लेखक: Mathpur

संक्रमित रोग

रोग मानव शरीर के किसी अंग द्वारा असामान्य कार्य है। संक्रमित रोग के बहुत से विभिन्न कारण होते हैं। कुपोषण के कारण अल्पहीनता रोग उत्पन्न होता है शरीर द्वारा किसी एंजाइम या हार्मोन उत्पादन के असफलता के कारण भी दो पैदा होता है। सूक्ष्म जीवों द्वारा रोग उत्पन्न होता है। हमारे आस पास बहुत से … पढ़ना जारी रखें संक्रमित रोग

भारत में अंग्रेजी राज्य की स्थापना

अंग्रेज, फ्रांसीसी व अन्य यूरोपीय की तरह भारत में व्यापार करने के लिए आए थे, लेकिन धीरे-धीरे भारत में अपना राज्य स्थापित कर लिया। भारत में अंग्रेजी राज्य के स्थापना की कहानी इस प्रकार है लिए उन्होंने कौन-कौन से तरीके अपनाए। 18वीं शताब्दी में मुगल साम्राज्य की शक्ति क्षीण होने पर प्रांतीय एवं क्षेत्रीय शासकों … पढ़ना जारी रखें भारत में अंग्रेजी राज्य की स्थापना

हिन्दी भाषा का विकास

हिन्दी भाषा का विकास

हिन्दी भाषा का विकास आरंभ में बहुत ही धीमी गति से हुआ। विश्व में लगभग 3000 से अधिक भाषाएं बोली जाती हैं। हिन्दी उनमें से एक है। हिंदी, भारोपीय शाखा के भारतीय ईरानी शाखा के भारतीय आर्य उपशाखा की एक भाषा है। हिंदी भाषा की उत्पत्ति, विकास, उपभाषा और बोलियों के बारे में संक्षिप्त जानकारी … पढ़ना जारी रखें हिन्दी भाषा का विकास

साहित्य पुरस्कार

साहित्य पुरस्कार

साहित्य पुरस्कार का मतलब ऐसे पुरस्कार से है जो कि साहित्य के क्षेत्र में उन्नति को दर्शाता है। कुछ साहित्य पुरस्कार संविधान में वर्णित भाषा के अनुसार ही दिए जाते हैं जबकि कुछ पुरस्कार भारतीय संविधान में वर्णित भाषा के अतिरिक्त भी कई भाषाओं में दिए जाते हैं। जैसे साहित्य अकादमी पुरस्कार भारतीय संविधान की … पढ़ना जारी रखें साहित्य पुरस्कार

यूरोपीय शक्तियों का भारत आगमन

प्राचीन काल से ही भारत का विदेशों से संपर्क रहा है। 16 वीं शताब्दी से भारत से व्यापार करने के लिए यूरोपीय शक्तियों का भारत आगमन प्रारम्भ हुआ। जिसमें पुर्तगाली ,डच ,फ्रांसीसी और ब्रिटिश प्रमुख थे। प्रथम मार्ग फारस की खाड़ी से होता हुआ समुद्र मार्ग का जिस मार्ग से इराक तुर्की वेनिस और जिनेवा … पढ़ना जारी रखें यूरोपीय शक्तियों का भारत आगमन

शिक्षा दर्शन

शिक्षा दर्शन

शिक्षा दर्शन, दर्शन की वह शाखा है जिसमें हम शिक्षा संबंधी समस्याओं पर दार्शनिक दृष्टिकोण से विचार करते हैं। यह एक प्रयुक्त दर्शन है। जब हम विशुद्ध दर्शन के आधारभूत प्रत्ययो तथा सिद्धांतों का प्रयोग शिक्षा के क्षेत्र में करते हैं। यह एक प्रयुक्त दर्शन है। जब हम विशुद्ध दर्शन के आधारभूत प्रत्ययों तथा सिद्धांतों … पढ़ना जारी रखें शिक्षा दर्शन

प्रसिद्ध गुफाएं स्तूप एवं चैत्य

आज प्राचीन काल महत्वपूर्ण गुफाएं, स्तूप, चैत्य गृह के बारे में और अधिक जनेगे। गुफाएं अजंता गुफाएंएलोरा गुफाएंअमरावतीएलिफेंटाबाघ की गुफा अजंता गुफाएं अजंता गुफाएं जलगांव से 64 किलोमीटर या औरंगाबाद से 104 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं किंतु इतना विदित है की गुफाओं का निर्माण ईसा से 2 शताब्दी पूर्व प्रारंभ हुआ यह तथ्य … पढ़ना जारी रखें प्रसिद्ध गुफाएं स्तूप एवं चैत्य

