VBSPU BEd 4th Semester Syllabus

VBSPU BEd 4th Semester Syllabus

VBSPU BEd 4th Semester Syllabus क्या है? वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल यूनिवर्सिटी के b.ed चतुर्थ सेमेस्टर में पहला प्रश्न पत्र 90 अंक का निर्धारित है तथा दूसरे व तीसरे के लिए अपने विद्यालय में पता कर ले कि कौन सा प्रश्न पत्र सभी लोग कर रहे हैं। कुल 6 प्रश्न पत्रों में से किन्ही दो … पढ़ना जारी रखें VBSPU BEd 4th Semester Syllabus

VBSPU BEd 3rd Semester Syllabus

VBSPU BEd 3rd Semester Syllabus

VBSPU BEd 3rd Semester Syllabus क्या है? VBSPU BEd Syllabus क्या है? VBSPU बीएड Syllabus की त्य्यारी कैसे करें। VBSPU bed में कौन कौन से पेपर पढ़ने हैं? और भी कई अधिक प्रश्नो के उत्तर इस पोस्ट में है। Purvanchal University से सम्बद्ध कॉलेज में निर्धारित द्विवर्षीय बीएड के चारों semester का पाठ्यक्रम नीचे दिया गया है। … पढ़ना जारी रखें VBSPU BEd 3rd Semester Syllabus

VBSPU BEd 2nd Semester Syllabus

VBSPU BEd 2nd Semester Syllabus

VBSPU BEd 2nd Semester Syllabus में चार प्रश्न पत्र 90 90 अंक के जिनमें अंतिम 2 प्रश्न पत्र सिर्फ और सिर्फ शिक्षण शास्त्र अर्थात Pedagogy से संबंधित है। तीसरे प्रश्न पत्र में फिजिकल साइंस होम साइंस और सोशल साइंस में से किसी एक को चुनना है। चतुर्थ प्रश्न पत्र में गणित, हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू … पढ़ना जारी रखें VBSPU BEd 2nd Semester Syllabus

VBSPU BEd 1st Semester Syllabus

VBSPU BEd 1st Semester Syllabus

VBSPU BEd 1st Semester Syllabus अब बहुत ही आसानी से उपलब्ध है। VBSPU BEd Syllabus के प्रथम सेमेस्टर में कुल 4 प्रश्न पत्र निर्धारित हैं। जिनकी परीक्षा 90 90 अंक की होनी है। साथ ही साथ इस पोस्ट में चारों ही प्रश्न पत्र के पिछले साल के पेपर नीचे दिए गए हैं। पेपर की तैयारी … पढ़ना जारी रखें VBSPU BEd 1st Semester Syllabus

VBSPU BEd Syllabus Download Now Free

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VBSPU BEd Syllabus क्या है? VBSPU बीएड Syllabus की त्य्यारी कैसे करें। VBSPU bed में कौन कौन से पेपर पढ़ने हैं? और भी कई अधिक प्रश्नो के उत्तर इस पोस्ट में है। Purvanchal University से सम्बद्ध कॉलेज में निर्धारित द्विवर्षीय बीएड के चारों semester का पाठ्यक्रम नीचे दिया गया है। National Education Policy के लागू … पढ़ना जारी रखें VBSPU BEd Syllabus Download Now Free

MGKVP BEd Syllabus Download Now Free

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MGKVP BEd Syllabus क्या है? महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ का b.ed पाठ्यक्रम 2 वर्ष का प्रोग्राम है, जिसमें कुल 4 सेमेस्टर में मूल्यांकन होना है। पाठ्यक्रम में थ्योरी प्रैक्टिकम और इंटर्नशिप है। 1200 अंक की थ्योरी तथा कुल 400 अंक की internship निर्धारित है। यहाँ MGKVP B.Ed के सभी Semester Exam के Syllabus के बारे … पढ़ना जारी रखें MGKVP BEd Syllabus Download Now Free

MJPRU BEd 2nd Year Syllabus

MJPRU BEd 2nd Year Syllabus

MJPRU BEd 2nd Year Syllabus में प्रत्येक 80-80 अंक के 2 तथा 40-40 अंक के 3 मिलाकर कुल 6 पेपर होते है। प्रथम प्रश्न पत्र Pedagogy of a School Subject 2 में कोई दूसरा विषय का Pedagogy पढ़ना रहना है। ध्यान दें अंतिम प्रश्न पत्र में कुल 5 में से कोई एक का चयन करना … पढ़ना जारी रखें MJPRU BEd 2nd Year Syllabus

