निगमनात्मक विधि भौतिक विज्ञान शिक्षण की मुख्य विधि है। इसका उपयोग भौतिक विज्ञान के शिक्षण में विशेष रूप से होता है क्योंकि इनमें विविध प्रकार के नियमों, सूत्रों एवं नियमों पर प्रयोग करके विषय का ज्ञान प्राप्त कराया जाता है। इसे निम्न प्रकार परिभाषित किया जा सकता है निगमनात्मक विधि निगमनात्मक विधि शिक्षण अध्ययन व … पढ़ना जारी रखें निगमनात्मक विधि
लेखक: Mathpur
आगमनात्मक विधि
आगमनात्मक विधि भौतिक विज्ञान ओके शिक्षण में प्रयोग होने वाली प्रमुख विधि है। इस विधि का प्रयोग भौतिकी एवं रसायन विज्ञान शिक्षण में विशेष रूप से होता है। आगमनात्मक विधि आगमनात्मक विधि एक सिद्धांत के अंतर्गत आने वाले निश्चित नियम एवं तथ्य पर पहुंचने में उसे समर्थ बनाने हेतु विशेष उदाहरणों की पर्याप्त मात्रा में … पढ़ना जारी रखें आगमनात्मक विधि
शिक्षण प्रतिमान
शिक्षण प्रतिमान आंगला भाषा की टीचिंग मॉडल का पर्यायवाची है। किसी रूपरेखा अथवा उद्देश्य के अनुसार व्यवहार को डालने की प्रक्रिया प्रतिमान कहलाती है। इस प्रकार प्रतिमान का अर्थ किसी अमुक उद्देश्य के अनुसार व्यवहार में परिवर्तन लाने की प्रक्रिया है। शिक्षण के प्रत्येक प्रतिमान में शिक्षण की विशिष्ट रूप रेखा का विवरण होता है। … पढ़ना जारी रखें शिक्षण प्रतिमान
शिक्षण उद्देश्य
शिक्षण उद्देश्य - सामान्य उद्देश्य को संक्षेप में लक्ष्य कहा जाता है। लक्ष्य आदर्श होते हैं, जिनका क्षेत्र असीमित होता है तथा जिनको पूर्ण रूप से प्राप्त करना प्रायः असंभव होता है। इसकी प्राप्ति के लिए संपूर्ण स्कूल, समाज तथा राष्ट्र उत्तरदाई होता है। मानव जीवन संपूर्ण प्राणी जगत के मध्य ईश्वर की एक अनुपम … पढ़ना जारी रखें शिक्षण उद्देश्य
विज्ञान अर्थ परिभाषा
विज्ञान शब्द की उत्पत्ति लेटिन भाषा की क्रिया Seire (जानना) और संज्ञा Scientia (ज्ञान) से हुई है। Science की प्राप्ति सुव्यवस्थित एवं क्रमबद्ध ज्ञान व अनुभव पर आधारित अन्वेषणों के फल स्वरुप होती है। अर्जित ज्ञान या अर्जित किए जाने वाले ज्ञान की एक विशिष्ट पहचान एवं विशेषता होती है। यह ज्ञान सामान्य विषयों के … पढ़ना जारी रखें विज्ञान अर्थ परिभाषा
व्यायाम के लाभ
व्यायाम के लाभ अनेक हैं। किसी ने ठीक ही कहा है ‘पहला सुख नीरोगी काया', जिसका आशय है कि वही व्यक्ति सुखी है। जिसका शरीर पूरी तरह से स्वस्थ तथा नीरोगी है। मानव जीवन में शारीरिक स्वास्थ्य का बहुत महत्त्व है। इस संसार में अनेक प्रकार के सुखों का भोग तथा कर्तव्यों की पूर्ति केवल … पढ़ना जारी रखें व्यायाम के लाभ
हिमालय: संस्कृत निबंध
