मध्यकालीन भारत का इतिहास

इस आर्टिकल के अंतर्गत हम लोग मध्यकालीन भारत का इतिहास का अध्ययन करेंगे जिसमें हम लोग देखेंगे कैसे भारत पर मुस्लिम का आक्रमण होता है और फिर गुलाम वंश खिलजी वंश तुगलक वंश लोदी वंश भक्ति तथा सूफी आंदोलन और साथ में विजयनगर साम्राज्य और बहमनी राज्य का भी ऐतिहासिक अध्ययन करेंगे। उसके बाद मुगल साम्राज्य जिसमें बाबर हुमायूं शेरशाह सूरी अकबर जहांगीर शाहजहां औरंगजेब और मराठों के उत्कर्ष को देखेंगे।

गुफाएं स्तूप चैत्य, मध्यकालीन भारत का इतिहास
मध्यकालीन भारत का इतिहास

मध्यकालीन भारत का इतिहास

मध्यकालीन भारत का इतिहास के प्रारम्भ को लेकर इतिहासकारों के बीच मतभेद है जहाँ कुछ इतिहासकार इसे गुप्त राजवंश के पतन के बाद 5वीं शताब्दी के बाद से शुरू हुआ मानते है जबकि कुछ इसे 7वीं शताब्दी से शुरू हुआ मानते है। मध्यकालीन भारत का इतिहास निम्न भागों में पढ़ा जाता है-

  • भारत पर मुस्लिम आक्रमण
  • दिल्ली सल्तनत
  • मुगल साम्राज्य

भारत पर मुस्लिम आक्रमण

  • भारत में पहला सफल मुस्लिम आक्रमण मोहम्मद बिन कासिम ने 712 ईसवी में किया था। उसने सिंध एवं मुल्तान को जीत लिया था।
  • महमूद गजनवी ने 1001 से 1027 ईसवी के बीच भारत पर 17 आक्रमण किए। इनमें 1025 ईस्वी में सोमनाथ के शिव मंदिर पर किया गया आक्रमण सबसे प्रसिद्ध था।
  • मोहम्मद गौरी को भारत में तुर्क सत्ता का संस्थापक माना जाता है।
  • 1175 ईस्वी में चालुक्य सोलंकी वंश के शासक भीम द्वितीय ने आबू पर्वत के समीप मोहम्मद गौरी को पराजित किया।
  • 1191 ईस्वी के तराइन के प्रथम युद्ध में पृथ्वीराज चौहान के हाथों पराजय के बाद 1192 ई• के तराइन के द्वितीय युद्ध में उसने पृथ्वीराज चौहान को पराजित किया।
  • 1194 ईस्वी में चंदावर के युद्ध में कन्नौज के गढ़वाल राजा जयचंद को मोहम्मद गौरी ने पराजित किया।
  • 1206 ईस्वी में मोहम्मद गौरी की हत्या गजनी लौटने के क्रम में हो गई।

दिल्ली सल्तनत – मध्यकालीन भारत का इतिहास

इतिहासकारों के अनुसार, सन् 1206 से 1526 तक भारत पर शासन करने वाले पाँच वंश के सुल्तानों के शासनकाल को दिल्ली सल्तनत कहा जाता है। सन् 1526 ई• में मुगल सल्तनत द्वारा इस साम्राज्य का अंत हुआ। दिल्ली सल्तनत के 5 वंश इस प्रकार है-

  1. गुलाम वंश
  2. ख़िलजी वंश
  3. तुग़लक़ वंश
  4. सैयद वंश
  5. लोदी वंश

गुलाम वंश (1206-1290 ई.)

गुलाम वंश का संस्थापक कुतुबुद्दीन ऐबक था। कुतुबुद्दीन ऐबक को उसकी उदारता के कारण लाखबख्श कहा गया। एबक ने ख्वाजा कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी की स्मृति में कुतुब मीनार का निर्माण प्रारंभ करवाया। इल्तुतमिश ने अपने साम्राज्य को छोटे-छोटे क्षेत्रों में बांट दिया इससे इकता कहा गया तथा इसका प्रशासक इक्तादार होता था। आप मध्यकालीन भारत का इतिहास Hindibag पर पढ़ रहे हैं।

इल्तुतमिश ने कुतुब मीनार के निर्माण को पूरा करवाया इसने अपनी राजधानी लाहौर से दिल्ली स्थानांतरित की। रजिया सुल्तान भारत की प्रथम महिला मुस्लिम शासिका थी जिसने 1236 से 1240 तक शासन किया। बलबन दिल्ली सल्तनत का प्रथम सुल्तान था जिसने पारसी परंपरा पर आधारित नवरोज उत्सव की शुरुआत करी। बलबन ने अपने विरोधियों से निबटने के लिए लौह एवं रक्त की नीति का अनुसरण किया।

