शिक्षा दर्शन, दर्शन की वह शाखा है जिसमें हम शिक्षा संबंधी समस्याओं पर दार्शनिक दृष्टिकोण से विचार करते हैं। यह एक प्रयुक्त दर्शन है। जब हम विशुद्ध दर्शन के आधारभूत प्रत्ययो तथा सिद्धांतों का प्रयोग शिक्षा के क्षेत्र में करते हैं। यह एक प्रयुक्त दर्शन है। जब हम विशुद्ध दर्शन के आधारभूत प्रत्ययों तथा सिद्धांतों … पढ़ना जारी रखें शिक्षा दर्शन अर्थ परिभाषा आवश्यकता व 8 महत्त्व
श्रेणी: शिक्षा के दार्शनिक परिप्रेक्ष्य
शिक्षा दर्शन
शिक्षा दर्शन, दर्शन की वह शाखा है जिसमें हम शिक्षा संबंधी समस्याओं पर दार्शनिक दृष्टिकोण से विचार करते हैं। यह एक प्रयुक्त दर्शन है। जब हम विशुद्ध दर्शन के आधारभूत प्रत्ययो तथा सिद्धांतों का प्रयोग शिक्षा के क्षेत्र में करते हैं। यह एक प्रयुक्त दर्शन है। जब हम विशुद्ध दर्शन के आधारभूत प्रत्ययों तथा सिद्धांतों … पढ़ना जारी रखें शिक्षा दर्शन
मानवतावाद
मानवतावाद को अंग्रेजी में Humanism शब्द से संबोधित किया जाता है जिसका अर्थ है मानव। मानवतावाद के चिंतन का केंद्र बिंदु मानव है। यह दर्शन मानव के सम्मान मानव की गरिमा और मानव की मात्रा में आस्था रखता है। मानव कल्याण मैं इसका विश्वास है। मानव कल्याण के लिए जो भी तत्व उपयोगी हैं उन … पढ़ना जारी रखें मानवतावाद
मानवतावाद अर्थ परिभाषा विशेषताएं – Best 15 Qualities
मानवतावाद को अंग्रेजी में Humanism शब्द से संबोधित किया जाता है जिसका अर्थ है मानव। मानवतावाद के चिंतन का केंद्र बिंदु मानव है। यह दर्शन मानव के सम्मान मानव की गरिमा और मानव की मात्रा में आस्था रखता है। मानव कल्याण मैं इसका विश्वास है। मानव कल्याण के लिए जो भी तत्व उपयोगी हैं उन … पढ़ना जारी रखें मानवतावाद अर्थ परिभाषा विशेषताएं – Best 15 Qualities
प्रयोजनवाद Pragmatism अर्थ परिभाषा रूप गुण व दोष
प्रयोजनवाद शब्द का अंग्रेजी रूपांतरण Pragmatism है। कुछ विद्वान Pragmatism शब्द की उत्पत्ति यूनानी शब्द Pragma से मानते हैं, जिसका अर्थ है- 'A thing done, Business, Effective action' किया गया कार्य, व्यवसाय, प्रभावपूर्ण कार्य। लेकिन अन्य कुछ विद्वान इस शब्द की उत्पत्ति एक-दूसरे यूनानी शब्द Promitikos से मानते हैं जिसका अर्थ है Practicable अर्थात व्यावहारिक। … पढ़ना जारी रखें प्रयोजनवाद Pragmatism अर्थ परिभाषा रूप गुण व दोष
प्रयोजनवाद
प्रयोजनवाद शब्द का अंग्रेजी रूपांतरण Pragmatism है। कुछ विद्वान Pragmatism शब्द की उत्पत्ति यूनानी शब्द Pragma से मानते हैं, जिसका अर्थ है-'A thing done, Business, Effective action' किया गया कार्य, व्यवसाय, प्रभावपूर्ण कार्य। लेकिन अन्य कुछ विद्वान इस शब्द की उत्पत्ति एक-दूसरे यूनानी शब्द Promitikos से मानते हैं जिसका अर्थ है Practicable अर्थात व्यावहारिक। इस … पढ़ना जारी रखें प्रयोजनवाद
