woman in red and white floral hijab

हिंदू व मुस्लिम विवाह में अंतर

हिंदू व मुस्लिम विवाह में अंतर – मुस्लिम विवाह के उपर्युक्त सम्पूर्ण विवेचन से स्पष्ट होता है कि मुस्लिम विवाह के आदर्श विवाह प्रक्रिया विवाह के स्वरूप निषेध तथा तलाक के आधार हिन्दू विवाह से काफी भिन्न है। हिंदू व मुस्लिम विवाह में अंतर कुछ प्रमुख आधारों पर हिंदू व मुस्लिम विवाह में अंतर निम्नांकित …

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मुस्लिम विवाह

मुस्लिम विवाह

मुस्लिम विवाह कानून में कहा गया है कि “विवाह स्त्री-पुरुष के बीच किया गया वह बिना शर्त का समझौता है जिसका उद्देश्य सन्तान को जन्म देना तथा उन्हें वैध रूप प्रदान करना है। लगभग इसी रूप में ने मुस्लिम विवाह को परिभाषित करते हुए लिखा है कि “मुस्लिम विवाह एक समझता (संविदा) है जिसका उद्देश्य …

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परिवार

हिन्दू विवाह

हिन्दू विवाह एक अस्थायी वन्धन अथवा कानूनी समझौता नहीं है बल्कि इसे एक पवित्र धार्मिक संस्कार के रूप में देखा जाता है। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार यह एक ऐसा पवित्र बन्धन है जिसे जन्म-जन्मान्तर में भी तोड़ा नहीं जा सकता। भारतीय संस्कृति में व्यक्ति के लिए चार प्रमुख कर्तव्यों को पूरा करना आवश्यक माना गया …

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परिवार

विवाह के उद्देश्य व नियम

विवाह मानव-सभ्यता के बहुत आरम्भिक काल में ही यह अनुभव कर लिया गया था कि समाज में एक ऐसी व्यवस्था को विकसित करना आवश्यक है जिससे स्त्री-पुरुषों के सम्बन्धों को नियमबद्ध करने के साथ ही उनसे जन्म लेने वाले बच्चों को वैध रूप देकर उनके पालन-पोषण की सुचित व्यवस्था की जा सके। इसी आवश्यकता के …

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राष्ट्रीय जनसंख्या नीति

राष्ट्रीय जनसंख्या नीति

राष्ट्रीय जनसंख्या नीति – भारत में जनसंख्या वृद्धि के खतरों को महसूस करते हुए स्वतन्त्रता के बाद सन् 1952 से ही परिवार नियोजन कार्यक्रम आरम्भ किया गया। लगभग 10 वर्षों तक इस कार्यक्रम को अधिक प्राथमिकता नहीं दी गयी सन् 1961 की जनगणना के आंकड़े बहुत चौंकाने वाले थे। फलस्वरूप भारत सरकार ने सन् 1966 …

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भारतीय जनसंख्या के प्रमुख लक्षण

भारतीय जनसंख्या के लक्षण

भारतीय समाज को समझने के लिए इसके भारतीय जनसंख्या के स्वरूप को समझना आवश्यक है। आज किसी समाज की जनांकिकीय विशेषताओं को जनगणना (Census) के द्वारा ही ज्ञात किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, भारत में सन् 1871 से जनगणना के द्वारा विभिन्न जनसंख्यात्मक विशेषताओं को ज्ञात करने का प्रयत्न आरम्भ हुआ। तब से …

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भारतीय समाज में विविधता

भारतीय समाज में विविधता में एकता

भारतीय समाज में विविधता में एकता – वर्तमान भारतीय समाज की एक प्रमुख विशेषता विभिन्नता में एकता का होना है। भारतीय समाज एक लम्बे समय से विभिन्न प्रजातियों, धर्मो और संस्कृतियों वाले समूहों का संगम स्थल रहा है। अपनी सांस्कृतिक सहिष्णुता के कारण भारतीय समाज में विभिन्न संस्कृतियों का मिश्रण हुआ, लेकिन इसके बाद भी …

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भारतीय सामाजिक व्यवस्था

भारतीय सामाजिक व्यवस्था के 5 आधार

भारतीय सामाजिक व्यवस्था वह स्थिति या अवस्था हैं जिसमें सामाजिक संरचना का निर्माण करने वाले विभिन्न अंग या इकाइयां सांस्कृतिक व्यवस्था के अंतर्गत निर्धारित पास्परिक प्रकार्यात्मक संबंध के आधार पर सम्बध्द समग्रता की ऐसी सन्तुलित स्थिति उत्पन्न करते हैं जिससे मानवीय आवश्यकताओं की पूर्ति तथा सामाजिक लक्ष्यों की प्राप्ति संभव होती है। Contentsभारतीय सामाजिक व्यवस्था1. …

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मानविकी उन्मेष,

बहुलवाद क्या है? भारतीय समाज में बहुलवाद

बहुलवाद – संस्कृति की पूर्व विवेचना से यह स्पष्ट हो चुका है कि संस्कृति से सम्बन्धित विभिन्न विशेषताएं सामाजिक संरचना को व्यापक रूप से प्रभावित करती हैं। एक ओर संस्कृति व्यक्तित्व के निर्माण का आधार है दूसरी ओर आज के बदलते हुए समाजों में संस्कृति का सार्वभौमिक रूप समाप्त होता जा रहा है। कुछ पहले …

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