विश्वविद्यालय के कार्य - विश्वविद्यालय (युनिवर्सिटी) वह संस्था है जिसमें सभी प्रकार की विद्याओं की उच्च कोटि की शिक्षा दी जाती हो, परीक्षा ली जाती हो तथा लोगों को विद्या संबंधी उपाधियाँ आदि प्रदान की जाती हों। इसके अंतर्गत विश्वविद्यालय के मैदान, भवन, प्रभाग, तथा विद्यार्थियों का संगठन आदि भी सम्मिलित हैं। विश्वविद्यालय के कार्य … पढ़ना जारी रखें विश्वविद्यालय के कार्य
लेखक: Mathpur
वैदिककालीन शिक्षा के उद्देश्य
वैदिककालीन शिक्षा के उद्देश्य शिक्षा स्वरूप तथा उसकी गंभीरता से यह स्पष्ट होता है कि तत्कालीन शिक्षा के उक्त उद्देश्यों के साथ-साथ एक अति महत्वपूर्ण उद्देश्य तथा आदर्श ज्ञान का विकास था। ईश्वर भक्ति तथा धार्मिकता की भावना चरित्र निर्माण व्यक्तित्व का विकास नागरिक तथा सामाजिक कर्तव्यों का पालन सामाजिक कुशलता की उन्नति और राष्ट्रीय संस्कृति का … पढ़ना जारी रखें वैदिककालीन शिक्षा के उद्देश्य
प्रौढ़ शिक्षा की समस्याएं
प्रौढ़ शिक्षा की समस्याएं - प्रौढ़ शिक्षा निर्विवाद रूप से एक राष्ट्रीय आवश्यकता है। विकास का संबंध केवल कल कारखानों, बांधों और सड़कों से नहीं, इसका संबंध बुनियादी तौर पर लोगों के जीवन से है। इसका लक्ष्य है कि लोगों की भौतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक उन्नति। मानवीय पक्ष तथा उससे जुड़ी हुई बातें सबसे महत्वपूर्ण … पढ़ना जारी रखें प्रौढ़ शिक्षा की समस्याएं
प्रौढ़ शिक्षा की आवश्यकता
प्रौढ़ शिक्षा की आवश्यकता - अशिक्षित मानव पशु के समान ही है, वर्तमान समय के सामाजिक आर्थिक राजनैतिक व्यवसाय तथा तकनीकी वातावरण में अपने को समायोजित करने के लिए तथा प्राकृतिक संपदा व वैज्ञानिक उपलब्धियों का अधिकतम सदुपयोग करने के लिए मानव का शिक्षित होना अत्यंत आवश्यक है। विभिन्न परिस्थितियों के कारण शिक्षा प्राप्त करने … पढ़ना जारी रखें प्रौढ़ शिक्षा की आवश्यकता
प्रौढ़ शिक्षा अर्थ
प्रौढ़ शिक्षा को भिन्न-भिन्न नामों से संबोधित किया जाता है। साक्षरता, समाज शिक्षा, जीवनपर्यंत शिक्षा, उद्देश्यपूर्ण शिक्षा, आधारभूत शिक्षा, द्वितीय अवसर की शिक्षा जैसे विभिन्न नामों से पुकारा जाता है। इन सभी नामों से प्रौढ़ शिक्षा नाम सर्वाधिक उपयुक्त प्रतीत होती है। भारत सरकार ने भी प्रौढ़ शिक्षा नाम को ही अपनाया है। अतः आगे … पढ़ना जारी रखें प्रौढ़ शिक्षा अर्थ
राष्ट्रीय साक्षरता मिशन
पिछले कुछ वर्षों में प्रौढ़ शिक्षा तथा प्राथमिक शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाने पर बल दिए जाने के बावजूद निरीक्षरो की संख्या में निरंतर वृद्धि होती जा रही है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि साक्षरता के प्रसिद्ध में सुधार हुआ है, परंतु निरक्षरो की संख्या विगत 30 वर्षों में डेढ़ गुनी से अधिक हो … पढ़ना जारी रखें राष्ट्रीय साक्षरता मिशन
प्रौढ़ शिक्षा के उद्देश्य
प्रौढ़ शिक्षा की उपयोगिता व्यक्ति व समाज दोनों के लिए है। इसलिए प्रौढ़ शिक्षा के उद्देश्यों को दो भागों व्यक्तिगत उद्देश्य तथा सामाजिक उद्देश्यों में बांटा जा सकता है। प्रौढ़ शिक्षा के उद्देश्य प्रौढ़ शिक्षा के उद्देश्य प्रौढ़ शिक्षा के व्यक्तिगत उद्देश्य व्यक्ति की व्यक्तिगत आवश्यकताओं का कर्तव्य पालन की दृष्टि से प्रौढ़ शिक्षा अत्यंत … पढ़ना जारी रखें प्रौढ़ शिक्षा के उद्देश्य
