भारत पर कई वंशों ने शासन किया। जिनमे से गुप्त वंश, हर्यक वंश, शिशुंनाग वंश, नंद वंश के बारे में संक्षेप में जानेंगे। किसी एक ही परिवार से एक के बाद एक शासन करने वाले व्यक्तियों को वंश कहते हैं। मध्यकालीन भारत में ऐसे ही अनेक वंशों ने भारत पर राज किया। गुप्त वंश गुप्त … पढ़ना जारी रखें मध्यकालीन भारत के वंश – गुप्त, हर्यक, शिशुंनाग, नंद वंश
श्रेणी: इतिहास
जैन धर्म और जैन धर्म की शिक्षाए – 5 महाव्रत + 3 व्रत
जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर महावीर स्वामी जी थे, इन्हें जैन धर्म का वास्तविक संस्थापक माना जाता है।महावीर स्वामी जी का जन्म 540 ईसा पूर्व वैशाली के निकट कुंड ग्राम में हुआ था।महावीर स्वामी जातिरिक कुल के थे।इनके बचपन का नाम वर्धमान था। इनके पिता का नाम सिद्धार्थ तथा इनकी माता का नाम त्रिशला था। … पढ़ना जारी रखें जैन धर्म और जैन धर्म की शिक्षाए – 5 महाव्रत + 3 व्रत
प्राचीन गुफाएं स्तूप चैत्य
आज प्राचीन गुफाएं स्तूप चैत्य गृह के बारे में संक्षेप में जानेगे। ये गुफाएं, स्तूप आज भी यात्रियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। अजन्ता एलौरा की गुफाएं हिन्दु शासकों द्ववारा बनवाई गई थी। सांची का महान मुख्य स्तूप सम्राट अशोक ने बनवाया। चैत्य एक बौद्ध या जैन मंदिर है जिसमे एक स्तूप … पढ़ना जारी रखें प्राचीन गुफाएं स्तूप चैत्य
प्राचीन भारत का इतिहास 11 Top Exam Focus Notes
भारतीय इतिहास को हम लोग तीन भागों में पढ़ेंगे। प्राचीन भारत, मध्यकालीन भारत और आधुनिक भारत। आज प्राचीन भारत का इतिहास की संक्षिप्त जानकारी प्राप्त करेंगे। प्राचीन भारत के इतिहास में वैदिक सभ्यता सबसे प्रारम्भिक सभ्यता है जिसका सम्बन्ध आर्यों के आगमन से है। इसका नामकरण आर्यों के प्रारम्भिक साहित्य वेदों के नाम पर किया गया … पढ़ना जारी रखें प्राचीन भारत का इतिहास 11 Top Exam Focus Notes
प्राचीन भारत का इतिहास
भारतीय इतिहास को हम लोग तीन भागों में पढ़ेंगे। प्राचीन भारत, मध्यकालीन भारत और आधुनिक भारत।, आज प्राचीन भारत का इतिहास की संक्षिप्त जानकारी प्राप्त करेंगे। प्राचीन भारत का इतिहास प्राचीन भारत के अंतर्गत हम लोग भारतीय इतिहास के स्रोत, पाषाण काल, सिंधु घाटी सभ्यता, वैदिक काल, उत्तर वैदिक काल, धार्मिक आंदोलन, मगध साम्राज्य, मौर्य साम्राज्य, … पढ़ना जारी रखें प्राचीन भारत का इतिहास
मध्यकालीन भारत का इतिहास 7वीं से 17वीं शताब्दी
इस आर्टिकल के अंतर्गत हम लोग मध्यकालीन भारत का इतिहास का अध्ययन करेंगे जिसमें हम लोग देखेंगे कैसे भारत पर मुस्लिम का आक्रमण होता है और फिर गुलाम वंश खिलजी वंश तुगलक वंश लोदी वंश भक्ति तथा सूफी आंदोलन और साथ में विजयनगर साम्राज्य और बहमनी राज्य का भी ऐतिहासिक अध्ययन करेंगे। उसके बाद मुगल … पढ़ना जारी रखें मध्यकालीन भारत का इतिहास 7वीं से 17वीं शताब्दी
मध्यकालीन भारत का इतिहास
इस आर्टिकल के अंतर्गत हम लोग मध्यकालीन भारत का इतिहास का अध्ययन करेंगे जिसमें हम लोग देखेंगे कैसे भारत पर मुस्लिम का आक्रमण होता है और फिर गुलाम वंश खिलजी वंश तुगलक वंश लोदी वंश भक्ति तथा सूफी आंदोलन और साथ में विजयनगर साम्राज्य और बहमनी राज्य का भी ऐतिहासिक अध्ययन करेंगे। उसके बाद मुगल … पढ़ना जारी रखें मध्यकालीन भारत का इतिहास
