पूँजीवादी अर्थव्यवस्था प्रतियोगिता के आधार पर संगठित व्यवस्था है। इस व्यवस्था पर कीमत संयन्त्र का सम्पूर्ण नियन्त्रण होता है। अर्थव्यवस्था में उत्पादन के सम्पूर्ण साधनों पर व्यक्तियों अथवा व्यक्तिगत संस्थाओं का स्वामित्व होता है। इन साधनों का उपयोग वे निजी लाभ को अधिकाधिक बढ़ाने के लिए स्वतन्त्रतापूर्वक करते हैं। इस व्यवस्था में वस्तुओं के उत्पादन, … पढ़ना जारी रखें पूंजीवादी अर्थव्यवस्था 10 विशेषताए 8 लाभ 12 दोष
श्रेणी: व्यष्टि अर्थशास्त्र
समाजवादी अर्थव्यवस्था परिभाषाएं 8 विशेषताएं 9 लाभ 8 दोष
समाजवादी अर्थव्यवस्था का प्रारम्भ सामान्यतः पिछली शताब्दी के प्रथम चरण में रॉबर्ट ओवन द्वारा प्रतिपादित फैक्ट्री सुधारों के साथ-साथ माना जाता है किन्तु इसे व्यवस्थित एवं वैज्ञानिक रूप सन् 1848 में कार्ल मार्क्स ने दिया। वर्तमान में समाजवाद अनेक भ्रान्तियों और विवादों के घेरे में है। विभिन्न विद्वानों ने इसे अपने-अपने दृष्टिकोण से अभिव्यक्ति दी … पढ़ना जारी रखें समाजवादी अर्थव्यवस्था परिभाषाएं 8 विशेषताएं 9 लाभ 8 दोष
समोत्पाद रेखा परिभाषाएँ मान्यताए व 10 विशेषताएँ
समोत्पाद रेखा को अंग्रेजी में Iso-quant कहते हैं जो कि Iso तथा quant से मिलकर बना है, जिनका सामूहिक अर्थ होता है समान मात्रा। समोत्पाद वक्र ठीक उसी प्रकार दो स्थानापन्न उत्पादन साधनों के विभिन्न मात्रात्मक संयोगों से प्राप्त समान भौतिक उत्पादन स्तर को प्रदर्शित करते हैं जिस प्रकार उपभोग क्षेत्र में उदासीनता वक्र दो … पढ़ना जारी रखें समोत्पाद रेखा परिभाषाएँ मान्यताए व 10 विशेषताएँ
उपयोगिता परिभाषा उपयोगिता के प्रकार व Top 3 विशेषताएँ
सामान्य बोलचाल की भाषा में उपयोगिता का अर्थ किसी वस्तु के उपयोग या प्रयोग से मिलने वाले लाभ से लगाया जाता है, परन्तु अर्थशास्त्र में इस शब्द का अर्थ सामान्य अर्थ से कुछ अलग तथा व्यापक होता है। अर्थशास्त्र में उपयोगिता किसी वस्तु की क्षमता अथवा वह गुण है जिससे मानवीय आवश्यकताओं की पूर्ति होती … पढ़ना जारी रखें उपयोगिता परिभाषा उपयोगिता के प्रकार व Top 3 विशेषताएँ
मांग की लोच क्या है? 13 मांग की लोच के निर्धारक तत्व
मांग की लोच व मांग की लोच के निर्धारक तत्व के बारे में चर्चा यहाँ की गयी है। मूल्य में परिवर्तन के परिणामस्वरूप माँग में जिस गति से परिवर्तन होता है उसे मांग की लोच कहते हैं। दूसरे शब्दों में यह कहा जा सकता है कि मूल्य में परिवर्तन के फलस्वरूप मांग में परिवर्तन की … पढ़ना जारी रखें मांग की लोच क्या है? 13 मांग की लोच के निर्धारक तत्व
मांग का नियम मांग के प्रकार मांग के नियम की मान्यता
अर्थशास्त्र के अन्दर माँग शब्द की व्याख्या विभिन्न रूपों में की गई है। एक ओर मांग को मनोवैज्ञानिक ढंग से परिभाषित करते हुए आवश्यकता का पर्यायवाची बताया गया है तथा दूसरी ओर भौतिक दृष्टि किसी वस्तु की उस मात्रा की ओर संकेत किया गया है जो बाजार में किसी निश्चित मूल्य पर बिकने के लिए … पढ़ना जारी रखें मांग का नियम मांग के प्रकार मांग के नियम की मान्यता
उत्पादन फलन Top 3 विशेषताएं मान्यताएं उत्पादन फलन के प्रकार
उत्पादन फलन - एक दी हुई तकनीक के अंतर्गत उपादानों के विभिन्न संयोग एवं उनसे प्राप्त होने वाले उत्पादनों के भौतिक सम्बन्ध को उत्पादन फलन कहा जाता है। उत्पादन फलन से यह पता चलता है कि एक निश्चित अवधि में उपादानों के परिवर्तन से उत्पादन आकार में किस तरह और कितनी मात्रा में परिवर्तन होता … पढ़ना जारी रखें उत्पादन फलन Top 3 विशेषताएं मान्यताएं उत्पादन फलन के प्रकार
चुनाव की समस्या के आधार – एक आर्थिक समस्या
चुनाव की समस्या एक बड़ी समस्या है। अर्थशास्त्र का भलीभाँति अध्ययन करने पर यह पता चलता है कि व्यक्ति की आवश्यकताएँ अनन्त होती है जबकि इन आवश्यकताओं की पूर्ति के साधन सीमित होते हैं। इस बात को स्पष्ट करते हुए प्रमुख अर्थशास्त्री प्रो. रॉबिन्स ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक "An Essay on the Nature and Significance … पढ़ना जारी रखें चुनाव की समस्या के आधार – एक आर्थिक समस्या




