भारतीय समाज मुद्दे एवं समस्याएं

Bhartiya samaj mein nari

भारतीय समाज में नारी

भारतीय समाज में नारी की स्थिति अनेक प्रकार के विरोधों से ग्रस्त रही है। एक तरफ़ वह परंपरा में शक्ति और देवी के रूप में देखी गई है, वहीं दूसरी ओर शताब्दियों से वह ‘अबला’ और ‘माया’ के रूप में देखी गई है। दोनों ही अतिवादी धारणाओं ने नारी के प्रति समाज की समझ को, …

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आर्थिक विकास

विस्थापन के कारण

विस्थापन के कारण – विस्थापन शब्द अंग्रेजी भाषा के Displacement शब्द से बना जिसका अर्थ है अपना स्थान बदलना। जब कोई व्यक्ति अथवा समूह किसी कारण से अपने स्थाई स्थान से हटा दिया जाता है तो इस क्रिया को विस्थापन कहते हैं। जबकि हटाए गए व्यक्ति को विस्थापित कहते हैं। उदाहरण के लिए भारत में …

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वृद्धों की योजनाएं

वृद्धों की योजनाएं

वृद्धों की योजनाएं वृद्धों की चौमुखी सहायता करने के लिए संस्थाओं द्वारा चलाई जाती हैं। वृद्धजनों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सरकारी और गैर सरकारी संस्थान मिलकर कार्य कर रहे हैं। वृद्धों की योजनाएं वृद्धों के लिए निम्नलिखित कल्याणकारी कार्यक्रम और योजनाएं चलाई गई है- राष्ट्रीय वृद्धजन परिषद राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना केंद्रीय …

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निर्धनता का सामाजिक प्रभाव, जातीय संघर्ष

जातीय संघर्ष

भारत में जातीय संघर्ष सर्वाधिक मिलता है। स्वतंत्र भारत में जाति संघर्षों में बाढ़ सी आई है। जातीय ऊंच-नीच, भेदभाव व संकीर्णता से अनेक तत्वो, विरोधो व संघर्षों को जन्म दिया है। आज एक जाति दूसरी जाति के विरुद्ध मोर्चाबंदी किए है एक क्षेत्र दूसरे क्षेत्र के विरोध में खड़ा है। पी• एन• हक्सर Today …

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घरेलू हिंसा

जातीय संघर्ष निवारण

जातीय संघर्ष निवारण के लिए अनेक समाज शास्त्रियों ने अपने अपने सुझाव दिए हैं। स्वस्थ समाज के विकास के लिए आवश्यक है कि विकास के मार्ग की बाधाओं और समस्याओं को दूर किया जाए तथा अनुकूल परिस्थितियों का सृजन किया जाए। जातीय संघर्ष निवारण जातीय संघर्षों निवारण हेतु सुझाव निम्नलिखित हैं। जातिवाद की समाप्ति आर्थिक …

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वृद्धो की समस्याएं

भारत में वृद्धो की समस्याएं

वृद्धो की समस्याएं – सामान्यत: 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों की गणना वृद्ध वर्ग के अंतर्गत की जाती है लेकिन भारत में जहां व्यक्ति की औसत जीवन अवधि अपेक्षाकृत कम है 69 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों को वृद्ध कहा जाता है। भारत में स्वास्थ्य सेवाओं के विकास, आयु संभावित में वृद्धि …

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धर्म में आधुनिक प्रवृत्तियां

संघर्ष अर्थ व विशेषताएं

संघर्ष वह प्रयत्न है जो किसी व्यक्ति या समूह द्वारा शक्ति, हिंसा या प्रतिकार अथवा विरोधपूर्ण किया जाता है। संघर्ष अन्य व्यक्तियों या समूहों के कार्यों में प्रतिरोध उत्पन्न करते हुए बाधक बनता है। दूसरे शब्दों में यह कहा जा सकता है ऐसा प्रश्न जो स्वयं के स्वार्थ के लिए व्यक्तियों या सामूहिक कार्य में …

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तलाक

तलाक – भारतीय समाज में अनेकों वैवाहिक समस्याएं विद्यमान है। दिन में एक प्रमुख समस्या तलाक या विवाह-विच्छेद की है, जोकि व्यक्तिक विघटन को प्रोत्साहित करती है। जब किसी व्यक्ति का विवाह किसी लड़की के साथ होता है तो वे दोनों पवित्र अग्नि के समक्ष मेरे लेकर एक दूसरे का सुख दुख में साथ निभाने …

