर्वतीय देश है। ऊचे भागों से निकलने वाली नदियां तीव्र गति से प्रवाहित होती है। जिससे मिट्टी का अपरदन अधिक होता है और मिट्टी कृषि योग्य नहीं रह पाती … पढ़ना जारी रखें जापान की मिट्टियां कटिबंधीय अकटिबंधीय मिट्टियां
जापान के वन महत्व वन विनाश से उत्पन्न 4 समस्याएं
जापान के वन - प्राकृतिक वनस्पति के अंतर्गत सभी प्रकार के वन, झाड़ियां तथा घासें सम्मिलित की जाती हैं। जलवायु, धरातल तथा मिट्टी की विभिन्नता प्राकृतिक वनस्पति को निर्धारित करती है। शीतोष्ण कटिबंधीय मानसूनी जलवायु के कारण यहां विभिन्न प्रजाति के वृक्ष तथा अनेक प्रकार की वनस्पतियां पाई जाती हैं। यहां की अर्थव्यवस्था में वनों … पढ़ना जारी रखें जापान के वन महत्व वन विनाश से उत्पन्न 4 समस्याएं
जापान स्थलाकृतियां व जापान के 5 भौतिक स्वरूप
जापान स्थलाकृतियां - जापान का धरातलीय स्वरूप सभी जगह एक जैसा नहीं है। यह स्थलाकृति या पूरे देश में विक्रय रूप में मिलती है। जापान के धरातलीय स्वरूप को भारत की तरह (पर्वत, पठार, मैदान व तटवर्ती क्षेत्र) विभाजित नहीं कर सकते। यहां पर पर्वत पठार मैदान टुकड़ों में चारों द्वीपो पर मिलते हैं। जापान … पढ़ना जारी रखें जापान स्थलाकृतियां व जापान के 5 भौतिक स्वरूप
जापान की जलवायु – 10 विभाग विविधता 6 प्रभावित करने वाले कारक
जापान की जलवायु - महाद्वीप एवं समुद्री वायु राशियां, चक्रवात, हरीकेन तथा मानसून हवाएं जापान की जलवायु को प्रभावित करती हैं। यहां की जलवायु शीतोष्ण मानसूनी है। शीतोष्ण कटिबंधीय प्रदेशों में स्थित होने के कारण यहां की जलवायु पर धरातल की अपेक्षा सामुद्रिक दशाओं का प्रभाव अधिक पड़ता है। इसी कारण शीत ऋतु में तापमान … पढ़ना जारी रखें जापान की जलवायु – 10 विभाग विविधता 6 प्रभावित करने वाले कारक
जापान भूपृष्ठीय रचना – पहाड़ियां, पर्वत, मैदान, ज्वालामुखी
जापान भूपृष्ठीय रचना - जापान को प्राकृतिक प्रदेशों के निर्धारण में उच्चावच संरचना अपवाह के सम्मिलित भौतिक तत्वों के साथ ही जलवायु और जैविक तत्वों जैसे प्राकृतिक वनस्पति तथा जंतुओं को भी सम्मिलित किया जाता है। प्राकृतिक प्रदेशों की संकल्पना प्राकृतिक तत्वों की समरूपता पर आधारित होती है। एक प्राकृतिक प्रदेश के भीतर उच्चावच, जलवायु, … पढ़ना जारी रखें जापान भूपृष्ठीय रचना – पहाड़ियां, पर्वत, मैदान, ज्वालामुखी
जापान भौगोलिक स्थिति (30°N to 45°)
जापान भौगोलिक स्थिति - द्वीपों का देश जापान पूर्व का ब्रिटेन कहा जाता है। इसे उगते हुए सूरज का देश भी कहा जाता है। जापान उत्तरी गोलार्द्ध तथा पूर्वी गोलार्ध में एक द्वीप दुनिया के नाम से स्थित है। जापान की प्रगति का मुख्य कारण उसकी भौगोलिक स्थिति है। जापान द्वीप समूह के पश्चिम में … पढ़ना जारी रखें जापान भौगोलिक स्थिति (30°N to 45°)