आधुनिक भारत का इतिहास 1857 का विद्रोह गवर्नर जनरल वायसराय
आधुनिक भारत का इतिहास के अंतर्गत हम लोग देखेंगे कैसे भारत में यूरोपीय व्यापारिक कंपनियों का आगमन होता है। फिर किस तरीके से अंग्रेज अपना आधिपत्य जमाते हैं और उसी बीच में 1857 का विद्रोह होता है। जिसको दबा दिया जाता है फिर कुछ सामाजिक और धार्मिक सुधार आंदोलन होते हैं और उसके बाद में … पढ़ना जारी रखें आधुनिक भारत का इतिहास 1857 का विद्रोह गवर्नर जनरल वायसराय
आधुनिक भारत का इतिहास
आधुनिक भारत का इतिहास के अंतर्गत हम लोग देखेंगे कैसे भारत में यूरोपीय व्यापारिक कंपनियों का आगमन होता है फिर किस तरीके से अंग्रेज अपना आधिपत्य जमाते हैं और उसी बीच में 1857 का विद्रोह होता है जिस को दबा दिया जाता है फिर कुछ सामाजिक और धार्मिक सुधार आंदोलन होते हैं और उसके बाद … पढ़ना जारी रखें आधुनिक भारत का इतिहास
प्राचीन धर्म ग्रंथ
भारत के सबसे प्राचीन धर्म ग्रंथ में वेदों का नाम आता है वेदो कि रचना महर्षि कृष्णद्वैपायन वेदव्यास ने कि थी। वेदों में श्लोकों को रचनाएं कहते थे। इनकी संख्या चार है- ऋग्वेदयजुर्वेदसामवेदअथर्ववेद ऋग्वेद यह सबसे प्राचीन वेद है ।इसमें मंडलों की संख्या 10 है। 2 से 7 मंडल सबसे प्राचीन है ।जिन्हें वंश कहकर … पढ़ना जारी रखें प्राचीन धर्म ग्रंथ
4 प्राचीन धर्म ग्रंथ – ऋग्वेद यजुर्वेद सामवेद अथर्ववेद
प्राचीन धर्म ग्रंथ वेदों को माना जाता है। हिन्दू धर्म किसी एक व्यक्ति द्वारा प्रवर्तित धर्म नहीं है। वेद संख्या में चार हैं जो हिन्दू धर्म के आधार स्तंभ हैं। अधिकतर हिंदुओं के पास अपने धर्म ग्रंथ को पढ़ने के लिए समय नहीं है। शास्त्रों को दो भागों में बांटा गया है श्रुति और स्मृति। … पढ़ना जारी रखें 4 प्राचीन धर्म ग्रंथ – ऋग्वेद यजुर्वेद सामवेद अथर्ववेद
हड़प्पा सभ्यता Top 20 Facts
हड़प्पा सभ्यता आद्य ऐतिहासिक काल की सभ्यता मानी जाती है। यह इस काल की सबसे प्राचीन सभ्यता मानी जाती थी। हड़प्पा के लोगों तांबा, टिन को आपस में मिलाकर कांसा बनाने की विधि प्राप्त कर ली थी। कांसा के सबसे अधिक अवशेष लोटा और थाली प्राप्त हुए हैं। हड़प्पा सभ्यता का सर्वप्रथम उल्लेख 1826 ईसवी … पढ़ना जारी रखें हड़प्पा सभ्यता Top 20 Facts
हड़प्पा सभ्यता
हड़प्पा सभ्यता आद्य ऐतिहासिक काल की सभ्यता मानी जाती है। यह इस काल की सबसे प्राचीन सभ्यता मानी जाती थी। हड़प्पा के लोगों तांबा, टिन को आपस में मिलाकर कांसा बनाने की विधि प्राप्त कर ली थी। कांसा के सबसे अधिक अवशेष लोटा और थाली प्राप्त हुए हैं। हड़प्पा सभ्यता का सर्वप्रथम उल्लेख 1826 ईसवी … पढ़ना जारी रखें हड़प्पा सभ्यता
प्रसिद्ध गुफाएं स्तूप एवं चैत्य
आज प्राचीन काल महत्वपूर्ण गुफाएं, स्तूप, चैत्य गृह के बारे में और अधिक जनेगे। गुफाएं अजंता गुफाएंएलोरा गुफाएंअमरावतीएलिफेंटाबाघ की गुफा अजंता गुफाएं अजंता गुफाएं जलगांव से 64 किलोमीटर या औरंगाबाद से 104 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं किंतु इतना विदित है की गुफाओं का निर्माण ईसा से 2 शताब्दी पूर्व प्रारंभ हुआ यह तथ्य … पढ़ना जारी रखें प्रसिद्ध गुफाएं स्तूप एवं चैत्य
