आन्तरिक अंकेक्षण अर्थ परिभाषा 4 विशेषताएं लाभ

आन्तरिक अंकेक्षण अर्थ परिभाषा 4 विशेषताएं लाभ

आन्तरिक अंकेक्षण एक क्रमबद्ध प्रक्रिया है जिसके अन्तर्गत उपक्रम के खातों का उपक्रम के कर्मचारियों द्वारा परीक्षण किया जाता है। वे लेखाकार की भाँति कार्य करते हैं। आन्तरिक अंकेक्षक के लिए चार्टर्ड एकाउन्टेन्सी में डिग्री होना आवश्यक नहीं होता है। यह आन्तरिक निरीक्षण की एक तकनीक होती है। आन्तरिक अंकेक्षण को आन्तरिक निरीक्षण प्रणाली की … पढ़ना जारी रखें आन्तरिक अंकेक्षण अर्थ परिभाषा 4 विशेषताएं लाभ

चालू अंकेक्षण अर्थ परिभाषा आवश्यकता 10 लाभ हानि

चालू अंकेक्षण अर्थ परिभाषा आवश्यकता 10 लाभ हानि

चालू अंकेक्षण से आशय ऐसे अंकेक्षण से लगाया जाता है जो साल में एक बार न कराकर पूरे साल होता ही रहता है और यह कार्यक्रम तब तक चलता रहता है जब तक संस्था के अंतिम खातों का अंकेक्षण नहीं हो जाता है। चालू अंकेक्षण से आशय ऐसे अंकेक्षण से है जिसमें अंकेक्षक अथवा उसका … पढ़ना जारी रखें चालू अंकेक्षण अर्थ परिभाषा आवश्यकता 10 लाभ हानि

अंकेक्षण अर्थ परिभाषाएं 3 उद्देश्य 7 लाभ सीमाएं

अंकेक्षण अर्थ परिभाषाएं 3 उद्देश्य 7 लाभ सीमाएं

अंकेक्षण को अंग्रेजी में Audit कहते हैं जिसको लैटिन भाषा में Audire के नाम से जाना जाता है, इसी शब्द से Audit शब्द का निर्माण किया गया है। Audire का शाब्दिक अर्थ होता है "सुनना इस संबंध में भिन्न-भिन्न विद्वानों के अलग अलग विचार हैं, जिन्हें निम्नांकित दिया जा रहा है- अंकेक्षण किसी व्यवसाय के … पढ़ना जारी रखें अंकेक्षण अर्थ परिभाषाएं 3 उद्देश्य 7 लाभ सीमाएं

चीफ की दावत कहानी सारांश

चीफ की दावत कहानी सारांश

चीफ की दावत कहानी भीष्म साहनी द्वारा लिखी गई एक ऐसी कहानी है जो मन के त्याग और बेटे की अपेक्षा का ताना-बाना बुनती है। इस कहानी के माध्यम से लेखक ने एक मां का दर्द तथा उसके बेटे के उज्जवल भविष्य को बताया है, जो बेटे की अपेक्षा सहन करके भी उसके उज्जवल भविष्य … पढ़ना जारी रखें चीफ की दावत कहानी सारांश

पूस की रात कहानी सारांश

पूस की रात कहानी सारांश

पूस की रात मुंशी प्रेमचंद द्वारा लिखित एक श्रेष्ठ कहानी है। हिन्दी कहानीकार मुंशी प्रेमचन्द जी ने पूस की रात कहानी को सन् 1930 में माधुरी में प्रकाशित कराया था। तात्पर्य यह है कि तब तक प्रेमचन्द का यथार्थवादी दृष्टिकोण पूर्ण रूप में स्पष्ट हो गया था। इससे यथार्थवादिता की प्रेरणा तीव्रतम हुई है। यह … पढ़ना जारी रखें पूस की रात कहानी सारांश

हर्षचरित कथावस्तु के मुख्य 8 बिंदु

हर्षचरित कथावस्तु के मुख्य 8 बिंदु

हर्षचरित कथावस्तु - महाकवि बाणभट्ट की कीर्ति कौमुदी की विस्तारक दो रचनाएं हर्षचरित और कादंबरी हैं। हर्षचरित महाकवि बाणभट्ट की प्रथम रचना है। यह गद्य विद्या में आख्यायिका है। इसमें कुल 8 उच्छवास हैं। प्रथम तीन उच्छवासो में महाकवि बाणभट्ट ने आत्मकथा को प्रस्तुत किया है और शेष उच्छवासों में सम्राट हर्ष के संबंध में … पढ़ना जारी रखें हर्षचरित कथावस्तु के मुख्य 8 बिंदु

