पर्यावरणीय अध्ययन

पर्यावरण भूगोल पर्यावरण पारिस्थितिकी
पारिस्थितिक तंत्र मृदा तंत्र विशेषताएं महत्व संघटक हरित गृह प्रभाव
ओजोन क्षरण पर्यावरण परिवर्तन के कारण मृदा अपरदन
पर्यावरण अवनयन भारत में वनोन्मूलन मरुस्थलीकरण
जल प्रदूषण वायु प्रदूषण मृदा प्रदूषण
बाघ परियोजना जैव विविधता ह्रास के कारण भारत में जनसंख्या वृद्धि के कारण

सुधार आंदोलन

भारत में जनसंख्या वृद्धि के कारण

भारत में जनसंख्या वृद्धि के कारण – भारत की बढ़ती हुई जनसंख्या एक कठिन समस्या है। जनसंख्या वृद्धि अर्थव्यवस्था पर भी प्रभाव डालती है। जनसंख्या की तीव्र एवं नियंत्रित वृद्धि को जनसंख्या विस्फोट कहा जाता है। भारत में बीसवीं सदी के उत्तरार्ध में ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई थी। यहां बढ़ती हुई जनसंख्या एक चिंताजनक स्थिति …

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पर्यावरण अवनयन के कारण

जैव विविधता ह्रास के कारण

जैव विविधता ह्रास के कारण – वर्तमान समय में जैव-विविधता का विलोपन बहुत तीव्रता से हो रहा है। इसके लिए प्राकृतिक – तथा मानवीय दोनों कारक उत्तरदायी हैं। प्राकृतिक कारक जैसे जलवायु परिवर्तन, ज्वालामुखी विस्फोट, भूकम्प, भू-स्खलन, अतिवृष्टि, शीतलहरी, हिमावरण, हिमद्रवण, मृदा अपरदन, आँधी-तूफान आदि के कारण जीव-जातियों का क्षरण हो रहा है। जैव विविधता …

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बाघ परियोजना

बाघ परियोजना

टाइगर प्रोजेक्ट (बाघ परियोजना) को 1 अप्रैल 1973 में शुरू किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य भारत में बाघों की जनसंख्या को उचित स्तर पर बनाये रखना है ताकि वैज्ञानिक, सौन्दर्यात्मक, सांस्कृतिक और पारिस्थितिक मूल्य बनाए रखे जा सके। इससे प्राकृतिक धरोहर को भी संरक्षण मिलेगा जिसका लोगों को शिक्षा और मनोरंजन के रूप में लाभ …

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वायु प्रदूषण परिभाषा

वायु प्रदूषण

वायु प्रदूषण – वायु विभिन्न वायुमण्डलीय गैसों का यांत्रिक मिश्रण है जो मानव सहित विभिन्न जीवधारियों के जीवन का आधार है। एक सामान्य व्यक्ति को प्रतिदिन लगभग 35 गैलन या 16 कि. ग्राम. वायु की जरूरत होती है। जिसे वह अपने आस-पास के आक्सीजन सम्पन्न वायुण्डल से प्राप्त करता है। बड़े पैमाने पर जीवाश्म ईंधन …

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जल प्रदूषण

जल प्रदूषण

जल प्रदूषण – जनसंख्या वृद्धि और औद्योगिक विस्तार के परिणामस्वरूप पानी की माँग बढ़ी है जिसके कारण जल की गुणवत्ता काफी घट गई है। जब मनुष्य द्वारा जल से इसकी स्वयं शोधन क्षमता से अधिक मात्रा में विजातीय अवांछनीय तत्व डाल दिये जाते हैं तब जल प्रदूषित हो जाता है। यद्यपि जल के प्रदूषक प्राकृतिक …

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मरुस्थलीकरण

मरुस्थलीकरण

मरुस्थलीकरण – ऐसी भूमि जहाँ पर किसी भी प्रकार की वनस्पति नहीं पायी जाती है और न ही पाये जाने की सम्भावना होती है ऐसे क्षेत्र को मरुस्थल कहते हैं। दूसरे शब्दों में सामान्य तथा शुष्क क्षेत्रों जहाँ वनस्पति व वर्षा का सदैव अभाव रहता है तथा वर्षा 100°C वार्षिक से कम होती है। उस …

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पर्यावरण अवनयन, भारत में वनोन्मूलन

भारत में वनोन्मूलन

भारत में वनोन्मूलन – जिस प्रकार से प्राकृतिक प्रकोप का प्रभाव सारे मानव क्रियाओं पर पड़ता है उसी प्रकार मानव अन्य विपदाय मानव के स्वयं के लिये घातक सिद्ध हो रही है। मानव अपनी सुख-सुविधाओं के क्रम करता है और यही सुविधायें आगे चलकर उसके लिए अभिशाप सिद्ध होती है। वन किसी देश की अमूल्य …

