श्रेणी: शिक्षा के तकनीकी परिप्रेक्ष्य

सूचना सम्प्रेषण तकनीकी घटक लक्ष्य आवश्यकता महत्व

सूचना सम्प्रेषण तकनीकी घटक लक्ष्य आवश्यकता महत्व

सूचना सम्प्रेषण तकनीकी सूचनाओं के एकत्रीकरण एवं सम्प्रेषण की कहानी उतनी ही पुरानी है जितनी कि हमारी सभ्यता एवं संस्कृति। जब कोई यान्त्रिक साधन उपलब्ध नहीं थे, उस समय भी सूचनाओं का एकत्रीकरण, संग्रह तथा स्थानान्तरण होता था। समस्त ज्ञान कंठस्थीकरण के माध्यम से स्मृति रूप में मस्तिष्क में संजोया जाता था और मौखिक रूप … पढ़ना जारी रखें सूचना सम्प्रेषण तकनीकी घटक लक्ष्य आवश्यकता महत्व

जनसंचार परिभाषा आवश्यकता महत्व व वर्गीकरण

जनसंचार परिभाषा आवश्यकता महत्व व वर्गीकरण

वर्तमान युग में जनसंचार के माध्यमों का बड़ा ही शैक्षिक महत्व है। जनसंचार के माध्यमों के महत्व को आधुनिक युग में सभी के द्वारा स्वीकार किया जा रहा है। जनसंचार के माध्यम शिक्षा के अनौपचारिक अभिकरणों के अन्तर्गत आते हैं। जनसंचार हेतु आंग्ल भाषा में 'Mass Media' शब्द का प्रयोग किया जाता है। सामान्य रूप … पढ़ना जारी रखें जनसंचार परिभाषा आवश्यकता महत्व व वर्गीकरण

श्रव्य दृश्य सामग्री परिभाषा आवश्यकता व महत्व

श्रव्य दृश्य सामग्री परिभाषा आवश्यकता व महत्व

श्रव्य दृश्य सामग्री वे उपकरण / सामग्री जिनका प्रयोग कक्षा में विद्यार्थियों के समक्ष करके अध्यापन करने से उनके देखने तथा सुनने वाली इन्द्रियों को ज्ञान प्राप्त करने का अवसर प्राप्त होता है। दृश्य सामग्री का मनोवैज्ञानिक आधार एक इन्द्रिय के बजाय अनेक इन्द्रियों से ज्ञान प्राप्त करने का अवसर दिया जाता है। जिससे बालक … पढ़ना जारी रखें श्रव्य दृश्य सामग्री परिभाषा आवश्यकता व महत्व

अनुरूपित शिक्षण विशेषताएँ लाभ हानि सीमाएँ

अनुरूपित शिक्षण विशेषताएँ लाभ हानि सीमाएँ

किसी दी हुई कृत्रिम परिस्थिति में बिल्कुल यथार्थ जैसा शिक्षण करना ही अनुरूपित शिक्षण कहलाता है। अनुरूपित शिक्षण सीखने तथा प्रशिक्षण कि वह प्रविधि है जो अभिनय के माध्यम से छात्राध्यापक के समस्या समाधान, व्यवहार के लिए योग्यता का विकास करती है, तथा उसे भली-भांति पढ़ाने का प्रशिक्षण प्रदान करती है। अनुरूपित शिक्षण अनुरूपित शिक्षण आमतौर … पढ़ना जारी रखें अनुरूपित शिक्षण विशेषताएँ लाभ हानि सीमाएँ

श्यामपट परिभाषा उपयोग प्रकार व सावधानियाँ

श्यामपट परिभाषा उपयोग प्रकार व सावधानियाँ

प्राध्यापक के लिए चॉक तथा श्यामपट उतने ही आवश्यक हैं जितने कि एक सैनिक के लिए शस्त्र। अच्छा प्राध्यापक सदैव इनका प्रयोग करता है। लेकिन किस प्रकार से इनका सही एवं उचित उपयोग किया जाये यह युक्ति बहुत कम अध्यापकों को ज्ञात है। भारतवर्ष जैसे निर्धन राष्ट्र में यह एक सामान्य - शिक्षण की सहायक … पढ़ना जारी रखें श्यामपट परिभाषा उपयोग प्रकार व सावधानियाँ