MJPRU BEd 1st Year Syllabus

MJPRU BEd 1st Year Syllabus

MJPRU BEd 1st Year Syllabus में 650 में 480 अंक की Theory तथा शेष 170 अंक Internal के होते है। 80-80 अंक के 3 प्रश्न पत्र तथा 40-40 अंक के 6 प्रश्न पत्र जिनकी परीक्षा होनी है। उनके नाम नीचे दिए गए है जिस प्रश्न पत्र का Syllabus चाहिए उस प्रश्न पत्र पर क्लिक करे। … पढ़ना जारी रखें MJPRU BEd 1st Year Syllabus

MJPRU BEd Syllabus Download Now Free

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MJPRU BEd Syllabus क्या है? Mahatma Jyotiba Phule Rohilkhand University के बीएड 2 वर्ष के प्रोग्राम में NCERT, UGC and MHRD आदि के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए जो Syllabus निर्धारित किया गया है वह इस पोस्ट में दिया गया है। National Education Policy के लागू होने के बाद MJPRU के बी एड दो … पढ़ना जारी रखें MJPRU BEd Syllabus Download Now Free

नातेदारी अर्थ परिभाषा विशेषताएँ व नातेदारी के 3 प्रकार

नातेदारी अर्थ परिभाषा विशेषताएँ व नातेदारी के 3 प्रकार

मानव समाज में नातेदारी व्यवस्था का विकास इन सभी प्रयत्नों का एक संयुक्त परिणाम है। एक साधारण से अवलोकन से यह स्पष्ट हो जाता है कि जो व्यक्ति हमसे विवाह या रक्त के द्वारा सम्बन्धित होते हैं, उन सभी से हमारे सम्बन्ध समान प्रकृति के नहीं होते। कुछ व्यक्तियों से हम अधिक निकटता महसूस करते … पढ़ना जारी रखें नातेदारी अर्थ परिभाषा विशेषताएँ व नातेदारी के 3 प्रकार

वंश समूह अर्थ वंश समूह के रूप वंश समूह की प्रकृति

वंश समूह अर्थ वंश समूह के रूप वंश समूह की प्रकृति

वंश समूह का तात्पर्य व्यक्तियों के उस समूह से होता है जिसमें एक ज्ञात पूर्वज से सम्बन्धित अनेक पीढ़ियों के रक्त सम्बन्धियों का समावेश होता है। ऐसा पूर्वज कोई काल्पनिक या पौराणिक व्यक्ति न होकर पांच-छः पीढ़ी पहले का कोई वास्तविक व्यक्ति होता जिससे आगे की पीढ़ियों की कड़ियां सदस्यों को ज्ञात होती हैं। जब … पढ़ना जारी रखें वंश समूह अर्थ वंश समूह के रूप वंश समूह की प्रकृति

वंश क्रम अर्थ परिभाषा विशेषताएँ वंश क्रम के कार्य

वंश क्रम अर्थ परिभाषा विशेषताएँ वंश क्रम के कार्य

नातेदारी से एक बड़े और विस्तृत समूह का बोध होता है जिसके सदस्य पिता तथा माता पक्ष के अनेक पीढ़ियों से सम्बन्धित होते हैं। वास्तव में हममें से प्रत्येक व्यक्ति जन्म के एक विशेष परिवार का सदस्य अवश्य होता हैं चाहे हम उस परिवार में जीवन व्यतीत करें या न करें। साथ ही, हम अपने … पढ़ना जारी रखें वंश क्रम अर्थ परिभाषा विशेषताएँ वंश क्रम के कार्य

मातृसत्ता अर्थ परिभाषा व मातृसत्ता की 6 विशेषताएँ

मातृसत्ता अर्थ परिभाषा व मातृसत्ता की 6 विशेषताएँ

मातृसत्ता शब्द का प्रयोग दो अर्थों में किया जाता है। इसका पहला अर्थ इस सामान्य धारणा से मिलता-जुलता है कि मातृसत्ता सामाजिक संगठन का एक विशेष रूप है जिसमें परिवार की मुखिया कोई स्त्री होती तथा वंशक्रम माता की ओर चलता है। मार्शल ने समाजशास्त्र के शब्दकोश में लिखा है कि मातृसत्ता का दूसरा अर्थ … पढ़ना जारी रखें मातृसत्ता अर्थ परिभाषा व मातृसत्ता की 6 विशेषताएँ