किशोरावस्था में सामाजिक विकास – 8 Top Best Qualities

किशोरावस्था में सामाजिक विकास – 8 Top Best Qualities

किशोरावस्था में सामाजिक विकास - किशोरावस्था मनुष्य के जीवन का बसंतकाल माना गया है। उसमें सभी प्रकार के सौंदर्य की रुचि उत्पन्न होती है और बालक इसी समय नए नए और ऊँचे ऊँचे आदर्शों को अपनाता है। जो बालक किशोरावस्था में समाज सुधारक और नेतागिरी के स्वप्न देखते हैं, वे आगे चलकर इन बातों में … पढ़ना जारी रखें किशोरावस्था में सामाजिक विकास – 8 Top Best Qualities

इन्टरनेट परिभाषा लक्षण 10 लाभ

इन्टरनेट परिभाषा लक्षण 10 लाभ

इन्टरनेट की कई परिभाषाएँ हैं परन्तु उनका अर्थ समान है। कुछ परिभाषाएँ निम्नांकित है यह विश्व भर में फैले लाखों कम्प्यूटरों द्वारा घिरे हुए आँकड़ों के संचार की आज्ञा देने वाला अन्तर्सम्बद्ध नेटवर्क की सीरीज है। इन्टरनेट यह वैश्विक संचार का नेटवर्क है जो विश्व भर में फैले कम्प्यूटरों को जुटने एवं सूचनाओं क आदान-प्रदान … पढ़ना जारी रखें इन्टरनेट परिभाषा लक्षण 10 लाभ

कारखाना अधिनियम 1948

कारखाना अधिनियम 1948

कारखाना अधिनियम 1948 के प्रावधान अत्यन्त व्यापक एवं उचित हैं परन्तु कारखानों में इनका उचित पालन न होने के कारण ये अपर्याप्त एवं अनुचित लगते हैं। यदि इन प्रावधानों को कारखानों में ठीक से लागू किया जाय तो इनके अनुचित होने का कोई कारण नहीं बनता। कानून का अनुचित प्रचलन इसे दोषपूर्ण बना देता है। … पढ़ना जारी रखें कारखाना अधिनियम 1948

नियंत्रण अर्थ परिभाषा क्षेत्र व 6 कठिनाइयां

नियंत्रण अर्थ परिभाषा क्षेत्र व 6 कठिनाइयां

नियंत्रण से आशय एक ऐसी प्रक्रिया से लगाया जाता है जिसमें यह देखा जाता है कि लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए जो योजनाएँ बनायी गयी हैं, वह योजनाएँ कार्यान्वित हो रही है या नहीं और यह पता लगाने के लिए जाँच-पड़ताल भी की जाती है। यदि आवश्यकता महसूस हुई तो सुधार भी किया जाता है। … पढ़ना जारी रखें नियंत्रण अर्थ परिभाषा क्षेत्र व 6 कठिनाइयां

परिवर्तन की प्रकृति प्रभाव व प्रबंध पर प्रभाव

परिवर्तन की प्रकृति प्रभाव व प्रबंध पर प्रभाव

रिचार्ड के. एलन के अनुसार, "एक संगठन में परिवर्तन इतना अनिवार्य है कि संगठन और उसमे कार्यरत व्यक्तियों को समय के व्यतीत होने पर या तो आगे बढ़ना होगा अथवा पीछे हटना होगा। वे एक लम्बे समय तक स्थिर नहीं रह सकते। यही स्थिति व्यवसाय एवं उद्योग की है। इस सम्बन्ध में डब्ल्यू, वी. मेरीह्यूम … पढ़ना जारी रखें परिवर्तन की प्रकृति प्रभाव व प्रबंध पर प्रभाव

डाटाबेस सिस्टम चित्रण प्रकार व 6 लाभ

डाटाबेस सिस्टम चित्रण प्रकार व 6 लाभ

डाटाबेस आवश्यक डाटा का संकलन होता है जिसे विभिन्न एप्लीकेशन सिस्टमों द्वारा बाँटा जा सकता है- यह बहुसंख्यक अनुप्रयोगों के महत्व पर जोर देता है। स्थानिक डाटाबेस एक एजेन्सी के लिए सामान्य संसाधन बन जाता है। डाटाबेस का उपयोग किसी प्रोग्राम से डाटा के भौतिक स्टोरेज से पृथक्करण के लिए किया जाता है। अर्थात् प्रोग्राम … पढ़ना जारी रखें डाटाबेस सिस्टम चित्रण प्रकार व 6 लाभ

