शैक्षिक व व्यावसायिक निर्देशन में अंतर

शैक्षिक व व्यावसायिक निर्देशन में अंतर

शैक्षिक व व्यावसायिक निर्देशन में अंतर – शैक्षिक तथा व्यावसायिक निर्देशन के बीच परस्पर गहरा संबंध है। शिक्षा का उद्देश्य व्यक्ति को अजीब का कमाने के योग्य बनाना है। व्यावसायिक निर्देशन का आधार शैक्षिक उपलब्धि है। शिक्षा शास्त्री दोनों के रूप में कोई अंतर नहीं मानते परंतु फिर भी सूक्ष्मता की दृष्टि से दोनों में निम्न अंतर पाया जाता है।

शैक्षिक व व्यावसायिक निर्देशन में अंतर

शैक्षिक व व्यावसायिक निर्देशन में अंतर

क्रम संख्याशैक्षिक निर्देशनव्यावसायिक निर्देशन
1.शैक्षिक निर्देशन में छात्रों को विभिन्न शैक्षिक विषयों तथा संस्थाओं के बारे में जानकारी प्रदान की जाती है।व्यावसायिक निर्देशन में विभिन्न व्यावसायिक विषयों तथा व्यावसायिक संस्थाओं के बारे में जानकारी प्रदान की जाती है।
2.शैक्षिक निर्देशन में छात्रों के बौद्धिक विकास पर अधिक जोर दिया जाता है।व्यावसायिक निर्देशन में व्यावहारिक पक्ष पर अधिक जोर दिया जाता है।
3.शैक्षिक विकास में छात्रों की व्यक्तिगत भिन्नता तथा शैक्षिक अवसरों की विविधता में संतुलन रखा जाता है।व्यावसायिक निर्देशन में व्यावसायिक विकास पर जोर दिया जाता है।
4.शैक्षिक निर्देशन में पाठ्यक्रम के बारे में जानकारी दी जाती है।व्यावसायिक निर्देशन में व्यवसाय संबंधी जानकारी दी जाती है।
5.शैक्षिक निर्देशन उपयुक्त पाठ्यक्रम को चुनने में सहायता प्रदान करता है।व्यावसायिक निर्देशन उपयुक्त व्यवसाय को चुनने में सहायता प्रदान करता है।
6.शैक्षिक निर्देशन में अन्य विधियों के साथ निबंधात्मक परीक्षा प्रणाली ही उपयुक्त है।व्यावसायिक निर्देशन मानवीयकृत परीक्षा प्रणाली पर आधारित होता है।
7.शैक्षिक निर्देशन का प्राथमिक तथा माध्यमिक स्तर पर विशेष महत्व है।व्यावसायिक निर्देशन उच्च माध्यमिक स्तर पर अधिक महत्वपूर्ण है।
8.शैक्षिक निर्देशन सामान्य अध्यापकों के सहयोग से भी सफल हो सकता है।व्यावसायिक निर्देशन के लिए प्रशिक्षित तथा अनुभवी व्यक्तियों का योगदान आवश्यक है।
शैक्षिक व व्यावसायिक निर्देशन में अंतर
शैक्षिक व व्यावसायिक निर्देशन में अंतर

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