पर्वतराज हिमालय पर संस्कृत में निबंध कभी-कभी प्रश्नपत्र में पूछ लिया जाता है। हिमालय पर संस्कृत में निबंध लिखने के लिए निम्न बिंदुओं पर निबंध लिखना है। स्थिति महिमा: देवा नाम निवास स्थली लाभा: स्थिति पर्वतराज: हिमालय: भारतस्य उत्तरस्यां दिशि: विराजते। हिमालय: प्रहरी इव भारतम् रक्षति। पूर्ववश्या पश्चिमश्याम् च दिशि हिमालयस्य शाखा: प्रशाखा दूरं प्रसृता: … पढ़ना जारी रखें हिमालय: संस्कृत निबंध
संस्कृत गद्य साहित्य का विकास
संस्कृत गद्य साहित्य का विकास - संस्कृत वाडमय में गद्य का अतिशय महत्वपूर्ण स्थान है। जब हम गद्य के उद्भव के विषय में विचार करते हैं तो इस निष्कर्ष पर पहुंचते हैं कि मानव ने प्रारंभ में गद्य में ही परस्पर वार्तालाप प्रारंभ किया होगा। जब उसने अपने मनोभावों को साहित्यिक रूप में प्रस्तुत करना … पढ़ना जारी रखें संस्कृत गद्य साहित्य का विकास
शुकनास का चरित्रचित्रण
शुकनास का चरित्रचित्रण - राजा तारापीड के अमात्य शुकनास एक कुशल एवं बुद्धिमान मंत्री हैं। उन्होंने अपनी प्रतिभा के बल पर राज्य का संचालन अच्छी तरह से किया था। अपने कार्यकाल में राजा के प्रति स्वामी भक्ति राज्य की देखभाल अनुशासन प्रशासन आदि का कार्य बड़ी ही निपुणता से किया है। परंतु जब युवराज चंद्रापीड … पढ़ना जारी रखें शुकनास का चरित्रचित्रण
दहेज प्रथा निबंध
दहेज प्रथा निबंध - आज भारत में अनेक समस्याएँ विद्यमान हैं उनमें दहेज प्रथा भी एक ऐसी बुराई है जो वर्तमान समाज के लिए कलंक बन गई है । यह एक ऐसी अमानवीय तथा घृणित समस्या है , जो भारतीय समाज की जड़ों को खोखला कर रही है तथा समाज की नैतिक व्यवस्था को ध्वस्त … पढ़ना जारी रखें दहेज प्रथा निबंध
भारतीय समाज में नारी
भारतीय समाज में नारी की स्थिति अनेक प्रकार के विरोधों से ग्रस्त रही है। एक तरफ़ वह परंपरा में शक्ति और देवी के रूप में देखी गई है, वहीं दूसरी ओर शताब्दियों से वह ‘अबला’ और ‘माया’ के रूप में देखी गई है । दोनों ही अतिवादी धारणाओं ने नारी के प्रति समाज की समझ … पढ़ना जारी रखें भारतीय समाज में नारी
महँगाई की समस्या
भारत की आर्थिक समस्याओं के अंतर्गत महँगाई की समस्या बहुत विकराल समस्या है । वस्तुओं के मूल्य इतनी तेजी से बढ़ रहे हैं कि आम आदमी को जीवनयापन करना दूभर हो गया है । बढ़ती महँगाई का चित्रण काका हाथरसी ने इन पंक्तियों में किया है वे दिन आते याद जेब में पैसे रखकर , … पढ़ना जारी रखें महँगाई की समस्या
राष्ट्रभाषा हिंदी
राष्ट्रभाषा हिंदी - इस संसार के केवल मनुष्य को ही वाणी का वरदान प्राप्त है। इसके माध्यम से वह अपने मन के विचार तथा भावनाओं को बोलकर या लिखकर व्यक्त कर सकता है तथा दूसरों के विचारों को सुनकर या पढ़कर समझ सकता है। विचारों की यह अभिव्यक्ति भाषा के माध्यम से होती है । … पढ़ना जारी रखें राष्ट्रभाषा हिंदी
