श्रेणी: शिक्षा के मनोवैज्ञानिक परिप्रेक्ष्य

विकास

विकास

विकास एक सार्वभौमिक प्रक्रिया है जो जन्म से लेकर जीवनपर्यन्त तक अविराम होता रहता है। विकास केवल शारीरिक वृद्धि की ओर ही संकेत नहीं करता बल्कि इसके अंतर्गत वह सभी शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और संवेगात्मक परिवर्तन सम्मिलित रहते हैं, जो गर्भावस्था से लेकर मृत्युपर्यन्त तक निरंतर प्राणी में प्रकट होते रहते हैं। विकास केवल अभिवृद्धि … पढ़ना जारी रखें विकास

सृजनात्मकता परिभाषा प्रकार परीक्षण सिद्धांत व विशेषताएँ

सृजनात्मकता परिभाषा प्रकार परीक्षण सिद्धांत व विशेषताएँ

सृजनात्मकता मानवीय क्रियाकलाप की वह प्रक्रिया है जिसमे गुणगत रूप से नूतन भौतिक तथा आत्मिक मूल्यों का निर्माण किया जाता है। प्रकृति प्रदत्त भौतिक सामग्री में से तथा वस्तुगत जगत की नियमसंगतियों के संज्ञान के आधार पर समाज की विभिन्न आवश्यकताओं की पूर्ति करने वाले नये यथार्थ का निर्माण करने की मानव क्षमता ही सृजनात्मकता … पढ़ना जारी रखें सृजनात्मकता परिभाषा प्रकार परीक्षण सिद्धांत व विशेषताएँ

सृजनात्मकता

सृजनात्मकता

सृजनात्मकता मानवीय क्रियाकलाप की वह प्रक्रिया है जिसमे गुणगत रूप से नूतन भौतिक तथा आत्मिक मूल्यों का निर्माण किया जाता है। प्रकृति प्रदत्त भौतिक सामग्री में से तथा वस्तुगत जगत की नियमसंगतियों के संज्ञान के आधार पर समाज की विभिन्न आवश्यकताओं की पूर्ति करने वाले नये यथार्थ का निर्माण करने की मानव क्षमता ही सृजनात्मकता … पढ़ना जारी रखें सृजनात्मकता

बाल्यावस्था में मानसिक विकास

बाल्यावस्था में मानसिक विकास

बाल्यावस्था में मानसिक विकास शैशवावस्था की अपेक्षा काफी तेजी से होता है। मानसिक दृष्टि से परिपक्व व्यक्ति वह है जो बौद्धिक रूप से चरम सीमा तक पहुंच चुका है। बाल्यावस्था 3 वर्ष से 12 वर्ष की आयु तक को माना जाता है। बाल्यावस्था में मानसिक विकास बाल्यावस्था में मानसिक विकास निम्न प्रकार होता है। तीसरा … पढ़ना जारी रखें बाल्यावस्था में मानसिक विकास

बाल्यावस्था में मानसिक विकास – 3 वर्ष से 12 वर्ष

बाल्यावस्था में मानसिक विकास – 3 वर्ष से 12 वर्ष

बाल्यावस्था में मानसिक विकास शैशवावस्था की अपेक्षा काफी तेजी से होता है। मानसिक दृष्टि से परिपक्व व्यक्ति वह है जो बौद्धिक रूप से चरम सीमा तक पहुंच चुका है। बाल्यावस्था 3 वर्ष से 12 वर्ष की आयु तक को माना जाता है। बच्चों का मानसिक विकास न सिर्फ पढ़ाई-लिखाई से बेहतर होता है, बल्कि खेलने … पढ़ना जारी रखें बाल्यावस्था में मानसिक विकास – 3 वर्ष से 12 वर्ष

मानव विकास की अवस्थाएं

मानव विकास की अवस्थाएं

मानव विकास की अवस्थाएं हमको यह बताती है कि मानव का विकास किस अवस्था में कितना होता है। अनेक मनोवैज्ञानिकों ने मानव के विकास की अवस्थाओं को विभाजित किया है - मानव विकास की अवस्थाएं मानव विकास की मुख्य रूप से तीन अवस्थाएं हैं शैशवावस्था बाल्यावस्थाकिशोरावस्था 1. शैशवावस्था आज का जन्म के होने के उपरांत … पढ़ना जारी रखें मानव विकास की अवस्थाएं