खिलजी वंश (1290-1320 ईसवी)

खिलजी वंश का संस्थापक जलालुद्दीन फिरोज खिलजी था। अलाउद्दीन खिलजी का मूल नाम अली गुरु शासक था। अलाउद्दीन खिलजी प्रथम मुस्लिम सुल्तान था जिसने दक्षिण भारत पर आक्रमण किया और उसे अपने अधीन किया। उसके सेनानायक मलिक काफूर को दक्षिण विजय का श्रेय दिया जाता है। वह प्रथम सुल्तान था जिसने भूमि की माप के आधार पर लगान निर्धारित किया।अलाउद्दीन ने सैनिकों की सीधी भर्ती तथा नकद वेतन देने की प्रथा की शुरुआत की। आप मध्यकालीन भारत का इतिहास Hindibag पर पढ़ रहे हैं।

तुगलक वंश (1320-1413 ईसवी)

  • तुगलक वंश का संस्थापक गयासुद्दीन तुगलक था।
  • गयासुद्दीन तुगलक ने नेहरू तथा कुओं का निर्माण करवाया तथा डाक व्यवस्था को संगठित किया।
  • मोहम्मद बिन तुगलक(1325-1351 ईसवी) का मूल नाम जॉन खान था जिसे लोग पागल कहा करते थे।
  • इसने चार प्रयोग किए राजधानी परिवर्तन, क्षेत्र में कर वृद्धि, सांकेतिक मुद्रा का प्रचलन तथा प्राचीन एवं खुरासान विजय की योजना।
  • उसने अपनी राजधानी दिल्ली से दौलताबाद स्थानांतरित की पर बाद में पुनः दिल्ली ही राजधानी बनी। आप मध्यकालीन भारत का इतिहास Hindibag पर पढ़ रहे हैं।
  • सांकेतिक मुद्रा के प्रचलन के लिए उसने तांबे तथा इस में मिश्रित कहां से के सिक्के चलाए पर या योजना भी कतिपय कारणों से असफल रही।
  • मोहम्मद बिन तुगलक ने कृषि के विकास के लिए एक नवीन कृषि विभाग दीवान ए अमीर कोही की स्थापना की।

रेहला पुस्तक का रचयिता मोरक्को का यात्री इब्नबतूता था जो कि मुहम्मद बिन तुगलक के शासन काल में भारत आया था।

  • फिरोजशाह तुगलक 1351 ईस्वी से 1398 ईसवी तक अपने कल्याणकारी कार्यों के लिए प्रसिद्ध है।
  • वह पहला सुल्तान था जिसने ब्राह्मणों पर भी जजिया कर लगाया।
  • फिरोजशाह तुगलक ने कई नेहरू का निर्माण कराया और प्रजा से सिंचाई कर वसूला फिरोज शाह ने एक दान विभाग दीवाने खैरान की स्थापना की तथा एक दास विभाग दीवाने बंद गान की स्थापना की।
  • फिरोजशाह तुगलक ने अपनी आत्मकथा फुतूहात ए फिरोजशाही की रचना की।
  • मुहम्मद शाह तुगलक वंश का अंतिम शासक था जिस के शासनकाल में तैमूर का दिल्ली पर आक्रमण 1398 ईसवी में हुआ।

लोदी वंश (1451-1526 ई.)

  • लोदी वंश का संस्थापक बहलोल लोदी (1451-1488 ई.) था उसने भारत में पहली बार अफगान राज्य की स्थापना की।
  • सिकंदर लोदी ने भूमि की माप के लिए सिकंदरी गज के इस्तेमाल की शुरुआत की।
  • सिकंदर लोदी ने 1504 ईस्वी में आगरा नगर की स्थापना की तथा उसे अपनी राजधानी बनाया।
  • इब्राहिम लोदी (1517-26 ई.) दिल्ली सल्तनत का अंतिम सुल्तान था। पानीपत के प्रथम युद्ध में बाबर ने इब्राहिम लोदी को पराजित कर दिल्ली सल्तनत का अंत कर दिया।

मुगल साम्राज्य – मध्यकालीन भारत का इतिहास

मुगल वंश का संस्थापक बाबर था। उसने पानीपत के प्रथम युद्ध 1526 ईस्वी में इब्राहिम लोदी को परास्त कर भारत में मुगल वंश की स्थापना की। मुगल वंश भारत में सन 1526 से लगभग सन 1757 तक राज किया। उसके बाद इनका पतन हो गया और अंग्रेजी शासन की स्थापना हुई।

  • बाबर (1526-1530 ई.)