विश्व इतिहास (पुनर्जागरण क्रांतियां और 2 विश्व युद्ध)
विश्व इतिहास, इसके अंतर्गत हम लोग देखेंगे कैसे पुनर्जागरण के बाद में इंग्लैंड की गौरवपूर्ण क्रांति और औद्योगिक क्रांति अमेरिका का स्वतंत्रता संग्राम फ्रांस की राज्यक्रांति जर्मनी का एकीकरण इटली का एकीकरण तथा रूसी क्रांति हुई और फिर प्रथम विश्व युद्ध चीनी क्रांति तुर्की और इटली में फ्रांसिस्को का उदय जर्मनी में नाजीवाद का उदय … पढ़ना जारी रखें विश्व इतिहास (पुनर्जागरण क्रांतियां और 2 विश्व युद्ध)
विश्व इतिहास
विश्व इतिहास, इसके अंतर्गत हम लोग देखेंगे कैसे पुनर्जागरण के बाद में इंग्लैंड की गौरवपूर्ण क्रांति और औद्योगिक क्रांति अमेरिका का स्वतंत्रता संग्राम फ्रांस की राज्यक्रांति जर्मनी का एकीकरण इटली का एकीकरण तथा रूसी क्रांति हुई और फिर प्रथम विश्व युद्ध चीनी क्रांति तुर्की और इटली में फ्रांसिस्को का उदय जर्मनी में नाजीवाद का उदय … पढ़ना जारी रखें विश्व इतिहास
हड़प्पा सभ्यता नगर योजना
हड़प्पा सभ्यता नगर योजना - 1922 ईस्वी के पूर्व यही माना जाता रहा कि आर्य सभ्यता ही भारत की प्राचीनतम सभ्यता थी। मगर 1921 में हड़प्पा की खुदाई बाबू दयाराम साहनी और 1922-23 में डॉक्टर आर डी बनर्जी की देखरेख में मोहनजोदड़ो पाकिस्तान में खनन कार्य शुरू हुआ और तब एक आर्यपूर्व सभ्यता प्रकाश में … पढ़ना जारी रखें हड़प्पा सभ्यता नगर योजना
समाज सुधार आंदोलन
धर्म तथा समाज सुधार आंदोलन - 19वी शताब्दी को विश्व के इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह शताब्दी बस भारत के लिए धार्मिक तथा सामाजिक पुनर्जागरण का संदेश लेकर आई थी। इस शताब्दी में भारत पराधीन था और उसका सामाजिक, धार्मिक जीवन तीव्र गति से नीचे गिरा रहा था। भारत में धर्म तथा … पढ़ना जारी रखें समाज सुधार आंदोलन
समाज सुधार आंदोलन ब्रह्म समाज, आर्य समाज, थियोसोफिकल सोसायटी
धर्म तथा समाज सुधार आंदोलन - 19वी शताब्दी को विश्व के इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह शताब्दी बस भारत के लिए धार्मिक तथा सामाजिक पुनर्जागरण का संदेश लेकर आई थी। इस शताब्दी में भारत पराधीन था और उसका सामाजिक, धार्मिक जीवन तीव्र गति से नीचे गिरा रहा था। भारत में धर्म तथा … पढ़ना जारी रखें समाज सुधार आंदोलन ब्रह्म समाज, आर्य समाज, थियोसोफिकल सोसायटी
भारत की नदियां
भारत की नदियां भारत को आर्थिक रूप से विशेष बनाती है। नहरें नदियो के जल को सिंचाई हेतु विभिन्न क्षेत्रो तक पहुंचाती हैं। भारत नदियों का देश है। भारत की प्रमुख नदियां निम्नवत वर्गीकृत की जा सकती है- उत्तर भारत की नदियांब्रह्मपुत्र क्रम की नदियांबंगाल की खाड़ी में गिरने वाली नदियांअरब सागर में गिरने वाली … पढ़ना जारी रखें भारत की नदियां
गोलमेज सम्मेलन
साइमन कमीशन के सुझाव के अनुसार बढ़ती समस्याओं को सुलझाने के लिए लंदन में प्रथम गोलमेज सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन 12 नवंबर 1930 ईस्वी को लंदन में किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता ब्रिटेन के प्रधानमंत्री रैम्जे मैकडोनाल्ड ने की। इस सम्मेलन में कुल 86 प्रतिनिधियों ने भाग लिया जिसमें 3 प्रतिनिधि ग्रेट … पढ़ना जारी रखें गोलमेज सम्मेलन