प्रौढ़ शिक्षा का क्षेत्र
प्रौढ़ शिक्षा केवल साक्षर बनाने तथा साधारण गणित का ज्ञान देने तक सीमित नहीं है, प्रौढ़ शिक्षा का क्षेत्र व्यापक है। प्रौढ़ शिक्षा का क्षेत्र प्रौढ़ शिक्षा के अंतर्गत कम से कम निम्न पांच कार्य सम्मिलित किए जाते हैं प्रौढ़ को आत्म अभिव्यक्ति में निपुण बनाने के लिए साक्षरता प्रसार।व्यक्ति को अपना स्वास्थ्य ठीक रखने … पढ़ना जारी रखें प्रौढ़ शिक्षा का क्षेत्र
शिक्षा का राष्ट्रीयकरण
शिक्षा का राष्ट्रीयकरण - शिक्षा के संदर्भ में राष्ट्रीयकरण का अर्थ है 'शिक्षा पर सरकार का पूर्ण नियंत्रण'। कुछ लोग शिक्षा के राष्ट्रीयकरण का अर्थ सरकारीकरण से लगाते हैं। दूसरे शब्दों में शिक्षा के राष्ट्रीयकरण का अभिप्राय शिक्षा के विभिन्न पहलुओं, पक्षों जैसे शिक्षा के स्वरूप एवं उद्देश्यों का निर्धारण, पाठ्यक्रम निर्माण, पाठ्य पुस्तकों का … पढ़ना जारी रखें शिक्षा का राष्ट्रीयकरण
कोठारी आयोग 1964
कोठारी आयोग - शिक्षा के क्षेत्र में सुधार करने के लिए हमारे देश में जब भी किसी कमेटी अथवा आयोग का गठन किया जाता है तो इसका अभिप्राय यह ही लगाया जाता है कि इस क्षेत्र की लचर व्यवस्था के पुनर्गठन तथा मूल्यांकन के लिए ही इस प्रक्रिया को प्रारंभ किया गया है। स्वतंत्रता प्राप्ति … पढ़ना जारी रखें कोठारी आयोग 1964
त्रिभाषा सूत्र
त्रिभाषा सूत्र - मुदालियर आयोग ने भाषा के संबंध में जो द्विभाषा सूत्र का सुझाव दिया था। जिसमें अंग्रेजी भाषा की उपेक्षा की गई थीी। जिसका अंग्रेजी समर्थकों ने विरोध किया था और 15 वर्षों तक अंग्रेजी भाषा चलती रहने की बात को लेकर हिंदी समर्थकों ने अंग्रेजी का विरोध किया। इन परिस्थितियों में भाषा … पढ़ना जारी रखें त्रिभाषा सूत्र
मुदालियर आयोग 1952
मुदालियर आयोग 1952 - स्वतंत्रता प्राप्त करने के पश्चात यह आवश्यकता अनुभव की गई कि देश की माध्यमिक शिक्षा का अवश्य ही पुनर्मूल्यांकन होना चाहिए। इसलिए सन 1952 में एक आयोग की नियुक्ति हुई। इस आयोग ने अपनी रिपोर्ट सन् 1953 में प्रस्तुत की। इस आयोग के चेयरमैन डा• ए लक्ष्मणस्वामी मुदालियर थे। मुदालियर आयोग … पढ़ना जारी रखें मुदालियर आयोग 1952
विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग
विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग ने भारतीय शिक्षा के गिरते हुए स्तर पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उनमें प्रत्येक संभव उपाय के द्वारा सुधार करने के संबंध में अपने सुझाव दिए। उच्च शिक्षा के स्तर में वृद्धि करने के उद्देश्य से आयोग ने विश्वविद्यालय शिक्षा के स्तर की ओर ध्यान दिया। उनका मानना था कि हमारे … पढ़ना जारी रखें विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग
सार्जेण्ट रिपोर्ट 1944
सार्जेण्ट रिपोर्ट 1944 भारतीय शिक्षा के इतिहास में बहुत महत्वपूर्ण है। इस रिपोर्ट को अनेक नामों से जाना जाता है। जैसे सार्जेण्ट रिपोर्ट, भारत में युद्धोत्तर शिक्षा विकास योजना एवं केंद्रीय शिक्षा सलाहकार योजना की रिपोर्ट आदि। दूसरे विश्व युद्ध के समाप्त होने के बाद भारत सरकार का ध्यान भारतीयों की दशा सुधारने के लिए … पढ़ना जारी रखें सार्जेण्ट रिपोर्ट 1944
बेसिक शिक्षा