वाद विवाद विधि उद्देश्य सिद्धांत गुण व सीमाएँ

वाद विवाद विधि उद्देश्य सिद्धांत गुण व सीमाएँ

वाद विवाद विधि - आधुनिक युग में ज्ञान के क्षेत्रों का तीव्र गति से विकास हो रहा है। नये-नये आविष्कारों ने मानव मस्तिष्क के चिन्तन के द्वार खोल दिये हैं। ऐसी परिस्थिति में उच्च स्तर पर केवल व्याख्यान विधि से शिक्षण करना ठीक नहीं बल्कि आवश्यकता है कि शिक्षक तथा छात्र परस्पर विचारों का आदान-प्रदान … पढ़ना जारी रखें वाद विवाद विधि उद्देश्य सिद्धांत गुण व सीमाएँ

मस्तिष्क उद्वेलन व्यूह रचना की विशेषताएँ व लाभ

मस्तिष्क उद्वेलन व्यूह रचना की विशेषताएँ व लाभ

मस्तिष्क उद्वेलन व्यूह रचना - मस्तिष्क उद्वेलन का शब्दकोशीय अर्थ होता है मस्तिष्क को उद्वेलन करना, उसमें उथल-पुथल मचाना यानी कि ऐसी आँधी लाना जिसमें किसी वस्तु व्यक्ति प्रक्रिया या सम्प्रत्यय के बारे में अनगिनत विचार तथा सोच एक साथ अनायास ही उनकी अच्छाई-बुराई औचित्य अनौचित्य की परवाह किए बिना मस्तिष्क पटल पर उभर जाएँ। … पढ़ना जारी रखें मस्तिष्क उद्वेलन व्यूह रचना की विशेषताएँ व लाभ

प्रदर्शन नीति की विशेषताएँ दोष व सुझाव

प्रदर्शन नीति की विशेषताएँ दोष व सुझाव

प्रदर्शन नीति का शिक्षण के क्षेत्र में काफी महत्व है। प्रदर्शन नीति में छात्र एवं शिक्षक दोनों ही सक्रिय रहते हैं। कक्षा में शिक्षक सैद्धान्तिक भाग का विवेचन करने के साथ इस विधि द्वारा उसका सत्यापन करता है। शिक्षक पढ़ाते समय प्रयोग करता जाता है और छात्र प्रयोग-प्रदर्शन का निरीक्षण करते हुए ज्ञान प्राप्त करते … पढ़ना जारी रखें प्रदर्शन नीति की विशेषताएँ दोष व सुझाव

व्याख्यान नीति की 11 विशेषताएँ दोष व सुझाव

व्याख्यान नीति की 11 विशेषताएँ दोष व सुझाव

व्याख्यान नीति - व्याख्यान का तात्पर्य किसी भी पाठ को भाषण के रूप में पढ़ाने से है। शिक्षक किसी विषय विशेष पर कक्षा में व्याख्यान देते हैं तथा छात्र निष्क्रिय होकर सुनते रहते हैं। यह विधि उच्च स्तर की कक्षाओं के लिए उपयोगी मानी जाती है। व्याख्यान विधि में विषय की सूचना दी जा सकती … पढ़ना जारी रखें व्याख्यान नीति की 11 विशेषताएँ दोष व सुझाव

शिक्षण नीतियाँ परिभाषाएँ 9 विशेषताएँ वर्गीकरण

शिक्षण नीतियाँ परिभाषाएँ 9 विशेषताएँ वर्गीकरण

शिक्षण नीतियाँ दो शब्दों से मिलकर बना है-शिक्षण + नीतियाँ। शिक्षण एक अन्तक्रियात्मक प्रक्रिया है जो कक्षागत परिस्थितियों में वांछित उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए छात्र और शिक्षकों के द्वारा सम्पन्न की जाती है। नीतियाँ योजना, नीति, चतुराई तथा कौशल की ओर संकेत करती हैं। कौलिन इंगलिश जैम शब्दकोष के अनुसार नीति का अर्थ … पढ़ना जारी रखें शिक्षण नीतियाँ परिभाषाएँ 9 विशेषताएँ वर्गीकरण