गोलमेज सम्मेलन – प्रथम, द्वितीय, तृतीय तथा पूना पैक्ट
साइमन कमीशन के सुझाव के अनुसार बढ़ती समस्याओं को सुलझाने के लिए लंदन में प्रथम गोलमेज सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन 12 नवंबर 1930 ईस्वी को लंदन में किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता ब्रिटेन के प्रधानमंत्री रैम्जे मैकडोनाल्ड ने की। इस सम्मेलन में कुल 86 प्रतिनिधियों ने भाग लिया जिसमें 3 प्रतिनिधि ग्रेट … पढ़ना जारी रखें गोलमेज सम्मेलन – प्रथम, द्वितीय, तृतीय तथा पूना पैक्ट
मौर्य साम्राज्य
सम्राट अशोक के कारण ही मौर्य साम्राज्य सबसे महान एवं शक्तिशाली बनकर विश्वभर में प्रसिद्ध हुआ। आइए समझते हैं की मौर्य साम्राज्य किस प्रकार स्थापित हुआ और किन किन शासकों ने भारत पर शासन किया। चंद्रगुप्त मौर्य मौर्य वंश का संस्थापक चंद्रगुप्त मौर्य का जन्म 345 ईसा पूर्व में हुआ था।चंद्रगुप्त मौर्य ने कुटिल राजनीतिग्य … पढ़ना जारी रखें मौर्य साम्राज्य
मौर्य साम्राज्य (चंद्रगुप्त मौर्य, बिंदुसार, सम्राट अशोक)
सम्राट अशोक के कारण ही मौर्य साम्राज्य सबसे महान एवं शक्तिशाली बनकर विश्वभर में प्रसिद्ध हुआ। आइए समझते हैं की मौर्य साम्राज्य किस प्रकार स्थापित हुआ और किन किन शासकों ने भारत पर शासन किया। चंद्रगुप्त मौर्य मौर्य वंश का संस्थापक चंद्रगुप्त मौर्य का जन्म 345 ईसा पूर्व में हुआ था। चंद्रगुप्त मौर्य ने कुटिल … पढ़ना जारी रखें मौर्य साम्राज्य (चंद्रगुप्त मौर्य, बिंदुसार, सम्राट अशोक)
भारत के वंश
भारत पर कई वंशों ने शासन किया। जिनमे से गुप्त वंश, हर्यक वंश, शिशुंनाग वंश, नंद वंश के बारे में संक्षेप में जानेंगे। किसी एक ही परिवार से एक के बाद एक शासन करने वाले व्यक्तियों को वंश कहते हैं। मध्यकालीन भारत में ऐसे ही अनेक बच्चों ने भारत पर राज किया। गुप्त वंश गुप्त … पढ़ना जारी रखें भारत के वंश
बौद्ध धर्म
बौद्ध धर्म के संस्थापक महात्मा बुद्ध थे। जिनका जन्म 563 ईसा पूर्व कपिलवस्तु के निकट लुंबिनी नामक ग्राम में शाक्य कुल के राजा शुद्धोधन के घर में हुआ था। इनकी माता का नाम महामाया था। महात्मा बुद्ध के जन्म के सातवें दिन इनकी माता की मृत्यु हो गई। उनका पालन पोषण इन्हीं की मौसी प्रजापति … पढ़ना जारी रखें बौद्ध धर्म
बौद्ध धर्म सिद्धांत संगीतियां व 7 महत्वपूर्ण तथ्य
बौद्ध धर्म के संस्थापक महात्मा बुद्ध थे। जिनका जन्म 563 ईसा पूर्व कपिलवस्तु के निकट लुंबिनी नामक ग्राम में शाक्य कुल के राजा शुद्धोधन के घर में हुआ था। इनकी माता का नाम महामाया था। महात्मा बुद्ध के जन्म के सातवें दिन इनकी माता की मृत्यु हो गई। उनका पालन पोषण इन्हीं की मौसी प्रजापति … पढ़ना जारी रखें बौद्ध धर्म सिद्धांत संगीतियां व 7 महत्वपूर्ण तथ्य
जैन धर्म
जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर महावीर स्वामी जी थे, इन्हें जैन धर्म का वास्तविक संस्थापक माना जाता है।महावीर स्वामी जी का जन्म 540 ईसा पूर्व वैशाली के निकट कुंड ग्राम में हुआ था।महावीर स्वामी जातिरिक कुल के थे।इनके बचपन का नाम वर्धमान था। इनके पिता का नाम सिद्धार्थ तथा इनकी माता का नाम त्रिशला था। … पढ़ना जारी रखें जैन धर्म