प्रकृतिवाद अर्थ व परिभाषा रूप मूल सिद्धांत
प्रकृतिवाद के दर्शन के अनुसार प्रकृति अपने आपमें पूर्ण तत्व है। इस दर्शन के अनुसार, प्रत्येक वस्तु प्रकृति से उत्पन्न होती है और फिर उसी में विलीन हो जाती है। प्रकृतिवादी इंद्रियों के अनुभव से प्राप्त ज्ञान को ही सच्चा ज्ञान मानते हैं तथा उसके अनुसार सच्चे ज्ञान की प्राप्ति के लिए मनुष्य को स्वयं … पढ़ना जारी रखें प्रकृतिवाद अर्थ व परिभाषा रूप मूल सिद्धांत
प्रकृतिवाद
प्रकृतिवाद के दर्शन के अनुसार प्रकृति अपने आपमें पूर्ण तत्व है। इस दर्शन के अनुसार, प्रत्येक वस्तु प्रकृति से उत्पन्न होती है और फिर उसी में विलीन हो जाती है। प्रकृतिवादी इंद्रियों के अनुभव से प्राप्त ज्ञान को ही सच्चा ज्ञान मानते हैं तथा उसके अनुसार सच्चे ज्ञान की प्राप्ति के लिए मनुष्य को स्वयं … पढ़ना जारी रखें प्रकृतिवाद
यथार्थवाद अर्थ परिभाषा सिद्धांत व विशेषताएँ
यथार्थवाद का अंग्रेजी रूपांतरण Realism है। Real शब्द की उत्पत्ति लेटिन भाषा के realis से हुई है। जिसका अर्थ है वस्तु। इस प्रकार Realism का शाब्दिक अर्थ हुआ वस्तु वाद या वस्तु संबंधी विचारधारा। वस्तुतः यथार्थवाद वस्तु संबंधी विचारों के प्रति एक दृष्टिकोण है जिसके अनुसार संसार की वस्तुएं यथार्थ है। इस वाद के अनुसार … पढ़ना जारी रखें यथार्थवाद अर्थ परिभाषा सिद्धांत व विशेषताएँ
यथार्थवाद अर्थ परिभाषा सिद्धांत
यथार्थवाद का अंग्रेजी रूपांतरण Realism है। Real शब्द की उत्पत्ति लेटिन भाषा के realis से हुई है। जिसका अर्थ है वस्तु। इस प्रकार Realism का शाब्दिक अर्थ हुआ वस्तु वाद या वस्तु संबंधी विचारधारा। वस्तुतः यथार्थवाद वस्तु संबंधी विचारों के प्रति एक दृष्टिकोण है जिसके अनुसार संसार की वस्तुएं यथार्थ है। इस वाद के अनुसार … पढ़ना जारी रखें यथार्थवाद अर्थ परिभाषा सिद्धांत
आदर्शवाद अर्थ परिभाषा सिद्धांत
आदर्शवाद का आधार आध्यात्म है। आदर्शवाद मूलभूत रूप से शाश्वत मूल्यों एवं आदर्शों को स्वीकार करता है। इस विचारधारा के अनुसार भौतिक जगत की कोई भी वस्तु शाश्वत नहीं है अतः इनका विशेष महत्व नहीं है। इस विचारधारा के अनुसार आत्मा परमात्मा और विचार ही शाश्वत है। आदर्शवाद के आदि प्रवर्तक प्लेटो के अनुसार यह … पढ़ना जारी रखें आदर्शवाद अर्थ परिभाषा सिद्धांत
इस्लाम दर्शन
इस्लाम दर्शन - इस्लाम शब्द का शाब्दिक अर्थ है शांति, शांति प्राप्त का मार्ग व विनम्रता। धार्मिक अर्थ में इस्लाम शब्द का अर्थ ईश्वर की इच्छा को पूर्णता मानना होता है। इस्लाम धर्म एवं दर्शन कुरान पुस्तक में वर्णित है। कुछ अन्य ग्रंथ भी इस्लाम धर्म बौद्ध दर्शन के सिद्धांतों को स्पष्ट करते हैं जैसे … पढ़ना जारी रखें इस्लाम दर्शन
इस्लाम दर्शन अर्थ व विशेषताएँ
