राष्ट्र गौरव

राष्ट्र गौरव

यहां स्नातक स्तर पर निर्धारित अनिवार्य प्रश्नपत्र राष्ट्र गौरव के syllabus और उसकी तैयारी से संबंधित बिंदुओं पर चर्चा की गई है। साथ ही साथ एक मॉडल प्रश्न पत्र भी दिया गया है जिसके प्रश्नों के आधार पर विद्यार्थी अपनी तैयारी को और मजबूत कर सकते हैं। इस प्रश्न पत्र में पाठ्यक्रम से 100 बहुविकल्पीय प्रश्न ओएमआर बेस्ड होते हैं, जिन्हें हल करने के लिए अधिकतम 2 घंटे का समय होता है।

विश्वविद्यालय स्तर पर अनिवार्य प्रश्न पत्र की स्थिति

कई विश्वविद्यालयों में यह अनिवार्य प्रश्न पत्र पर्यावरण के रूप में चलता है तो कहीं राष्ट्र गौरव। आपकी परीक्षा स्कीम में निम्न में से कौन सा प्रश्न पत्र निर्धारित है लिखा होगा। उसी के अनुसार तैयारी करें। यदि इनमें से कोई एक है तो उस पर क्लिक करके संबंधित प्रश्न पत्र की तैयारी करें।

राष्ट्र गौरव पर्यावरण एवं मानवाधिकार अध्ययनपर्यावरण अध्ययन
राष्ट्र गौरव एवं भारतीय चिंतन

राष्ट्र गौरव का मतलब

कोई ऐसी बात जिसकी वजह से “राष्ट्र का गौरव बढता हो” अब वह चाहे संस्कृति या धर्म हो, भारत के साहित्य, विज्ञान में उन्नति हो, भारत की कला, स्थापत्य की बात हो। राष्ट्र की प्रगति में अतः हर वो तथ्य, जिससे राष्ट्र गौरवांवित हो रहा हो उसका अध्ययन हम लोग राष्ट्र गौरव के अंतर्गत करते है। आध्यात्मिक, नैतिक तथा भौतिक जीवन की सभी धाराओं में भारत के महान् मनीषियों ने अपने अद्भुत योगदान दिए हैं। गढ़ी जा रही विश्व-संस्कृति एवं विश्व-व्यवस्था में उनकी अति महत्त्वपूर्ण भूमिका रहने वाली है। जिसका अध्यन हम लोग करने वाले है।

पाठ्यक्रम का उद्देश्य –

राष्ट्रीय गौरव का बोध वर्तमान पीढ़ी को कराकर उन्हीं के माध्यम से विश्व गुरु भारत की गरिमा पुनः स्थापित की जा सके।

धर्म में आधुनिक प्रवृत्तियां
राष्ट्र गौरव

राष्ट्र गौरव में करंट अफेयर्स

इस प्रश्न पत्र में 70% तथ्यात्मक तथा 30% करंट अफेयर्स से प्रश्न पूछे जाते हैं। तथ्यात्मक प्रश्न वे जिन्होंने पहले कभी गौरवान्वित किया हो और करंट अफेयर के प्रश्न वहां से बनते हैं, जिन घटनाओं ने हाल ही में (1 वर्ष के अन्तर्गत) भारत को गौरवान्वित किया हो।

एक वर्ष के अंतर्गत ऐसा क्या क्या हुआ है जिससे एक करोड़ से ज्यादा जनसंख्या को फायदा हुआ हो या कुछ ऐसा किया गया हो जिससे आने वाले समय में फायदा हो। वह करंट अफेयर के अंतर्गत आएगा।

