श्रेणी: समावेशी शिक्षा

सहयोगी अनुशिक्षण उद्देश्य प्रक्रियाएं लाभ व सीमाएं

सहयोगी अनुशिक्षण उद्देश्य प्रक्रियाएं लाभ व सीमाएं

सहयोगी अनुशिक्षण एक ऐसी प्रक्रिया है जिससे एक से एक को शिक्षण या अधिगम किया जाता है। यह प्रक्रिया विद्यालयों में समावेशन को प्रोत्साहित करती है। इसमें एक व्यक्ति जो वरिष्ठ या पुराना विद्यार्थी या विशेषज्ञ अध्यापक अनुशिक्षक की भूमिका में होता है और अधिगमकर्ता वह होता है जो निर्देशन ग्रहण करता है। अनुशिक्षण बालक … पढ़ना जारी रखें सहयोगी अनुशिक्षण उद्देश्य प्रक्रियाएं लाभ व सीमाएं

सहकारी अधिगम के उद्देश्य व दिशा निर्देश

सहकारी अधिगम के उद्देश्य व दिशा निर्देश

सहकारी अधिगम - भारतीय विद्यालय प्रणाली में ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है जहाँ बालक समूह में कार्य करते हों। समावेशी कक्षा में जहाँ असंख्य बालक होते हैं, वहाँ बच्चों को सहकारी अधिगम विधि से पढ़ाया जा सकता है। इस तरह से बच्चे सीखने में एक-दूसरे की मदद करते हैं। वे समस्याओं के समाधान … पढ़ना जारी रखें सहकारी अधिगम के उद्देश्य व दिशा निर्देश

कक्षा प्रबन्धन के सिद्धांत व शिक्षक की भूमिका

कक्षा प्रबन्धन के सिद्धांत व शिक्षक की भूमिका

कक्षा प्रबन्धन के द्वारा शिक्षण प्रक्रिया को संगठित किया जाता है। कक्षा प्रबन्धन को क्रिया प्रवृत्ति के आधार पर परिभाषित किया गया है। यह ऐसी प्रक्रिया है जिसमें अध्यापक और विद्यार्थियों के सम्बन्धों और अन्तः सम्बन्धों के माध्यम से अधिगम की प्रक्रिया सम्पादित होती है तथा कक्षा में कार्य तथा क्रियाकलापों से अधिगम परिस्थितियाँ पैदा … पढ़ना जारी रखें कक्षा प्रबन्धन के सिद्धांत व शिक्षक की भूमिका

श्रवण बाधित बालक की विशेषताएँ व शिक्षण विधियाँ

श्रवण बाधित बालक की विशेषताएँ व शिक्षण विधियाँ

श्रवण बाधित बालक - श्रवण, मौखिक सन्देश वाहकता व भाषा विकास का मुख्य ज्ञानेन्द्रीय मार्ग है। श्रवण बोध दोष युक्त होने पर बालक को शाब्दिक अभिव्यक्ति का विकास भी ठीक प्रकार से नहीं हो पाता है। इसके अतिरिक्त श्रवण अधिगम व मानसिक परिपक्वता के विभिन्न पक्षों को भी प्रभावित करता है। 'कानों के द्वारा सुनने … पढ़ना जारी रखें श्रवण बाधित बालक की विशेषताएँ व शिक्षण विधियाँ

संवेगात्मक बालक की पहचान व समस्याएँ

संवेगात्मक बालक की पहचान व समस्याएँ

संवेगात्मक बालक को पहचानने की उत्तम विधि निरीक्षण विधि है। विभिन्न श्रेणी में आने वाले बालकों के लक्षणों का भली प्रकार अध्ययन करके ऐसे बालकों की पहचान की जा सकती है। मनोवैज्ञानिकों तथा मनोचिकित्सकों की सहायता भी अवश्य ली जानी चाहिए। यदि अध्यापक को किसी प्रकार का सन्देह बालक की संवेगात्मक स्थिति को देखकर होता … पढ़ना जारी रखें संवेगात्मक बालक की पहचान व समस्याएँ