इस्लाम दर्शन - इस्लाम शब्द का शाब्दिक अर्थ है शांति, शांति प्राप्त का मार्ग व विनम्रता। धार्मिक अर्थ में इस्लाम शब्द का अर्थ ईश्वर की इच्छा को पूर्णता मानना होता है। इस्लाम धर्म एवं दर्शन कुरान पुस्तक में वर्णित है। कुछ अन्य ग्रंथ भी इस्लाम धर्म बौद्ध दर्शन के सिद्धांतों को स्पष्ट करते हैं जैसे … पढ़ना जारी रखें इस्लाम दर्शन अर्थ व विशेषताएँ
बौद्ध दर्शन
बौद्ध दर्शन में शिक्षा को एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया माना गया है। शिक्षा ही मनुष्य को अलौकिक रूप एवं परमार्थिक जीवन के योग्य बनाती है। बौद्ध मत के अनुसार वास्तविक शिक्षा वह है जो मनुष्य के दुखों से मुक्ति दिलाकर निर्वाण की प्राप्ति कराए। व्यक्ति के समस्त दुखों का कारण अज्ञान है और इस अज्ञान को … पढ़ना जारी रखें बौद्ध दर्शन
बौद्ध दर्शन – मूल सिद्धांत आर्य सत्य अष्टांग मार्ग
बौद्ध दर्शन में शिक्षा को एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया माना गया है। शिक्षा ही मनुष्य को अलौकिक रूप एवं परमार्थिक जीवन के योग्य बनाती है। बौद्ध मत के अनुसार वास्तविक शिक्षा वह है जो मनुष्य के दुखों से मुक्ति दिलाकर निर्वाण की प्राप्ति कराए। व्यक्ति के समस्त दुखों का कारण अज्ञान है और इस अज्ञान को … पढ़ना जारी रखें बौद्ध दर्शन – मूल सिद्धांत आर्य सत्य अष्टांग मार्ग
शिक्षा का सामाजिक उद्देश्य
शिक्षा का सामाजिक उद्देश्य - सामाजिक उद्देश्य के अनुसार समाज या राज्य का स्थान व्यक्ति से अधिक महत्वपूर्ण है। बैगेल और डीवी ने सामाजिक उद्देश्य का तात्पर्य सामाजिक दक्षता से लगाया है लेकिन अपने अतिवादी स्वरूप में या उद्देश्य व्यक्ति को समाज की तुलना में निचली श्रेणी का मानता है तथा व्यक्ति के सारे अधिकारों … पढ़ना जारी रखें शिक्षा का सामाजिक उद्देश्य
शिक्षा का सामाजिक उद्देश्य पक्ष में 6 तथा विपक्ष में 8 तर्क
शिक्षा का सामाजिक उद्देश्य - सामाजिक उद्देश्य के अनुसार समाज या राज्य का स्थान व्यक्ति से अधिक महत्वपूर्ण है। बैगेल और डीवी ने सामाजिक उद्देश्य का तात्पर्य सामाजिक दक्षता से लगाया है लेकिन अपने अतिवादी स्वरूप में या उद्देश्य व्यक्ति को समाज की तुलना में निचली श्रेणी का मानता है तथा व्यक्ति के सारे अधिकारों … पढ़ना जारी रखें शिक्षा का सामाजिक उद्देश्य पक्ष में 6 तथा विपक्ष में 8 तर्क
वेदान्त दर्शन
वेदान्त दर्शन- वेदान्त शब्द का तात्पर्य है - वेद का अंत। इन्हें वेदों का अंतिम भाग अथवा वेदों का सार भी का जाता है। वेद के मुख्यतः तीन भाग हैं - वैदिक मंत्र ब्राह्मण उपनिषद उपनिषद वेद का अंतिम भाग तथा वैदिक काल का अंतिम साहित्य है। वेदांत के तीन रूप बताए गए हैं - … पढ़ना जारी रखें वेदान्त दर्शन
वेदान्त दर्शन के 6 सिद्धांत