सॉफ्टवेयर अर्थ आवश्यकता व प्रकार

सॉफ्टवेयर अर्थ आवश्यकता व प्रकार

कम्प्यूटर सिस्टम सॉफ्टवेयर एवं हार्डवेयर दोनों से निर्मित होता है। हार्डवेयर भौतिक संघटकों को शामिल करता है जबकि साफ्टवेयर भौतिक संघटकों के संचालन के लिए प्रयुक्त होने वाले निर्देशों के सैट को सम्मिलित करता है। सॉफ्टवेयर सॉफ्टवेयर उन निर्देशों के सैट या समूह होते हैं जिनके माध्यम से कम्प्यूटर सिस्टम कार्य करता है। साफ्टवेयर के … पढ़ना जारी रखें सॉफ्टवेयर अर्थ आवश्यकता व प्रकार

इलेक्ट्रॉनिक डाटा इंटरचेंज

इलेक्ट्रॉनिक डाटा इंटरचेंज

इलेक्ट्रॉनिक डाटा इंटरचेंज (EDI) नेटवर्क से विभिन्न कम्पनियों के मध्य डाटा को हस्तांतरण होता है यह अलग-अलग कम्प्यूटर सिस्टम अथवा कम्प्यूटर नेटवर्क के बीच डाटा हस्तांतरण की एक विधि होती है। इसका प्रयोग प्रायः ई. कामर्श प्रयोजनों जैसे पेमरहाउस को आदेश भेजने अथवा उनके आदेश को ट्रैक करने के लिए प्रयोग किया जाता है। इलेक्ट्रॉनिक … पढ़ना जारी रखें इलेक्ट्रॉनिक डाटा इंटरचेंज

ऑपरेटिंग सिस्टम

ऑपरेटिंग सिस्टम

ऑपरेटिंग सिस्टम सॉफ्टवेयर उन प्रोग्रामों का संकलन होता है जो एक कम्प्यूटर के सम्पूर्ण प्रचालन का नियंत्रण करते हैं। यह कम्प्यूटर उपयोगकर्ता एवं कम्प्यूटर हार्डवेयर के बीच एक मध्यस्थ के रूप में कार्य करता है। यह ऐसा सॉफ्टवेयर है जो अन्य प्रोग्रामों के निष्पादन का नियंत्रण करता है। ऑपरेटिंग सिस्टम सॉफ्टवेयर सिड्यूलिंग, डीबगिंग, इनपुट/आउटपुट कन्ट्रोल, … पढ़ना जारी रखें ऑपरेटिंग सिस्टम

समन्वय अर्थ व 14 उद्देश्य

समन्वय अर्थ व 14 उद्देश्य

एक संगठन के प्रबन्धकीय कार्यों के उचित रूप से किये जाने के लिए यह आवश्यक है कि सभी प्राकीय कार्यों का समन्वय हो प्रबन्धक द्वारा कार्यों को संगठन के व्यक्तियों व विभागों को कार्यों का बंटवारा तथा अभिहस्ताकन करके किया जाता है। इसलिए यह आवश्यक है कि लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु सभी व्याक्तियों एवं … पढ़ना जारी रखें समन्वय अर्थ व 14 उद्देश्य

संप्रेषण अर्थ बाधाएं 16 आवश्यक तत्

संप्रेषण अर्थ बाधाएं 16 आवश्यक तत्

संप्रेषण में समय लगता है। शब्द सम्प्रइन की उत्पत्ति लैटिन भाषा के शब्द कम्यूनिस से हुई मानी जाती है जिसका आशय है "सामान्य"। इस प्रकार हम कह सकते हैं कि संप्रेषण शब्द लैटिन भाषा के शब्द कम्यूनिस से लिया गया है जिसका आशय है सामान्य रूप से सम्प्रेषण के बारे में यह कहा जा सके … पढ़ना जारी रखें संप्रेषण अर्थ बाधाएं 16 आवश्यक तत्