प्रतिभाशाली बालक की विशेषताएँ पहचान व शिक्षा के 11 सिद्धांत

प्रतिभाशाली बालक की विशेषताएँ पहचान व शिक्षा के 11 सिद्धांत

प्रतिभाशाली बालक की विशेषताएँ हमें सामान्य बालकों से तुलना करने में मदद करती है। ये बालक सम्पूर्ण राष्ट्र हेतु अमूल्य विधि हैं। ये बालक उच्च बुद्धिलब्धि के होते हैं। इनकी बुद्धिलब्धि सामान्यतः 130-140 से उच्च होती है। ये बालक साधारण बालकों से बहुत योग्य होते हैं, जो कार्य इन्हें प्रदान किया जाता है। ये उन्हें … पढ़ना जारी रखें प्रतिभाशाली बालक की विशेषताएँ पहचान व शिक्षा के 11 सिद्धांत

विशिष्ट बालक परिभाषा विशेषताएँ व शिक्षा व्यवस्था

विशिष्ट बालक परिभाषा विशेषताएँ व शिक्षा व्यवस्था

विशिष्ट बालक - प्रत्येक विद्यालय में शिक्षा प्राप्त करने के लिए सामान्य बालकों के अलावा कुछ ऐसे बालक भी आते हैं जिनकी अपनी कुछ शारीरिक एवं मानसिक विशेषताएँ होती हैं। इनमें से कुछ प्रतिभाशाली, कुछ मंद बुद्धि, कुछ पिछड़े हुए और कुछ शारीरिक दोषों वाले बालक होते हैं। इन्हें 'विशिष्ट बालक' अथवा 'अपवादात्मक' बालक कहते … पढ़ना जारी रखें विशिष्ट बालक परिभाषा विशेषताएँ व शिक्षा व्यवस्था

वंचित बालकों की समस्याएँ – 51 Problems of Deprived Children

वंचित बालकों की समस्याएँ – 51 Problems of Deprived Children

वंचित बालकों की समस्याएँ सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक रूप से वंचित बालकों की अपने ही विशेषताएँ होती हैं। अनेकों सैद्धान्तिक एवं आनुभाविक अध्ययनों के आधार पर यह पाया गया कि वंचित बालकों की संज्ञानात्मक, अभिप्रेरणात्मक एवं परिवेशीय विशेषताएँ उनके व्यवहार में परिलक्षित होती हैं। यहाँ इन्हीं का संक्षिप्त रूप से वर्णन किया जायेगा। वंचित बालकों … पढ़ना जारी रखें वंचित बालकों की समस्याएँ – 51 Problems of Deprived Children

वंचित बालक परिभाषा लक्षण व विशेषताएँ

वंचित बालक परिभाषा लक्षण व विशेषताएँ

कुछ बालक ऐसे होते हैं जो सुविधाओं के क्षेत्र में सामान्य बालक से कम होते हैं। वंचित बालक कहलाते हैं। ये विभिन्न प्रकार की सुविधाओं; जैसे—आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक से वंचित रह जाते हैं। यथा भाषा, धर्म, जाति, क्षेत्र, वर्ण, लिंग के कारण अपवंचित रह जाते हैं। इन सुविधाओं के अभाव में उनका विकास सामान्य बालकों … पढ़ना जारी रखें वंचित बालक परिभाषा लक्षण व विशेषताएँ

विकलांगता अधिनियम 1995 के सम्बंध में सरकार के प्रयास

विकलांगता अधिनियम 1995 के सम्बंध में सरकार के प्रयास

विकलांगता अधिनियम 1995 को अधिनियम के कार्यान्वयन में प्राप्त अनुभव के प्रकाश में, नए वर्षों में विकलांगता क्षेत्र में किए गए विकास और संयुक्त राष्ट्र के तहत प्रतिबद्धताअ के प्रकाश में एक नए कानून द्वारा प्रतिस्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया था। इस इकाई में हम मौजूदा कृत्यों और नीतियों के बारे में चर्चा करेंगे … पढ़ना जारी रखें विकलांगता अधिनियम 1995 के सम्बंध में सरकार के प्रयास