सन्धि एवं सन्धि विच्छेद

दो वर्णों के मेल से उत्पन्न विकार को व्याकरण में सन्धि कहते हैं। दिए गए शब्द को सन्धि विच्छेद के नियमों की सहायता से अलग अलग करना सन्धि विच्छेद कहलाता है। सन्धि दो वर्णों के मेल से उत्पन्न विकार को व्याकरण में सन्धि कहते हैं। दूसरे शब्दों में दो निर्दिष्ट अक्षरों के पास- पास आने … पढ़ना जारी रखें सन्धि एवं सन्धि विच्छेद

गणित का इतिहास

गणित का इतिहास - गणित अत्यंत प्राचीन एवं महत्वपूर्ण विषय है। भारतवर्ष में वैदिक काल में गणित का स्थान सर्वोपरि रहा है। वेदांग ज्योतिष में गणित की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा गया है की जिस प्रकार मयूर ओं की शाखाएं और सड़कों की मडिया उनके शरीर पर मस्तक पर विराजमान हैं। उसी प्रकार … पढ़ना जारी रखें गणित का इतिहास

हिंदी विराम चिन्ह

हिंदी विराम चिन्ह - विराम का अर्थ है, ठहराव या रुकना। जिस तरह हम काम करते समय बीच-बीच में रुकते और फिर आगे बढ़ते हैं वैसे ही लेखन में भी विराम की आवश्यकता होती है, अतः पाठक के मनोविज्ञान को ध्यान में रखते हुए भाषा में विरामों का उपयोग आवश्यक है। उदाहरण : मोहन पढ़ रहा … पढ़ना जारी रखें हिंदी विराम चिन्ह

हिंदी वर्णमाला

प्रत्येक भाषा की तरह हिंदी भाषा में भी वर्णो की एक लिस्ट है। वैसे तो भारत में अनेक भाषाए बोली जाती है लेकिन हिंदी भाषा को सबसे अधिक बोला जाता है। हिंदी वर्णमाला के बारे में स्वर व व्यंजन के बारे में और अधिक जानेंगे। हिंदी वर्णमाला वर्णों के समुदाय को ही वर्णमाला कहते हैं। … पढ़ना जारी रखें हिंदी वर्णमाला

गणित की भाषा और व्याकरण

गणित की भाषा गणितज्ञों के द्वारा आपस में गणितीय विचारों के संवाद करने की प्रणाली है गणित की भाषा गणितीय सूत्रों के लिए अत्यंत विशिष्ट इक्रित प्रतीकात्मक संकेतन गणितीय वार्तालाप हेतु उचित तकनीकी पदों व व्याकरण परंपराओं का उपयोग करने वाली किसी प्राकृतिक भाषा के सार को समाहित करती है सामान्य रूप में प्राकृतिक भाषाओं … पढ़ना जारी रखें गणित की भाषा और व्याकरण

गणित की प्रकृति

होमवन ने कहा है कि गणित सभ्यता का प्रतिबिंब है। मानव जाति की उन्नति तथा सभ्यता के विकास में गणित का विशेष योगदान रहा है। इसमें गणित की प्रकृति अत्यधिक महत्वपूर्ण है। The study of mathematics is so easy that it is for snow real mental discipline.Hamilt गणित की प्रकृति गणित की प्रकृति कैसी है … पढ़ना जारी रखें गणित की प्रकृति

गणित का अर्थ

गणित शब्द बहुत प्राचीन है तथा वैदिक साहित्य में इसका बहुतायत से उपयोग किया गया है। गणित शब्द का शाब्दिक अर्थ है "वह शास्त्र जिसमें गणना की प्रधानता हो"। गणित का अर्थ - गणित अंक, आधार, चिन्ह, आदि संक्षिप्त संकेतों का वह विधान है जिसकी सहायता से परिमाण दिशा तथा स्थान का बोध होता है। … पढ़ना जारी रखें गणित का अर्थ

आधुनिक गणित का विकास

आधुनिक गणित का विकास मंद गति से हुआ है तथा इसका वर्तमान स्वरूप एक लंबी अवधि से सतत प्रयासों का फल है। मनुष्य ने सर्वप्रथम अंको का प्रयोग करना कब सीखा या निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता परंतु या अवश्य निश्चित है कि गिनने का ज्ञान मनुष्य को अति प्राचीन काल से ही … पढ़ना जारी रखें आधुनिक गणित का विकास

गणित की विशेषताएं

गणित की विशेषताएं - गणित विषय की अपनी एक अलग प्रकृति है। जिसके आधार पर हम उसकी तुलना किसी अन्य विषय से कर सकते हैं। किन्ही दो या दो से अधिक विषयों की तुलना का आधार उन विषयों की प्रकृति ही है जिसके आधार पर हम विषय के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं। गणित … पढ़ना जारी रखें गणित की विशेषताएं

