हिन्दी भाषा का विकास

हिन्दी भाषा का विकास आरंभ में बहुत ही धीमी गति से हुआ। विश्व में लगभग 3000 से अधिक भाषाएं बोली जाती हैं। हिन्दी उनमें से एक है। हिंदी, भारोपीय शाखा के भारतीय ईरानी शाखा के भारतीय आर्य उपशाखा की एक भाषा है। हिंदी भाषा की उत्पत्ति, विकास, उपभाषा और बोलियों के बारे में संक्षिप्त जानकारी […]

हिंदी भाषा का विकास

कक्षा 10 लेखकों का जीवन परिचय

कक्षा 10 लेखकों का जीवन परिचय UP Board परीक्षा में 3-3 अंक का पूछा जाता है। किताब में कुल 7 गद्य के लेखक हैं। इन सात में से कोई 3 परीक्षा प्रश्न पत्र में लिखे होंगे जिनमें से किसी एक का जीवन परिचय आपको लिखना होगा। लेखक का जीवन परिचय केवल जीवन परिचय तक ही […]

सूक्ष्म शिक्षण, शिक्षण तकनीकी

शिक्षण कौशल परिभाषा विशेषताएं व 14 शिक्षण कौशल

शिक्षण कौशल – शिक्षण की प्रक्रिया में शिक्षक एक मदारी की भाँति क्रियाकलाप कर अपने पाठ को अधिगम कराने का प्रयास करता है साथ ही अपनी कला के कलात्मक पक्ष के निरन्तर विकास हेतु विभिन्न क्रियाओं अर्थात् शिक्षण कौशलों में सुधार हेतु प्रयास करता है। प्रभावशाली शिक्षण का विकास तभी होता है जब शिक्षण के […]

पितृसत्ता

पितृसत्ता अर्थ परिभाषा तथा पितृसत्ता के कारण एवं परिणाम

पितृसत्ता – सामान्य शब्दों में कहा जा सकता है कि जब किसी समाज की संरचना में सत्ता का केन्द्र पुरुषों की प्रस्थिति होती है, तब इस दशा को हम पितृसत्ता कहते हैं। वास्तव में पितृसत्ता एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें परम्परा और व्यवहार के नियमों द्वारा स्त्रियों की तुलना में पुरुषों की शक्ति, अधिकारों और […]

स्मृति स्तर शिक्षण

स्मृति स्तर शिक्षण के गुण 6 दोष व 8 सुझाव

स्मृति स्तर शिक्षण की क्रियायें इस प्रकार की परिस्थितियों की रचना करती हैं जिससे छात्र पढ़ी हुई पाठ्य वस्तु को कण्ठस्थ कर सकें या रट सकें। विषय-वस्तु जितनी सार्थक होती है रटना उतना ही आसान होता है। कण्ठस्थ करने का बुद्धि से कोई सीधा सम्बन्ध नहीं पाया जाता है अतः स्मृति स्तर शिक्षण के परिणामों […]

घरेलू हिंसा

घरेलू हिंसा, भारतीय समाज में अनेक प्रकार की समस्याएं पाई जाती हैं, जिनका समाधान करने के लिए परिवार का प्रत्येक सदस्य प्रयत्नशील रहता है। कभी-कभी पारिवारिक समस्याएं इतना विकराल रूप धारण कर लेती हैं कि परिवार के सदस्यों द्वारा उनका समाधान कर पाना असंभव हो जाता है। इस स्थिति में परिवार के सदस्य हिंसा का […]

शिक्षण

बोध स्तर शिक्षण के 7 गुण 5 दोष व 11 सुझाव

बोध स्तर शिक्षण स्मृति स्तर के शिक्षण की तुलना में अधिक विचार युक्त माना जाता है इसलिये मानसिक शक्तियों एवं बौद्धिक क्षमताओं हेतु स्मृति स्तर की अपेक्षा उच्च स्तर की आवश्यकता होती है। बोध शब्द को शिक्षण के क्षेत्र में कई अलग-अलग अर्थों में प्रयुक्त किया जाता है. कुछ प्रमुख अर्थ इस प्रकार से हैं- […]

