यूक्लिड और उनके ग्रंथ

यूक्लिड का जन्म ईसा से लगभग 300 वर्ष पूर्व सिकंदरिया में हुआ। मिस्र के निवासी बनकर भी इन्होंने ग्रीक व्यक्तित्व नहीं छोड़ा। अपने पूर्वज ग्रीक गणितज्ञों की तरह के गणित को विशुद्ध गणितीय दृष्टि से देखते थे।

उन्होंने अपने देश में एक संग्रहालय स्थापित किया था जो समय के साथ-साथ एक ग्रंथालय में बदल गया था। यहां पर भोजपत्र पर लिखित 7,00,000 पुस्तके थी। यूक्लिड के विषय में ऐसा सुना जाता है उन्होंने गणित की शिक्षा प्लेटो की प्रसिद्ध अकादमी से प्राप्त की थी। यहीं पर उन्होंने एक विद्यालय की स्थापना की और जयंती पर एक प्रसिद्ध ग्रंथ स्टोइकेईया रचा।

ईसा से लगभग 300 वर्ष पूर्व ज्यामिति से संबंधित जो भी सामग्री उपलब्ध थी, उसे एकत्र करके यूक्लिड ने व्यवस्थित रूप देकर एक विशाल ग्रंथ के रूप में प्रस्तुत किया। यह ग्रंथ यूनानी भाषा में लिखा गया था। इसकी 13 पुस्तक के लिए अध्याय थे। 12 वीं शताब्दी में इसका अनुवाद लैटिन भाषा में किया गया बाद में इसका नाम एलिमेंट्स रख दिया गया।

यूक्लिड और उनके ग्रंथ

यूक्लिड का एलीमेंट्स ग्रंथ

यह ग्रंथ 13 अध्यायों में विभाजित है –

  1. इसके प्रथम अध्याय में बिंदु रेखावृत्त त्रिभुज आज की परिभाषाएं तार्किक रूप में प्रस्तुत की गई है। साथ ही कुछ अधिग्रहीत भी दिए गए हैं।
  2. द्वितीय अध्याय में ज्यामितीय बीजगणित द्वारा रेखा गणित की विभिन्न आकृतियों को बनने की विधियां दी है।
  3. इसका तीसरा और चौथा अध्याय वृत्त से संबंधित है।
  4. पांचवें और छठे अध्याय में अनुपात और नवा अध्याय अंकगणित से संबंधित है।
  5. शेष तीनों अध्याय ठोस ज्यामिति से संबंधित हैं जिसमें घन, पिरामिड, अष्ट फलक और गोला आदि का सविस्तार विवरण दिया गया है।

यूक्लिड ने अपने इस विशाल ग्रंथ में प्राचीन गणितज्ञ जैसे थेल्स, पाइथागोरस, प्लेटो तथा अन्य यूनानी एवं मिश्री गणितज्ञ द्वारा किए गए पिछली शताब्दी के प्रयासों को भी अपनी मौलिक सूझबूझ द्वारा एक तार में बांधा है।

उनके इस कार्य का मूल्य इसी से आंका जा सकता है कि बाइबल के बाद दुनिया की यह दूसरी पुस्तक थी जिसकी इतनी अधिक प्रतियां बिकी और दुनिया की लगभग सभी भाषाओं में इसके अनुवाद छपे।

इस महान गणितज्ञ को ज्यामिति के जनक के रूप में जाना जाता है। इस महान गणितज्ञ का योगदान क्षेत्र ज्यामिति में ही नहीं अपितु प्रकाशिकी, विभाजन सिद्धांत आदि में भी था।

एलीमेंट्स में जितनी प्रमेय और समस्याएं हैं वे सभी यूक्लिड की देन नहीं कही जा सकती।

यूक्लिड के अन्य ग्रंथ

यूक्लिड ने एलिमेंट्स ग्रंथ के अतिरिक्त अन्य भी कई ग्रंथ लिखे।

डेटा

इसमें 94 साध्य दिए गए हैं। इन साध्यो में किसी आकृति के कुछ अंग ज्ञात होने पर से संघ ज्ञात करने की विधि का उल्लेख है।

आकृतियों के विभाजन पर एक पुस्तक

इस पुस्तक का विषय है कि यदि कोई आकृति त्रिभुज चतुर्भुज व्रत आदि दी हुई हो तो ऐसे दो भागों में किस प्रकार विभाजित किया जाए कि उन दोनों भागों के क्षेत्रफल में एक निर्दिष्ट अनुपात हो।

स्यूडेरिया

इस पुस्तक में यह विषय गणित किया गया है की जयंती के अध्ययन में विद्यार्थी आमतौर पर कौन-कौन सी गलतियां करते हैं।

There is no royal road to Geometry.

Euclid

यूक्लिड के अन्य प्रयास

उपरोक्त कार्यों के अतिरिक्त यूक्लिड ने कुछ अन्य क्षेत्रों में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके कुछ विशेष प्रयास इस प्रकार हैं-

  1. अपने पूर्वज ग्रीक रेखागणितज्ञो की तरह उसने भी उस युग के तीन चुनौतियों और समस्याओं पर विचार किया।
    • किसी किसी कॉल को तीन बराबर भागों में बांटना।
    • किसी घन को दोगुना करके दिखाना।
    • किसी वृत्त का वर्गीय रूप प्राप्त करना।
  2. यूक्लिड ने पाइथागोरस द्वारा हल होने वाली अपरिमेय संख्याओं से संबंधित एक पुरानी समस्या को भी हल करने में सफलता प्राप्त की।
  3. संख्या सिद्धांत के क्षेत्र में अपने समय के और गणितज्ञों की तरह यूक्लिड ने भी कोई संख्या अभाज्य संख्या है या नहीं, इसका पता लगाने के लिए एक टेस्ट तैयार करने का प्रयास किया।

विश्व के एक महान ज्यामिति विशेषज्ञ के रूप में यूक्लिड को सदैव याद किया जाता रहेगा।

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