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मानवाधिकार आयोग

मानवाधिकार आयोग

भारत में राष्ट्रीय स्तर व राज्य स्तर दोनों पर मानवाधिकार आयोग की स्थापना की गई है। जिसका मुख्य उद्देश्य मानव के अधिकार का संरक्षण करना, जागरूकता फैलाना व शोध कार्य करना है। राष्ट्रीय तथा राज्य स्तरीय मानवाधिकार आयोगों का अध्ययन हम लोग करने वाले हैं। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 की धारा 3 …

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हण्टर आयोग 1882, सैडलर आयोग, शैक्षिक प्रबन्धन कार्य, वेदान्त दर्शन

मानवाधिकार

मानवाधिकार का व्यक्ति के व्यक्तित्व विकास तथा समाजपयोगी कार्यों में महत्वपूर्ण स्थान होता है। अधिकार, सामाजिक जीवन की अनिवार्य आवश्यकता है। अधिकारों के बिना मानव जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है। राज्य द्वारा व्यक्ति के व्यक्तित्व, विकास हेतु अनेक सुविधाएं दी जाती हैं। राज्य के द्वारा व्यक्ति को प्रदान की जाने वाली बाहरी …

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दहेज प्रथा

दहेज उस धन या संपत्ति को कहते हैं जो विवाह के समय कन्या पक्ष द्वारा वर पक्ष को दिया जाता है। हिंदू विवाह से संबंधित विभिन्न समस्याओं में से दहेज समस्या एक भीषण समस्या है। दहेज वह संपत्ति है जो विवाह के अवसर पर लड़की के माता-पिता या अन्य निकट संबंधियों द्वारा दी जाती है। …

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घरेलू हिंसा

घरेलू हिंसा

घरेलू हिंसा, भारतीय समाज में अनेक प्रकार की समस्याएं पाई जाती हैं, जिनका समाधान करने के लिए परिवार का प्रत्येक सदस्य प्रयत्नशील रहता है। कभी-कभी पारिवारिक समस्याएं इतना विकराल रूप धारण कर लेती हैं कि परिवार के सदस्यों द्वारा उनका समाधान कर पाना असंभव हो जाता है। इस स्थिति में परिवार के सदस्य हिंसा का …

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सामाजिक प्रक्रियाएं

दलित समस्या समाधान

दलित समस्या समाधान – जिन वर्गों का प्रयोग हिंदू सामाजिक संरचना सोपान में निरंतर स्थान रखने के लिए समुदायों के लिए किया जाता है वह दलित व अनुसूचित जातियां कहलाती हैं। ‘निम्नतम’ स्थान का आधार इन जातियों के उस व्यवसाय से जुड़ा है, जिसे अपवित्र कहा गया है। यहां पर दलितों की विवेचना अनुसूचित जाति …

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पिछड़ा वर्ग समस्या समाधान सुझाव

पिछड़ा वर्ग समस्या समाधान सुझाव – पिछड़ा वर्ग शब्द का प्रयोग समाज के कमजोर वर्गों विशेषत: अनुसूचित जातियों, जनजातियों और पिछड़े वर्गों के संदर्भ में किया जाता है। भारतीय संविधान में पिछड़ा वर्ग शब्द का प्रयोग किया गया है। सामान्यत: इन वर्गों में अनुसूचित जातियों, जनजातियों, भूमिहीन श्रमिकों एवं लघु कृषकों आदि को शामिल किया …

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अल्पसंख्यक कल्याण कार्यक्रम

अल्पसंख्यक कल्याण कार्यक्रम

अल्पसंख्यक कल्याण कार्यक्रम – धार्मिक एवं भाषाई अल्पसंख्यकों की समस्याओं के समाधान हेतु सरकार ने अनेक प्रयास किए हैं। अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा के लिए अनेक प्रावधान किए गए हैं। संविधान के अनुच्छेद 14, 15 एवं 16 में कानून के समक्ष समानता एवं विधि के समान संरक्षण का आश्वासन दिया गया है। किसी भी …

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