जनमत अर्थ परिभाषा Top 7 विशेषताएं

जनमत अर्थ परिभाषा Top 7 विशेषताएं

आधुनिक युग में जनमत सामाजिक नियंत्रण का महत्वपूर्ण साधन है। आदिम समाजों में यह सामाजिक नियंत्रण का प्रमुख साधन है। ग्रामीण क्षेत्रों में जन मत ही सर्वोपरि होता है, इसकी अवहेलना करना प्रायः ग्रामीणों के लिए असंभव होता है। गांवों में इसका प्रतिनिधित्व ग्राम पंचायतें करती हैं। ग्रामीणों में पंच के प्रति अगाध श्रद्धा होती है। इसीलिए गांवों में पंच को परमेश्वर भी कहा जाता है। पंचों को परमेश्वर मानने के कारण ग्रामीण पंच से भयभीत भी रहते हैं। आज के जटिल एवं लोकतांत्रिक समाजों में जनमत महत्वपूर्ण स्थान ग्रहण कर चुका है।

जनमत

जनमत

प्रजातांत्रिक शासन व्यवस्था में जन मत के द्वारा ग्रहण कर चुका है। प्रजातांत्रिक शासन व्यवस्था में जन मत के द्वारा सरकारें बदल दी जाती है। जनमत को दरकिनार करके कोई भी सरकार शासन नहीं कर सकती, इसीलिए उसे जन मत का सम्मान रखकर ही कानून बनाना पड़ता है। विभिन्न विद्वानों ने जनमत को इस प्रकार परिभाषित किया है-

‘जनमत एक निर्णय है जो जनता का निर्माण करने वाले लोगों द्वारा बनाया और स्वीकार किया जाता है तथा जो सार्वजनिक कार्यों से संबंधित होता है।

जॉन डेवी

‘एक समय विशेष में किसी विशिष्ट समस्या के संबंध में एक छोटे या बड़े समुदाय के लोगों द्वारा स्वीकृत मत को ही जनमत कहते हैं।

कुप्पूस्वामी

जन मत से तात्पर्य विचारों के उस समूह है जो किसी समस्या पर जनता रखती है एवंव्यक्त करती है।

वी. वी. अकोलकर
जनमत

जनमत की विशेषताएं

  1. यह किसी व्यक्ति विशेष या समाज के प्रभुत्व-संपन्न व्यक्तियों का मत नहीं है।
  2. इसकी प्रकृति स्थिर नहीं होती। समय एवं परिस्थितियों के अनुसार परिवर्तित होता रहता है।
  3. इसका आशय बहुमत अथवा सर्वसम्मत मत से नहीं होता है। Hindibag
  4. इसका संबंध सर्वसाधारण एवं सार्वजनिक समस्या से होता है किसी व्यक्ति विशेष अथवा वर्ग विशेष से नहीं।
  5. जनमत निर्माण में शक्ति संपन्न एवं प्रभावशाली वर्गों का प्रभाव होता है परन्तु इसमें अल्पसंख्यक एवं बहुसंख्यक वर्ग का भी समुचित ध्यान रखा जाता है।
  6. जन मत शक्तिशाली होता है क्योंकि यह समाज या समूह की सामूहिक विचारधारा का प्रतिनिधित्व करता है। यह व्यक्ति तथा समाज को प्रभावित एवं नियंत्रित करता है अतः इसकी अवहेलना करना संभव नहीं।
  7. जनमत निर्माण की प्रक्रिया वाद-विवाद एवं विचार-विमर्श से होकर गुजरती है। इसके अंतर्गत विरोधी पक्ष के लाभदायक विचारों का भी समावेश होता है।
जनमत अर्थ

“जनमत” की विशेषताएँ समृद्धि, समाज, और राजनीति के क्षेत्र में विभिन्न पहलुओं को दर्शाती हैं। यह जनता की राय और आदान-प्रदान को दर्शाता है और एक लोकतंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह कुछ मुख्य विशेषताएँ हो सकती हैं:

  1. स्वतंत्रता: यह सिद्धांत एक स्वतंत्र जनता पर आधारित होता है, जो अपनी स्वतंत्रता का उपयोग करके सार्वजनिक निर्णय में भाग लेती है।
  2. चयन प्रक्रिया: इसका मूल सिद्धांत है कि जनता अपने नेताओं को चुनती है। चयन प्रक्रिया नियमित अंतरालों में होती है और जनता को अपने नेताओं का चयन करने का अधिकार देती है।
  3. शासन सुरक्षा: जनमत ने शासन की सुरक्षा के लिए जनता को विभिन्न साधन प्रदान किए हैं, जैसे कि चुनाव, संविधान, और संसदीय प्रक्रियाएँ।
  4. मानव अधिकारों का समर्थन: इसने मानव अधिकारों का पूरा समर्थन किया है और इसे एक सुशासन में सुनिश्चित करने के लिए उत्साहित किया है।
  5. अवसर समानता: जनमत में समानता और अवसर का सिद्धांत महत्वपूर्ण है, जो समाज के सभी वर्गों को समान अवसर प्रदान करता है।
  6. सार्वजनिक उद्दीपन: इसमें सार्वजनिक उद्दीपन और जानकारी का समर्थन किया जाता है, ताकि जनता सही और सुस्त निर्णय ले सके।

यह एक समृद्धि, सामाजिक संरचना और सरकारी प्रणाली की बनावट को दर्शाने वाला महत्वपूर्ण सिद्धांत है जो एक लोकतंत्र में अद्वितीय भूमिका निभाता है।

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