हर्षचरित कथावस्तु
हर्षचरित कथावस्तु - महाकवि बाणभट्ट की कीर्ति कौमुदी की विस्तारक दो रचनाएं हर्षचरित और कादंबरी हैं। हर्षचरित महाकवि बाणभट्ट की प्रथम रचना है। यह गद्य विद्या में आख्यायिका है। इसमें कुल 8 उच्छवास हैं। प्रथम तीन उच्छवासो में महाकवि बाणभट्ट ने आत्मकथा को प्रस्तुत किया है और शेष उच्छवासों में सम्राट हर्ष के संबंध में … पढ़ना जारी रखें हर्षचरित कथावस्तु
अनुशासनम् संस्कृत निबंध
अनुशासनम् संस्कृत निबंध परीक्षा की दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण है। अनुशासन से दुनिया की हर एक चीज प्राप्त की जा सकती है। अनुशासन से ही इंसान भगवान बन जाता है। अनुशासन संस्कृत निबंध को मुख्य बिंदुओं में पढ़ेंगे- अनुशासनस्य स्वरूपंविनयस्य महिमाराष्ट्र जीवने अनुशासनम्छात्रस्य जीवने अनुशासनम् आवश्यकम् 1. अनुशासनस्य स्वरूपं किम् इदम् अनुशासनं इति? 'शासन' … पढ़ना जारी रखें अनुशासनम् संस्कृत निबंध
ओलंपिक खेल
सर्वप्रथम ओलंपिक खेल 776 ई. पूर्व हुए थे। ओलम्पिक खेल गिरी के देवता ज्यूस के सम्मान में हुए थे। सर्वप्रथम ओलंपिक खेल यूनान के ओलंपिया में हुए थे। आधुनिक ओलम्पिक खेलों का शुभारंभ 1896 ईसवी में हुआ था। आधुनिक ओलंपिक खेलों का आयोजन हर 4 वर्ष बाद होता है। जिसका शुभारंभ एथेंस से हुआ था। … पढ़ना जारी रखें ओलंपिक खेल
सत्यस्य महिमा संस्कृत निबंध
सदस्य महिमा का शाब्दिक अर्थ है सत्य की महिमा। सत्य की हमेशा विजय होती है। यहां सत्य के विशेष तम गुणों के आधार पर संस्कृत निबंध लिखा जा रहा है। जो कि निम्न बिंदुओं पर आधारित है। सत्यस्य महिमा संस्कृत निबंध सत्यस्य स्वरूपंअप्रिय सत्यं न उचितंसत्यं प्रियं कृत्वा वदेत् 1. सत्यस्य स्वरूपं अयं संसार: सत्ये … पढ़ना जारी रखें सत्यस्य महिमा संस्कृत निबंध
गणतंत्र दिवस: संस्कृत निबंध
महत्वम्पूर्ण स्वतंत्रस्य घोषणाराजधान्यां समारोहा: महत्वम् प्रतिवर्षम 26 जनवरी दिनांके भारतीयै: गणतन्त्र दिवस मान्यते। 1950 ख्रीष्टाब्दे अस्मिन् दिने स्वतंत्र भारतस्य संविधानं आरब्धं जातं। डॉ राजेंद्र प्रसाद: स्वतंत्र भारतस्य प्रथमो राष्ट्रपति: निर्वाचित: अभवत। पूर्ण स्वतंत्रस्य घोषणा स्वतंत्रताया: आंदोलन काले १९२९ तमें ख्रीष्टाब्दे लवपुरे रावी तटे जवाहरलाल नेहरू महोदयानां सभापतित्वे कांग्रेस दलस्य अधिवेशनम् अभवत। अत: स एव दिवस: … पढ़ना जारी रखें गणतंत्र दिवस: संस्कृत निबंध
स्वतंत्रता दिवस: संस्कृत निबंध