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पर्यावरण अवनयन, भारत में वनोन्मूलन

पर्यावरण अवनयन

पर्यावरण अवनयन – पर्यावरण तंत्र की संरचना जैविक अजैविक संघटकों द्वारा होती है। यदि इस तंत्र के इसी संघटक में कोई परिवर्तन होता है तो अन्तः निर्मित स्वतः नियामक क्रियाविधि द्वारा उसकी क्षतिपूर्ति हो जाती है और पर्यावरण तंत्र में सन्तुलन बना रहता है। पर्यावरण अवनवन का अर्थ है “पर्यावरण के भौतिक संघटकों में जैविक …

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मृदा परीक्षण करता हुआ व्यक्ति

मृदा अपरदन

मृदा अपरदन – मृदा जब अपने पोषक जैविक तत्व, भौतिक बनावट व रासायनिक संरचना को देती है तब मृदा का विघटन एवं विनियोजन प्रारंभ होकर उनका स्थानांतरण हो जाता है। इसे ही मृदा अपरदन कहा जाता है। यह एक लंबी प्रक्रिया है जो विभिन्न मृदा बहुत ही की भौगोलिक परिस्थितियों में अनेक साधनों द्वारा संपन्न …

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ओजोन क्षरण के प्रभाव, पर्यावरण परिवर्तन के कारण

पर्यावरण परिवर्तन के कारण

पर्यावरण परिवर्तन के कारण – मानव के सामाजिक, आर्थिक व सांस्कृतिक गतियों के रूप विभिन्न वातावरण में विकसित हुए हैं। वातावरण की सीमा इन सभी पर लागू होती है। लेकिन समय के साथ-साथ मानवीय क्षमता-दक्षता के कारण उपलब्ध पारिस्थितिकी से वह संतुष्ट नहीं रहा। मानव ने देखा प्राकृतिक वातावरण में बहुत कुछ दे रहा है …

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ओजोन क्षरण

ओजोन क्षरण

ओजोन क्षरण – ओजोन शब्द यूनानी शब्द ओजो से बना है। जिसका अर्थ होता है गंध। ऑक्सीजन का बदला हुआ रूप ओजोन है। ओजोन O3 मैं ऑक्सीजन O2 से एक परमाणु अधिक होता है। ओजोन गैस का रंग नीला तथा गंध तीखी होती है। ओजोन मंडल में यह ऑक्सीजन पर सूर्य की पराबैंगनी किरणों की …

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पारिस्थितिकी के लाभ

हरित गृह प्रभाव

हरित गृह प्रभाव – शीत प्रधान देशों में जहां पर शरद काल में पर्याप्त सूर्य ताप का प्रभाव होता है। पौधे खासकर फलों एवं सब्जियों का हरित प्रभाव का प्रयोग किया जाता है। हरित गृह प्रभाव में प्रवेशी लघु तरंगे सौरिक विकिरण अंदर की ओर पहुंच जाता है। परंतु पृथ्वी से विकिरण विकृत दीर्घ तरंगे …

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सूखी मृदा

मृदा तंत्र विशेषताएं महत्व संघटक

सामान्य रूप में शैलों के विघटन तथा वियोजन से प्राप्त ढीले एवं असंगठित भू पदार्थों को मृदा कहते हैं। मिट्टी वास्तव में जीवमंडल या जीवन परत का हृदय या क्रोड है, क्योंकि यह उस मंडल का प्रतिनिधित्व करती है जिसमें पौधों के पोषक तत्वों का उत्पादन तथा रखरखाव होता है। मृदा मिट्टियां जंतु खनिज एवं …

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पारिस्थितिक तंत्र

पारिस्थितिक तंत्र

पारिस्थितिक तंत्र – किसी भी प्रदेश की वनस्पति जंतुओं का वितरण वहां की जलवायु पर निर्भर करता है साथ ही उस प्रदेश की जलवायु वहां की वनस्पति द्वारा प्रभावित होती है और वनस्पति उस प्रदेश में पाए जाने वाले जंतुओं के वितरण को भी प्रभावित करती है इस प्रकार भूमि और वनस्पति में तथा मिट्टी …

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पर्यावरण

पर्यावरण

पर्यावरण अंग्रेजी भाषा Environment का हिंदी रूपांतरण है अंग्रेजी शब्द की उत्पत्ति फ्रेंच भाषा में Envinor से हुई है जिसका तात्पर्य घिरा हुआ है। सामान्य रूप से पर्यावरण उस परिवेश को कहते हैं जो जीवमंडल के चारों ओर से घेरे हुए होते हैं। किसी स्थान विशेष में मनुष्य के आस-पास भौतिक वस्तुओं (स्थल, जल, मृदा, …

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