नेतृत्व अर्थ महत्त्व विशेषताएं 7 सिद्धांत

नेतृत्व अर्थ महत्त्व विशेषताएं 7 सिद्धांत

नेतृत्व से आशय व्यक्ति के व्यवहार के उस गुण से लगाया जाता है जिसके द्वारा वह मार्गदर्शन करता है और नेता के रूप में उनकी क्रियाओं का संचालन करता है। दूसरे शब्दों में यह कहा जा सकता है कि नेता वह गुण है जिसके द्वारा अनुयायियों के एक समूह से बिना दबाव के बाछित कार्य … पढ़ना जारी रखें नेतृत्व अर्थ महत्त्व विशेषताएं 7 सिद्धांत

अभिप्रेरणा‌ अर्थ उद्देश्य महत्व व विधियां

अभिप्रेरणा‌ अर्थ उद्देश्य महत्व व विधियां

अभिप्रेरणा Motivation शब्द Motive से बना हुआ है जिसका शाब्दिक अर्थ इच्छा-शक्ति को जाग्रत करना होता है। इस प्रकार अभिप्रेरणा से तात्पर्य उस शक्ति से है जो व्यक्तियों में काम करने की इच्छा जागृत करती है। दूसरे शब्दों में कहा जा सकता है कि मानव शक्ति के व्यवहार को निर्देशित करना तथा उनसे सहयोग प्राप्त … पढ़ना जारी रखें अभिप्रेरणा‌ अर्थ उद्देश्य महत्व व विधियां

विभागीयकरण

विभागीयकरण

विभागीयकरण (Departmentalization) संगठन संरचना का एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक हिस्सा है, जिसमें कार्यों और जिम्मेदारियों को विभिन्न विभागों या खंडों में विभाजित किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य संगठन के कार्यों को संचालन में सुचारित बनाना है, ताकि विभिन्न कार्यक्रम और कार्यों का प्रबंधन और नियंत्रण किया जा सके। किसी बड़े तथा एकात्मक संगठन को लघु … पढ़ना जारी रखें विभागीयकरण

रेखा संगठन

रेखा संगठन

रेखा संगठन में अधिकार-सत्ता का प्रवाह सीधा उच्च स्तर से निम्न स्तरों की ओर तथा दायित्वों का प्रवाह नीचे से ऊपर की ओर होता है। यह संगठन प्रारूप संगठन संरचना का सर्वाधिक पुराना तथा सरल प्रारूप है। इसे सैनिक संगठन, विभागीय संगठन, लम्बवत् संगठन, सोपानिक संगठन आदि विभिन्न नामों से जाना जाता है। रेखा संगठन … पढ़ना जारी रखें रेखा संगठन

संगठन संरचना

संगठन संरचना

संगठन संरचना से आशय किसी संस्था की समय संगठन व्यवस्था का रूप निश्चित करने लगाया जाता है। संगठन संरचना के द्वारा ऐसे प्रारूप का निर्धारण किया जाता है जिसके अनुसार संस्था के प्रशासनिक संगठन स्थापित एवं निश्चित किये जाते हैं। संगठन संरचना का महत्व विभिन्न कारणों से होता है और यह एक संगठन के सफलता … पढ़ना जारी रखें संगठन संरचना

व्यूहरचना नियोजन

व्यूहरचना नियोजन

व्यूहरचना नियोजन का आशय प्रतिस्पर्द्धियों की गतिविधियों, नीतियों व लक्ष्यों को ध्यान में बते हुए एक विस्तृत योजना निर्माण करने से है जिससे कि संस्था अपने दीर्घकालीन लक्ष्यों को आसानी से प्राप्त कर सके। व्यूहरचना नियोजन में ऐसी योजना तैयार की जाती है जो निर्धारित उद्देश्यों को प्राप्त करने में संस्था की कार्यवाहियों का मार्गदर्शन … पढ़ना जारी रखें व्यूहरचना नियोजन

समामेलित नियोजन

समामेलित नियोजन

समामेलित नियोजन संगठन के निर्धारण तथा कार्य रीति के निर्माण एवं कार्य योजना से सम्बन्ध रखता है। यह सामान्य नियोजन का भाग है। यह दीर्घकालीन रणनीति के अन्तर्गत तैयार किया जाता है। भावी विकास योजनाएँ, उद्देश्य सामान्य नीति तथा लक्ष्य आदि तैयार किये जाते हैं। यह नियोजन की एक प्रक्रिया या कार्यक्रम को सूचित करने … पढ़ना जारी रखें समामेलित नियोजन

