गणित का इतिहास - गणित अत्यंत प्राचीन एवं महत्वपूर्ण विषय है। भारतवर्ष में वैदिक काल में गणित का स्थान सर्वोपरि रहा है। वेदांग ज्योतिष में गणित की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा गया है की जिस प्रकार मयूर ओं की शाखाएं और सड़कों की मडिया उनके शरीर पर मस्तक पर विराजमान हैं। उसी प्रकार … पढ़ना जारी रखें गणित का इतिहास
श्रेणी: गणित शिक्षण विधि
गणित का इतिहास और काल के अनुसार गणितज्ञ
गणित का इतिहास - गणित अत्यंत प्राचीन एवं महत्वपूर्ण विषय है। भारतवर्ष में वैदिक काल में गणित का स्थान सर्वोपरि रहा है। वेदांग ज्योतिष में गणित की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा गया है कि जिस प्रकार मयूरों की शाखाएं और सर्पों की मणियां उनके शरीर पर मस्तक पर विराजमान हैं। उसी प्रकार वेदों … पढ़ना जारी रखें गणित का इतिहास और काल के अनुसार गणितज्ञ
गणित की भाषा और व्याकरण
गणित की भाषा गणितज्ञों के द्वारा आपस में गणितीय विचारों के संवाद करने की प्रणाली है गणित की भाषा गणितीय सूत्रों के लिए अत्यंत विशिष्ट इक्रित प्रतीकात्मक संकेतन गणितीय वार्तालाप हेतु उचित तकनीकी पदों व व्याकरण परंपराओं का उपयोग करने वाली किसी प्राकृतिक भाषा के सार को समाहित करती है सामान्य रूप में प्राकृतिक भाषाओं … पढ़ना जारी रखें गणित की भाषा और व्याकरण
गणित की भाषा गणित का व्याकरण 6 महत्वपूर्ण बिंदु
गणित का व्याकरण, गणित की भाषा गणितज्ञों के द्वारा आपस में गणितीय विचारों के संवाद करने की प्रणाली है। गणित की भाषा गणितीय सूत्रों के लिए अत्यंत विशिष्टीकृत, प्रतीकात्मक संकेतन गणितीय वार्तालाप हेतु उचित तकनीकी पदों व व्याकरण परंपराओं का उपयोग करने वाली किसी प्राकृतिक भाषा के सार को समाहित करती है। सामान्य रूप में … पढ़ना जारी रखें गणित की भाषा गणित का व्याकरण 6 महत्वपूर्ण बिंदु
गणित की प्रकृति
होमवन ने कहा है कि गणित सभ्यता का प्रतिबिंब है। मानव जाति की उन्नति तथा सभ्यता के विकास में गणित का विशेष योगदान रहा है। इसमें गणित की प्रकृति अत्यधिक महत्वपूर्ण है। The study of mathematics is so easy that it is for snow real mental discipline.Hamilt गणित की प्रकृति गणित की प्रकृति कैसी है … पढ़ना जारी रखें गणित की प्रकृति
गणित की प्रकृति – 6 महत्वपूर्ण गणित के तथ्य
होमवन ने कहा है कि गणित सभ्यता का प्रतिबिंब है। मानव जाति की उन्नति तथा सभ्यता के विकास में गणित का विशेष योगदान रहा है। इसमें गणित की प्रकृति अत्यधिक महत्वपूर्ण है। गणित घटनाओं का विज्ञान है। गणित विज्ञान विषयों का आधार है। गणित बच्चों में तार की दृष्टिकोण को पैदा करता है। इसका ज्ञान … पढ़ना जारी रखें गणित की प्रकृति – 6 महत्वपूर्ण गणित के तथ्य
गणित का अर्थ
गणित शब्द बहुत प्राचीन है तथा वैदिक साहित्य में इसका बहुतायत से उपयोग किया गया है। गणित शब्द का शाब्दिक अर्थ है "वह शास्त्र जिसमें गणना की प्रधानता हो"। गणित का अर्थ - गणित अंक, आधार, चिन्ह, आदि संक्षिप्त संकेतों का वह विधान है जिसकी सहायता से परिमाण दिशा तथा स्थान का बोध होता है। … पढ़ना जारी रखें गणित का अर्थ
गणित का अर्थ परिभाषा व 10 उपयोग
गणित का अर्थ - गणित अंक, आधार, चिन्ह, आदि संक्षिप्त संकेतों का वह विधान है जिसकी सहायता से परिमाण दिशा तथा स्थान का बोध होता है। गणित शब्द बहुत प्राचीन है तथा वैदिक साहित्य में इसका बहुतायत से उपयोग किया गया है। गणित शब्द का शाब्दिक अर्थ है "वह शास्त्र जिसमें गणना की प्रधानता हो"। … पढ़ना जारी रखें गणित का अर्थ परिभाषा व 10 उपयोग