राष्ट्र गौरव पाठ्यक्रम

अनिवार्य राष्ट्र गौरव पाठ्यक्रम में कुल 5 पाठ इस प्रकार है –

  1. प्राचीन सभ्यता होने का गौरव
  2. दार्शनिक एवं आध्यात्मिक उत्कर्ष
  3. साहित्य विज्ञान एवं ज्योतिष
  4. कला और स्थापत्य
  5. प्रमुख राष्ट्रीय चरित्र एवं व्यक्तित्व
प्राचीन सभ्यता होने का गौरव
  • भारतीय संस्कृति की प्रमुख विशेषताएँ –
    • अनेकता में एकता भौगोलिक वैशिष्ट्य, भारतीय जन (Indian Diaspora)
    • धार्मिक एवं सांस्कृतिक सद्भाव
    • आञ्चलिक वैशिष्ट्य (भाषा- वेषभूषा, कला और संस्कृति)
  • सैन्धव सभ्यता –
    • प्राचीनतम् नगरीय सभ्यता
  • वैदिक संस्कृति
    • वैदिक ऋषि वेद, हिरण्यगर्भ
दार्शनिक एवं आध्यात्मिक उत्कर्ष
  1. औपनिषदिक चिन्तन
  2. जैन धर्म:- महावीर का जीवन परिचय और शिक्षा
  3. बौद्ध धर्म:- बुद्ध का जीवन परिचय और शिक्षा, भारतीय संस्कृति को बौद्ध धर्म की देन, बौद्ध धर्म और विश्व 
  4. षड्दर्शन:- संक्षिप्त परिचय, वेदान्त और शंकराचार्य, रामानुज
  5. मध्यकालीन भारत की भक्ति सन्त परम्परा:-
    1. सगुण ( सन्त रामानन्द, सूरदास, तुलसी चैतन्य, रहीम, रसखान, मीरा)
    2. निर्गुण (सन्त कबीर, रैदास, नानक)
  6. भारत में सूफी मतः- (विभिन्न सूफी सम्प्रदाय, उनके प्रवर्तक एवं रचनाएँ)
साहित्य विज्ञान एवं ज्योतिष
  1. साहित्य
    1. महाकाव्यः- महाभारत, रामायण, तमिल साहित्य, शिलप्पद्दिकारम्, मणिमेकलै 
    2. प्रमुख साहित्यिक ग्रन्थः- भास, शूद्रक, कालिदास, बाणभट्ट, कल्हण अमीर खुसरो, अबुल फजल, भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
    3. कौटिल्य का अर्थशास्त्र
    4. पाणिनि की अष्टाध्यायी
  2. प्राचीन व मध्यकालीन भारत में विज्ञान
  3. गणित, आयुर्वेद, ज्योतिष के प्रमुख विद्वान और उनकी कृतियों
कला और स्थापत्य
  • अशोक स्तम्भ
  • स्तूप:- साँची, भरहुत, अमरावती के स्तूप
  • अजन्ता, एलोरा की गुफायें
  • कोणार्क, लिंगराज मन्दिर, महाबलिपुरम् तन्नजौर (बृहदीश्वर मन्दिर)
  • खजुराहो के मंदिर एवं मध्यकालीन स्मारक कुतुबमीनार, फतेहपुर सीकरी, ताजमहल, लालकिला
प्रमुख राष्ट्रीय चरित्र एवं व्यक्तित्व
  • अशोक 
  • अकबर
  • राजा राममोहन रॉय
  • विवेकानन्द
  • महात्मा गाँधी
  • बी० आर० अम्बेडकर
राष्ट्र गौरव
राष्ट्र गौरव

राष्ट्र गौरव की तैयारी कैसे करें

राष्ट्र गौरव प्रश्न पत्र की तैय्यारी करना बहुत ही आसान काम है। बहुत कम समय में अधिक से अधिक तैयार करने के लिए आप इस तरकीब को अपना सकते है। सबसे पहले सिलेबस को टुकड़ों में तोड़ लेे और फिर एक-एक करके सीढ़ी जैसी चढ़ते चले जाए।

  1. प्राचीन भारत की सभ्यताएं कौन कौन सी थी?
  2. जो सभ्यताएं थी वह किस कारण से भारत में नहीं रह पाई?
  3. प्राचीन सभ्यताओं के लोगों की क्या विशेषताएं (आर्थिक, राजकीय व्यवस्था, भोजन, आम मनुष्य क्या करता था)
  4. भारत में अंग्रेजी राज्य की स्थापना
  5. प्राचीन सभ्यताओं के समय भौगोलिक स्थिति क्या थी?
  6. भारत के धर्म और प्रत्येक धर्म की विशेषताएं (अब वह विशेषताएं चाहे ग्रंथ, धर्म के द्वारा दी गई शिक्षा, धार्मिक उन्नति इत्यादि )
  7. मध्यकालीन भारत के प्रमुख व्यक्तित्व एवं मानव जीवन एवं राजकीय घटनाक्रम
  8. विभिन्न प्रकार के साहित्य एवं उनके रचनाकार (प्राचीन, मध्यकालीन, आधुनिक)
  9. प्राचीन से आधुनिक तक के समय में बनाई गई इमारतें
  10. भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित प्रमुख व्यक्तित्व
  11. भारतीय संविधान
  12. महान समाज सुधारक से संबंधित

राष्ट्र गौरव माडल प्रश्न पत्र

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SSC MTS Havaldar Syllabus 2022
राष्ट्र गौरव