    • बाबर फरगना के शासक उमर शेख मिर्जा का बेटा था।
    • पानीपत के प्रथम युद्ध में बाबर ने पहली बार तुलुगमा पद्धति तथा तोपखाने का प्रयोग किया।
    • बाबर के शासनकाल में कई युद्ध लड़े गए जिसमें से – पानीपत का प्रथम युद्ध 1526 ईस्वी में इब्राहिम लोदी के साथ जिसमें बाबर जीता। 1527 ईस्वी में खानवा का युद्ध राणा सांगा के साथ जिस में भी बाबर जीता। 1528 ईस्वी में चंदेरी का युद्ध मेदनी राय के साथ जिसमें भी बाबर जीता। 1529 ईस्वी में घाघरा का युद्ध आफगानों की सम्मिलित सेना के साथ जिसमें भी बाबर जीता।
    • बाबर ने अपनी आत्मकथा बाबरनामा की रचना तुर्की भाषा में की। जिसका अनुवाद बाद में फारसी भाषा में अब्दुल रहीम खानखाना ने किया।
    • प्रारंभ में बाबर के शव को आगरा में दफनाया गया। बाद में काबुल में दफनाया गया। आप मध्यकालीन भारत का इतिहास Hindibag पर पढ़ रहे हैं।
    मकबरा
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  • हुमायू (1530-1556 ई.)

    • हुमायूं ने अपने राज्य का बंटवारा अपने भाई में कर दिया।
    • 1533 में उसने दीन पनाह नामक नगर की स्थापना की।
    • 1539 में हुमायूं और शेर खान के बीच में चौसा का युद्ध हुआ जिसमें हुमायूं पराजित हुआ।
    • 1540 में हुमायूं तथा शेर खान के बीच कन्नौज या बिलग्राम का युद्ध हुआ। जिसमें हुमायूं पुनः पराजित हुआ तथा उसे भारत छोड़कर भागना पड़ा। आप मध्यकालीन भारत का इतिहास Hindibag पर पढ़ रहे हैं।
    • 1556 इसी में दीन पनाह भवन में स्थित पुस्तकालय की सीढ़ियों से गिरकर हुमायूं की मृत्यु हो गई।
  • शेरशाह सूरी (1540-45 ई.)

    • शेरशाह का असली नाम फरीद खान था। उसके पिता हसन खान सासाराम के जमींदार थे।
    • 1540 ईस्वी में कन्नौज के युद्ध में विजई होने के बाद उसने शेर शाह की उपाधि धारण की।
    • उसने पुराने सिक्कों की जगह शुद्ध सोने चांदी के सिक्के जारी किए।
    • उसने जब्ती प्रणाली लागू की जिसके अंतर्गत लगान का निर्धारण भूमि की माप के आधार पर किया जाता था। आप मध्यकालीन भारत का इतिहास Hindibag पर पढ़ रहे हैं।
    • उसके शासनकाल मे मलिक मोहम्मद जायसी ने पद्मावत की रचना की। उसने दिल्ली में पुराने किले का निर्माण कराया।
    • उसने रुपया का प्रचलन शुरू किया जो 178 ग्राम चांदी का होता था। शेरशाह ने सड़क ए आजम (ग्रांड ट्रंक रोड) का निर्माण कराया जो सोनार गांव से पेशावर तक जाती थी।
    • कलिंजर विजय अभियान के दौरान शेरशाह की तोप फटने से मृत्यु हो गई।
    मध्यकालीन इतिहास
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  • अकबर (1556-1605 ई.)

