सरदार पूर्ण सिंह

सरदार पूर्ण सिंह भारत के देशभक्त, शिक्षाविद, अध्यापक, वैज्ञानिक एवं लेखक थे। वे पंजाबी कवि थे और आधुनिक पंजाबी काव्य के संस्थापकों में उनकी गणना होती है। उन्होंने अपने प्रारंभिक जीवन में ही उर्दू, पंजाबी, फारसी, संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी आदि भाषाओं का ज्ञान प्राप्त कर लिया था। उनकी भाषा में सर्वत्र विशेष प्रकार का प्रवाह लक्षित होता है। वे पंजाबी कवि थे और आधुनिक पंजाबी काव्य के संस्थापकों में उनकी गणना होती है। Hindibag

सरदार पूर्ण सिंह जीवन परिचय

 
सरदार पूर्ण सिंह
लेखक
जन्म

1881 ई

जन्म स्थान

एबटाबाद पकिस्तान

मृत्यु

1931 ई

पिता

सरदार करतार सिंह

भाषा

हिंदी, पंजाबी, उर्दू, अंग्रेजी

शैली

भावात्मक शैली

पूर्णसिंह भारत के देशभक्त, शिक्षाविद, अध्यापक, वैज्ञानिक एवं लेखक थे। वे पंजाबी कवि थे और आधुनिक पंजाबी काव्य के संस्थापकों में उनकी गणना होती है।

शिक्षा

सरदार पूर्ण का जन्म 1881 में सीमा प्रान्त के एबटाबाद नामक स्थान में हुआ था। इनके पिता जी सरकारी नौकर थे। उनकी मैट्रिक तक की शिक्षा रावल पिंडी में हुई और इण्टर की परीक्षा 'लाहौर' में उत्तीर्ण की जो कि अब 'पाकिस्तान' में है। 'बाद वो 'रखायन शास्त्र' के अध्ययन के लिए जापान चले गये। और वहाँ तीन वर्ष तक इम्पीरिअल यूनिवर्सिटी में अध्ययन किया। इनकी भेंट स्वामी रामतीर्थ जी से हुई और वहाँ पर उनकी संगत का उन पर बहुत गहरा असर हुआ। जिससे वह सन्यासी जीवन जीने लगे। कुछ समय बाद विचार परिवर्तन से इन्होंने गृहस्थ जीवन जीने लगे और देहराइन के 'फारेस्ट कालेज' में अध्यापक हो गये।

रचनाएं

सरदार पूर्ण सिंह के कुल 6 निबंध हिंदी में उपलब्ध हैं

  1. सच्ची वीरता
  2. आचरण की सभ्यता
  3. मजदूरी और प्रेम
  4. अमेरिका का मस्त जोगी वाल्ट हिटमैन
  5. कन्यादान
  6. पवित्रता

ये निबंध सरस्वती में प्रकाशित हुए थे और इनके कारण ही सरदार पूर्णसिंह ने हिंदी के निबंधकारों में अपना विशेष स्थान बना लिया है।

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