वेदान्त दर्शन- वेदान्त शब्द का तात्पर्य है - वेद का अंत। इन्हें वेदों का अंतिम भाग अथवा वेदों का सार भी का जाता है। वेद के मुख्यतः तीन भाग हैं - वैदिक मंत्र ब्राह्मण उपनिषद उपनिषद वेद का अंतिम भाग तथा वैदिक काल का अंतिम साहित्य है। वेदांत के तीन रूप बताए गए हैं - … पढ़ना जारी रखें वेदान्त दर्शन के 6 सिद्धांत
दर्शन शिक्षा संबंध
दर्शन शिक्षा संबंध - दर्शन शब्द का अंग्रेजी रूपांतरण Philosophy शब्द दो यूनानी शब्दों Philos और Sofia से मिलकर बना है। जिसमें Philos का अर्थ है Love तथा Sofia का अर्थ है of Wisdom। इसप्रकार Philosophy का शाब्दिक अर्थ है 'Love of Wisdom' (ज्ञान से प्रेम)। इस प्रकार दर्शन का शाब्दिक अर्थ विद्यानुराग या ज्ञान … पढ़ना जारी रखें दर्शन शिक्षा संबंध
दर्शन शिक्षा संबंध – दर्शन व शिक्षा के 6 मुख्य संबंध
दर्शन शिक्षा संबंध - दर्शन शब्द का अंग्रेजी रूपांतरण Philosophy शब्द दो यूनानी शब्दों Philos और Sofia से मिलकर बना है। जिसमें Philos का अर्थ है Love तथा Sofia का अर्थ है of Wisdom। इसप्रकार Philosophy का शाब्दिक अर्थ है 'Love of Wisdom' (ज्ञान से प्रेम)। इस प्रकार दर्शन का शाब्दिक अर्थ विद्यानुराग या ज्ञान … पढ़ना जारी रखें दर्शन शिक्षा संबंध – दर्शन व शिक्षा के 6 मुख्य संबंध
शिक्षा के व्यक्तिगत उद्देश्य
प्राचीन समय में शिक्षा के व्यक्तिगत उद्देश्य को उस समय के विद्वानों का काफी समर्थन प्राप्त रहा है। आधुनिक युग में भी शिक्षा मनोविज्ञान की प्रगति के कारण इस उद्देश्य पर विशेष बल दिया जाने लगा है। आधुनिक समय में इस उद्देश्य के प्रमुख समर्थकों के नाम है रूसो, रावल, पेस्टोलॉजी, नन आदि। शिक्षा के … पढ़ना जारी रखें शिक्षा के व्यक्तिगत उद्देश्य
शिक्षा के व्यक्तिगत उद्देश्य के पक्ष में 5 विपक्ष में 8 तर्क
प्राचीन समय में शिक्षा के व्यक्तिगत उद्देश्य को उस समय के विद्वानों का काफी समर्थन प्राप्त रहा है। आधुनिक युग में भी शिक्षा मनोविज्ञान की प्रगति के कारण इस उद्देश्य पर विशेष बल दिया जाने लगा है। आधुनिक समय में इस उद्देश्य के प्रमुख समर्थकों के नाम है रूसो, रावल, पेस्टोलॉजी, नन आदि। शिक्षा के … पढ़ना जारी रखें शिक्षा के व्यक्तिगत उद्देश्य के पक्ष में 5 विपक्ष में 8 तर्क
जैन दर्शन
जैन दर्शन एकमात्र ऐसा भारतीय दर्शन है जो वेदों के प्रमाण को स्वीकार नहीं करता है। जैन शब्द की उत्पत्ति जिन शब्द से हुई है जिसका तात्पर्य है जितना अर्थात जिसने सांसारिक रागद्वेषों मोह माया पर विजय प्राप्त कर ली हो। जैन दर्शन का प्रमुख उद्देश्य मनुष्य को संसार के कष्टों से मुक्ति दिलाकर आध्यात्मिक … पढ़ना जारी रखें जैन दर्शन
जैन दर्शन के मूल सिद्धांत