वंचित वर्ग की शिक्षा हेतु किए गए 21 प्रयास

वंचित वर्ग की शिक्षा हेतु किए गए 21 प्रयास

वंचित वर्ग की शिक्षा अवधारणा स्पष्ट करने की दृष्टि से सबसे पहले ' वंचित' शब्द का अर्थ समझन 'चाहिए। 'वंचित' शब्द का अर्थ है, 'किसी चीज से रहित होना' या 'किसी अधिकार का छिन जाना अथवा 'किसी वस्तु को प्राप्त करने से रोकना।' इसका आशय है कि जब किसी व्यक्ति की किस आवश्यकता की पूर्ति … पढ़ना जारी रखें वंचित वर्ग की शिक्षा हेतु किए गए 21 प्रयास

शिक्षा का अधिकार रूपरेखा इतिहास व विशेषताएँ

शिक्षा का अधिकार रूपरेखा इतिहास व विशेषताएँ

शिक्षा का अधिकार में भारत के प्रत्येक नागरिक को प्राथमिक शिक्षा पाने का अधिकार है। इस सम्बन्ध में " प्रारम्भिक (प्राथमिक व मध्य स्तर) पर शिक्षा निःशुल्क हो, प्रारम्भिक शिक्षा अनिवार्य हो तथा तकनीकी व्यावसायिक शिक्षा को सर्वसुलभ बनाया जाए एवं उच्च शिक्षा सभी की पहुँच के भीतर हो।" कुछ ऐसे बुनियादी सिद्धान्त हैं जो … पढ़ना जारी रखें शिक्षा का अधिकार रूपरेखा इतिहास व विशेषताएँ

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की विशेषताएँ व विवरण

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की विशेषताएँ व विवरण

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अन्तर्गत स्कूलों तथा कॉलेजों में होने वाली शिक्षा की नीति तैयार की जात है। भारत सरकार ने नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 आरम्भ की है। जिसके अन्तर्गत सरकार: एजुकेशन पॉलिसी में काफी सारे मुख्य बदलाव किए हैं। नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के माध्यम भारत को वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बनाना है। … पढ़ना जारी रखें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की विशेषताएँ व विवरण

समावेशी शिक्षा का इतिहास भारतीय परिप्रेक्ष्य में

समावेशी शिक्षा का इतिहास भारतीय परिप्रेक्ष्य में

समावेशी शिक्षा का इतिहास - हमारे देश में लगभग 20% बच्चे ऐसे हैं, जो किसी-न-किसी रूप में मानसिक रूप से कमजोर हैं तथा लगभग इतने ही बच्चे ऐसे हैं, जो कि प्रतिभावान बालकों की श्रेणी में आते हैं। प्राचीन काल में इन बच्चों की शिक्षा पर अधिक ध्यान नहीं दिया जाता था। जैसे-जैसे शिक्षा के … पढ़ना जारी रखें समावेशी शिक्षा का इतिहास भारतीय परिप्रेक्ष्य में

समावेशी शिक्षा परिभाषा विशेषताएँ उद्देश्य व विकास

समावेशी शिक्षा परिभाषा विशेषताएँ उद्देश्य व विकास

समावेशी शिक्षा वह शिक्षा होती है, जिसके द्वारा विशिष्ट क्षमता वाले बालक जैसे मन्दबुद्धि, अन्धे बालक, बहरे तथा प्रतिभाशाली बालकों को ज्ञान प्रदान किया जाता है। समावेशी शिक्षा समावेशी शिक्षा के द्वारा सर्वप्रथम छात्रों के बौद्धिक शिक्षा स्तर की जाँच की जाती है, तत्पश्चात् उन्हें दी जाने वाली शिक्षा का स्तर निर्धारित किया जाता है। … पढ़ना जारी रखें समावेशी शिक्षा परिभाषा विशेषताएँ उद्देश्य व विकास