बेसिक शिक्षा मूल रूप से व्यावहारिक होती है तथा बालक एक साथ कई विषयों का ज्ञान प्राप्त कर लेता है। बेसिक शिक्षा क्रियाओं तथा अनुभवों पर आधारित है इसीलिए इसका ज्ञान थोड़े से समय में ही हो जाता है। बालकों की शिक्षण व्यवस्था निम्न प्रकार होती है- सबसे पहले बच्चों को कहानी तथा बातचीत के … पढ़ना जारी रखें बेसिक शिक्षा
सैडलर आयोग 1917
सैडलर आयोग - सन् 1913 के "शिक्षा संबंधी सरकारी प्रस्ताव" में प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा की उन्नति एवं विस्तार के लिए अनेक बहुमूल्य विचार व्यक्त किए गए थे। किंतु इन विचारों को व्यावहारिक रूप प्रदान करने के लिए शिक्षाविदों की सहमति की आवश्यकता थी। अतएव शिक्षा आयोग की नियुक्ति का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। … पढ़ना जारी रखें सैडलर आयोग 1917
हण्टर आयोग
हण्टर आयोग - लगभग सन् 1880 में ब्रिटिश प्रशासन को यह आवश्यकता अनुभव हुई की अब तक की शिक्षा की प्रगति का मूल्यांकन किया जाए तथा उत्पन्न हुए दोषों को किस प्रकार दूर किया जाए? इन उद्देश्यों की पूर्ति के लिए 1882 में हण्टर आयोग का गठन किया गया जो भारतीय शिक्षा आयोग के नाम … पढ़ना जारी रखें हण्टर आयोग
लार्ड कर्जन की शिक्षा नीति
लार्ड कर्जन की शिक्षा नीति को एक सरकारी प्रस्ताव के रूप में 11 मार्च 1904 को प्रकाशित कराया गया। प्रस्ताव में उस समय के भारतीय शिक्षा के विभिन्न 200 व कमियों का विश्लेषण किया गया उसके बाद सुधार हेतु सुझाव प्रस्तुत किए गए। प्रस्ताव में शिक्षा की नीति निम्न प्रकार से निर्धारित की गई। प्राथमिक … पढ़ना जारी रखें लार्ड कर्जन की शिक्षा नीति
वुड का घोषणा पत्र
वुड का घोषणा पत्र - 19 जुलाई 1854 को ईस्ट इंडिया कंपनी की ओर से एक नया शिक्षा संबंधी घोषणा पत्र आया। इस घोषणा पत्र को वुड का घोषणा पत्र कहा गया। इस घोषणा पत्र का मुख्य कारण भारतियों की शिक्षा सम्बंधी मांग थी। 1853 में कंपनी को ब्रिटिश सरकार की ओर से एक आज्ञा … पढ़ना जारी रखें वुड का घोषणा पत्र
एडम रिपोर्ट
एडम रिपोर्ट - एडम एक शिक्षाविद्, विद्वान एवं कर्तव्यनिष्ठ समाज सेवक थे। एडम का मानना था कि शिक्षा के द्वारा ही किसी भी समाज का विकास किया जा सकता है। तत्कालीन गवर्नर जनरल लॉर्ड विलियम बेंटिक ने एडम को बिहार तथा बंगाल में शिक्षा की स्थिति का सर्वेक्षण करने का कार्य दिया था। एडम रिपोर्ट … पढ़ना जारी रखें एडम रिपोर्ट
मैकाले का विवरण पत्र 1835
मैकाले का विवरण पत्र 1835 - 10 जून 1834 को लॉर्ड मैकाले ने गवर्नर जनरल की काउंसिल के कानूनी सदस्य के रूप में भारत में पदार्पण किया। उस समय तक प्राच्य पाश्चात्य विवाद उग्रतम रूप धारण कर चुका था। बैंटिक को विश्वास था कि मैंकॉले जैसा प्रकांड विद्वान ही इस विवाद को समाप्त कर सकता … पढ़ना जारी रखें मैकाले का विवरण पत्र 1835
मुस्लिमकालीन शिक्षा
मुस्लिमकालीन शिक्षा, मध्यकालीन युग में अरब की सामाजिक तथा सांस्कृतिक नीतियों का प्रभाव भारत के समाज विशेषकर कला एवं संस्कृति पर पड़ा। इसी प्रभाव का असर हमारी तत्कालीन शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ा। इसके फलस्वरूप शिक्षा जगत भी प्रभावित हुए बिना न रह सका। 11वीं शताब्दी में मुस्लिम आक्रमणों की जो श्रंखला प्रारंभ हुई वह … पढ़ना जारी रखें मुस्लिमकालीन शिक्षा
तक्षशिला विश्वविद्यालय