गणित का महत्व

वर्तमान समय में सिर्फ भारत ही नहीं विश्व स्तर पर शैक्षिक आर्थिक तकनीकी तथा वैज्ञानिक प्रगति का आधार गणित ही है। अन्य विषयों में गणित का महत्व खास है। शिक्षा के तो प्रत्येक क्षेत्र में गणित के किसी ना किसी रूप का प्रयोग अनिवार्य हिस्सा बन चुका है। आज दुनिया कंप्यूटर पर निर्भर होती जा … पढ़ना जारी रखें गणित का महत्व

विश्व इतिहास

विश्व इतिहास

विश्व इतिहास, इसके अंतर्गत हम लोग देखेंगे कैसे पुनर्जागरण के बाद में इंग्लैंड की गौरवपूर्ण क्रांति और औद्योगिक क्रांति अमेरिका का स्वतंत्रता संग्राम फ्रांस की राज्यक्रांति जर्मनी का एकीकरण इटली का एकीकरण तथा रूसी क्रांति हुई और फिर प्रथम विश्व युद्ध चीनी क्रांति तुर्की और इटली में फ्रांसिस्को का उदय जर्मनी में नाजीवाद का उदय … पढ़ना जारी रखें विश्व इतिहास

विकलांग शिक्षा

विकलांग शिक्षा

विकलांग शिक्षा - विकलांग बच्चे विशिष्ट बच्चों की श्रेणी में आते हैं, जिनकी पहचान गुणों, लक्षणों, आदर्शों या किसी कमी के कारण अलग से प्रतीत होती है। विशिष्ट बालक वह है, जो सामान्य बालकों से शारीरिक, मानसिक, सांविधिक और सामाजिक विशेषताओं में इतने अधिक विषमता पूर्ण होते हैं कि अपनी उच्चतम योग्यताओं को विकसित करने … पढ़ना जारी रखें विकलांग शिक्षा

स्त्री शिक्षा

स्त्री शिक्षा

स्त्री शिक्षा आज के युग में समाज में सुधार की ओर तीव्र गति से बढ़ रही है। उनकी हर तरह की पारिवारिक, सामाजिक, शैक्षिक एवं आर्थिक स्थिति में क्रांतिकारी परिवर्तन आया है। आज की नारी किसी भी क्षेत्र में पुरुष से पीछे नहीं है। स्त्रियों की स्थिति में परिवर्तन का श्रेय स्त्री शिक्षा के प्रसार … पढ़ना जारी रखें स्त्री शिक्षा

जनतंत्र और शिक्षा

जनतंत्र और शिक्षा

जनतंत्र और शिक्षा - शिक्षा में जनतंत्रीय सिद्धांतों के प्रयोग का श्रेय जॉन डीवी को है। डीवी की पुस्तक जनतंत्र और शिक्षा, प्लेटो की रिपब्लिक और रूसो की एमिल की भांति ही एक उच्च श्रेणी की पुस्तक है। डीवी के विचारों का शिक्षा पर बड़ा प्रभाव पड़ा। शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने वाले व्यक्ति … पढ़ना जारी रखें जनतंत्र और शिक्षा

जनतंत्र अर्थ परिभाषा जनतंत्र की विशेषताएं सिद्धांत

जनतंत्र अर्थ परिभाषा जनतंत्र की विशेषताएं सिद्धांत

जनतंत्र को गणतंत्र भी कहा जाता है। गण का अर्थ होता है - झुंड, समूह या जत्था। जनतंत्र को राजतंत्र भी कहा जाता है इसलिए लोकतंत्र के लिए गणराज्य शब्द का भी प्रयोग किया जाता है। सभी शब्दों से एक ही मत या विचार स्पष्ट होता है कि किसी भी देश या राष्ट्र में राजनैतिक … पढ़ना जारी रखें जनतंत्र अर्थ परिभाषा जनतंत्र की विशेषताएं सिद्धांत

भारत में नव सामाजिक व्यवस्था

भारत में नव सामाजिक व्यवस्था

भारत में नव सामाजिक व्यवस्था - नवीन भारत में देश की सामाजिक व्यवस्था मुख्य रूप से राजतंत्र, अर्थतंत्र और शिक्षा व सामाजिक व्यवस्थाओं पर आधारित है। परंतु इसका यह अर्थ नहीं है कि इसके इस स्वरूप निर्धारण में धर्म तथा अन्य सामाजिक व्यवस्थाओं का योगदान नहीं है। भारत में नव सामाजिक व्यवस्था भारत विभिन्न संस्कृतियों … पढ़ना जारी रखें भारत में नव सामाजिक व्यवस्था