महत्वम्कार्यक्रमा:स्वतन्त्रय रक्षणस्य व्रतम् महत्वम् प्रतिवर्षम् अगस्त मासस्य पंचदश तिथौ संपूर्ण भारतवर्षे स्वातन्त्रय दिवश: सोत्साहं मान्यते। 1947 तमे वर्षे अस्मिन् दिने भारतम् ब्रिटिश शासनात् बंधन विरहितम् भवति। भारत माता पारितंत्र्य श्रंखला परित्याज्य मुक्ता वभूव। लाल किला इति दुर्गे प्रथम प्रधान मंत्रिणा रूहरूमहोदयेन् त्री रंग से राष्ट्रीय ध्वज स्वकर कमलभ्याम् आरोहणं सज्जातम्। कार्यक्रमा: अधुना प्रतिवर्ष अस्मिन दिने … पढ़ना जारी रखें स्वतंत्रता दिवस: संस्कृत निबंध
विश्व में प्रथम
विश्व में प्रथम उत्तरी ध्रुव पर पहुंचने वाला प्रथम व्यक्तिरॉबर्ट पियरीदक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला प्रथम व्यक्तिएमंडसेनएवरेस्ट के शिखर पर पहुंचने वाला प्रथम व्यक्तितेनजिंग कथा एडमंड हिलेरीसाहित्य से संबंधित प्रथम नोबेल पुरस्कार विजेतादेने एफ ए सुल्ली प्रुघोमलिखित संविधान निर्माण करने वाला प्रथम देशअमेरिकाप्रथम फुटबॉल विश्व कप जीतने वाला देशउरूग्वेसंयुक्त राज्य अमेरिका का प्रथम राष्ट्रपतिजॉर्ज वाशिंगटनकागजी … पढ़ना जारी रखें विश्व में प्रथम
विजयादशमी संस्कृत निबंध
विजयादशमी पर संस्कृत निबंध लिखो। विजयादशमी संस्करण निबंध कैसे लिखा जाए। विजयदशमी त्योहार पर निबंध क्या है? विजयादशमी निबंध निम्न बिंदुओं से समझे। विजयस्य अकांक्षारामलीला दुर्गा पूजा 1. विजयस्य अकांक्षा विजेय से आकांक्षा मनुसस्य सर्वप्रिया सर्वसामान्या आकांक्षा अस्ति। भारतीया: प्रति वर्ष उम्र एक वारं सीमोल्लंघनम् कृत्वा स्व आकांक्षा प्रदर्शयन्ति। रामस्य रावणोपरी विजयस्य भारतस्य इतिहासे अतीव … पढ़ना जारी रखें विजयादशमी संस्कृत निबंध
भारत में प्रथम
भारत में प्रथम भारत का पहला फुटबॉल क्लबमोहन बागानभारत की पहली जल विद्युत परियोजनाशिवासमुद्रमभारत से अंतरिक्ष में जाने वाला प्रथम भारतीयराकेश शर्माभारत का पहला समाचार पत्रबंगाल गजटभारत का पहला हिंदी समाचार पत्रउदंत मार्तंडभारत की पहली मूक फिल्म राजा हरिश्चंद्रभारत की पहली तार लाइनडायमंड हार्बर से कोलकाताभारत की पहली बोलती हुई फिल्मआलम आराभारत का प्रथम उपग्रहआर्यभट्टभारत … पढ़ना जारी रखें भारत में प्रथम
सतत शिक्षा
सतत शिक्षा एक ऐसी व्यापक अवधारणा है जो सभी रूपों में चलने वाले शैक्षिक क्रियाकलापों को अंतर्निहित करती है। इसके अंतर्गत औपचारिक सहज तथा गैर औपचारिक सभी प्रकार की शैक्षिक प्रणालियां आ जाती हैं। सतत शिक्षा मूल्य शिक्षा को जीवन और जीवन को शिक्षा समझने वाली अवधारणा है। व्यापक अर्थ में सतत शिक्षा यह जीवन … पढ़ना जारी रखें सतत शिक्षा
प्रजातंत्र परिभाषा व रूप
प्रजातंत्र अंग्रेजी भाषा के Democracy का हिंदी रूपांतरण है। जोकि दो शब्दों के योग से बना है - Demos और Kratia। इसमें Demos का अर्थ है जनता तथा Kratia का अर्थ है शक्ति या शासन। इस प्रकार शाब्दिक दृष्टि से इसका अर्थ है "जनता का शासन"। जिस देश में जनता को शासन के कार्यों में … पढ़ना जारी रखें प्रजातंत्र परिभाषा व रूप
