श्रेणी: व्रत

करवा चौथ व्रत पूजन विधि महत्व

करवा चौथ व्रत पूजन विधि महत्व

करवा चौथ व्रत - भारतीय संस्कृति में जप, तप, व्रत का बहुत महत्त्व है। भारतीय संस्कृति में पुराण तथा धार्मिक ग्रंथ व्रतों के प्रसंग से भरे पड़े हैं। भारत में शायद ही कोई महीना व्रत और त्योहार के बिना बीतता हो, बल्कि यहाँ तो हर दिन यानी सोमवार, मंगलवार, वीरवार, शुक्रवार आदि को भी व्रत … पढ़ना जारी रखें करवा चौथ व्रत पूजन विधि महत्व

छठ पूजा पूजन विधि वैज्ञानिक महत्व

छठ पूजा पूजन विधि वैज्ञानिक महत्व

छठ पूजा केवल एक पर्व नहीं है, बल्कि इसे महापर्व का दर्जा प्राप्त है। इस पर्व के साथ करोड़ों हिंदुओं की आस्था जुड़ी हुई है और हो भी क्यों न, भगवान् सूर्य की उपासना से जुड़े इस महापर्व की महिमा ही ऐसी है। दीपावली के ठीक छह दिन बाद मनाए जानेवाले पर्व छठ का भारतीय … पढ़ना जारी रखें छठ पूजा पूजन विधि वैज्ञानिक महत्व

रोजा रमजान के नियम 9 सावधानियां

रोजा रमजान के नियम 9 सावधानियां

इसलामी कैलेंडर का नौवाँ महीना रोजा रमजान का महीना होता है। यह एक पवित्र महीना होता है, जिसमें तीसों दिन मुसलमान धर्मावलंबी व्रत रखते हैं, जिन्हें रोजे के नाम से जाना जाता है। इसलाम धर्म के आरंभ से ही मुसलमानों के लिए रोजे आध्यात्मिक, मानसिक व आत्मिक शोधन के आवश्यक कर्तव्य के रूप में तय … पढ़ना जारी रखें रोजा रमजान के नियम 9 सावधानियां

निर्जला एकादशी व्रत नियम संदेश महत्व

निर्जला एकादशी व्रत - ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी निर्जला एकादशी कहलाती है। अन्य माह की एकादशियों में फलाहार किया जाता है, परंतु इसमें जल तक ग्रहण नहीं किया जाता। एक ओर ज्येष्ठ की भीषण गरमी और दूसरी ओर साधक द्वारा निर्जल व्रत रखना। पूरा एक दिन बिना पानी के रहना भारतीय उपासना … पढ़ना जारी रखें निर्जला एकादशी व्रत नियम संदेश महत्व

सत्यनारायण व्रत कथा पूजन विधि

सत्यनारायण व्रत कथा पूजन विधि

सत्यनारायण व्रत की कथा में ऐसे उन सभी व्यक्तियों की कथाएँ संगृहीत की गई हैं, जिन्होंने अपने कार्य-व्यवहार में सत्य को समाविष्ट करने का व्रत धारण किया था। फिर चाहे वे समाज के किसी भी वर्ग से थे। यहाँ काशीपुर में रहनेवाला दरिद्र ब्रण है तो उल्कामुख एवं तुंगध्वज जैसे राजा भी हैं। इसी प्रकार … पढ़ना जारी रखें सत्यनारायण व्रत कथा पूजन विधि

साईं बाबा व्रत कथा उद्यापन विधि आरती

साईं बाबा व्रत कथा उद्यापन विधि आरती

साईं बाबा व्रत कोई भी व्यक्ति कर सकता है। इस व्रत को करने के नियम भी अत्यंत साधारण हैं। साईं बाबा अपने भक्तों की हर इच्छा पूरी करते हैं। उनकी कृपा से सभी की मनोकामनाएँ पूरी होती हैं। माँगने से पहले ही वे सबकुछ देते हैं। उनके स्मरण मात्र से जीवन में आ रही बाधाओं … पढ़ना जारी रखें साईं बाबा व्रत कथा उद्यापन विधि आरती