मातृसत्ता

मातृसत्ता अर्थ परिभाषा व मातृसत्ता की 6 विशेषताएँ

मातृसत्ता शब्द का प्रयोग दो अर्थों में किया जाता है। इसका पहला अर्थ इस सामान्य धारणा से मिलता-जुलता है कि मातृसत्ता सामाजिक संगठन का एक विशेष रूप है जिसमें परिवार की मुखिया कोई स्त्री होती तथा वंशक्रम माता की ओर चलता है। मार्शल ने समाजशास्त्र के शब्दकोश में लिखा है कि मातृसत्ता का दूसरा अर्थ […]

पाठ्यपुस्तक विधि

चिंतन स्तर शिक्षण के 11 गुण 5 दोष व सुझाव

चिंतन स्तर शिक्षण, शिक्षण का उच्चतम स्तर माना जाता है। यह शिक्षण स्तर, स्मृति तथा बोध स्तरों की अपेक्षा सर्वाधिक विचार युक्त माना जाता है। इस स्तर के शिक्षण में शिक्षण सम्बन्धी सभी कार्य उच्च मानसिक स्तर पर किये जाते हैं। छात्रों की मानसिक शक्तियों तथा बौद्धिकता को अपनी चरम सीमा तक पहुँचाने का कार्य […]

चिंतन स्तर शिक्षण, विज्ञान शिक्षक

समावेशी शिक्षा का इतिहास भारतीय परिप्रेक्ष्य में

समावेशी शिक्षा का इतिहास – हमारे देश में लगभग 20% बच्चे ऐसे हैं, जो किसी-न-किसी रूप में मानसिक रूप से कमजोर हैं तथा लगभग इतने ही बच्चे ऐसे हैं, जो कि प्रतिभावान बालकों की श्रेणी में आते हैं। प्राचीन काल में इन बच्चों की शिक्षा पर अधिक ध्यान नहीं दिया जाता था। जैसे-जैसे शिक्षा के […]

छत्रपति शिवाजी टर्मिनस

छत्रपति शिवाजी टर्मिनस: मुंबई का एक महत्वपूर्ण रेलवे स्थल है। छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, जिसे पहले “विक्टोरिया टर्मिनस” के नाम से जाना जाता था, मुंबई मेट्रोपोलिटन इलेक्ट्रिक ट्रेन नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह महाराष्ट्र राज्य की राजधानी मुंबई में स्थित है और यहाँ से देश के विभिन्न हिस्सों की यातायात की जाती है। निर्माण […]

विद्यालय वार्षिकोत्सवः संस्कृत निबंध

विद्यालय वार्षिकोत्सवः संस्कृत निबंध

विद्यालय वार्षिकोत्सवः संस्कृत निबंध परीक्षा की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण निबंध है। विद्यालय वार्षिकोत्सवः संस्कृत निबंध वार्षिकोत्सवस्य महिमा उत्सवस्य प्रारंभ: शारीरिक प्रदर्शनम् सांस्कृतिक-कार्यक्रम: पुरस्कार वितरणाम् प्रतिवेदनम् च वार्षिकोत्सवस्य महिमा प्रायः सर्व विद्यालयेषु वार्षिकोत्सव: प्रतिवर्ष मान्यते। वार्षिकोत्सवे विद्यालयस्य गौरवं सर्वजनेभ्य: सम्मुख प्रतिवेदनं माध्यमेन प्रकटं भवति। कार्यक्रम द्वारा अपि विद्यालयस्य प्रभाव: वर्धते। पुरस्कारेण छात्रोंत्साहे वृद्धि: भवति। उत्सवस्य […]

भारत के वंश

भारत पर कई वंशों ने शासन किया। जिनमे से गुप्त वंश, हर्यक वंश, शिशुंनाग वंश, नंद वंश के बारे में संक्षेप में जानेंगे। किसी एक ही परिवार से एक के बाद एक शासन करने वाले व्यक्तियों को वंश कहते हैं। मध्यकालीन भारत में ऐसे ही अनेक बच्चों ने भारत पर राज किया। गुप्त वंश गुप्त […]