मौलिक अधिकार
मौलिक अधिकार का सामाजिक जीवन पद्धति में व्यक्ति और राज्य के पारस्परिक संबंधों में महत्वपूर्ण स्थान है। शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि व्यक्ति को राज्य के बनाए गए कानूनों और नियमों के अनुसार व्यवहार करना चाहिए। किंतु साथ ही राज्य की शक्तियों और अधिकारों को सीमित करना भी आवश्यक है। … पढ़ना जारी रखें मौलिक अधिकार
संस्कृति अर्थ महत्व
संस्कृत शब्द का जन्म संस्कार शब्द से हुआ है जो संस्कार व्यक्ति को संस्कृत बनाते हैं उसे संस्कृति नाम से संबोधित किया जाता है। भारतीय संविधान के अंतर्गत संस्कारों का बहुत महत्व है। गर्भाधान से लेकर मानव के पुनर्जन्म तक विवेक संस्कार किए जाते हैं, जिससे मानव सुसंस्कृत बनता है। जन्म होने पर नामकरण संस्कार, … पढ़ना जारी रखें संस्कृति अर्थ महत्व
आर्थिक विकास
आर्थिक विकास का अर्थ शुद्ध राष्ट्रीय आय में दीर्घकालीन वृद्धि को सूचित करने वाली प्रक्रिया से है। दूसरे शब्दों में आर्थिक विकास हुआ प्रक्रिया है जिसके द्वारा अर्थव्यवस्था में राष्ट्रीय आय और प्रति व्यक्ति आय मैं दीर्घकालीन और सतत वृद्धि होती है। आर्थिक विकास को न्यू प्रकार परिभाषित किया जाता है। आर्थिक विकास एक प्रक्रिया … पढ़ना जारी रखें आर्थिक विकास
धर्मनिरपेक्षता अर्थ विशेषताएं
धर्मनिरपेक्षता शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग जॉर्ज जैकब हॉलीडेक द्वारा 19वीं शताब्दी में किया गया। उसने लैटिन भाषा के शब्द Seculum शब्द से इस शब्द को ग्रहण किया जिसका अर्थ है यह वर्तमान स्थिति वास्तव में इस शब्द का प्रयोग सामाजिक तथा नैतिक मूल्यों की प्रणाली के संदर्भ में किया था। उसकी इस मूल्य प्रणाली के … पढ़ना जारी रखें धर्मनिरपेक्षता अर्थ विशेषताएं
आदर्श शैक्षिक पाठ्यक्रम कैसा होना चाहिए
आजकल विद्यालयों में बालक के शारीरिक विकास मानसिक और आध्यात्मिक विकास के लिए अनेक प्रयास किए गए। साथ में संवेगात्मक और सौंदर्यात्मक तथा सामाजिक विकास पर भी अनेक प्रयत्न किए गए। सामाजिक बुराइयों के प्रभाव को कम करने तथा दूषित राजनीति के प्रभाव से दूर रखने के लिए भी अनेक प्रयत्न किए गए। आदर्श शैक्षिक … पढ़ना जारी रखें आदर्श शैक्षिक पाठ्यक्रम कैसा होना चाहिए
भारतीय समाज का बालक पर प्रभाव
भारतीय समाज का बालक पर प्रभाव - बालक जब समाज में जन्म लेता है तो वह एक असहाय प्राणी होता है। बालक का विकास समाज की प्रकृति और स्वरूप पर निर्भर करता है। बालक का विकास उसकी शिक्षा और समाज द्वारा ही होता है। इसलिए समाज की प्रकृति व स्वरूप बालक की शिक्षा व विकास … पढ़ना जारी रखें भारतीय समाज का बालक पर प्रभाव




