पितृसत्ता अर्थ परिभाषा तथा पितृसत्ता के कारण एवं परिणाम

पितृसत्ता अर्थ परिभाषा तथा पितृसत्ता के कारण एवं परिणाम

पितृसत्ता - सामान्य शब्दों में कहा जा सकता है कि जब किसी समाज की संरचना में सत्ता का केन्द्र पुरुषों की प्रस्थिति होती है, तब इस दशा को हम पितृसत्ता कहते हैं। वास्तव में पितृसत्ता एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें परम्परा और व्यवहार के नियमों द्वारा स्त्रियों की तुलना में पुरुषों की शक्ति, अधिकारों और … पढ़ना जारी रखें पितृसत्ता अर्थ परिभाषा तथा पितृसत्ता के कारण एवं परिणाम

एकाकी परिवार अर्थ एकाकी परिवार की विशेषताएँ व 7 कार्य

एकाकी परिवार अर्थ एकाकी परिवार की विशेषताएँ व 7 कार्य

एकाकी परिवार विश्व के सभी समाजों की एक सार्वभौमिक विशेषता है, लेकिन भारतीय समाज में इस तरह के परिवार भारत की सामाजिक संरचना में होने वाले परिवर्तनों का परिणाम हैं। भारत में औद्योगीकरण और नगरीकरण के फलस्वरूप जैसे-जैसे स्थान परिवर्तन करने की प्रवृत्ति बढ़ती गई संयुक्त परिवारों की जगह एक ऐसी परिवार व्यवस्था विकसित होने … पढ़ना जारी रखें एकाकी परिवार अर्थ एकाकी परिवार की विशेषताएँ व 7 कार्य

भारतीय संयुक्त परिवार की 9 विशेषताएँ 6 दोष समस्याएँ परिवर्तन

भारतीय संयुक्त परिवार की 9 विशेषताएँ 6 दोष समस्याएँ परिवर्तन

भारतीय संयुक्त परिवार भारत की पूरी सांस्कृतिक विरासत में विशेष महत्व रहा है। एक साधारण भारतीय के लिए परिवार का अर्थ संयुक्त परिवार से ही होता है। संयुक्त परिवार की प्रकृति को स्पष्ट करते हुए इरावती कर्वे ने लिखा है, "संयुक्त परिवार ऐसे व्यक्तियों का समूह है, जो एक ही घर में रहते हैं, एक … पढ़ना जारी रखें भारतीय संयुक्त परिवार की 9 विशेषताएँ 6 दोष समस्याएँ परिवर्तन

जनजातीय विवाह क्या है? जनजातीय विवाह के 6 मुख्य प्रकार

जनजातीय विवाह क्या है? जनजातीय विवाह के 6 मुख्य प्रकार

जनजातीय विवाह को समझते समय हमारा ध्यान सबसे पहले जनजातीय समाज की और जाता है। इसका कारण यह है कि जनजातियां किसी भी समाज में सभ्यता के विकास की मौलिक प्रतिनिधि होती है तथा उन्हीं की विशेषताओं को समझकर हम सभ्यता के विकास के विभिन्न स्तरों की समझ सकते हैं। जनजाति से हमारा तात्पर्य आदिवासियों … पढ़ना जारी रखें जनजातीय विवाह क्या है? जनजातीय विवाह के 6 मुख्य प्रकार

ईसाई विवाह के प्रकार उद्देश्य प्रक्रिया व वर्तमान परिवर्तन

ईसाई विवाह के प्रकार उद्देश्य प्रक्रिया व वर्तमान परिवर्तन

ईसाई विवाह को परिभाषित करते हुए कहा गया है कि "विवाह समाज में एक पुरुष तथा स्त्री के बीच का एक समझौता है, जो साधारणतया सम्पूर्ण जीवनभर के लिए होता है तथा इसका उद्देश्य यौन सम्बन्धी पारस्परिक सहयोग तथा परिवार की स्थापना करना है।" ईसाई विवाह में पति-पत्नी के स्थायी सम्बन्ध को स्पष्ट करते सेण्ट … पढ़ना जारी रखें ईसाई विवाह के प्रकार उद्देश्य प्रक्रिया व वर्तमान परिवर्तन