मूल्यांकन के प्रकार

मूल्यांकन के प्रकार

मूल्यांकन के प्रकार - मूल्यांकन को छात्रों के द्वारा प्राप्त किए गए शिक्षा उद्देश्यों की सीमा को ज्ञात करने की क्रमबद्ध बता प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जा सकता है। मूल्यांकन के अंतर्गत छात्रों के व्यवहार के गुणात्मक और मात्रात्मक वर्णन के साथ साथ व्यवहार की सुनिश्चितता से संबंधित मूल्य निर्धारित भी रहते हैं। … पढ़ना जारी रखें मूल्यांकन के प्रकार

मूल्यांकन का महत्व

मूल्यांकन का महत्व

मूल्यांकन का महत्व - मूल्यांकन अर्थात मूल्य का अंकन करना मूल्यांकन मूल्य निर्धारण की एक प्रक्रिया है। शिक्षा प्रक्रिया से संबंधित विभिन्न व्यक्तियों विशेषकर छात्रों, अभिभावकों, अध्यापकों, प्रशासकों तथा समाज के लिए मूल्यांकन का अत्यंत महत्व है क्योंकि मूल्यांकन के द्वारा ही छात्रों को अपनी शैक्षिक प्रगति का ज्ञान होता है। इससे उन्हें प्रेरणा असंतोष … पढ़ना जारी रखें मूल्यांकन का महत्व

मूल्यांकन की आवश्यकता

मूल्यांकन की आवश्यकता

मूल्यांकन की आवश्यकता - मूल्यांकन एक सतत प्रक्रिया है जो संपूर्ण शिक्षा प्रणाली का एक अभिन्न अंग है और शैक्षिक लक्ष्यों से घनिष्ठ रूप से संबंधित है। यह छात्रों की अध्ययन आदतों तथा शिक्षक की विधियों पर अधिक प्रभाव डालता है। इस प्रकार यह न केवल शैक्षिक उपलब्धि के मापन में सहायता करता है जबकि … पढ़ना जारी रखें मूल्यांकन की आवश्यकता

मूल्यांकन के क्षेत्र

मूल्यांकन के क्षेत्र

शिक्षा में मूल्यांकन के क्षेत्र को मुख्य रूप से 4 भागों में वर्गीकृत किया जा सकता है। मापन और मूल्यांकन का अपना कोई अलग एवं विशेष क्षेत्र एवं कार्य नहीं होता है। जिस क्षेत्र में जिस कार्य एवं उद्देश्य की पूर्ति के लिए इसका प्रयोग किया जाता है। वही उसका क्षेत्र हुआ वह उसे पूरा … पढ़ना जारी रखें मूल्यांकन के क्षेत्र

मूल्यांकन

मूल्यांकन

मूल्यांकन शिक्षा के क्षेत्र में चलने वाली एक सतत प्रक्रिया है। जो पूर्व निर्धारित उद्देश्यों की प्राप्त की सीमा को ज्ञात करके उसी के संबंध में उचित या अनुचित का निर्णय लेने में सहायता प्रदान करता है। शैक्षिक मूल्यांकन छात्रों के मूल्यांकन को व्यक्ति करता है, जिससे बौद्धिक, सामाजिक और संवेगात्मक विकास के रूप में … पढ़ना जारी रखें मूल्यांकन

संचार

संचार

संचार से आशय शब्दों, पत्रों, सूचनाओं अथवा संदेशों द्वारा विचारों एवं सम्मतियों के विनिमय से होता हैं। संचार एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया हैं। संचार में सभी चीजें शामिल हैं जिनके माध्यम से व्यक्ति अपनी बात दूसरे व्यक्ति के मस्तिष्क में डालता है यह अर्थ का पुल है, इसके अंतर्गत कहने, सुनने और समझने की … पढ़ना जारी रखें संचार

मन्द बुद्धि बालक

मन्द बुद्धि बालक

मन्द बुद्धि बालक - साधारण रूप से जिन बालकों की बुद्धि लब्धि 60 से कम होती है, उन्हें अल्प मानसिक न्यूनता ग्रंथियों की श्रेणी में रखते हैं। किंतु इस श्रेणी में हम यहां सामान्य से नीचे बुद्धि वाले भी गणना करते हैं। इसमें जड़ मूढ़ व मूर्ख बुद्धि आती है। मंदितमना बालकों का समायोजन प्रतिभाशाली … पढ़ना जारी रखें मन्द बुद्धि बालक