रामनवमी व्रत पूजन विधि महत्व

रामनवमी व्रत पूजन विधि महत्व

चेत्र शुक्ल नवमी को रामनवमी व्रत होता है। यह व्रत मध्याह्न व्यापिनी दशमी विधि को करना चाहिए। 'अगस्त्य संहिता' में कहा गया है कि चैत्र शुक्ल नवमी पुनर्वसु नक्षत्र से संयुक्त हो तो महान् पुण्यदायी होती है। चैत्र मास शुक्ल पक्ष की नवमी को भगवान् श्रीराम का अवतार हुआ। अतः जो व्यक्ति रामनवमी का व्रत … पढ़ना जारी रखें रामनवमी व्रत पूजन विधि महत्व

गणेश चतुर्थी व्रत पूजन विधि

गणेश चतुर्थी व्रत पूजन विधि

गणेश चतुर्थी व्रत - वैसे तो साल भर में पड़नेवाली किसी भी चतुर्थी को गणपतिजी का पूजन और उपासना करने से घर में संपन्नता, समृद्धि, सौभाग्य और धन का समावेश होता है। मगर शास्त्रों में भादों माह की चतुर्थी का विशेष महत्त्व बताया गया है; क्योंकि इसी दिन भगवान् गणेश का जन्म हुआ था। गणेश … पढ़ना जारी रखें गणेश चतुर्थी व्रत पूजन विधि

जन्माष्टमी व्रत महत्व विधि क्या करें क्या ना करें?

जन्माष्टमी व्रत महत्व विधि क्या करें क्या ना करें?

जन्माष्टमी व्रत - जन्माष्टमी का पर्व हिंदुओं में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। भले ही इस पर्व को मनाने के तरीके हर संप्रदाय में थोड़े-थोड़े भिन्न हैं, पर भाव बिल्कुल एक ही है कि अपने बालरूप प्रभु का अंतर्मन से खूब लाड़ लड़ाना और आनंदित होना। बड़े मंदिरों में और जिनके घरों … पढ़ना जारी रखें जन्माष्टमी व्रत महत्व विधि क्या करें क्या ना करें?

शिवरात्रि व्रत पूजन विधि क्या है? क्या न करें उस दिन?

शिवरात्रि व्रत पूजन विधि क्या है? क्या न करें उस दिन?

शिवरात्रि का अर्थ वह रात्रि है, जिसका शिवतत्त्व के साथ घनिष्ठ संबंध है । भगवान् शिवजी की अतिप्रिय रात्रि को 'शिवरात्रि' कहा गया है। शिवार्चन एवं जागरण ही इस व्रत की विशेषता है। इसमें रात्रि भर जागरण एवं शिवाभिषेक का विधान है। श्री पार्वतीजी की जिज्ञासा पर भगवान् शिवजी ने बताया कि फाल्गुन कृष्णपक्ष की … पढ़ना जारी रखें शिवरात्रि व्रत पूजन विधि क्या है? क्या न करें उस दिन?

नवरात्र व्रत कथा महत्व 5 लाभ

नवरात्र व्रत कथा महत्व 5 लाभ

नवरात्र व्रत - किसी भी प्रकार की साधना के लिए शक्ति का होना जरूरी है और शक्ति की साधना का पथ अत्यंत गूढ़ और रहस्यपूर्ण है और नवरात्र कुछ और नहीं, शक्ति व साधना का ही पर्व है। हम नवरात्र में व्रत इसलिए करते हैं, ताकि अपने भीतर की शक्ति, संयम तथा नियम से सुरक्षित … पढ़ना जारी रखें नवरात्र व्रत कथा महत्व 5 लाभ