हिंदू व मुस्लिम विवाह में अंतर

हिंदू व मुस्लिम विवाह में अंतर

हिंदू व मुस्लिम विवाह में अंतर - मुस्लिम विवाह के उपर्युक्त सम्पूर्ण विवेचन से स्पष्ट होता है कि मुस्लिम विवाह के आदर्श विवाह प्रक्रिया विवाह के स्वरूप निषेध तथा तलाक के आधार हिन्दू विवाह से काफी भिन्न है। हिंदू व मुस्लिम विवाह में अंतर कुछ प्रमुख आधारों पर हिंदू व मुस्लिम विवाह में अंतर निम्नांकित … पढ़ना जारी रखें हिंदू व मुस्लिम विवाह में अंतर

मुस्लिम विवाह की शर्तें महर मुस्लिम तलाक के नियम

मुस्लिम विवाह की शर्तें महर मुस्लिम तलाक के नियम

मुस्लिम विवाह कानून में कहा गया है कि "विवाह स्त्री-पुरुष के बीच किया गया वह बिना शर्त का समझौता है जिसका उद्देश्य सन्तान को जन्म देना तथा उन्हें वैध रूप प्रदान करना है। लगभग इसी रूप में ने मुस्लिम विवाह को परिभाषित करते हुए लिखा है कि "मुस्लिम विवाह एक समझता (संविदा) है जिसका उद्देश्य … पढ़ना जारी रखें मुस्लिम विवाह की शर्तें महर मुस्लिम तलाक के नियम

हिन्दू विवाह उद्देश्य विशेषताएँ नियम व स्वरूप

हिन्दू विवाह उद्देश्य विशेषताएँ नियम व स्वरूप

हिन्दू विवाह एक अस्थायी वन्धन अथवा कानूनी समझौता नहीं है बल्कि इसे एक पवित्र धार्मिक संस्कार के रूप में देखा जाता है। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार यह एक ऐसा पवित्र बन्धन है जिसे जन्म-जन्मान्तर में भी तोड़ा नहीं जा सकता। भारतीय संस्कृति में व्यक्ति के लिए चार प्रमुख कर्तव्यों को पूरा करना आवश्यक माना गया … पढ़ना जारी रखें हिन्दू विवाह उद्देश्य विशेषताएँ नियम व स्वरूप

विवाह का अर्थ विवाह के उद्देश्य व विवाह के 4 नियम

विवाह का अर्थ विवाह के उद्देश्य व विवाह के 4 नियम

विवाह मानव-सभ्यता के बहुत आरम्भिक काल में ही यह अनुभव कर लिया गया था कि समाज में एक ऐसी व्यवस्था को विकसित करना आवश्यक है जिससे स्त्री-पुरुषों के सम्बन्धों को नियमबद्ध करने के साथ ही उनसे जन्म लेने वाले बच्चों को वैध रूप देकर उनके पालन-पोषण की सुचित व्यवस्था की जा सके। इसी आवश्यकता के … पढ़ना जारी रखें विवाह का अर्थ विवाह के उद्देश्य व विवाह के 4 नियम

राष्ट्रीय जनसंख्या नीति 2000 क्या है?

राष्ट्रीय जनसंख्या नीति 2000 क्या है?

राष्ट्रीय जनसंख्या नीति - भारत में जनसंख्या वृद्धि के खतरों को महसूस करते हुए स्वतन्त्रता के बाद सन् 1952 से ही परिवार नियोजन कार्यक्रम आरम्भ किया गया। लगभग 10 वर्षों तक इस कार्यक्रम को अधिक प्राथमिकता नहीं दी गयी सन् 1961 की जनगणना के आंकड़े बहुत चौंकाने वाले थे। फलस्वरूप भारत सरकार ने सन् 1966 … पढ़ना जारी रखें राष्ट्रीय जनसंख्या नीति 2000 क्या है?

भारतीय जनसंख्या के 11 लक्षण व विशेषताएँ

भारतीय जनसंख्या के 11 लक्षण व विशेषताएँ

भारतीय समाज को समझने के लिए इसके भारतीय जनसंख्या के स्वरूप को समझना आवश्यक है। आज किसी समाज की जनांकिकीय विशेषताओं को जनगणना (Census) के द्वारा ही ज्ञात किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, भारत में सन् 1871 से जनगणना के द्वारा विभिन्न जनसंख्यात्मक विशेषताओं को ज्ञात करने का प्रयत्न आरम्भ हुआ। तब से … पढ़ना जारी रखें भारतीय जनसंख्या के 11 लक्षण व विशेषताएँ

