कामायनी श्रद्धा सर्ग

कामायनी का अर्थ है- “काम गोत्रजा”। कामायनी में कुल 15 सर्ग है। कामायनी श्रद्धा सर्ग में मनु व श्रद्धा को चित्रित किया गया है। काम की पुत्री होने के कारण श्रद्धा का दूसरा नाम कामायनी है। कामायनी महाकाव्य में शांत, श्रृंगार और वीर रस का प्रयोग हुआ है। कामायनी आधुनिक युग का सर्वश्रेष्ठ महाकाव्य है। जयशंकर प्रसाद को कामायनी रचना पर मंगला प्रसाद पारितोषिक दिया गया।

जयशंकर प्रसाद की जीवनी

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कामायनी श्रद्धा सर्ग

कामायनी श्रद्धा सर्ग

कामायनी श्रद्धा सर्ग में श्रद्धा एवं मनु का संवाद है। एक दिन जब मनु विचारों में लीन थे। तभी अचानक एक सुंदर संपन्न स्त्री ने उनके सम्मुख आकर पूछा कि इन जनहिन प्रदेशों में अपनी रूप बिखेरने वाले तुम कौन हो। नीग्रो वाली चिकने चर्म खंडों से ढका हुआ उस स्त्री का अर्धनग्न शरीर ऐसा प्रतीत होता था जैसे काले बादलों के वन में बिजली के फूल खिल उठे हो। वह गांधार प्रदेश की रहने वाली श्रद्धा थी। जिसकी सुंदरता मनु देखते ही रह गए।

हिमालय के दर्शन के लिए वह घर से निकल पड़ी थी और एक वृक्ष के नीचे खाद्य सामग्री देख कर उसे अनुमान हो गया था कि प्रलय होने के बाद भी कोई व्यक्ति इधर निकट में अभी जीवित है। मनु ने कहा मैं एक अभागा व्यक्ति हूं मैंने अपनी आंखों से असर के स्वपन विनाश का क्रूर ने देखा है।

श्रद्धा बोली प्रसिद्ध परिस्थितियों के चक्र में पीसकर कभी-कभी ऐसे अशोक भावना का उत्पन्न होना स्वाभाविक है। तुम्हारा अतीत दुख में रहा यह सत्य है। पर तुम उसी प्रकार के भविष्य की व्यर्थ कल्पना इस आधार पर करते हो वह सुख में हो सकता है। जीवन में यदि सुखी सुख होता तो भी प्राणी उससे ऊब जाता।

वस्तुओं के स्थायित्व को लेकर तुम क्या करोगे जो वस्तु जीवन हो चुकी है जिसका उपयोग नष्ट हो चुका है। उसे मिट जाने दो परिवर्तन को नित्य नवीनता के रूप में देखो किसी का एकाकी जीवन कभी सफल नहीं रहा था। बिना किसी प्रकार की हिचक के तुम्हारे जीवन में सुख भरने के लिए मैं तैयार रहूंगी।

प्रत्येक कार्य के पीछे कोई ना कोई उद्देश्य अवश्य होता है। कामायनी के श्रद्धा सर्ग में प्रसाद जी ने अपने उद्देश्यों का प्रतिपादन किया है और इन्हीं उद्देश्यों में प्रसाद जी के व्यक्तित्व विचार भी दृष्टिगोचर होते हैं। श्रद्धा का संक्षिप्त परिचय निराशा और पलायन वादी व्यक्ति के लिए आशा और कर्मठता का मधुर संदेश देती है।

कामायनी श्रद्धा सर्ग के अनुसार जीवन को गतिशील बनाए रखने के लिए परिवर्तन आवश्यक है। निष्कर्ष रूप में हम कह सकते हैं कि काव्यात्मक सौंदर्य कामायनी का श्रद्धा सर्ग की सबसे बड़ी विशेषता है।

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