नवरात्र व्रत पूजन विधि 14 नियम

नवरात्र व्रत पूजन विधि 14 नियम

नवरात्र व्रत - यों तो अगर भक्त अपने भगवान् को किसी भी रूप में याद करता है या पूजता है तो भगवान् उसकी पुकार अवश्य सुनते हैं, बस भक्त के दिल में श्रद्धा का होना आवश्यक होता है; लेकिन जहाँ बात पूजा करने की आती है तो उसमें श्रद्धा और पवित्रता के साथ-साथ पूजा सही … पढ़ना जारी रखें नवरात्र व्रत पूजन विधि 14 नियम

किस देवता के व्रत से क्या लाभ है?

किस देवता के व्रत से क्या लाभ है?

व्रत एक साधना पथ है, इस पथ में कई प्रकार की बाधाएँ आती हैं, जैसे-अगर आप किसी व्रत का आरंभ करते हैं तो उस दिन आपको भूख-प्यास ज्यादा लगती है। किसी-न-किसी व्यक्ति से लड़ाई-झगड़ा हो जाता है, कभी आपका व्रत खंडित हो जाता है तो कभी कोई गलती हो जाती है। यह सब व्रत से … पढ़ना जारी रखें किस देवता के व्रत से क्या लाभ है?

कुंडली के अनुसार किस दिन कौन सा व्रत करें?

कुंडली के अनुसार किस दिन कौन सा व्रत करें?

आत्मा को दुर्गुणों और अनेक प्रकार के दोषों से बचाना व गुणों का शरीर में वास अर्थात् निवास, उपवास होता है। उपवास को ही व्रत कहा जाता है, जैसे-शराब आदि नशीली चीजों का सेवन करने से मनुष्य का शरीर उसके वश से बाहर हो जाता है, यानी वह नशे का गुलाम हो जाता है, उसी … पढ़ना जारी रखें कुंडली के अनुसार किस दिन कौन सा व्रत करें?

उपवास के उद्देश्य – क्या उपवास रखना चाहिए?

उपवास के उद्देश्य – क्या उपवास रखना चाहिए?

उपवास आध्यात्मिक व मानसिक आरोग्य प्रदान करता है। क्या हैं उपवास के फायदे तथा इसको करने का सही तरीका आदि को जानने के लिए पढ़ें यह लेख। 'उपवास' शब्द हर धर्म, हर जाति के लिए जाना-पहचाना है। स्वास्थ्य पर पड़नेवाले इसके जादुई प्रभाव ने इसे इक्कीसवीं सदी में भी उपयोगी बनाया हुआ है। न सिर्फ … पढ़ना जारी रखें उपवास के उद्देश्य – क्या उपवास रखना चाहिए?

उपवास अर्थ महत्व प्रकार लाभ

उपवास अर्थ महत्व प्रकार लाभ

उपवास शरीर शुद्धि का एकमात्र उपाय है। स्वास्थ्य और धर्म दोनों ही दृष्टि से उपवास का एक खास महत्त्व है। शरीर को स्वस्थ रखना भी एक बड़ा धर्म है। उपवास विषय-वासना से निवृत्ति का अचूक हथियार है। आयुर्वेद के प्रसिद्ध ग्रंथ 'चरक संहिता' से लेकर आज के विभिन्न चिकित्सकीय शोधों ने भी उपवास के अनेक … पढ़ना जारी रखें उपवास अर्थ महत्व प्रकार लाभ

व्रत उपवास के भेद

व्रत उपवास के भेद

वैदिक काल में व्रत आत्मिक उन्नति के साधन थे। उपनिषद् काल में यही स्थिति रही, किंतु पौराणिक युग में व्रत मनोकामना या मनोवांछित फल पाने का माध्यम बन गए और साथ-साथ कई कथाएँ भी इनमें जुड़ती गईं, जो पाप से विमुक्त कर पुण्य-प्राप्ति का मार्ग दिखाती थीं। कालांतर में ये कथाएँ व्रत में अभिन्न रूप … पढ़ना जारी रखें व्रत उपवास के भेद