भारतीय समाज में विविधता में एकता

भारतीय समाज में विविधता में एकता

भारतीय समाज में विविधता में एकता - वर्तमान भारतीय समाज की एक प्रमुख विशेषता विभिन्नता में एकता का होना है। भारतीय समाज एक लम्बे समय से विभिन्न प्रजातियों, धर्मो और संस्कृतियों वाले समूहों का संगम स्थल रहा है। अपनी सांस्कृतिक सहिष्णुता के कारण भारतीय समाज में विभिन्न संस्कृतियों का मिश्रण हुआ, लेकिन इसके बाद भी … पढ़ना जारी रखें भारतीय समाज में विविधता में एकता

भारतीय सामाजिक व्यवस्था के 5 आधार

भारतीय सामाजिक व्यवस्था के 5 आधार

भारतीय सामाजिक व्यवस्था वह स्थिति या अवस्था हैं जिसमें सामाजिक संरचना का निर्माण करने वाले विभिन्न अंग या इकाइयां सांस्कृतिक व्यवस्था के अंतर्गत निर्धारित पास्परिक प्रकार्यात्मक संबंध के आधार पर सम्बध्द समग्रता की ऐसी सन्तुलित स्थिति उत्पन्न करते हैं जिससे मानवीय आवश्यकताओं की पूर्ति तथा सामाजिक लक्ष्यों की प्राप्ति संभव होती है। भारतीय सामाजिक व्यवस्था … पढ़ना जारी रखें भारतीय सामाजिक व्यवस्था के 5 आधार

बहुलवाद क्या है? भारतीय समाज में बहुलवाद

बहुलवाद क्या है? भारतीय समाज में बहुलवाद

बहुलवाद - संस्कृति की पूर्व विवेचना से यह स्पष्ट हो चुका है कि संस्कृति से सम्बन्धित विभिन्न विशेषताएं सामाजिक संरचना को व्यापक रूप से प्रभावित करती हैं। एक ओर संस्कृति व्यक्तित्व के निर्माण का आधार है दूसरी ओर आज के बदलते हुए समाजों में संस्कृति का सार्वभौमिक रूप समाप्त होता जा रहा है। कुछ पहले … पढ़ना जारी रखें बहुलवाद क्या है? भारतीय समाज में बहुलवाद

सभ्यता तथा संस्कृति में 5 अंतर व सम्बंध

सभ्यता तथा संस्कृति में 5 अंतर व सम्बंध

साधारणतया सभ्यता तथा संस्कृति का एक ही अर्थ में प्रयोग कर लिया जाता है, लेकिन वास्तव में संस्कृति तथा सभ्यता की धारणा एक-दूसरे से अत्यधिक भिन्न है। इस दृष्टिकोण से यह आवश्यक हो जाता है कि प्रस्तुत विवेचन में हम सभ्यता के अर्थ को स्पष्ट करके इसका संस्कृति से अन्तर तथा सम्बन्ध स्पष्ट करेंगे। सभ्यता … पढ़ना जारी रखें सभ्यता तथा संस्कृति में 5 अंतर व सम्बंध

परिवार अर्थ परिभाषा परिवार के प्रकार विशेषताएँ कार्य व महत्व

परिवार अर्थ परिभाषा परिवार के प्रकार विशेषताएँ कार्य व महत्व

मानव सभ्यता के सम्पूर्ण इतिहास में परिवार का महत्व सबसे अधिक रहा है। व्यक्ति परिवार में जन्म लेता है तथा परिवार में ही उन सभी नियमों और व्यवहारों को सीखता है, जो उसे सच्चे अर्थों में एक सामाजिक प्राणी बनाते हैं। कोई समाज चाहे परम्परागत हो अथवा आधुनिक, ग्रामीण हो या नगरीय, धनी हो या … पढ़ना जारी रखें परिवार अर्थ परिभाषा परिवार के प्रकार विशेषताएँ कार्य व महत्व

संस्था अर्थ परिभाषा विशेषताएँ उदाहरण संस्था के कार्य व महत्व

संस्था अर्थ परिभाषा विशेषताएँ उदाहरण संस्था के कार्य व महत्व

संस्था व्यक्तियों का कोई संगठन न होकर कुछ ऐसे नियमों अथवा कार्य-प्रणालियों का बोध कराती है, जिनके माध्यम से हम अपने विभिन्न उद्देश्यों को पूरा करते हैं। व्यक्तियों द्वारा अपने विभिन्न हितों को पूरा करने के लिए जिन समितियों की स्थापना की जाती है, वे कभी-भी मनमाने रूप से कार्य नहीं कर सकतीं। उन्हें अपने … पढ़ना जारी रखें संस्था अर्थ परिभाषा विशेषताएँ उदाहरण संस्था के कार्य व महत्व