पाठ्यक्रम विकास एवं आकलन

सूचना एवं संप्रेषण तकनीकी के लाभ

सूचना एवं संप्रेषण तकनीकी के लाभ – आधुनिक सूचना एवं संप्रेषण तकनीकी ने हमारे दैनिक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों जैसे शिक्षा व्यापार बैंकिंग चिकित्सा को प्रभावित किया है। इसने हमारे सोचने के ढंग, संप्रेषण करने के तरीके एवं अधिकांश चीजो को प्रभावित किया है। सूचना एवं संप्रेषण तकनीकी के लाभ सूचना एवं संप्रेषण तकनीकी के …

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गृहकार्य की विशेषताएं

गृहकार्य वह साधन है जो छात्रों को स्वयं अभ्यास करके सीखने के लिए अवसर प्रदान करता है। इसके द्वारा छात्रों को कक्षा से बाहर सीखने के अनुभव प्राप्त होते हैं जो शिक्षण के उद्देश्यों की प्राप्ति में सहायक होते हैं। इस प्रकार गृहकार्य प्रभावशाली शिक्षण का एक महत्वपूर्ण भाग है। गृहकार्य गृहकार्य को निम्न ढंग …

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सूक्ष्म शिक्षण, शिक्षण तकनीकी

अच्छे शिक्षण की विशेषताएं

अच्छे शिक्षण की विशेषताएं – एक प्रभावशाली शिक्षक ही अच्छा शिक्षण प्रस्तुत कर सकता है। अतः अच्छा शिक्षण प्रभावशाली शिक्षक के गुणों से संबंधित होता है। प्रभावशाली शिक्षक के तीन प्रमुख गुण इस प्रकार के होते हैं- शिक्षक की योग्यता शिक्षक की कुशलता शिक्षक की उपलब्धियां समाज एवं शासन के संदर्भ में अच्छे शिक्षण को …

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प्रभावशाली शिक्षण

प्रभावशाली शिक्षण वह है जिससे अधिकांश शिक्षण उद्देश्यों की प्राप्ति की जा सके अर्थात अधिक से अधिक अधिगम हो सके। इस प्रकार प्रभावशाली शिक्षण वह होता है जिससे शिक्षण प्रक्रिया की अधिगम से अधिकतम निकटता होती है। बी• ओ• स्मिथ महोदय का कहना है कि शिक्षण को प्रभावशाली बनाने के लिए उसके विभिन्न चरों एवं …

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रागदरबारी उपन्यास व्याख्या, उपयोगिता

पाठ्यक्रम के उद्देश्य

पाठ्यक्रम के उद्देश्य- पाठ्यक्रम देशकाल एवं परिस्थितियों के अनुरूप बदलता रहता है। किसी भी पाठ्यक्रम का निर्माण तत्कालीन शिक्षा के उद्देश्यों को प्राप्त करने हेतु किया जाता है। पाठ्यक्रम के उद्देश्य सामान्य तौर पर पाठ्यक्रम के उद्देश्य निम्न है- छात्रों का सर्वांगीण विकास करना– पाठ्यक्रम का प्रथम व सर्वप्रमुख उद्देश्य बालक के व्यक्तित्व के समस्त …

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मूल्यांकन की विशेषताएं

मूल्यांकन की विशेषताएं- मूल्यांकन कार्य में मापन एवं परीक्षण सम्मिलित होता है। अतः एक अच्छे मूल्यांकन की विशेषताओं में मापन एवं परीक्षण की विशेषताएं अंतर्निहित होनी चाहिए। मूल्यांकन की विशेषताएं इस प्रकार मूल्यांकन की विशेषताएं निम्न है- क्रमबद्धता वस्तुनिष्ठता विश्वसनीयता वैधता   व्यवहारिकता व्यापकता शिक्षार्थी की सहभागिता 1. क्रमबद्धता मूल्यांकन कार्यक्रम में क्रमिकता या क्रमबद्धता …

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लोकतंत्र और शिक्षा के उद्देश्य

शैक्षिक उद्देश्य स्रोत आवश्यकता

शैक्षिक उद्देश्यों के निर्धारण हेतु इनके प्रमुख स्रोतों का ज्ञान अति महत्वपूर्ण होता है। यद्यपि इन स्रोतों का पता लगाना आसान नहीं होता है क्योंकि एक तो इनकी संख्या अनंत होती है तथा दूसरे उद्देश्यों का निर्धारण इन से विधिवत रूप में नहीं किया जा सकता। शैक्षिक उद्देश्यों का विभाजन स्रोतों की प्रकृति एवं विस्तार …

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लोकतंत्र और शिक्षा के उद्देश्य

