अभिवृत्ति व्यक्ति के मनोभावों तथा विश्वासों को इंगित करती है। यह बताती है कि व्यक्ति क्या महसूस करता है? तथा उसके पूर्व विश्वास किया है। अभिवृत्ति से अभिप्राय व्यक्ति के उस दृष्टिकोण से होता है जिसके कारण वह किन्ही वस्तुओं, व्यक्तियों, संस्थाओं, परिस्थितियों, योजनाओं आदि के प्रति किसी विशेष प्रकार का व्यवहार करता है। दूसरे … पढ़ना जारी रखें अभिवृत्ति
लेखक: Mathpur
सृजनात्मक बालक Creative Child
सृजनात्मक बालक - सृजनात्मकता शब्द बांग्ला भाषा के क्रिएटिविटी शब्द का पर्यायवाची है। विधायकता, उत्पादकता, खोज, मौलिकता आदि सभी शब्द इसी के समान माने जाते हैं। सृजनात्मक बालकों से तात्पर्य उन बालकों से होता है जो मौलिक चिंतन के धनी होते हैं और जिनमें मौलिक रचना करने तथा मौलिक उत्पादन करने की क्षमता होती है। … पढ़ना जारी रखें सृजनात्मक बालक Creative Child
समावेशी शिक्षा के उद्देश्य
समावेशी शिक्षा के उद्देश्य - शिक्षा का समावेशीकरण यह बताता है कि विशेष शैक्षणिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए एक सामान्य छात्र और एक दिव्यांग को समान शिक्षा प्राप्ति के अवसर मिलने चाहिए। पहले समावेशी शिक्षा की परिकल्पना सिर्फ विशेष छात्रों के लिए की गई थी लेकिन आधुनिक काल में हर शिक्षक को इस सिद्धांत को विस्तृत … पढ़ना जारी रखें समावेशी शिक्षा के उद्देश्य
श्रवण विकलांगता
किसी व्यक्ति द्वारा पूरी तरह से आवाज सुनने में अक्षम होना श्रवण विकलांगता कहलाता है। यहां श्रवण तंत्रिका के अपर्याप्त विकास के कारण, श्रवण संस्थान की बीमारी या चोट लगने की वजह से हो सकता है। सुनना सामान्य वाक्य एवं भाषा के विकास के लिए सुनना यह प्रथम आवश्यकता है। बच्चा परिवार या आसपास के … पढ़ना जारी रखें श्रवण विकलांगता
प्रतिभाशाली बालक
प्रतिभाशाली बालक वह है जो बच्चे सामान्य बच्चों से किसी भी प्रकार से अलग होते हुए विशिष्ट बच्चों की श्रेणी में आते हैं विशिष्ट बच्चे आपस में भी कई उप श्रेणियों में विभक्त होते हैं जिनमें मानसिक मंदित, समस्यात्मक, पिछड़े, चलन बाधित, प्रतिभाशाली। प्रायः उच्च बुद्धिलब्धि को प्रतिभाशाली का संकेत माना जाता है। अतः प्रतिभाशाली … पढ़ना जारी रखें प्रतिभाशाली बालक
पिछड़ा बालक
जो छात्र निश्चित समय में निश्चित ज्ञान की प्राप्त करने में असफल रहते हैं। सामान्य छात्रों से पीछे रहते हैं। इन्हें पिछड़ा बालक के नाम से पुकारा जाता है। पिछड़े का शाब्दिक अर्थ है अपने कार्य में अपनी सामान्य साथियों से पीछे रह जाना। परंतु शिक्षा के संबंध में इसका अर्थ है कि छात्र जब … पढ़ना जारी रखें पिछड़ा बालक
समावेशी बालक
समावेशी बालक - अधिकांश बाधित बालक विद्यालय तथा समाज में बिना पहचाने रह जाते हैं। चाहे वह स्कूल जाते हैं अथवा नहीं इसके परिणाम स्वरूप में अपनी कार्यक्षमता हों तथा प्रतिभाओं का पूर्ण रूप से विकास नहीं कर पाते हैं। अतः ऐसे बालकों के लिए ऐसे अध्यापकों की आवश्यकता होती है कि वह बाधित बालकों … पढ़ना जारी रखें समावेशी बालक
बाल विकास के क्षेत्र
बाल विकास के क्षेत्र - बाल विकास मनोविज्ञान की वह शाखा है जो गर्भाधान से लेकर मृत्यु पर्यंत तक होने वाले मनुष्य के विकास की विभिन्न अवस्थाओं में होने वाले परिवर्तनों का अध्ययन करता है।बाल विकास के द्वारा हम बाल मन और बाल व्यवहारों तथा बालक के विकास के रहस्य को भलीभांति समझ सकते हैं। … पढ़ना जारी रखें बाल विकास के क्षेत्र