आधुनिक गणित का विकास Development of Modern Math
आधुनिक गणित का विकास मंद गति से हुआ है तथा इसका वर्तमान स्वरूप एक लंबी अवधि से सतत प्रयासों का फल है। मनुष्य ने सर्वप्रथम अंको का प्रयोग करना कब सीखा या निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता परंतु या अवश्य निश्चित है कि गिनने का ज्ञान मनुष्य को अति प्राचीन काल से ही … पढ़ना जारी रखें आधुनिक गणित का विकास Development of Modern Math
आधुनिक गणित का विकास
आधुनिक गणित का विकास मंद गति से हुआ है तथा इसका वर्तमान स्वरूप एक लंबी अवधि से सतत प्रयासों का फल है। मनुष्य ने सर्वप्रथम अंको का प्रयोग करना कब सीखा या निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता परंतु या अवश्य निश्चित है कि गिनने का ज्ञान मनुष्य को अति प्राचीन काल से ही … पढ़ना जारी रखें आधुनिक गणित का विकास
13 गणित की विशेषताएं प्रक्रति महत्व अर्थ व भाषा
गणित की विशेषताएं - गणित विषय की अपनी एक अलग प्रकृति है। जिसके आधार पर हम उसकी तुलना किसी अन्य विषय से कर सकते हैं। किन्ही दो या दो से अधिक विषयों की तुलना का आधार उन विषयों की प्रकृति ही है जिसके आधार पर हम विषय के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं। गणित … पढ़ना जारी रखें 13 गणित की विशेषताएं प्रक्रति महत्व अर्थ व भाषा
गणित की विशेषताएं
गणित की विशेषताएं - गणित विषय की अपनी एक अलग प्रकृति है। जिसके आधार पर हम उसकी तुलना किसी अन्य विषय से कर सकते हैं। किन्ही दो या दो से अधिक विषयों की तुलना का आधार उन विषयों की प्रकृति ही है जिसके आधार पर हम विषय के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं। गणित … पढ़ना जारी रखें गणित की विशेषताएं
गणित का महत्व क्या है? गणित के 7 मुख्य महत्व
वर्तमान समय में सिर्फ भारत ही नहीं विश्व स्तर पर शैक्षिक आर्थिक तकनीकी तथा वैज्ञानिक प्रगति का आधार गणित ही है। अन्य विषयों में गणित का महत्व खास है। शिक्षा के तो प्रत्येक क्षेत्र में गणित के किसी ना किसी रूप का प्रयोग अनिवार्य हिस्सा बन चुका है। आज दुनिया कंप्यूटर पर निर्भर होती जा … पढ़ना जारी रखें गणित का महत्व क्या है? गणित के 7 मुख्य महत्व
गणित का महत्व
वर्तमान समय में सिर्फ भारत ही नहीं विश्व स्तर पर शैक्षिक आर्थिक तकनीकी तथा वैज्ञानिक प्रगति का आधार गणित ही है। अन्य विषयों में गणित का महत्व खास है। शिक्षा के तो प्रत्येक क्षेत्र में गणित के किसी ना किसी रूप का प्रयोग अनिवार्य हिस्सा बन चुका है। आज दुनिया कंप्यूटर पर निर्भर होती जा … पढ़ना जारी रखें गणित का महत्व
पाठ योजना की 10 आवश्यकता तथा 11 सीमाएं
पाठ योजना का तात्पर्य किसी पाठ को विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारी परिवर्तनों की प्राप्ति के संदर्भ में आकर्षक ढंग से नियोजित करने से है। यह कक्षा शिक्षण की पूर्व क्रियात्मक अवस्था कहलाती है। दैनिक पाठ योजना प्रभावी शिक्षण उपकरण के रूप में प्रयोग की जाती है। शिक्षण प्रक्रिया के दौरान पाठयोजना छात्रों की अपेक्षा … पढ़ना जारी रखें पाठ योजना की 10 आवश्यकता तथा 11 सीमाएं
पाठ योजना
