शिक्षा शास्त्र

शिक्षा के दार्शनिक परिप्रेक्ष्य

    शिक्षा के सामाजिक परिप्रेक्ष्य

      शिक्षा के मनोवैज्ञानिक परिप्रेक्ष्य

        शैक्षिक नेतृत्व एवं प्रबंधन

          शैक्षिक निर्देशन एवं परामर्श

            पाठ्यक्रम विकास एवं आकलन

              भारतीय शिक्षा प्रणाली का विकास

                पुस्तकालय

                बेसिक शिक्षा 1937 सिद्धांत विशेषताएँ पाठ्यक्रम उद्देश्य

                बेसिक शिक्षा मूल रूप से व्यावहारिक होती है तथा बालक एक साथ कई विषयों का ज्ञान प्राप्त कर लेता है। बेसिक शिक्षा क्रियाओं तथा अनुभवों पर आधारित है इसीलिए इसका ज्ञान थोड़े से समय में ही हो जाता है। बालकों की शिक्षण व्यवस्था निम्न प्रकार होती है- बेसिक शिक्षा के मूल सिद्धांत बेसिक शिक्षा के […]

                दोषयुक्त परीक्षा प्रणाली

                शैक्षिक स्तर गिरने के कारण – 10 Reasons of Declining Education

                शैक्षिक स्तर गिरने के कारण – स्वतंत्रता के बाद से यही कहा जा रहा है कि देश में शिक्षा का स्तर गिर रहा है। इस बीच देश में शिक्षा के संबंध में जितने भी आयोग का गठन (विश्वविद्यालय आयोग, माध्यमिक शिक्षा आयोग, राष्ट्रीय शिक्षा आयोग) किया गया। सभी ने शिक्षा के स्तर गिरने की बात […]

                पर्यवेक्षण अर्थ परिभाषा उद्देश्य क्षेत्र

                आधुनिक युग में निरीक्षण संबंधी नवीन धारणा को प्रयोग करने के लिए पर्यवेक्षण नामक शब्द का प्रयोग किया गया। पर्यवेक्षण अंग्रेजी शब्द Supervision का हिंदी रूपांतरण है। यह दो शब्द Super और Vision का सन्धि है, जिसका अर्थ होता है क्रमश: ‘उच्च और दृष्टि’। किस प्रकार व उच्च बुद्धि है जो विद्यालय को गति प्रदान […]

                भारतीय समाज में धर्म की भूमिका, व्यक्तित्व

                व्यक्तित्व अर्थ परिभाषा प्रकार 3 Important मूल्यांकन विधियाँ

                व्यक्तित्व को व्यक्ति के संपूर्ण व्यवहार का दर्पण कहा जाता है। यह व्यक्ति के समूचे व्यवहार को प्रभावित करता है। व्यक्तित्व व्यक्ति के सामाजिक, शारीरिक, मानसिक तथा संवेगात्मक संरचना का योग है जो इच्छाओं, रुचियों, आदर्शों व्यवहारों, तौर-तरीकों, ढंगो, आदतों, स्वभावों तथा लक्षणों के रूप में प्रकट किया जाता है। वर्तमान शिक्षा का मुख्य उद्देश्य […]

                बौद्ध दर्शन

                बौद्ध दर्शन – मूल सिद्धांत आर्य सत्य अष्टांग मार्ग

                बौद्ध दर्शन में शिक्षा को एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया माना गया है। शिक्षा ही मनुष्य को अलौकिक रूप एवं परमार्थिक जीवन के योग्य बनाती है। बौद्ध मत के अनुसार वास्तविक शिक्षा वह है जो मनुष्य के दुखों से मुक्ति दिलाकर निर्वाण की प्राप्ति कराए। व्यक्ति के समस्त दुखों का कारण अज्ञान है और इस अज्ञान को […]

                मूल्यांकन के प्रकार, शिक्षण उद्देश्य

                शिक्षण उद्देश्य अर्थ परिभाषा प्रकार आवश्यकता

                शिक्षण उद्देश्य – सामान्य उद्देश्य को संक्षेप में लक्ष्य कहा जाता है। लक्ष्य आदर्श होते हैं, जिनका क्षेत्र असीमित होता है तथा जिनको पूर्ण रूप से प्राप्त करना प्रायः असंभव होता है। इसकी प्राप्ति के लिए संपूर्ण स्कूल, समाज तथा राष्ट्र उत्तरदाई होता है। मानव जीवन संपूर्ण प्राणी जगत के मध्य ईश्वर की एक अनुपम […]