किशोरावस्था में सामाजिक विकास
किशोरावस्था में सामाजिक विकास - किशोरावस्था मनुष्य के जीवन का बसंतकाल माना गया है। उसमें सभी प्रकार के सौंदर्य की रुचि उत्पन्न होती है और बालक इसी समय नए नए और ऊँचे ऊँचे आदर्शों को अपनाता है। जो बालक किशोरावस्था में समाज सुधारक और नेतागिरी के स्वप्न देखते हैं, वे आगे चलकर इन बातों में … पढ़ना जारी रखें किशोरावस्था में सामाजिक विकास
सामाजिक विकास
सामाजिक विकास - मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। वह दूसरों के व्यवहार को प्रभावित करता है और उसके व्यवहार से प्रभावित होता है। इस परस्पर व्यवहार के व्यवस्थापन पर ही सामाजिक संबंध निर्भर होते हैं। इस परस्पर व्यवहार में रुचियों, अभिवश्त्तियों, आदतों आदि का बड़ा महत्व है। सामाजिक विकास में इन सभी का विकास सम्मिलित … पढ़ना जारी रखें सामाजिक विकास
बाल केन्द्रित शिक्षा
बाल केन्द्रित शिक्षा के अंतर्गत विभिन्न शिक्षण विधियों को प्रयोग में लाया जाता है जो बालकों के सीखने की प्रक्रिया, महत्वपूर्ण कारक, लाभदायक या हानिकारक दशाएं, रुकावट, सीखने के वक्र तथा प्रशिक्षण इत्यादि तत्वों को सम्मिलित करती हैं तथा मनोवैज्ञानिक विश्लेषण पर आधारित होती है। बाल केंद्रित शिक्षा का शिक्षा मनोविज्ञान को दिया जाता है। … पढ़ना जारी रखें बाल केन्द्रित शिक्षा
विकास
विकास एक सार्वभौमिक प्रक्रिया है जो जन्म से लेकर जीवनपर्यन्त तक अविराम होता रहता है। विकास केवल शारीरिक वृद्धि की ओर ही संकेत नहीं करता बल्कि इसके अंतर्गत वह सभी शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और संवेगात्मक परिवर्तन सम्मिलित रहते हैं, जो गर्भावस्था से लेकर मृत्युपर्यन्त तक निरंतर प्राणी में प्रकट होते रहते हैं। विकास केवल अभिवृद्धि … पढ़ना जारी रखें विकास
शिक्षा मनोविज्ञान
शिक्षा मनोविज्ञान मनोविज्ञान की एक प्रयुक्त शाखा है। अर्थात मनोविज्ञान नियमों सिद्धांतों तथा तत्वों का उपयोग शिक्षा के क्षेत्र में करके बाल को एवं वयस्कों के सर्वांगीण विकास में मदद करता है। शिक्षा मनोविज्ञान बालकों के मानसिक शारीरिक एवं नैतिक क्षमताओं को निर्धारित करके तदनुसार उचित शिक्षा की व्यवस्था करने में सहायता पहुंचाता है। साथ … पढ़ना जारी रखें शिक्षा मनोविज्ञान
सृजनात्मकता
सृजनात्मकता मानवीय क्रियाकलाप की वह प्रक्रिया है जिसमे गुणगत रूप से नूतन भौतिक तथा आत्मिक मूल्यों का निर्माण किया जाता है। प्रकृति प्रदत्त भौतिक सामग्री में से तथा वस्तुगत जगत की नियमसंगतियों के संज्ञान के आधार पर समाज की विभिन्न आवश्यकताओं की पूर्ति करने वाले नये यथार्थ का निर्माण करने की मानव क्षमता ही सृजनात्मकता … पढ़ना जारी रखें सृजनात्मकता
बाल्यावस्था में मानसिक विकास
बाल्यावस्था में मानसिक विकास शैशवावस्था की अपेक्षा काफी तेजी से होता है। मानसिक दृष्टि से परिपक्व व्यक्ति वह है जो बौद्धिक रूप से चरम सीमा तक पहुंच चुका है। बाल्यावस्था 3 वर्ष से 12 वर्ष की आयु तक को माना जाता है। बाल्यावस्था में मानसिक विकास बाल्यावस्था में मानसिक विकास निम्न प्रकार होता है। तीसरा … पढ़ना जारी रखें बाल्यावस्था में मानसिक विकास