    • अकबर का राज्याभिषेक 14 वर्ष की आयु में पंजाब के कलानौर नामक स्थान पर हुआ था।
    • बैरम खां अकबर का संरक्षक था।
    • पानीपत का द्वितीय युद्ध नवंबर 1556 ईस्वी में हुआ। जिसमें बैरम खान के नेतृत्व वाली मुगल सेना ने हेमू के नेतृत्व वाली अफगान सेना को पराजित किया।
    • अकबर के शासन काल के दौरान 1576 में मेवाड़ के शासक राणा प्रताप तथा मुगल सेना के बीच हल्दीघाटी का युद्ध हुआ जिसमें मान सिंह के नेतृत्व में मुगल सेना विजई हुई। आप मध्यकालीन भारत का इतिहास Hindibag पर पढ़ रहे हैं।
    • अबुल फजल ने आईने अकबरी तथा अकबरनामा नामक ग्रंथ की रचना की अकबर के दरबार में नवरत्न थे। जिसमें तानसेन बीरबल टोडरमल…
    • मनसबदारी प्रथा एक विशिष्ट सैन्य एवं प्रशासनिक व्यवस्था थी जिसे भारत में अकबर ने प्रारंभ किया।
    मध्यकालीन भारत
    मध्यकालीन भारत का इतिहास
    अकबर के कुछ महत्वपूर्ण कार्य
    • 1526 ई• में दास प्रथा का अंत किया।
    • 1562 ई• में तीर्थ यात्रा कर समाप्त किया।
    • 1564 ई• में जजिया कर समाप्त किया।
    • 1571 ई• में फतेहपुर सीकरी की स्थापना की तथा राजधानी का स्थानांतरण आगरा से फतेहपुर सीकरी किया।
    • 1575 ई• में इबादत खाने की स्थापना की।
    • 1578 ई• में इबादत खाने में सभी धर्मों के लोगों के प्रवेश की अनुमति दी।
    • 1579 ई• में मजहर की घोषणा की।
    • 1582 में दीन ए इलाही की स्थापना की।
  • जहांगीर (1605-27)

    • जहांगीर के बचपन का नाम सलीम था।
    • जहांगीर को न्याय की जंजीर के लिए याद किया जाता है जो उसने आगरा के किले में लगवाई थी।
    • जहांगीर के शासनकाल में ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में अपनी पहली फैक्ट्री सूरत में स्थापित की।
    • जहांगीर की मृत्यु भीम वार नामक स्थान पर हुई उसे शहादरा में रावी नदी के किनारे दफनाया गया।
  • शाहजहां (1627-1657)

    • शाहजहां के शासन काल को स्थापत्य कला का स्वर्ण युग कहा जाता है।
    • शाहजहां ने पुर्तगालियों के बढ़ते प्रभाव को समाप्त करने के उद्देश्य से 1632 में पुर्तगालियों से युद्ध किया तथा हुगली पर अधिकार कर लिया।
    • उसने दिल्ली में एक महाविद्यालय का निर्माण करवाया।
    • उसने दिल्ली में ही शाहजहानाबाद नामक एक नगर बसाया जहां नई राजधानी स्थापित की।
    • मयूर सिंहासन जो काफी फेमस है जिसका निर्माण शाहजहां ने ही करवाया था। आप मध्यकालीन भारत का इतिहास Hindibag पर पढ़ रहे हैं।
    • अपनी बेगम मुमताज महल की याद में शाहजहां ने ही आगरा में ताजमहल का निर्माण करवाया।
    • शाहजहां द्वारा बनाई गई निम्नलिखित इमारतें और भी अधिक फेमस है दिल्ली का लाल किला, दिल्ली की जामा मस्जिद, आगरा की मोती मस्जिद।
    • उत्तराधिकारी के युद्ध में औरंगजेब ने शाहजहां को बंदी बनाकर आगरा के किले में डाल दिया जहां 1666 इसी में उसकी मृत्यु हो गई।
    मध्यकालीन भारत ताजमहल
    आगरा में स्थित ताजमहल
  • औरंगजेब

    • औरंगजेब को शासक बनने के लिए अपने भाइयों से युद्ध करना पड़ा था। युद्ध में औरंगजेब विजयी रहा।
    • उसके बाद उसने इस्लाम धर्म की अवहेलना के आरोप में धारा की हत्या करवा दी।
    • 1659 में दिल्ली में शाहजहां के महल में दूसरी बार औरंगजेब का राज्याभिषेक हुआ।
    • औरंगजेब के समय मुगल साम्राज्य का सर्वाधिक विस्तार हुआ।
    • उसके शासनकाल में हिंदू मनसबदारी की संख्या भी सबसे अधिक थी।
    • इस्लाम धर्म नहीं स्वीकार करने के कारण सिखों के गुरु तेग बहादुर की हत्या औरंगजेब ने करवा दी।
    • उसे जिंदा पीर भी कहा जाता है।
    • उसने 1679 ईस्वी में हिंदुओं पर जजिया कर लगाया। आप मध्यकालीन भारत का इतिहास Hindibag पर पढ़ रहे हैं।
    • दिल्ली के लाल किला में मोती मस्जिद का निर्माण औरंगजेब ने करवाया।
    • औरंगजेब ने अपना अधिकतर समय दक्षिण भारत को जीतने में लगा दिया, जो उसके लिए नासूर साबित हुआ।
    • औरंगजेब को मृत्यु के बाद दौलताबाद के निकट दफना दिया।

Hindibag – मध्यकालीन भारत का इतिहास

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