राष्ट्र की अस्मिता एवं पहचान वास्तव में इस के महान सपूतों से ही होती है। भारतवर्ष को गर्व हासिल है कि हर क्षेत्र में इस के वीर सपूतों ने समाज एवं राष्ट्रकल्याण के लिये अपना तन, मन वार दिया। त्याग एवं बलिदान, आदर्श का अक्षरशः पालन, मर्यादा एवं संयम.ये गुण आदर्श पुरुषों में ही निहित होते हैं और इस में कोई संदेह नहीं कि भारतीय आदर्श विभूतियों ने राष्ट्र गौरव को समय आने पर दैदीप्यमान कर दिया। महान व्यक्ति वे होते हैं, जो अपने आदर्श से दूसरों का मार्ग प्रशस्त करते हैं। वे स्वार्थ से परे होते हैं और परोपकार में लीन। भौतिकवादी युग में आस्था के प्रजनन के लिये किसी न किसी दैवी शक्ति को मानना भी आवश्यक है।

राष्ट्र गौरव अपने देश के प्रति निष्ठा ही हमें बड़ा बनाती है। भारत माता का अस्तित्व है, तो हम हैं। यदि राष्ट्र ही नहीं रहेगा, तो हम कहां रहेंगे! अपने.अपने धर्म का पालन करते हुये जीवन.यापन करना ही देश को सुख शान्ति एवं समृद्धि देता है। शिक्षा चाहे महात्मा बुद्ध की हो या हो बाबा गुरु नानक जी की, वह सदा सार्थक ही होती है। पौराणिक कथा कहानियों में प्रस्तुत रोचक प्रसंग भी हमारे लिये निरंतर प्रेरणा का श्रोत हैं। प्राचीन कहावतें, नारी के विषय में सन्तों, कवियों, महापुरुषों के विचार की परिकल्पना को साकार करते हैं।

समाज को सही दिशा देने के लिये, समाज के लिये कुछ विशेष करने के लिये, व्यक्ति को अपने अन्दर गुण लाने हैं। अपने जीवन को श्रेष्ठ व अनुकरणीय बनाना है। तभी लोग उस की बात सुनेंगे तथा अनुसरण करेंगे। इसके लिये हमें समाज में स्थापित महान पुरुषों के जीवन को समझना चाहिये। राष्ट्र गौरव का अध्ययन करना चाहिये। उन्होंने किन बातों को जीवन में उतारा, कैसा आचरण किया, इसे समझना चाहिये। इस भूमिका को निभाने में पूर्ण सफल होगी, ऐसा विश्वास है। लम्बे भाषण, उपदेश, प्रवचन आज कोई नहीं सुनना चाहता। इसीलिये संतों, महात्माओं, महापुरुषों, फकीरों के जीवन की घटनाओं को बारीकी से देखना व उनका मनन करना जरूरी है।

राष्ट्र गौरव
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राष्ट्र गौरव से अधिकतर पूछे गए प्रश्न

हम राष्ट्र का गौरव कैसे बढ़ा सकते हैं?

हमें एक विशिष्ट तरीके से राष्ट्र के लिए योगदान देना चाहिए, जिनमे कि सामाजिक कार्य करके और विभिन्न जागरूकता और संरक्षण कार्यक्रम आयोजित करके आदि आता है।

राष्ट्रगान को हमारा राष्ट्रीय गौरव क्यों माना जाता है?

यह देश के नागरिकों के बीच देशभक्ति की भावना पैदा करने में मदद करता है और उन्हें अपने देश की महिमा, सुंदरता और समृद्ध विरासत की याद दिलाता है ।

भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति कहाँ हुई थी?

बोधगया

आर्य समाज की स्थापना किसने की ?

स्वामी दयानंद ने

पंजाबी भाषा की लिपि कौनसी है?

गुरुमुखी

इंसुलिन का प्रयोग किस बीमारी के उपचार में होता है?

मधुमेह

रतौंधी किस विटामिन की कमी से होती है?

विटामिन A

वास्कोडिगामा कहाँ का रहने वाला था ?

पुर्तगाल

ओणम किस राज्य का प्रसिद्ध त्योहार है ?

केरल

दिल्ली भारत की राजधानी कब बनी?

1911

कार्बन का सर्वाधिक शुद्ध रूप कौनसा है?

हीरा

भारत में रेल का आरम्भ किस सन में हुआ?

1853

संयुक्त राष्ट्र संघ का मुख्यालय कहाँ स्थित है?

न्यूयॉर्क

किस विटामिन की कमी से खून का रुकाव बंद नहीं होता?

विटामिन K

ओलंपिक खेलों का आयोजन कितने वर्षों बाद होता है?

4

किस देश की स्थलसीमा सर्वाधिक देशों के साथ लगती है?

चीन

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