मानव विकास की अवस्थाएं
मानव विकास की अवस्थाएं हमको यह बताती है कि मानव का विकास किस अवस्था में कितना होता है। अनेक मनोवैज्ञानिकों ने मानव के विकास की अवस्थाओं को विभाजित किया है - मानव विकास की अवस्थाएं मानव विकास की मुख्य रूप से तीन अवस्थाएं हैं शैशवावस्था बाल्यावस्थाकिशोरावस्था 1. शैशवावस्था आज का जन्म के होने के उपरांत … पढ़ना जारी रखें मानव विकास की अवस्थाएं
मानव का शारीरिक विकास
मानव का शारीरिक विकास मुख्य रूप से शैशवावस्था तथा बाल्यावस्था में ही हो जाता है। मानव विकास की मुख्य रूप से तीन अवस्थाएं हैं शैशवावस्था, बाल्यावस्था, किशोरावस्था। शारीरिक विकास की गति स्थिर नहीं होती, वरन् पृथक् आयु अंतराल में भिन्न होती है। मानव का शारीरिक विकास शारीरिक विकास से तात्पर्य, सामान्य शारीरिक रचना, शरीर की … पढ़ना जारी रखें मानव का शारीरिक विकास
बाल विकास के सिद्धांत
बाल विकास के सिद्धांत - जब बालक विकास की एक अवस्था से दूसरे में प्रवेश करता है तब हम उस में कुछ परिवर्तन देखते हैं। अध्ययनों ने सिद्ध कर दिया है कि यह परिवर्तन निश्चित सिद्धांतों के अनुसार होते हैं। इन्हीं को बाल विकास का सिद्धांत कहा जाता है। बाल विकास के सिद्धांत बाल विकास … पढ़ना जारी रखें बाल विकास के सिद्धांत
बाल विकास
बाल विकास मनोविज्ञान की एक शाखा के रूप में विकसित हुआ है। इसके अंतर्गत बालकों के व्यवहार, स्थितियां समस्याओं तथा उन सभी कारणों का अध्ययन किया जाता है जिसका प्रभाव बालक के व्यवहार पर पड़ता है। बाल विकास विज्ञान की वह शाखा है जो बालक के व्यवहार का अध्ययन गर्भावस्था से मृत्यु पर्यंत तक करता … पढ़ना जारी रखें बाल विकास
बाल मनोविज्ञान क्या है?
बाल मनोविज्ञान का जन्मदाता दर्शनशास्त्र philosophy ही है। आज से कुछ वर्ष पूर्व मनोविज्ञान अलग विषय के रूप में विकसित नहीं था बल्कि यह दर्शनशास्त्र की ही एक शाखा के रूप में था। मनोविज्ञान अंग्रेजी भाषा के शब्द साइकोलॉजि psychology का हिंदी रूपांतरण है। साइकोलॉजी शब्द दो शब्दों के जोड़ से बना है अर्थात साइक … पढ़ना जारी रखें बाल मनोविज्ञान क्या है?
विज्ञान मेला
विज्ञान मेला ज्ञान प्राप्त का ऐसा मंच है जिसमें छात्र शिक्षक माता-पिता व समाज से अन्य व्यक्ति एक साथ मिलकर ज्ञानार्जन कर सकते हैं। इन के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी उपलब्धियों को प्रदर्शित करने का शुभ अवसर प्राप्त होता है। इन मेलों में कई विद्यालयों के छात्र एक साथ मिलकर विभिन्न प्रतियोगिताओं कार्यक्रमों में … पढ़ना जारी रखें विज्ञान मेला
मूल्यांकन तथा मापन में अंतर
मूल्यांकन तथा मापन में अंतर यहां नीचे दी गयी टेबल में बहुत ही आसान भाषा में समझाया गया है। इसमें मापन और मूल्यांकन में अंतर बताने के लिए कई उदाहरण का प्रयोग किया है, जो हमारे दैनिक जीवन से संबंधित हैं। शिक्षा के अंतर्गत यदि छात्र की योग्यताओं एवं विशेषताओं की मात्रा को गणिती इकाइयों … पढ़ना जारी रखें मूल्यांकन तथा मापन में अंतर
इकाई योजना