अनौपचारिक संगठन

अनौपचारिक संगठन

अनौपचारिक संगठन संस्था में औपचारिक रूप से कार्य करते हुए सामाजिक आवश्यकताओ की पूर्ति हेतु व्यक्तियों के बीच स्थापित हो जाते है। अनौपचारिक संगठन एक ऐसा संगठन होता है जो आधिकारिक रूप से नहीं पंजीकृत किया गया होता है और इसके लिए किसी सरकारी अथवा निजी संरक्षण के तहत कार्य नहीं किया जाता है। ये … पढ़ना जारी रखें अनौपचारिक संगठन

औपचारिक संगठन

औपचारिक संगठन

औपचारिक संगठन से आशय ऐसे संगठन से लगाया जाता है जिसमें सभी अधिकारियों के अधिकारों, कर्तव्यों एवं उत्तरदायित्वों की एकदम स्पष्ट व्याख्या कर दी गयी हो। ऐसे संगठन में प्रत्येक व्यक्ति को एक निश्चित विधि से नियमों का पालन करते हुये कार्य करना पड़ता है। इस संबंध में विभिन्न विद्वानों ने निम्नलिखित परिभाषाएं दी हैं- … पढ़ना जारी रखें औपचारिक संगठन

संगठन अर्थ सिद्धांत उद्देश्य 12 सिद्धांत

संगठन अर्थ सिद्धांत उद्देश्य 12 सिद्धांत

संगठन का अंग्रेजी शब्द Unity है। जिसकी उत्पत्ति ओजी के ही से हुई है जिसका आशय एक ऐसी सरचना से है जो कई भागों में विभक्त हो तथा जिसे एक समुदाय से जोड़ना आवश्यक हो कोई भी संगठन हो यह मानव शरीर के समान होता है क्योंकि जिस प्रकार मानव शरीर के कई विभाग होते … पढ़ना जारी रखें संगठन अर्थ सिद्धांत उद्देश्य 12 सिद्धांत

उद्देश्यों द्वारा प्रबंध

उद्देश्यों द्वारा प्रबंध

उद्देश्यों द्वारा प्रबंध, मिशन द्वारा प्रबन्ध, प्रयोजन द्वारा प्रबंध, परिणामों द्वारा प्रबंध इत्यादि नामों से जाना जाता है। यह आधुनिक प्रबंध का आधुनिक सिद्धान्त है। इसके अन्तर्गत कार्यों को प्रबंध के विभिन्न स्तरों पर निर्धारित किया जाता है, फिर व्यवसाय के उद्देश्यों को पूर करने के लिए निर्देशन दिया जाता है। दूसरे शब्दों में यह … पढ़ना जारी रखें उद्देश्यों द्वारा प्रबंध

निर्णयन की विधियां सिद्धांत व प्रक्रिया

निर्णयन की विधियां सिद्धांत व प्रक्रिया

निर्णयन की विधियां यहाँ उपलब्ध हैं, निर्णय लेना एक कठिन कार्य है इसलिये निर्णय लेते समय बहुत ही सावधानी की आवश्यकता होती है। यदि गलत निर्णय ले लिया जाता है तो उसका परिणाम बहुत ही घातक होगा। इसके साथ-साथ निर्णय तर्कसंगत होना चाहिए अर्थात् निर्णय लेने के लिए उसके पक्ष में ठोस सबूत भी होने … पढ़ना जारी रखें निर्णयन की विधियां सिद्धांत व प्रक्रिया

निर्णयन अर्थ 15 विशेषताएं प्रकृति निर्णयन के प्रकार

निर्णयन अर्थ 15 विशेषताएं प्रकृति निर्णयन के प्रकार

प्रबंधकों द्वारा किये जाने वाले सभी कार्य निर्णयन पर आधारित होते हैं जैसे उत्पादन की श्रेणी क्या होगी, कच्चा माल किस स्तर का प्रयोग किया जायेगा एवं कच्चा माल कहाँ से क्रय किया जायेगा। निर्माण की उत्तम विधि क्या होगी। श्रम शक्ति की उपलब्धि कहाँ से और कब-कब होगी। अतः निर्णय लेना एक प्रक्रिया है … पढ़ना जारी रखें निर्णयन अर्थ 15 विशेषताएं प्रकृति निर्णयन के प्रकार