मानव विकास की अवस्थाएं – शैशवावस्था बाल्यावस्था किशोरावस्था

मानव विकास की अवस्थाएं – शैशवावस्था बाल्यावस्था किशोरावस्था

मानव विकास की अवस्थाएं हमको यह बताती है कि मानव का विकास किस अवस्था में कितना होता है। मानव विकास की अवस्था का अर्थ है “परिवर्तन की एक प्रगतिशील श्रृंखला जो परिपक्वता और अनुभव के परिणामस्वरूप एक क्रमिक रूप से अनुमानित पैटर्न में होती है।" मानव विकास, स्वास्थ्य भौतिक पर्यावरण से लेकर आर्थिक, सामाजिक और … पढ़ना जारी रखें मानव विकास की अवस्थाएं – शैशवावस्था बाल्यावस्था किशोरावस्था

मानव का शारीरिक विकास

मानव का शारीरिक विकास

मानव का शारीरिक विकास मुख्य रूप से शैशवावस्था तथा बाल्यावस्था में ही हो जाता है। मानव विकास की मुख्य रूप से तीन अवस्थाएं हैं शैशवावस्था, बाल्यावस्था, किशोरावस्था। शारीरिक विकास की गति स्थिर नहीं होती, वरन् पृथक् आयु अंतराल में भिन्न होती है। मानव का शारीरिक विकास शारीरिक विकास से तात्पर्य, सामान्य शारीरिक रचना, शरीर की … पढ़ना जारी रखें मानव का शारीरिक विकास

मानव का शारीरिक विकास – शैशवावस्था तथा बाल्यावस्था

मानव का शारीरिक विकास – शैशवावस्था तथा बाल्यावस्था

मानव का शारीरिक विकास मुख्य रूप से शैशवावस्था तथा बाल्यावस्था में ही हो जाता है। मानव विकास की मुख्य रूप से तीन अवस्थाएं हैं शैशवावस्था, बाल्यावस्था, किशोरावस्था। शारीरिक विकास की गति स्थिर नहीं होती, वरन् पृथक् आयु अंतराल में भिन्न होती है। मानव का शारीरिक विकास शारीरिक विकास से तात्पर्य, सामान्य शारीरिक रचना, शरीर की … पढ़ना जारी रखें मानव का शारीरिक विकास – शैशवावस्था तथा बाल्यावस्था

शैशवावस्था में मानसिक विकास

शैशवावस्था में मानसिक विकास

शैशवावस्था में मानसिक विकास का मुख्य साधन ज्ञानेंद्रियों की क्षमता एवं गुणवत्ता का विकास होता है। इस विकास के अंतर्गत भाषा स्मृति तर्क चिंतन कल्पना निर्णय जैसी योग्यताओं को शामिल किया जाता है। नवजात शिशु का मस्तिष्क कोरे कागज के समान होता है। अनुभव के साथ साथ उसके ऊपर हर बात लिख दी जाती है।जॉन … पढ़ना जारी रखें शैशवावस्था में मानसिक विकास

बाल विकास के सिद्धांत

बाल विकास के सिद्धांत

बाल विकास के सिद्धांत - जब बालक विकास की एक अवस्था से दूसरे में प्रवेश करता है तब हम उस में कुछ परिवर्तन देखते हैं। अध्ययनों ने सिद्ध कर दिया है कि यह परिवर्तन निश्चित सिद्धांतों के अनुसार होते हैं। इन्हीं को बाल विकास का सिद्धांत कहा जाता है। बाल विकास के सिद्धांत बाल विकास … पढ़ना जारी रखें बाल विकास के सिद्धांत

बाल विकास के सिद्धांत – Principles of Child Development

बाल विकास के सिद्धांत – Principles of Child Development

बाल विकास के सिद्धांत - जब बालक विकास की एक अवस्था से दूसरे में प्रवेश करता है तब हम उस में कुछ परिवर्तन देखते हैं। अध्ययनों ने सिद्ध कर दिया है कि यह परिवर्तन निश्चित सिद्धांतों के अनुसार होते हैं। इन्हीं को बाल विकास का सिद्धांत कहा जाता है। बाल विकास के सिद्धांत बाल विकास … पढ़ना जारी रखें बाल विकास के सिद्धांत – Principles of Child Development