जीवन परिचय

किसी व्यक्ति विशेष के जीवन वृतांत को जीवन परिचय कहा जाता है। इसे दो लोग लिख सकते हैं, एक अपने जीवन के बारे में लिखना और दूसरा किसी दूसरे के जीवन के बारे में लिखना। जब व्यक्ति अपने बारे में खुद लिखता है तो उसे आत्मकथा कहते हैं। जब व्यक्ति अपने बारे में खुद लिखता है तो वह अपनी कुछ बातों को छुपा भी सकता है और कुछ असत्य कथन भी वर्णन कर सकता है। जीवनी का उद्देश्य तभी पूरा होगा जब तथ्य व घटनाक्रम प्रामाणिक हो।

जीवन परिचय

अंग्रेजी शब्द Biography का अर्थ जीवन परिचय होता है। जहां Bio का अर्थ है जीवन वही Graphy का अर्थ है वर्णन। अर्थात् जीवन परिचय में किसी व्यक्ति के जीवन के वर्णन का अध्ययन किया जाता है। अपने कार्य क्षेत्र में विख्यात व्यक्ति की जीवनी लिखी जाती है। जिसमें जीवन की सभी महत्वपूर्ण उपलब्धियों एवं घटनाओं का वर्णन होता है। जीवन चरित में एक ओर जीवन की स्थूल बाह्य घटनाएँ हैं तथा दूसरी ओर किसी व्यक्ति के चरित्र की कुछ विशेषताएँ हैं जो पाठक के लिए प्रेरणादायी बन सकती हैं।

जीवनी में किसी एक व्यक्ति के यथार्थ जीवन के इतिहास का आलेखन होता है जबकि इतिहास कई लोगों के जीवन परिचय को एक साथ दर्शाती है।

जीवनी में अभीष्ट के प्रति लेखक में आदर व गर्व का भाव होना चाहिए, जिससे वह एक आदर्श जीवन चरित की प्रमुख विशेषताओं को उजागर कर सके। जीवनवृत्तांत इतिहास की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण सिद्ध हुए हैं, इतिहासकार इसकी प्रमाणिकता पर तो शक करते ही हैं लेकिन उनके कार्य क्षेत्र के आधार पर उस समय को अपने इतिहास लेखन में प्रदर्शित करते रहते हैं। संस्मरण में लेखक अपने आसपास के समाज, परिस्थितियों व अन्य घटनाओं के बारे में लिखता हैं जबकि आत्मकथा में केन्द्र लेखक स्वयं होता है।

जीवन परिचय के प्रकार

आदर्श चरित्र के आधार पर कई तरह के जीवन परिचय होते है। आत्मीय, लोकप्रिय, कलात्मक और मनोवैज्ञानिक जीवनी। अध्ययन की दृष्टि से विभिन्न क्षेत्रों के विख्यात व्यक्तियों के जीवन चरित्र का अध्ययन निम्न प्रकार से किया जा सकता है-

  1. लेखक
  2. कवि
  3. गायक
  4. नेता
  5. वैज्ञानिक
  6. अभिनेता
  7. अभिनेत्री

लेखकों का जीवन परिचय

लेखक अपनी लेखनी के लिए प्रसिद्ध होते हैं। लेखकों ने विभिन्न प्रकार की विधाओं में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। जन सामान्य आज भी लेखकों के इन उपन्यासों कहानियों के बारे में पढ़ा करते हैं। उन्हीं लेखकों ने अपने जीवन काल में कौन-कौन सी रचनाएं और कैसी भाषा शैली का प्रयोग किया वह हम लोग लेखकों के जीवन परिचय में पढ़ते हैं। इसमें मुख्य रूप से लेखक का जन्म, जन्म स्थान, शिक्षा, रचनाएँ, भाषा शैली, मृत्यु आदि का अध्ययन किया जाता है।

कवियों का जीवन परिचय

कवि उसे कहते हैं जो काव्य की रचना करते हैं, जैसे कविताएं, दोहा, चौपाई, रोला, सोरठा आदि। दूसरे शब्दों में वह व्यक्ति जो शब्दों के अत्यंत सौंदर्यपूर्ण प्रयोग के माध्यम से विचारों को मधुर, रचनात्मक, लयबद्धता में व्यक्त करता है कवि कहलाता है। कवि को हम शायर भी कह सकते हैं क्योंकि यह वह लोग होते हैं जिनके हृदय से भाव उत्पन्न होता है। एक कवि का कार्य क्षेत्र सीमित होता है। कवियों का जीवन परिचय हमें यह बताएगा कि कवि ने किस तरीके से काव्य रचनाएं की।

एक कवि का काम विचारों को शाब्दिक अर्थ में व्यक्त करना है। कवि प्राचीन काल से लगभग सभी भाषाओं में मौजूद रहे हैं और विभिन्न संस्कृतियों और कालखंडों में बहुत भिन्न-भिन्न कार्यों का निर्माण किया है। प्रत्येक सभ्यता और भाषा के दौरान, कवियों ने विभिन्न शैलियों का उपयोग किया है जो समय के साथ बदल गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप अनगिनत कवियों के रूप में विविध साहित्य का उत्पादन हुआ है।

हिंदी भाषा के प्रसिद्ध कवि

गायकों का जीवन परिचय

व्यक्ति जो गायन करता है गायक या गवैया कहलाता है। गायन में सुरों की सहायता से संगीतमय ध्वनि उत्पन्न की जाती है जो सामान्य बोलचाल की गुणवत्ता को राग और ताल दोनों के प्रयोग से बढाती है। हर वह व्यक्ति जो बोल सकता है वह गा भी सकता है, क्योंकि गायन बोली का ही एक परिष्कृत रूप है। एक अच्छा गायक बनने के लिए कुछ विशेष कलाओं की जानकारी होनी चाहिए। गायकों का जीवन परिचय हमें गायक के जन्म, शिक्षा तथा उनकी प्रसिद्धि के बारे में बताता है।

भारत के प्रसिद्ध गायक

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