जैन दर्शन एकमात्र ऐसा भारतीय दर्शन है जो वेदों के प्रमाण को स्वीकार नहीं करता है। जैन शब्द की उत्पत्ति जिन शब्द से हुई है जिसका तात्पर्य है जितना अर्थात जिसने सांसारिक रागद्वेषों मोह माया पर विजय प्राप्त कर ली हो। जैन दर्शन का प्रमुख उद्देश्य मनुष्य को संसार के कष्टों से मुक्ति दिलाकर आध्यात्मिक … पढ़ना जारी रखें जैन दर्शन के मूल सिद्धांत
उदारवादी व उपयोगितावादी शिक्षा
उदारवादी व उपयोगितावादी शिक्षा - शिक्षा शब्दकोश के अनुसार Liberal Education का अर्थ है Non Vocational Education अर्थात उदार शिक्षा, सामान्य शिक्षा अथवा अव्यवसायिक शिक्षा। उदार शिक्षा प्रायः सामान्य शिक्षा होती है जिसमें साहित्य कला, संगीत, इतिहास, नीति शास्त्र, राजनीति आदि की शिक्षा की प्रधानता होती हैं। उदार शिक्षा की प्रकृति अत्यंत प्राचीन है। विदेश … पढ़ना जारी रखें उदारवादी व उपयोगितावादी शिक्षा
भारतीय शिक्षा की समस्याएं
भारतीय शिक्षा की समस्याएं - वैदिक काल से आज तक भारतीय शिक्षा में कई प्रकार के उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं। चाहे वह वैदिक कालीन शिक्षा का समय रहा हो, उत्तर वैदिक कालीन शिक्षा हो, बौद्ध कालीन शिक्षा का समय रहा हो, मुस्लिम काल की शिक्षा का समय रहा हो या फिर ब्रिटेन कालीन या … पढ़ना जारी रखें भारतीय शिक्षा की समस्याएं
भारतीय शिक्षा की समस्याएं – शैक्षिक समस्याओं के श्रोत
भारतीय शिक्षा की समस्याएं - वैदिक काल से आज तक भारतीय शिक्षा में कई प्रकार के उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं। चाहे वह वैदिक कालीन शिक्षा का समय रहा हो, उत्तर वैदिक कालीन शिक्षा हो, बौद्ध कालीन शिक्षा का समय रहा हो, मुस्लिम काल की शिक्षा का समय रहा हो या फिर ब्रिटेन कालीन या … पढ़ना जारी रखें भारतीय शिक्षा की समस्याएं – शैक्षिक समस्याओं के श्रोत
शिक्षा के प्रकार
शिक्षा के प्रकार (रूप) अनेक हैं। शिक्षा, समाज एक पीढ़ी द्वारा अपने से निचली पीढ़ी को अपने ज्ञान के हस्तांतरण का प्रयास है। इस विचार से शिक्षा एक संस्था के रूप में काम करती है, जो व्यक्ति विशेष को समाज से जोड़ने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है तथा समाज की संस्कृति की निरंतरता को बनाए … पढ़ना जारी रखें शिक्षा के प्रकार
शिक्षा के प्रकार – 5 औपचारिक, प्रत्यक्ष, व्यक्तिक, सकारात्मक
शिक्षा के प्रकार (रूप) अनेक हैं। शिक्षा, समाज एक पीढ़ी द्वारा अपने से निचली पीढ़ी को अपने ज्ञान के हस्तांतरण का प्रयास है। इस विचार से शिक्षा एक संस्था के रूप में काम करती है, जो व्यक्ति विशेष को समाज से जोड़ने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है तथा समाज की संस्कृति की निरंतरता को बनाए … पढ़ना जारी रखें शिक्षा के प्रकार – 5 औपचारिक, प्रत्यक्ष, व्यक्तिक, सकारात्मक

