तक्षशिला विश्वविद्यालय वर्तमान पाकिस्तान के रावलपिडी शहर से 35 कि•मी• उत्तर की ओर स्थित था। तक्षशिला नगर तत्कालीन राज्य की राजधानी था। वैदिक काल में यह वैदिककालीन शिक्षा का मुख्य केंद्र था। बाद में यह बौद्धकालीन शिक्षा के मुख्य केंद्र के रूप में विकसित हुआ। तक्षशिला विश्वविद्यालय यह विश्व का प्रथम विश्विद्यालय था जिसकी स्थापना … पढ़ना जारी रखें तक्षशिला विश्वविद्यालय
बौद्धकालीन शिक्षा
बौद्धकालीन शिक्षा के दो प्रमुख स्तर निम्न थे- प्राथमिक स्तर - जातक कथाओं से प्राप्त जानकारी के अनुसार बौद्ध काल की प्राथमिक शिक्षा सांसारिक शिक्षा के रूप में दी जाती थी। इस संबंध में फाह्यान ने भी सामान्य अथवा प्राथमिक शिक्षा की चर्चा अपने ग्रंथों में की है।उच्च स्तर - इस संबंध में प्रो• अल्तेकर … पढ़ना जारी रखें बौद्धकालीन शिक्षा
वैदिककालीन शिक्षा
वैदिककालीन शिक्षा - धर्म और धार्मिक मान्यताएं भारतीय शिक्षा के पीछे हजारों वर्षों की शैक्षिक तथा सांस्कृतिक परंपरा का आधार हैं। प्राचीन काल में शिक्षा का आधार क्रियाएं थी। वैदिक क्रिया ही शिक्षा का प्रमुख आधार थी। समस्त जीवन धर्म से चलायमान था। भारतीय शिक्षा का प्रमुख ऐतिहासिक साक्ष्य वेद है। वैदिक युग में शिक्षा … पढ़ना जारी रखें वैदिककालीन शिक्षा
मृदा प्रदूषण
मृदा के किसी भी भौतिक रासायनिक और जैविक घटक में आवांछनीय परिवर्तन को मृदा प्रदूषण कहते हैं। मृदा प्रदूषण न केवल विस्तृत वनस्पति को प्रभावित करता है बल्कि यह मिट्टी के सूक्ष्म जीवों की संख्या में परिवर्तन कर देते हैं, जो कि मृदा को उपजाऊ बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है। मृदा प्रदूषण के … पढ़ना जारी रखें मृदा प्रदूषण
विस्थापन के कारण
विस्थापन के कारण - विस्थापन शब्द अंग्रेजी भाषा के Displacement शब्द से बना जिसका अर्थ है अपना स्थान बदलना। जब कोई व्यक्ति अथवा समूह किसी कारण से अपने स्थाई स्थान से हटा दिया जाता है तो इस क्रिया को विस्थापन कहते हैं। जबकि हटाए गए व्यक्ति को विस्थापित कहते हैं। उदाहरण के लिए भारत में … पढ़ना जारी रखें विस्थापन के कारण
वृद्धों की योजनाएं
वृद्धों की योजनाएं वृद्धों की चौमुखी सहायता करने के लिए संस्थाओं द्वारा चलाई जाती हैं। वृद्धजनों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सरकारी और गैर सरकारी संस्थान मिलकर कार्य कर रहे हैं। वृद्धों की योजनाएं वृद्धों के लिए निम्नलिखित कल्याणकारी कार्यक्रम और योजनाएं चलाई गई है- राष्ट्रीय वृद्धजन परिषदराष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजनाकेंद्रीय सहायता योजनावृद्ध … पढ़ना जारी रखें वृद्धों की योजनाएं
पारिस्थितिकी
पारिस्थितिकी शब्द वर्तमान में प्रचलित Ecology शब्द का हिंदी अनुवाद है। Ecology शब्द का उद्गम ग्रीक भाषा के 2 शब्दों Oikos= House या घर तथा Logus= Study या अध्ययन से हुआ है। इस शब्द के जन्मदाता रिटर्न ए सर्वप्रथम 1807 में इस शब्द का प्रयोग किया लेकिन जर्मन वैज्ञानिक अर्नेस्ट हैकल ने इस शब्द की … पढ़ना जारी रखें पारिस्थितिकी
जातीय संघर्ष
भारत में जातीय संघर्ष सर्वाधिक मिलता है। स्वतंत्र भारत में जाति संघर्षों में बाढ़ सी आई है। जातीय ऊंच-नीच, भेदभाव व संकीर्णता से अनेक तत्वो, विरोधो व संघर्षों को जन्म दिया है। आज एक जाति दूसरी जाति के विरुद्ध मोर्चाबंदी किए है एक क्षेत्र दूसरे क्षेत्र के विरोध में खड़ा है।पी• एन• हक्सर Today cost … पढ़ना जारी रखें जातीय संघर्ष