शिक्षण सूत्र क्या है? विभिन्न प्रकार के 11 शिक्षण

शिक्षण सूत्र क्या है? विभिन्न प्रकार के 11 शिक्षण

शिक्षण सूत्र में अच्छा शिक्षक सदैव अपने ज्ञान तथा अनुभवों की व्याख्या छात्रों के मस्तिष्क तक पहुँचाने में सफल होता है। छात्रों को उनकी रुचि एवं जिज्ञासा के अनुकूल, विषय-वस्तु का ज्ञान प्रदान करना, ज्ञान को स्पष्ट रूप से समझाना तथा ऐसी कक्षा-परिस्थितियाँ एवं कक्षा वातावरण तैयार करना, जिसमें छात्र अधिकतम अधिगम क्रियायें तथा अधिगम … पढ़ना जारी रखें शिक्षण सूत्र क्या है? विभिन्न प्रकार के 11 शिक्षण

शिक्षण के सिद्धान्त व 13 शिक्षण के मनोवैज्ञानिक सिद्धान्त

शिक्षण के सिद्धान्त व 13 शिक्षण के मनोवैज्ञानिक सिद्धान्त

शिक्षण के सिद्धान्त, शिक्षण को प्रभावशाली बनाने के लिये अनेक दार्शनिकों, शिक्षा विशेषज्ञों तथा समाजशास्त्रियों ने अनेक शोध तथा प्रयोग एवं गहन चिन्तन किया है जिसके फलस्वरूप शिक्षण के क्षेत्र में अनेक शोध एवं प्रयोग सम्पन्न किये गये। शिक्षण के क्षेत्र में हुए इन शोध, प्रयोग तथा सामान्य परम्पराओं के फलस्वरूप शिक्षण के सामान्य सिद्धान्त … पढ़ना जारी रखें शिक्षण के सिद्धान्त व 13 शिक्षण के मनोवैज्ञानिक सिद्धान्त

चिंतन स्तर शिक्षण के 11 गुण 5 दोष व सुझाव

चिंतन स्तर शिक्षण के 11 गुण 5 दोष व सुझाव

चिंतन स्तर शिक्षण, शिक्षण का उच्चतम स्तर माना जाता है। यह शिक्षण स्तर, स्मृति तथा बोध स्तरों की अपेक्षा सर्वाधिक विचार युक्त माना जाता है। इस स्तर के शिक्षण में शिक्षण सम्बन्धी सभी कार्य उच्च मानसिक स्तर पर किये जाते हैं। छात्रों की मानसिक शक्तियों तथा बौद्धिकता को अपनी चरम सीमा तक पहुँचाने का कार्य … पढ़ना जारी रखें चिंतन स्तर शिक्षण के 11 गुण 5 दोष व सुझाव

बोध स्तर शिक्षण के 7 गुण 5 दोष व 11 सुझाव

बोध स्तर शिक्षण के 7 गुण 5 दोष व 11 सुझाव

बोध स्तर शिक्षण स्मृति स्तर के शिक्षण की तुलना में अधिक विचार युक्त माना जाता है इसलिये मानसिक शक्तियों एवं बौद्धिक क्षमताओं हेतु स्मृति स्तर की अपेक्षा उच्च स्तर की आवश्यकता होती है। बोध शब्द को शिक्षण के क्षेत्र में कई अलग-अलग अर्थों में प्रयुक्त किया जाता है. कुछ प्रमुख अर्थ इस प्रकार से हैं- … पढ़ना जारी रखें बोध स्तर शिक्षण के 7 गुण 5 दोष व 11 सुझाव

स्मृति स्तर शिक्षण के गुण 6 दोष व 8 सुझाव

स्मृति स्तर शिक्षण के गुण 6 दोष व 8 सुझाव

स्मृति स्तर शिक्षण की क्रियायें इस प्रकार की परिस्थितियों की रचना करती हैं जिससे छात्र पढ़ी हुई पाठ्य वस्तु को कण्ठस्थ कर सकें या रट सकें। विषय-वस्तु जितनी सार्थक होती है रटना उतना ही आसान होता है। कण्ठस्थ करने का बुद्धि से कोई सीधा सम्बन्ध नहीं पाया जाता है अतः स्मृति स्तर शिक्षण के परिणामों … पढ़ना जारी रखें स्मृति स्तर शिक्षण के गुण 6 दोष व 8 सुझाव