करवा चौथ व्रत पूजन विधि महत्व

करवा चौथ व्रत – भारतीय संस्कृति में जप, तप, व्रत का बहुत महत्त्व है। भारतीय संस्कृति में पुराण तथा धार्मिक ग्रंथ व्रतों के प्रसंग से भरे पड़े हैं। भारत में शायद ही कोई महीना व्रत और त्योहार के बिना बीतता हो, बल्कि यहाँ तो हर दिन यानी सोमवार, मंगलवार, वीरवार, शुक्रवार आदि को भी व्रत […]

साहित्य पुरस्कार

साहित्य पुरस्कार

साहित्य पुरस्कार का मतलब ऐसे पुरस्कार से है जो कि साहित्य के क्षेत्र में उन्नति को दर्शाता है। कुछ साहित्य पुरस्कार संविधान में वर्णित भाषा के अनुसार ही दिए जाते हैं जबकि कुछ पुरस्कार भारतीय संविधान में वर्णित भाषा के अतिरिक्त भी कई भाषाओं में दिए जाते हैं। जैसे साहित्य अकादमी पुरस्कार भारतीय संविधान की […]

वंश क्रम

वंश क्रम अर्थ परिभाषा विशेषताएँ वंश क्रम के कार्य

नातेदारी से एक बड़े और विस्तृत समूह का बोध होता है जिसके सदस्य पिता तथा माता पक्ष के अनेक पीढ़ियों से सम्बन्धित होते हैं। वास्तव में हममें से प्रत्येक व्यक्ति जन्म के एक विशेष परिवार का सदस्य अवश्य होता हैं चाहे हम उस परिवार में जीवन व्यतीत करें या न करें। साथ ही, हम अपने […]

हण्टर आयोग 1882, सैडलर आयोग, शैक्षिक प्रबन्धन कार्य, वेदान्त दर्शन

राष्ट्रीय पाठ्यक्रम 2005 के उद्देश्य

राष्ट्रीय पाठ्यक्रम 2005 – वर्तमान में कोई भी घटना, समस्या, प्रदूषण, प्राकृतिक आपदा, क्षेत्रीय, राष्ट्रीय ना रहकर अंतरराष्ट्रीय रूप धारण कर लेती है। जैसे आतंकवाद आणविक शक्ति का दुरुपयोग प्राकृतिक संसाधनों का अधिक दोहन, भूकंप इत्यादि। इसलिए पाठ्यक्रम ने भी विश्व स्तरीय रूप ले लिया है। विश्व के विद्वानों अर्थशास्त्रियों, मनोवैज्ञानिकों, वैज्ञानिकों, राजनीतिज्ञों और महापुरुषों, […]

गृहकार्य, सतत शिक्षा

सतत शिक्षा

सतत शिक्षा एक ऐसी व्यापक अवधारणा है जो सभी रूपों में चलने वाले शैक्षिक क्रियाकलापों को अंतर्निहित करती है। इसके अंतर्गत औपचारिक सहज तथा गैर औपचारिक सभी प्रकार की शैक्षिक प्रणालियां आ जाती हैं। सतत शिक्षा मूल्य शिक्षा को जीवन और जीवन को शिक्षा समझने वाली अवधारणा है। व्यापक अर्थ में सतत शिक्षा यह जीवन […]

पर्यावरण अज्ञानता

पर्यावरण संबंधी कानून

पर्यावरण संबंधी कानून पर्यावरण प्रबन्धन का एक महत्त्वपूर्ण पक्ष है। कानून के माध्यम से पर्यावरण की रक्षा करना अथवा पर्यावरण को हानि पहुँचाने पर सजा का प्रावधान करना। पर्यावरण संबंधी कानून की आवश्यकता इसलिए अधिक होती है कि जब व्यावसायिकता के आधार पर संसाधनों का शोषण होता है, अथवा अधिकतम लाभ प्राप्ति हेतु उद्योगों की […]

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समाजशास्त्र एवं समाजिक विज्ञान

समाजशास्त्र एवं समाजिक विज्ञान में क्या सम्बन्ध है? – समाजशास्त्र की प्रकृति को समझने के लिए यह जानना बहुत आवश्यक है कि दूसरे सामाजिक विज्ञानों की तुलना में समाजशास्त्र का स्थान क्या है? यह सच है कि समाजशास्त्र सम्पूर्ण समाज का एक सामान्य अध्ययन है, लेकिन इसका तात्पर्य यह नहीं है कि समाजशास्त्र को ही […]

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