                बाल मनोविज्ञान परिभाषा, व्यवहार तकनीकी

                बाल विकास के सिद्धांत – Principles of Child Development

                बाल विकास के सिद्धांत – जब बालक विकास की एक अवस्था से दूसरे में प्रवेश करता है तब हम उस में कुछ परिवर्तन देखते हैं। अध्ययनों ने सिद्ध कर दिया है कि यह परिवर्तन निश्चित सिद्धांतों के अनुसार होते हैं। इन्हीं को बाल विकास का सिद्धांत कहा जाता है। बाल विकास के सिद्धांत बाल विकास […]

                अभिवृत्ति

                अभिवृत्ति अर्थ परिभाषा 11 विशेषताएं मापन

                अभिवृत्ति व्यक्ति के मनोभावों तथा विश्वासों को इंगित करती है। यह बताती है कि व्यक्ति क्या महसूस करता है? तथा उसके पूर्व विश्वास किया है। अभिवृत्ति से अभिप्राय व्यक्ति के उस दृष्टिकोण से होता है जिसके कारण वह किन्ही वस्तुओं, व्यक्तियों, संस्थाओं, परिस्थितियों, योजनाओं आदि के प्रति किसी विशेष प्रकार का व्यवहार करता है। दूसरे […]

                अधिगम, मंदबुद्धि बालक, मुदालियर आयोग

                अधिगम अर्थ परिभाषा प्रकृति अधिगम स्थानांतरण

                अधिगम विकास का आधार है। ज्ञान प्राप्त करके व्यक्ति अनेक अनुभवों से परिचित होता है। इन अनुभवों के द्वारा उसके विचारों, संवेगो, कार्यों आदि में किसी न किसी प्रकार का परिवर्तन अवश्य होता है। यह परिवर्तन ही व्यक्ति के विकास की प्रक्रिया को संचालित करता है। व्यक्ति के विकास को दिशा एवं गति देने वाले […]

                Caste system and Social Reform, दलित समस्या समाधान, घरेलू हिंसा

                दूरस्थ शिक्षा की आवश्यकता

                दूरस्थ शिक्षा की आवश्यकता समझना बहुत ही आवश्यक है। दूरस्थ शिक्षा क्यों जरूरी है? दूरस्थ शिक्षा नि:संदेह बीसवीं सदी की देन है, परंतु इसकी आवश्यकता 21वीं सदी में ज्यादा महसूस की जा रही है। आधुनिक युग में दूरस्थ शिक्षा की आवश्यकता बढ़ने के महत्वपूर्ण कारण निम्न है- 1. जनसंख्या विस्फोट 1947 में जब भारत आजाद […]

                संप्रेषण अर्थ आवश्यकता महत्व

                संप्रेषण प्रबंध प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण घटक है, यह वह माध्यम है जिसके द्वारा व्यक्ति से व्यक्ति, व्यक्तियों और समूहों को संभोग संप्रेषित किया जाते हैं। विचारों की अभिव्यक्ति या व्यक्तियों के प्रश्नों के उत्तर भी संप्रेषण या संचार माध्यम से दिए जाते हैं। संप्रेषण व्यवस्था का आशय सूचना या संदेश भेजने की व्यवस्था मात्र […]

                प्रधानाचार्य के कर्तव्य

                प्रधानाचार्य के कर्तव्य का तात्पर्य एक विद्यालय को आदर्श विद्यालय कैसे बनाया जाए, उसका प्रबंधन विख्यात कैसे किया जाए। प्रधानाचार्य के कुछ मुख्य कर्तव्य होते हैं जिनके द्वारा वह प्रबंधन प्रक्रिया को निखारने का प्रयास करता है। प्रधानाचार्य के कर्तव्य प्रधानाचार्य के कर्तव्य निम्नलिखित हैं- प्रधानाचार्य के प्रशासन संबंधी कर्तव्य विद्यालय के कार्यालय सम्बन्धी कर्तव्य […]

                पाठ्यक्रम अर्थ परिभाषा आवश्यकता महत्व

                पाठ्यक्रम – शिक्षा एक व्यापक एवं गतिशील प्रक्रिया है। यह मानव विकास की आधारशिला है। यह एक जीवन पर्यंत चलने वाली प्रक्रिया है, जिसके द्वारा व्यक्ति के व्यवहार में लगातार परिवर्तन होता रहता है। शिक्षा प्रकाश का वह स्रोत है जिससे जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में हमारा सच्चा पथ प्रदर्शन होता रहता है। इसे मनुष्य […]

