शिक्षा के मनोवैज्ञानिक परिप्रेक्ष्य

अधिगम, मंदबुद्धि बालक, मुदालियर आयोग

अधिगम

अधिगम विकास का आधार है। ज्ञान प्राप्त करके व्यक्ति अनेक अनुभवों से परिचित होता है। इन अनुभवों के द्वारा उसके विचारों, संवेगो, कार्यों आदि में किसी न किसी प्रकार का परिवर्तन अवश्य होता है। यह परिवर्तन ही व्यक्ति के विकास की प्रक्रिया को संचालित करता है। व्यक्ति के विकास को दिशा एवं गति देने वाले …

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भाषा की प्रकृति, किशोरावस्था

किशोरावस्था

बाल्यावस्था के समापन अर्थात 13 वर्ष की आयु से किशोरावस्था आरंभ होती है। इस अवस्था को तूफान एवं संवेदी अवस्था कहा गया है। हैडो कमेटी की रिपोर्ट में कहा गया है 11 से 12 वर्ष की आयु में बालक की नस में ज्वार उठना आरंभ होता है इसे किशोरावस्था के नाम से पुकारा जाता है। …

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बाल्यावस्था

बाल्यावस्था

बाल्यावस्था वास्तव में मानव जीवन का वह स्वर्णिम समय है जिसमें उसका सर्वांगीण विकास होता है। फ्रायड यद्यपि यह मानते हैं कि बालक का विकास 5 वर्ष की आयु तक हो जाता है। लेकिन बाल्यावस्था में विकास की यह संपूर्णता, गति प्राप्त करती है और एक और परिपक्व व्यक्ति के निर्माण की ओर अग्रसर होती …

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Food and Nutrition

सृजनात्मक बालक Creative Child

सृजनात्मक बालक – सृजनात्मकता शब्द बांग्ला भाषा के क्रिएटिविटी शब्द का पर्यायवाची है। विधायकता, उत्पादकता, खोज, मौलिकता आदि सभी शब्द इसी के समान माने जाते हैं। सृजनात्मक बालकों से तात्पर्य उन बालकों से होता है जो मौलिक चिंतन के धनी होते हैं और जिनमें मौलिक रचना करने तथा मौलिक उत्पादन करने की क्षमता होती है। …

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पाठ्यपुस्तक विधि

समस्यात्मक बालक – 5 Top Qualities

समस्यात्मक बालक से हमारा तात्पर्य उन बालकों से है जो परिवार एवं कक्षा वह विद्यालय में भलीभांति से समस्याएं उत्पन्न करते हैं। ऐसे बालकों का व्यवहार सामान्य प्रकार के बालकों से भिन्न होता है। वह वातावरण के साथ अपने आप को समायोजित नहीं कर पाते हैं। ऐसे बच्चे अपने अध्यापकों के लिए समस्या बने रहते …

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श्रवण विकलांगता

किसी व्यक्ति द्वारा पूरी तरह से आवाज सुनने में अक्षम होना श्रवण विकलांगता कहलाता है। यहां श्रवण तंत्रिका के अपर्याप्त विकास के कारण, श्रवण संस्थान की बीमारी या चोट लगने की वजह से हो सकता है। सुनना सामान्य वाक्य एवं भाषा के विकास के लिए सुनना यह प्रथम आवश्यकता है। बच्चा परिवार या आसपास के …

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प्रतिभाशाली बालक

प्रतिभाशाली बालक वह है जो बच्चे सामान्य बच्चों से किसी भी प्रकार से अलग होते हुए विशिष्ट बच्चों की श्रेणी में आते हैं विशिष्ट बच्चे आपस में भी कई उप श्रेणियों में विभक्त होते हैं जिनमें मानसिक मंदित, समस्यात्मक, पिछड़े, चलन बाधित, प्रतिभाशाली। प्रायः उच्च बुद्धिलब्धि को प्रतिभाशाली का संकेत माना जाता है। अतः प्रतिभाशाली …

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पिछड़ा बालक

पिछड़ा बालक

जो छात्र निश्चित समय में निश्चित ज्ञान की प्राप्त करने में असफल रहते हैं। सामान्य छात्रों से पीछे रहते हैं। इन्हें पिछड़ा बालक के नाम से पुकारा जाता है। पिछड़े का शाब्दिक अर्थ है अपने कार्य में अपनी सामान्य साथियों से पीछे रह जाना। परंतु शिक्षा के संबंध में इसका अर्थ है कि छात्र जब …

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विशिष्ट बालकों के प्रकार

विशिष्ट बालकों के प्रकार

विशिष्ट बालकों के प्रकार – विशिष्ट बालक की अवधारणा यह है कि वह सामान्य होते हुए भी प्रायः असामान्य गुणों से युक्त होता है। व्यक्तिक भिन्नता ही विशिष्टता का आधार है। मनोवैज्ञानिकों ने यह अनुभव किया है कि कोई भी दो बालक एक दूसरे से भिन्न होते हैं। उनमें समानता के साथ-साथ कुछ बताएं होती …

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