भारतीय अर्थव्यवस्था

आर्थिक विकास विशेषताएं भारतीय अर्थव्यवस्था का विकास भारतीय अर्थव्यवस्था की विशेषताएं
अल्पविकसित देश
क्षेत्रीय असमानता के कारण

जनसंख्या वृद्धि आर्थिक विकास

जनसंख्या वृद्धि आर्थिक विकास – मानवीय शक्ति का आर्थिक विकास से प्रत्यक्ष रूप से सम्बन्ध रहा है, जिसको सभी ने स्वीकार किया है। इस बात में कोई संदेह नहीं है कि तकनीकी यंत्र, उपकरण, संपत्ति एवं पूँजी आर्थिक विकास में सहायता प्रदान करते हैं किन्तु उचित मानवीय साधनों के अभाव के कारण यह अपना पूर्ण …

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नीति आयोग

दसवीं पंचवर्षीय योजना 2002-07 में पहली बार एन. डी ए सरकार में एक दस्तावेज में यह आह्वान किया गया कि यदि राज्य विकसित हो तो देश भी विकसित होगा। हम विकेन्द्रित नियोजन की ओर एक परिवर्तन देखते हैं। योजना को लोक योजना कहकर पुकारा जाता था। इसी योजनावधि में आया था जिसमे राज्यों को नियोजित …

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क्षेत्रीय असमानता के कारण

जनांकिकी

जनसंख्या के सम्बन्ध में ज्ञान प्राप्त करने की अभिलाषा मानव में उसके अस्तित्वकाल से ही रही है। जनांकिकी का अस्तित्व मानव समाज के प्रारम्भ से ही रहा है भले ही उसे विशिष्ट विज्ञान के रूप में डनांकिकी का स्वरूप प्राप्त न रहा हो। वर्तमान समय में विश्व के सभी राष्ट्र मानव संसाधनों के विकास पर …

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बचत दर कम होने के सुझाव

मिश्रित अर्थव्यवस्था

मिश्रित अर्थव्यवस्था में सरकारी तथा निजी दोनों क्षेत्र एक साथ कार्य करते है। सरकारी क्षेत्र सरकार के संचालन व प्रबन्ध में ही रहता है तथा निजी क्षेत्र भी सरकार के द्वारा नियंत्रित होता है। निजी क्षेत्र सार्वजनिक हित के विरुद्ध कार्य नहीं कर सकता। इस प्रकार मिश्रित अर्थव्यवस्था उत्पादन व अन्य आर्थिक गतिविधियों का समाजीकरण …

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भारतीय अर्थव्यवस्था की विशेषताएं

पूंजी निर्माण

पूंजी निर्माण भी किसी देश की आर्थिक विकास का एक महत्वपूर्ण निर्धारक तत्व है। पूँजी मानव द्वारा निर्मित उत्पत्ति का एक महत्वपूर्ण साधन है और यह बचत का परिणाम होती है। अतः मानवीय प्रयत्नों द्वारा पूँजी की पूर्ति में वृद्धि की जा सकती है। इस प्रकार किसी देश में एक निश्चित अवधि में पूंजी के …

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बचत

बचत

कोई भी आय जो व्यय नहीं की जाती या व्यय नहीं हो पाती वह शेष रह जाती है। इसे बचत कहा जाता है। अन्य शब्दों में यह कहा जा सकता है आय का वह भाग जो व्यय न किया जाय ‘बचत’ कहलायेगा। बचत बचत का अर्थव्यवस्था में राष्ट्रीय आय के संदर्भ में विशिष्ट महत्व है। …

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अल्पविकसित देश, मार्क्सवादी सिद्धान्त

अल्पविकसित देश

अल्पविकसित देश – मोटे तौर पर विश्व के देशों को दो भागों में बाँटा जाता है विकसित तथा अल्पविकसित अथवा घनी तथा निर्धन राष्ट्र निर्धन देशों को कई नामों से पुकारा जाता है जैसे निर्धन, पिछडे अल्पविकसित, अविकसित और विकासशील देश। ये सभी शब्द पर्यायवाची शब्द है, परन्तु इनके प्रयोग में मतभेद रहा है। इसी …

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आर्थिक विकास महत्त्व

भारतीय अर्थव्यवस्था का विकास

भारतीय अर्थव्यवस्था का विकास – यदि 100 वर्षों के भारत के आर्थिक इतिहास का अवलोकन किया जाये तो भारतीय अर्थव्यवस्था की समृद्धि पुनः नितांत गरीबी व पिछड़ापन तथा पुनः आर्थिक प्रगति के दृष्टांत दिखाई पड़ते हैं। यहाँ भारतीय अर्थव्यवस्था का विकास को अतीत एवं वर्तमान की आर्थिक दशाओं में विश्लेषित किया गया है। ब्रिटिश शासन …

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भारतीय अर्थव्यवस्था की विशेषताएं

भारतीय अर्थव्यवस्था की विशेषताएं

भारतीय अर्थव्यवस्था की विशेषताएं – प्रथम पंचवर्षीय योजना के अनुसार, “एक अल्पविकसित अर्थव्यवस्था, एक ओर श्रम शक्ति दूसरी ओर प्राकृतिक संसाधनों कामोवेश कम अनुपात में उपयोग द्वारा जानी जाती है।” ऐसी परिस्थितिकनीकों में विकास के अभाव तथा कुछ अवरोधक सामाजिक आर्थिक तत्वों के कारण होती है। जो अर्थव्यवस्था में स्फूर्ति शक्तियों को उभारने में रुकावट …

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