चीन जनसंख्या वृद्धि समस्या एवं समाधान – 145+ करोड़
चीन जनसंख्या वृद्धि - विलकालस के अनुमान के अनुसार चीन की जनसंख्या 1650 ईसवी में 7 करोड़ थी। जो 1710 ईसवी में 14 करोड़, 1850 में 34 करोड़ तथा 1930 ईस्वी में 43.2 करोड़ तक हो गई। विश्व बैंक के अनुमान के अनुसार, 1990 में चीन की जनसंख्या 11344 लाख हो गई थी। आज चीन … पढ़ना जारी रखें चीन जनसंख्या वृद्धि समस्या एवं समाधान – 145+ करोड़
चीन खनिज संसाधन – कोयला एंटीमनी तांबा टिन खनिज 1 Best Notes
चीन खनिज संसाधन - चीन में कोयले की तरह खनिज संसाधन भी यहां के प्रत्येक क्षेत्र में थोड़ा बहुत मिलता है। अक्टूबर 1949 से स्थापित साम्यवादी सरकार ने भू सर्वेक्षण द्वारा पता लगाया कि चीन में आशा के अनुरूप खनिज संपदा नहीं है। पिछले 25 से 30 वर्षों में चीन में नए-नए खनिजों के उत्पादन … पढ़ना जारी रखें चीन खनिज संसाधन – कोयला एंटीमनी तांबा टिन खनिज 1 Best Notes
चीन कृषि विशेषताएं महत्व 8 Features
चीन कृषि विशेषताएं - 1911 की क्रांति के बाद चीन की जनसंख्या में तेजी से वृद्धि हुई। इसी बीच जापान ने भी चीन पर आक्रमण कर दिया। जिसके परिणाम स्वरूप चीन की कृषि पूरी तरह से अव्यवस्थित हो गई। उन्हें गेहूं और चावल का अधिक मात्रा में आयात करना पड़ता था। 1949 में क्रांति शुरू … पढ़ना जारी रखें चीन कृषि विशेषताएं महत्व 8 Features
चीन की मिट्टियां मृदा संरक्षण मृदा अपरदन
मिट्टी पर्यावरण की उपज है। मिट्टी को निर्मित करने में 4 संघटक व 4 मंडलों का योगदान है। जैसे स्थलमंडल से चट्टान चूर्ण, वायुमंडल से वायु या गैस, जलमंडल से जल तथा जीवमंडल से ह्यूमस प्राप्त होता है। इन सभी के मिश्रण से मिट्टी बनती है। जिसे मृदा मंडल कहते हैं। चीन में भौम्याकृति, जलवायु, … पढ़ना जारी रखें चीन की मिट्टियां मृदा संरक्षण मृदा अपरदन
चीन की मिट्टियां विभाजन तथा 6 भौगोलिक प्रदेश
चीन की मिट्टियां - मिट्टी पर्यावरण की उपज है। मिट्टी को निर्मित करने में 4 संघटक व 4 मंडलों का योगदान है। जैसे स्थलमंडल से चट्टान चूर्ण, वायुमंडल से वायु या गैस, जलमंडल से जल तथा जीवमंडल से ह्यूमस प्राप्त होता है। इन सभी के मिश्रण से मिट्टी बनती है। जिसे मृदा मंडल कहते हैं। … पढ़ना जारी रखें चीन की मिट्टियां विभाजन तथा 6 भौगोलिक प्रदेश
चीन के वन तथा वन विनाश
प्राकृतिक वनस्पति पर जलवायु और मिट्टी का प्रभाव सबसे अधिक पड़ता है। वर्तमान समय में केवल 14.3% भाग पर वन पाए जाते हैं। यहां की प्राकृतिक वनस्पति में वन, घास के मैदान तथा मरुस्थलीय झाड़ियों की प्रधानता है। यहां के उत्तरी पूर्वी भाग में सदाबहार वन, दक्षिणी पूर्वी भाग में मानसूनी पतझड़ वन, उत्तरी पश्चिमी … पढ़ना जारी रखें चीन के वन तथा वन विनाश
