व्रत के नियम

भारतीय संस्कृति में व्रत का आचरण समाज जीवन के सभी रूपों में रहा है। प्रत्येक व्रत के नियम में स्वयं को भौतिक कार्यों से तपाना महत्त्व रखता है। कितनी ही कठिनाई आए, सांसारिक बाधाएँ एवं संघर्ष आएँ, किंतु व्रत का दृढ़ता से पालन करना राजा और प्रजा के जन-जीवन में मुख्य धारणा रही है। उदाहरण … पढ़ना जारी रखें व्रत के नियम

व्रत उपवास का बिगड़ता स्वरूप

व्रत उपवास का बिगड़ता स्वरूप

जब भी व्रत-उपवास का जिक्र उठता है तो मन में सबसे पहले खयाल आता है कि हमें खाना नहीं खाना है, फिर मंदिर जाना है, पूजा-अर्चना करनी है, दान-पुण्य आदि करना है और शाम को भगवान् को पकवानों का भोग लगाना है और फिर स्वयं का पेट भरना है। यों तो व्रत-उपवास का सीधा संबंध … पढ़ना जारी रखें व्रत उपवास का बिगड़ता स्वरूप

पूजा में फूलों का महत्व

पूजा में फूलों का महत्व

देव पूजा में फूलों का बहुत महत्त्व है। सभी फूलों का नाम गिनाना कठिन है। अतः जो फूल रंग, रूप तथा सुगंध से युक्त हों, उन सभी फूलों को भगवान् को चढ़ाना चाहिए। नकली या प्लास्टिक के फूल कभी भी भगवान् को नहीं चढ़ाना चाहिए। फूल सदैव भगवान् के चरणों में अर्पित करें। भगवान के … पढ़ना जारी रखें पूजा में फूलों का महत्व

व्रत उपवास में अंतर

व्रत उपवास में अंतर

व्रत उपवास में अंतर बहुत बड़ा है। जब भी 'व्रत' शब्द का जिक्र होता है तो मन स्वतः ही किसी देवी-देवता के नाम से या किसी धार्मिक कृत्य से जुड़ जाता है और भोजन के त्याग का चित्र उभर आता है। शायद यही कारण है कि जब भी हम कोई व्रत रखते हैं तो साथ … पढ़ना जारी रखें व्रत उपवास में अंतर

व्रत रहने के कारण 10 Reasons of fast in Hindi

व्रत रहने के कारण 10 Reasons of fast in Hindi

व्रत रहने के कारण कई हो सकते हैं। भले ही व्रत-उपवास का वास्तविक अर्थ कुछ भी हो, लेकिन जनमानस में धर्म, आस्था एवं श्रद्धा का प्रतीक है। कुछ लोग इसे धर्म के साथ जोड़कर देखते हैं तो कुछ ज्योतिषीय उपायों की तरह लेते हैं। स्वास्थ्य की दृष्टि से इसके अलग लाभ हैं तो मनोविज्ञान की … पढ़ना जारी रखें व्रत रहने के कारण 10 Reasons of fast in Hindi

व्रत उपवास धार्मिक और वैज्ञानिक आधार

व्रत उपवास धार्मिक और वैज्ञानिक आधार - भारत के अलावा शायद ही विश्व में कोई ऐसा देश हो, जिसमें पूजा- पाठ, जप, तप और व्रत में इतनी आस्था हो। देवी-देवताओं की नगरी, त्योहारों का देश, आस्था पर मर मिटनेवाले लोग-यही पहचान है भारत की। इतना ही नहीं, यहाँ हर धर्म में जिस प्रकार पूजा-पाठ का … पढ़ना जारी रखें व्रत उपवास धार्मिक और वैज्ञानिक आधार