पाठ योजना का तात्पर्य किसी पाठ को विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारी परिवर्तनों की प्राप्ति के संदर्भ में आकर्षक ढंग से नियोजित करने से है। यह कक्षा शिक्षण की पूर्व क्रियात्मक अवस्था कहलाती है। दैनिक पाठ योजना प्रभावी शिक्षण उपकरण के रूप में प्रयोग की जाती है। शिक्षण प्रक्रिया के दौरान पाठ योजना छात्रों की … पढ़ना जारी रखें पाठ योजना
गणित शिक्षण में पाठ्यपुस्तक का महत्व
पाठ्यपुस्तक का महत्व - पाठ्य पुस्तक का उपयोग करने में विशेष सावधानी आवश्यक है। गणित में पाठ्य पुस्तक का महत्व विशेष ही है। पाठ्य पुस्तक का प्रयोग इस प्रकार से किया जाए कि बालक शिक्षक द्वारा मौखिक विधि से सीखने के पश्चात पाठ को और अधिक दृढ़ता से हृदय गम कर ले। अतः गणित की … पढ़ना जारी रखें गणित शिक्षण में पाठ्यपुस्तक का महत्व
गणित प्रयोगशाला की 4 आवश्यक सुविधाएं (आदर्श गणित प्रयोगशाला)
वैसे तो गणित प्रयोगशाला विद्यालय से विद्यालय में अलग-अलग रूप से व्यवस्थित की जाती है। विद्यालय में गणित प्रयोगशाला होने से विद्यार्थियों को प्रयोगशाला विधि से और अधिक से अधिक सीखने का अवसर मिल जाता है। एक गणित की प्रयोगशाला में निम्न सुविधाएं होना चाहिए। गणित प्रयोगशाला एक गणित की प्रयोगशाला में निम्न सुविधाएं होना … पढ़ना जारी रखें गणित प्रयोगशाला की 4 आवश्यक सुविधाएं (आदर्श गणित प्रयोगशाला)
गणित प्रयोगशाला
वैसे तो गणित प्रयोगशाला विद्यालय से विद्यालय में अलग-अलग रूप से व्यवस्थित की जाती है। विद्यालय में गणित प्रयोगशाला होने से विद्यार्थियों को प्रयोगशाला विधि से और अधिक से अधिक सीखने का अवसर मिल जाता है। एक गणित की प्रयोगशाला में निम्न सुविधाएं होना चाहिए। गणित प्रयोगशाला एक गणित की प्रयोगशाला में निम्न सुविधाएं होना … पढ़ना जारी रखें गणित प्रयोगशाला
आदर्श गणित अध्यापक के गुण – 5th is Important
आदर्श गणित अध्यापक के गुण - वैसे तो अध्यापक कई प्रकार के होते हैं, लेकिन आदर्श अध्यापक कुछ विशेष ही होते हैं। भारत की अनेक संस्थाएं अध्यापकों का भी मूल्यांकन करती हैं। मूल्यांकन के अनुसार उनका प्रमोशन भी किया जाता है। आदर्श शिक्षक विद्यार्थियों और समाज के लिए वरदान साबित होते हैं। सभी विषयों में … पढ़ना जारी रखें आदर्श गणित अध्यापक के गुण – 5th is Important
आदर्श गणित अध्यापक के गुण
आदर्श गणित अध्यापक के गुण - वैसे तो अध्यापक कई प्रकार के होते हैं, लेकिन आदर्श अध्यापक कुछ विशेष ही होते हैं। भारत की अनेक संस्थाएं अध्यापकों का भी मूल्यांकन करती हैं। मूल्यांकन के अनुसार उनका प्रमोशन भी किया जाता है। आदर्श शिक्षक विद्यार्थियों और समाज के लिए वरदान साबित होते हैं। सभी विषयों में … पढ़ना जारी रखें आदर्श गणित अध्यापक के गुण
गणित शिक्षण के उद्देश्य – (3rd Aim is best)
गणित शिक्षण के उद्देश्य - विद्यालय में भिन्न-भिन्न विषयों का पाठन होता है, प्रत्येक विषय का अपना अपना अस्तित्व तथा महत्व होता है। इसके साथ ही प्रत्येक विषय को पाठ्यक्रम में रखने का एक ध्येय होता है, विषय का महत्व उसके द्वारा प्राप्त किए जाने वाले उद्देश्यों से जाना जा सकता है। प्रत्येक विषय के … पढ़ना जारी रखें गणित शिक्षण के उद्देश्य – (3rd Aim is best)
गणित शिक्षण के उद्देश्य