शिक्षण के स्तर – 1. स्मृति स्तर 2. बोध स्तर 3. चिंतन स्तर

शिक्षण के स्तर – 1. स्मृति स्तर 2. बोध स्तर 3. चिंतन स्तर

शिक्षण के स्तर - शिक्षण एक सदैव चलने वाली उद्देश्यपूर्ण प्रक्रिया है। औपचारिक रूप से शिक्षण प्राथमिक से लेकर उच्चस्तरीय शिक्षा तक चलता रहता है। शिक्षण का प्रारम्भ अर्थहीन से लेकर गहन अर्थ तक चलता रहता है। शिक्षण कक्षा में विभिन्न कार्यों को करने की एक व्यवस्था है जिसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को सीखते रहने … पढ़ना जारी रखें शिक्षण के स्तर – 1. स्मृति स्तर 2. बोध स्तर 3. चिंतन स्तर

शिक्षण अर्थ विशेषताएँ प्रकृति व स्वरूप

शिक्षण अर्थ विशेषताएँ प्रकृति व स्वरूप

शिक्षण कार्यों के विषय में ज्ञान प्राप्त करने से पूर्व शिक्षण का अर्थ समझना अधिक युक्तिपूर्ण होगा। शिक्षण अंग्रेजी के शब्द Teaching का हिन्दी पर्याय है। शिक्षण एक सामाजिक प्रक्रिया है। अतः इस पर प्रत्येक देश की शासन-प्रणाली सामाजिक दर्शन, सामाजिक परिस्थितियों तथा मूल्यों आदि का प्रभाव पड़ता है। जिस देश में जैसी शासन प्रणाली … पढ़ना जारी रखें शिक्षण अर्थ विशेषताएँ प्रकृति व स्वरूप

ई लर्निंग विशेषताएँ उपकरण प्रकार शैली उपयोगिता व सीमाएँ

ई लर्निंग विशेषताएँ उपकरण प्रकार शैली उपयोगिता व सीमाएँ

ई लर्निंग इलेक्ट्रॉनिक लर्निंग का संक्षिप्त रूप है। इसका शाब्दिक अर्थ ऐसे अधिगम या सीखने से है जिसमें इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, माध्यमों या संसाधनों की सहायता से सम्पादित किया जाता है। ई लर्निंग में सभी प्रकार के आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक साधनों जैसे- सीडी रोम, डी.वी.डी. टेलीकॉन्फ्रेंसिंग, इंटरनेट, ऑन लाइन लर्निंग, वेबसाइट पर उपलब्ध पाठ्यपुस्तक, सहायक पाठ्य सामग्री … पढ़ना जारी रखें ई लर्निंग विशेषताएँ उपकरण प्रकार शैली उपयोगिता व सीमाएँ

कम्प्यूटर सहाय अनुदेशन मान्यताए, टेक्नॉलाजी व 8 प्रकार

कम्प्यूटर सहाय अनुदेशन मान्यताए, टेक्नॉलाजी व 8 प्रकार

कम्प्यूटर सहाय अनुदेशन - आज के वर्तमान समय में कम्प्यूटर को विज्ञान और तकनीकी द्वारा मानव जाति को दिया जाने वाला सबसे अमूल्य उपहार कहा जा है। इसने हमारे जीवन के सभी क्षेत्रों में एक अद्भुत सा चमत्कार ला दिया है। आज हमारे जीवन की लगभग सभी क्रियाएँ कम्प्यूटर से जुड़ी हुई है। कम्प्यूटरों की … पढ़ना जारी रखें कम्प्यूटर सहाय अनुदेशन मान्यताए, टेक्नॉलाजी व 8 प्रकार

शैक्षिक तकनीकी के रूप – शिक्षण, व्यवहार, अनुदेशन तकनीकी

शैक्षिक तकनीकी के रूप – शिक्षण, व्यवहार, अनुदेशन तकनीकी

शैक्षिक तकनीकी के रूप - शैक्षिक तकनीकी के चार रूप निम्न है। वैज्ञानिक आविष्कारों तथा तकनीकियों के विकास ने मानव जीवन के सभी पक्षों को प्रभावित किया है। उद्योग, वाणिज्य, सुरक्षा तथा प्रशासन आदि में यन्त्रीकरण बड़ी तेजी से हुआ है। शिक्षा प्रक्रिया भी इनसे अछूती नहीं रही है और इसने शिक्षा के सभी पक्षों … पढ़ना जारी रखें शैक्षिक तकनीकी के रूप – शिक्षण, व्यवहार, अनुदेशन तकनीकी

