विकसित तथा विकासशील देश

विकसित तथा विकासशील देश – वर्तमान विश्व के सभी देशों में आर्थिक विकास का स्तर समान नहीं है। कुछ देश आर्थिक विकास में बहुत प्रगति कर चुके हैं, कुछ देश आर्थिक विकास में बहुत बिछड़ गए हैं, जबकि कुछ देश आर्थिक विकास के उच्च स्तर को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। किस देश को विकसित और किस देश को विकासशील नाम से संबोधित किया जाए यह अत्यंत जटिल एवं विवादास्पद प्रश्न है।

वास्तव में आर्थिक विकास एक सापेक्षिक शब्द है। आर्थिक विकास की प्रक्रिया सतत रूप से चलती रहती है। प्रत्येक देश अपने संसाधनों का दोहन करके आर्थिक विकास को तीव्र करने की इच्छा रखता है और इस हेतु प्रयास भी करता है। विकास की दौड़ में कुछ राष्ट्र तो आगे निकल जाते हैं और कुछ पिछड़ जाते हैं,जबकि कुछ राष्ट्र आर्थिक विकास का उच्च स्तर प्राप्त करने के लिए सतत प्रयत्नशील रहते हैं। अतः उन राष्ट्रों को विकसित देश कहा जाता है, जिनमें आर्थिक विकास सर्वाधिक उन्नत होता है, जो देश विकास में पीछे रह जाते हैं, उन्हें अल्पविकसित अथवा विकासशील देश कहते हैं।

विकसित देश
विकसित तथा विकासशील देश

विकसित तथा विकासशील देश

पहले विकसित देशों को समुन्नत देश और विकासशील देशों को पिछड़े देश कहा जाता था। 20 जनवरी 1949 ईस्वी को संयुक्त राज्य अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति ट्रूमैन ने पिछड़े देशों के लिए अल्पविकसित शब्द का प्रयोग किया। इसके बाद क्रमसा पिछड़े देश की अपेक्षा अल्पविकसित शब्द अधिक उपयुक्त प्रतीत होता है; क्योंकि इसमें विकास के स्वरूप पर भी प्रकाश पड़ता है। संयुक्त राष्ट्र संघ के एक विशेषज्ञ दल ने टिप्पणी की कि हमें अल्प विकसित देश शब्द का अर्थ समझने में कुछ कठिनाई होती है।

इस शब्द का प्रयोग उन देशों के लिए किया जाता है, जिनमें प्रति व्यक्ति वास्तविक आय संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और पश्चिमी यूरोपीय देशों की तुलना में कम है। इस अर्थ में अल्पविकसित देशों के लिए निर्धन देश तृतीय विश्व शब्दों का भी प्रयोग किया गया है।

अब पिछड़े देशों को अल्पविकसित के बदले विकासोन्मुख या विकासशील देश कहा जाता है।निश्चित रूप से कुछ देश आर्थिक विकास की प्रक्रिया में अभी पिछड़े हैं,परंतु उनके पास प्राकृतिक संसाधनों के विपुल भंडार हैं तथा विकास की पर्याप्त संभावनाएं विद्यमान है। ऐसे देशों में विकास की गति मंद रहती हैं; क्योंकि यहां पर उपलब्ध संसाधनों का कुशल एवं उत्तम उपयोग नहीं हो पाता।

विकसित तथा विकासशील देश
विकसित तथा विकासशील देश

ऐसे संसाधन संपन्न, विकास की मंद गति, परंतु विकास की ओर अग्रसर राष्ट्रों को विकासशील देश कहना उचित होगा। इसके विपरीत जिन राष्ट्रों ने अपने संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर अधिकाधिक उपयोग की अवस्था प्राप्त कर ली है, उन्हें विकसित राष्ट्र कहने में कोई संकोच नहीं होना चाहिए।वर्तमान समय में संपूर्ण विश्व विकसित और विकासशील राष्ट्रों की दो श्रेणियों में ही बटा हुआ है। विकसित तथा विकासशील देश में सर्वाधिक शक्तिशाली विकसित देश होते हैं।

संयुक्त राष्ट्र संघ ने विश्व के देशों को प्रति व्यक्ति आय एवं राष्ट्रीय आय के आधार पर निम्न दो वर्गों में बांटा है- विकसित तथा विकासशील देश

1. विकसित देश

विकसित देश उन्हें कहते हैं, जिन्होंने कृषि, उद्योग, परिवहन एवं व्यापार आदि क्षेत्र में अधिकतम एवं कुशलता में उपयोग कर लिया है। दूसरे शब्दों में जिन देशों में अपनी प्राकृतिक तथा मानवीय संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर लिया है तथा अपनी राष्ट्रीय आय में वृद्धि की है, विकसित देश कहलाते हैं। इन देशों में प्राविधिक-तकनीकी एवं वैज्ञानिक ढंग से आर्थिक विकास कर लिया है। संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, जापान आदि प्रमुख विकसित देश हैं। इन देशों में प्रति व्यक्ति राष्ट्रीय आय क्रमश: 41,480; 33,940; 28,390 एवं 37,180 डॉलर है।

मानव विकास के आधार पर वरीयता क्रम में विश्व के 10 सर्वाधिक विकसित देश हैं-

  1. कनाडा,
  2. फ्रांस,
  3. नार्वे,
  4. संयुक्त राज्य अमेरिका,
  5. आइसलैंड,
  6. नीदरलैंड,
  7. जापान,
  8. फिनलैंड,
  9. न्यूजीलैंड,
  10. स्वीडन
विकसित तथा विकासशील देश

2. विकासशील देश

वे राष्ट्र जो सम्पन्न नहीं है, परंतु विकास का उच्च स्तर प्राप्त करने के लिए प्रयत्नशील हैं विकासशील देश कहलाते हैं। यह देश धीरे-धीरे आर्थिक एवं औद्योगिक क्षेत्र में प्रगति कर आर्थिक विकास की ओर निरंतर अग्रसर हैं। प्राय: विकासशील देशों में जनसंख्या का दबाव अधिक है तथा उत्पादन कम होने के कारण इन्हें जीवन निर्वाह करने में भी अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इन देशों में कृषि, औद्योगिक, व्यापारिक एवं तकनीकी विकास कम हुआ है।

इन देशों में प्रति व्यक्ति आय अपेक्षाकृत कम होती है। चीन, भारत, मिस्र, ब्राजील, अर्जेंटीना, पाकिस्तान, म्यांमार, इराक, ईरान, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, तंजानिया एवं जायरे आदि प्रमुख विकासशील देश हैं। इनमें प्रति व्यक्ति आय भारत में 530, बांग्लादेश में 400, चीन में 1100, पाकिस्तान में 470 तथा दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों में 850 से 1,800 डॉलर के मध्य है।

विकसित तथा विकासशील देश

मानव विकास के आधार पर वरीयता क्रम में विश्व में 10 सर्वाधिक विकासशील देश हैं-

  1. हॉन्ग कोंग,
  2. साइप्रस,
  3. बारबाडोस,
  4. सिंगापुर,
  5. बहामा,
  6. एंटीगुआ एवं बरमूडा,
  7. चिली,
  8. दक्षिण कोरिया,
  9. कोस्टा रिका,
  10. अर्जेंटीना

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