गणित शिक्षण के उद्देश्य - विद्यालय में भिन्न-भिन्न विषयों का पाठन होता है, प्रत्येक विषय का अपना अपना अस्तित्व तथा महत्व होता है। इसके साथ ही प्रत्येक विषय को पाठ्यक्रम में रखने का एक ध्येय होता है, विषय का महत्व उसके द्वारा प्राप्त किए जाने वाले उद्देश्यों से जाना जा सकता है। प्रत्येक विषय के … पढ़ना जारी रखें गणित शिक्षण के उद्देश्य
गणित शिक्षण के मूल्य
वास्तविक रूप से गणित विषय को इतना अधिक महत्व देने, अनिवार्य विषय बनाने तथा इसके अध्ययन से बच्चों को विभिन्न लाभ होते हैं, जिनको हम गणित शिक्षण के मूल्य भी कहते हैं। अर्थात बच्चों को गणित पढ़ाए जाने से होने वाले लाभ का अध्ययन गणित शिक्षण के मूल्यों में किया जाता है। गणित शिक्षण के … पढ़ना जारी रखें गणित शिक्षण के मूल्य
गणित शिक्षण के मूल्य – गणित पढ़ने के 10 लाभ – best is 10th
वास्तविक रूप से गणित विषय को इतना अधिक महत्व देने, अनिवार्य विषय बनाने तथा इसके अध्ययन से बच्चों को विभिन्न लाभ होते हैं, जिनको हम गणित शिक्षण के मूल्य भी कहते हैं। अर्थात बच्चों को गणित पढ़ाए जाने से होने वाले लाभ का अध्ययन गणित शिक्षण के मूल्यों में किया जाता है। गणित शिक्षण के … पढ़ना जारी रखें गणित शिक्षण के मूल्य – गणित पढ़ने के 10 लाभ – best is 10th
पाइथागोरस और उनके योगदान
गणित के क्षेत्र में अनेक विद्वान हुए हैं जिनमें से पाइथागोरस भी उच्च कोटि के गणितज्ञ रहे हैं। इनका जन्म ग्रीस के निकट एलियन सागर के मध्य, समोस नामक द्वीप में ईसा से लगभग 580 वर्ष पूर्व हुआ था। उनके पिताजी का देहांत बचपन में ही हो गया था। उनके निर्देश पर इन्होने मिस्र देश … पढ़ना जारी रखें पाइथागोरस और उनके योगदान
रैनी देकार्ते के योगदान
रैनी देकार्ते एक फ्रेंच दार्शनिक था। उसने मात्र 8 वर्ष की आयु में कॉलेज में प्रवेश लिया तथा परंपरागत विषयों जैसे गणित, भौतिक तर्क तथा प्राचीन भाषाओं में शिक्षा ग्रहण की। स्कूल जीवन में उनका स्वास्थ्य बहुत खराब रहता था जिसकी वजह से उन्हें सुबह 11:00 बजे तक बिस्तर पर रहने की अनुमति थी तथा … पढ़ना जारी रखें रैनी देकार्ते के योगदान
रैनी देकार्ते के योगदान (बीजगणित और ज्यामिति) -1628
रैनी देकार्ते एक फ्रेंच दार्शनिक था। उसने मात्र 8 वर्ष की आयु में कॉलेज में प्रवेश लिया तथा परंपरागत विषयों जैसे गणित, भौतिक तर्क तथा प्राचीन भाषाओं में शिक्षा ग्रहण की। स्कूल जीवन में उनका स्वास्थ्य बहुत खराब रहता था जिसकी वजह से उन्हें सुबह 11:00 बजे तक बिस्तर पर रहने की अनुमति थी तथा … पढ़ना जारी रखें रैनी देकार्ते के योगदान (बीजगणित और ज्यामिति) -1628
यूक्लिड और उनके ग्रंथ
यूक्लिड का जन्म ईसा से लगभग 300 वर्ष पूर्व सिकंदरिया में हुआ। मिस्र के निवासी बनकर भी इन्होंने ग्रीक व्यक्तित्व नहीं छोड़ा। अपने पूर्वज ग्रीक गणितज्ञों की तरह के गणित को विशुद्ध गणितीय दृष्टि से देखते थे। उन्होंने अपने देश में एक संग्रहालय स्थापित किया था जो समय के साथ-साथ एक ग्रंथालय में बदल गया … पढ़ना जारी रखें यूक्लिड और उनके ग्रंथ
ज्यामिति के जनक यूक्लिड और उनके ग्रंथ के 13 Chapters
यूक्लिड का जन्म ईसा से लगभग 300 वर्ष पूर्व सिकंदरिया में हुआ। मिस्र के निवासी बनकर भी इन्होंने ग्रीक व्यक्तित्व नहीं छोड़ा। अपने पूर्वज ग्रीक गणितज्ञों की तरह के गणित को विशुद्ध गणितीय दृष्टि से देखते थे। उन्होंने अपने देश में एक संग्रहालय स्थापित किया था जो समय के साथ-साथ एक ग्रंथालय में बदल गया … पढ़ना जारी रखें ज्यामिति के जनक यूक्लिड और उनके ग्रंथ के 13 Chapters