शैक्षिक तकनीकी के उपागम – कठोर, कोमल, प्रणाली उपागम

शैक्षिक तकनीकी के उपागम – कठोर, कोमल, प्रणाली उपागम

शैक्षिक तकनीकी के उपागम - शैक्षिक तकनीकी के कुल तीन उपागम यहाँ बताए गए हैं। कठोर उपागम, कोमल उपागम तथा प्रणाली उपागम। शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को सहज, सरल, सक्षम तथा प्रभावशाली बनाने के लिए वैज्ञानिक, तकनीकी, मनोवैज्ञानिक सिद्धान्तों तथा विधियों का उचित प्रयोग शिक्षा तकनीकी कहलाता है। जैसे-जैसे नवीनतम खोजें तथा अन्वेषण सामने आते हैं, शैक्षिक … पढ़ना जारी रखें शैक्षिक तकनीकी के उपागम – कठोर, कोमल, प्रणाली उपागम

शैक्षिक तकनीकी परिभाषा विशेषताएं महत्व विकास कार्य उद्देश्य

शैक्षिक तकनीकी परिभाषा विशेषताएं महत्व विकास कार्य उद्देश्य

शैक्षिक तकनीकी का अर्थ समझने से पूर्व हमें शिक्षा एवं तकनीकी का अर्थ समझने से पूर्व हमें शिक्षा एवं तकनीकी का अर्थ समझ लेना चाहिए। तकनीकी से सम्बन्धित एक अन्य शब्द विज्ञान भी है जिसका अर्थ समझना आवश्यक है। शिक्षा ज्ञान प्राप्त करने की प्रक्रिया को कहते हैं। शाब्दिक अर्थों में शिक्षा का अर्थ "बालक … पढ़ना जारी रखें शैक्षिक तकनीकी परिभाषा विशेषताएं महत्व विकास कार्य उद्देश्य

कंप्यूटर सहायक अनुदेशन विशेषताएं प्रक्रिया कार्य 8 सीमाएं

कंप्यूटर सहायक अनुदेशन विशेषताएं प्रक्रिया कार्य 8 सीमाएं

कंप्यूटर सहायक अनुदेशन - विभिन्न शिक्षण यन्त्रों एवं कम्प्यूटर जैसे विकसित यन्त्रों ने विकास के क्षेत्र में अपना योगदान देकर आश्चर्यजनक परिणाम सामने रखे हैं। मुख्य रूप से प्रौद्योगिकी अथवा तकनीकी के विकास ने इस दिशा में अपना प्रमुख योगदान दिया है। विश्व के समस्त क्षेत्रों को तकनीकी ने प्रभावित किया है। शिक्षा के क्षेत्र … पढ़ना जारी रखें कंप्यूटर सहायक अनुदेशन विशेषताएं प्रक्रिया कार्य 8 सीमाएं

व्यवहार तकनीकी परिभाषाएं मान्यताएं 9 विशेषताएं विषय वस्तु

व्यवहार तकनीकी परिभाषाएं मान्यताएं 9 विशेषताएं विषय वस्तु

व्यवहार तकनीकी दो शब्दों से मिलकर बना है व्यवहार और तकनीकी। व्यवहार व्यक्ति की गति को कहा जाता है स्किनर के अनुसार, व्यवहार मानव की गति या किसी सन्दर्भ संरचना में उसका अंश है जिसे व्यक्ति बाह्य उद्देश्यों या शक्ति क्षेत्रों से प्राप्त करता है। व्यवहार तकनीकी व्यवहार तकनीकी वह विज्ञान है जो शिक्षा के … पढ़ना जारी रखें व्यवहार तकनीकी परिभाषाएं मान्यताएं 9 विशेषताएं विषय वस्तु

अनुदेशन तकनीकी परिभाषाएं 9 अवधारणाएं

अनुदेशन तकनीकी परिभाषाएं 9 अवधारणाएं

अनुदेशन तकनीकी को निर्देशन तकनीकी भी कहते हैं। अनुदेशन का अर्थ उन क्रियाओं से होता है जो अधिगम में सुविधायें प्रदान करती हैं। इसमें शिक्षक और छात्र के मध्य अन्तःक्रिया आवश्यक नहीं होती। साधारणतया शिक्षण और अनुदेशन में कोई अन्तर नहीं किया जाता है। अनुदेशन और शिक्षण दोनों में छात्रों को सीखने की प्रेरणा दी … पढ़ना जारी रखें अनुदेशन तकनीकी परिभाषाएं 9 अवधारणाएं