पाठ्य सहगामी क्रियाएं

पाठ्य सहगामी क्रियाएं – शिक्षण को रोचक, सुग्राह्य बनाने में पाठ्य सहगामी क्रियाओं का भी महत्वपूर्ण स्थान है। पाठ्यचर्या शिक्षा का अभिन्न अंग है। यह शिक्षक को यह बताती है कि कौन सी कक्षा विशेष में कितना पढ़ाना है। इसे दौड़ का मैदान भी कहा जाता है। पाठ्यचर्या से शिक्षक विद्यार्थी को उद्देश्य प्राप्ति की …

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पाठ्यक्रम के लाभ

पाठ्यक्रम के लाभ – पाठ्यक्रम शिक्षा का एक अभिन्न अंग है, जिसके द्वारा शिक्षा के उद्देश्यों की पूर्ति होती है। शिक्षा के संपूर्ण क्षेत्र में इसका एक विशेष स्थान है, जो उद्देश्यों एवं आदर्शों के निर्धारण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह एक ऐसा साधन है जो छात्र एवं अध्यापक को जोड़ता है। अध्यापक …

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पाठ्यक्रम का आधार

पाठ्यक्रम का आधार – मानव जीवन में शिक्षा का अद्वितीय महत्व है। शिक्षा के अभाव में मानव को मानव कह पाना असंभव होगा। शिक्षा के अभाव में मनुष्य केवल प्राणी मात्र रह सकता है, मानव या इंसान नहीं। शिक्षा प्राप्त करके ही व्यक्ति एक सामाजिक प्राणी बनता है। शिक्षा एक जटिल एवं व्यापक प्रक्रिया है …

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पाठ्यक्रम अर्थ परिभाषा आवश्यकता महत्व

पाठ्यक्रम – शिक्षा एक व्यापक एवं गतिशील प्रक्रिया है। यह मानव विकास की आधारशिला है। यह एक जीवन पर्यंत चलने वाली प्रक्रिया है, जिसके द्वारा व्यक्ति के व्यवहार में लगातार परिवर्तन होता रहता है। शिक्षा प्रकाश का वह स्रोत है जिससे जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में हमारा सच्चा पथ प्रदर्शन होता रहता है। इसे मनुष्य …

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आधुनिक भारतीय समाज

पाठ्यक्रम का क्षेत्र

पाठ्यक्रम का क्षेत्र – यदि हम पाठ्यक्रम के इतिहास पर सरसरी नजर डालें तो स्पष्ट रूप से ज्ञात होता है कि प्रत्येक प्रकार का पाठ्यक्रम अपने समाज द्वारा निर्धारित शैक्षिक उद्देश्यों पर आधारित होता है। इसीलिए देश और काल की भिन्नता के अनुसार, वहां के पाठ्यक्रमों में भी भिन्नता पाई जाती है। उदाहरण स्वरूप वैदिक …

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हण्टर आयोग 1882, सैडलर आयोग, शैक्षिक प्रबन्धन कार्य, वेदान्त दर्शन

राष्ट्रीय पाठ्यक्रम 2005

राष्ट्रीय पाठ्यक्रम 2005 – वर्तमान में कोई भी घटना, समस्या, प्रदूषण, प्राकृतिक आपदा, क्षेत्रीय, राष्ट्रीय ना रहकर अंतरराष्ट्रीय रूप धारण कर लेती है। जैसे आतंकवाद आणविक शक्ति का दुरुपयोग प्राकृतिक संसाधनों का अधिक दोहन, भूकंप इत्यादि। इसलिए पाठ्यक्रम ने भी विश्व स्तरीय रूप ले लिया है। विश्व के विद्वानों अर्थशास्त्रियों, मनोवैज्ञानिकों, वैज्ञानिकों, राजनीतिज्ञों और महापुरुषों, …

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लार्ड कर्जन की शिक्षा नीति, मुदालियर आयोग

राष्ट्रीय पाठ्यक्रम निर्माण 2005

राष्ट्रीय पाठ्यक्रम निर्माण 2005 – मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा बुलाई गई राष्ट्रीय अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की कार्यकारिणी सभा में चिंतन किया गया कि राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा के पाठ्यक्रम 2000 में क्या सुधार किया जाए? 14 जुलाई से 19 जुलाई 2004 में बुलाई गई सभा में निर्णय लिया गया कि 21 वी शताब्दी के लिए …

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संतुलित पाठ्यक्रम आवश्यकता

संतुलित पाठ्यक्रम आवश्यकता – पाठ शालाओं की आत्मा होने के कारण पाठ्यक्रम में एकात्मक संतुलन और संजीवता होनी चाहिए। शिक्षा ऐसे जीवन के लिए होती है जो स्थिर न रहकर परिवर्तनशील होता है। शिक्षण एक निरंतर चलते रहने वाला कार्य है। इसीलिए यह थोड़े वर्षों में ही नहीं हो सकता। शैशव से मृत्यु तक का …

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