इकाई योजना का सर्वप्रथम विकास एच सी मॉरीसन ने किया यह प्रविधि गेस्टाल्ट मनोविज्ञान के सिद्धांतों पर आधारित मानी जाती है। इकाइ योजना बीसवीं शताब्दी की देन है। सन 1920 से 1935 के मध्य इसके अनेक रूप सामने आए किंतु इसका व्यापक प्रयोग 1929 के बाद ही शुरू हुआ। इस योजना का विकास ऐसी मारीसन … पढ़ना जारी रखें इकाई योजना
अभिक्रमित शिक्षण
अभिक्रमित शिक्षण अंग्रेजी के Programmed Teaching का हिंदी रूपांतरण है यह दो शब्दों के योग से बना है Programmed + Teaching, इसमें Programmed का अर्थ है अभिक्रमित या योजनाबद्ध या क्रमबद्ध और टीचिंग का अर्थ है शिक्षण या शिक्षण द्वारा बताई गई जिससे इस प्रकार अभिक्रमित शिक्षण का अर्थ है क्रमबद्ध या योजनाबद्ध शिक्षण। अभिक्रमित … पढ़ना जारी रखें अभिक्रमित शिक्षण
टोली शिक्षण
टोली शिक्षण - भारतीय परंपरागत शिक्षा प्रणाली की तुलना में यह एक नया प्रत्यय है। ऐसे प्रविधि में दो या दो से अधिक शिक्षक मिलकर समूह में पाठ योजना तथा शिक्षण उद्देश्यों को तय करते हैं। सामूहिक रूप से ही विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान की जाती है। सभी शिक्षक सामूहिक रूप से मिलकर किसी विशिष्ट … पढ़ना जारी रखें टोली शिक्षण
पाठ्यपुस्तक विधि
पाठ्यपुस्तक विधि - यह विधि हमारे देश में शिक्षा के लिए प्राचीन काल से चली आ रही है। इस विधि में अध्यापक छात्रों को प्रार्थी क्रम से संबंधित पाठ्य वस्तु को पढ़ाता है तथा उसके आधार पर गृह कार्य करने को देता है। जिसको छात्र पाठ्यपुस्तक के आधार पर तैयार करते हैं। इस विधि का … पढ़ना जारी रखें पाठ्यपुस्तक विधि
प्रयोगशाला विधि
विज्ञान विषयों की वास्तविक शिक्षा के लिए प्रयोगशाला के द्वारा बालकों को सही सरल तथा बोधगम्य तरीके से ज्ञान की प्राप्ति होती है। प्रयोगशाला में विद्यार्थी स्वयं प्रयोग करके सीखता है उसे निरीक्षण का अवसर प्राप्त होता है तथा अपने ही प्रयासों से परिणाम निकालने की कोशिश करता है इससे उसकी त्रुटियां भी तत्काल ही … पढ़ना जारी रखें प्रयोगशाला विधि
ह्यूरिस्टिक विधि
ह्यूरिस्टिक विधि के साथ-साथ इसे अन्वेषण विधि भी कहा जाता है। इस विधि की उत्पत्ति ग्रीक भाषा के शब्द ह्यूरिस्को से हुई है जिसका अर्थ है मुझे खोजना है। अतः ह्यूरिस्टिक विधि में विद्यार्थी मानसिक एवं शारीरिक रूप से सक्रिय रहते हुए ज्ञान की खोज करते हैं। शिक्षण की इस विधि में अध्यापक छात्रों के … पढ़ना जारी रखें ह्यूरिस्टिक विधि
परियोजना विधि
परियोजना विधि का आविष्कार सर्वप्रथम अमेरिकी शिक्षा शास्त्री सर विलियम किलपैट्रिक द्वारा किया गया था। यह विधि प्रयोजनवाद की विचारधारा पर आधारित है। ऐसे में आंकड़ों का एकत्रीकरण किसी समस्या को केंद्रित करते हुए सामुदायिक रूप से किया जाता है। इस विधि में सबसे पहले समस्या का चुनाव किया जाता है फिर चरणबद्ध तरीके से … पढ़ना जारी रखें परियोजना विधि
विज्ञान शिक्षण
विज्ञान शिक्षण - शिक्षण उद्देश्यों की सफलता को उच्चतम ऊंचाई तक पहुंचाने में शिक्षण विधियों का महत्वपूर्ण योगदान है। शिक्षण कार्य की आधी सफलता शिक्षण विधियों में निहित है। समुचित शिक्षण विधियों के बिना शिक्षण उद्देश्यों की सफलता प्राप्ति उसी प्रकार है जिस प्रकार बिना पंख का पक्षी। शिक्षण विधि की सफलता शिक्षक विद्यार्थी तथा … पढ़ना जारी रखें विज्ञान शिक्षण
