                मूल्यांकन, मूल्यांकन के प्रकार, अभिक्रमित शिक्षण

                दर्शन शिक्षा संबंध

                दर्शन शिक्षा संबंध – दर्शन शब्द का अंग्रेजी रूपांतरण Philosophy शब्द दो यूनानी शब्दों Philos और Sofia से मिलकर बना है। जिसमें Philos का अर्थ है Love तथा Sofia का अर्थ है of Wisdom। इसप्रकार Philosophy का शाब्दिक अर्थ है ‘Love of Wisdom‘ (ज्ञान से प्रेम)। इस प्रकार दर्शन का शाब्दिक अर्थ विद्यानुराग या ज्ञान […]

                संस्कृति अर्थ महत्व

                संस्कृत शब्द का जन्म संस्कार शब्द से हुआ है जो संस्कार व्यक्ति को संस्कृत बनाते हैं उसे संस्कृति नाम से संबोधित किया जाता है। भारतीय संविधान के अंतर्गत संस्कारों का बहुत महत्व है। गर्भाधान से लेकर मानव के पुनर्जन्म तक विवेक संस्कार किए जाते हैं, जिससे मानव सुसंस्कृत बनता है। जन्म होने पर नामकरण संस्कार, […]

                प्रगतिशील शिक्षा – 4 Top Objective

                जॉन डीवी का प्रगतिशील शिक्षा की अवधारणा के विकास में विशेष योगदान रहा है। जॉन डीवी संयुक्त राज्य अमेरिका के एक मनोवैज्ञानिक थे। इस शिक्षा की अवधारणा इस प्रकार है – शिक्षा का एकमात्र उद्देश्य बालक की शक्तियों का विकास है। बालक को प्रत्यक्ष रूप से उपदेश ना देकर उसे सामाजिक परिवेश दिया जाना चाहिए […]

                कक्षा 12 लेखकों का जीवन परिचय, CSJMU BEd Semester IV Syllabus

                CSJMU BEd Semester IV Syllabus

                CSJMU BEd Semester IV Syllabus के तीन महत्वपूर्ण प्रश्न पत्र इस प्रकार हैं। जिनके नाम डेवलपमेंट ऑफ एजुकेशन सिस्टम इन इंडिया, करंट प्रॉब्लम ऑफ एजुकेशन इन इंडिया, प्रोसेस ऑफ़ करिकुलम डेवलपमेंट है। प्रत्येक प्रश्न पत्र का विस्तार पूर्वक सिलेबस नीचे दिया गया है। साथ ही साथ प्रश्न पत्र से संबंधित महत्वपूर्ण टॉपिक भी डिस्कस किए […]

                ब्रज भाषा साहित्य

                सामाजिक अध्ययन पाठ्यक्रम निर्माण के सिद्धांत

                सामाजिक अध्ययन पाठ्यक्रम निर्माण के सिद्धांत – पाठ्यक्रम, शैक्षिक उद्देश्यों की प्राप्ति का साधन होता है अर्थात् शैक्षिक क्रियाकलापों की पूर्णतया यों कहें कि शिक्षा प्रक्रिया को लक्ष्य तक पहुँचाने का मात्र एक साधन। पाठ्यक्रम के स्वरूप में शिथिलता या कोई भी दोष अधिगमकर्त्ता की निष्क्रियता को जन्म दे सकता है, जिससे शिक्षा के स्वरूप […]

                Environment education, विश्वविद्यालय स्तर पर पर्यावरण शिक्षा

                पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 – उद्देश्य महत्व दोष

                पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 – यह अधिनियम पर्यावरण संरक्षण तथा उन्नयन एवं इससे सम्बन्धित तथ्यों का संरक्षण करता है। जून, 1972 में स्टाकहोम में मानवीय पर्यावरण को लेकर संयुक्त राष्ट्र संघ ने जो निर्णय लिये थे, उनमें भारत ने भी हिस्सा लिया एवं आश्वस्त किया कि मानवीय पर्यावरण के संरक्षण एवं सुधार के लिए यथासम्भव […]

                VBSPU BEd Syllabus

                शैक्षिक तकनीकी के उपागम – कठोर, कोमल, प्रणाली उपागम

                शैक्षिक तकनीकी के उपागम – शैक्षिक तकनीकी के कुल तीन उपागम यहाँ बताए गए हैं। कठोर उपागम, कोमल उपागम तथा प्रणाली उपागम। शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को सहज, सरल, सक्षम तथा प्रभावशाली बनाने के लिए वैज्ञानिक, तकनीकी, मनोवैज्ञानिक सिद्धान्तों तथा विधियों का उचित प्रयोग शिक्षा तकनीकी कहलाता है। जैसे-जैसे नवीनतम खोजें तथा अन्वेषण सामने आते हैं, शैक्षिक […]

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