ब्रजभाषा रचनाकार कृतियां

ब्रजभाषा रचनाकार कृतियां – भक्तिकाल, रीतिकाल, आधुनिक काल के प्रथम चरण तक हिंदी के कवियों ने ब्रज भाषा में ही काव्य रचना की। इस प्रकार हम कह सकते हैं कि ब्रजभाषा बहुत लंबे समय तक काव्य भाषा पद पर प्रतिष्ठित रही। लगभग 600 वर्षों तक ब्रज क्षेत्र की बोली ब्रजभाषा काव्य भाषा के पद पर प्रतिष्ठित रहीं। इसी अवधि में हिंदी के अनेक रचनाकारों ने अपनी रचनाएं हिंदी जगत को दी। इस काल में जो रचनाएं हुई वह ब्रजभाषा में हुई।

भक्तिकालीन ब्रज साहित्य, ब्रजभाषा रचनाकार कृतियां
ब्रजभाषा रचनाकार कृतियां

ब्रजभाषा रचनाकार कृतियां

ब्रजभाषा रचनाकारकृतियां
सूरदाससाहित्यलहरी, सूरसागर
नंददासरसमंजरी, मानमंजरी, रूपमंजरी, भ्रमरगीत, गोवर्धन लीला
कृष्णदासभ्रमरगीत, जुगल मान चरित्र, प्रेम तत्व निरूपण
श्री भट्टयुगल शतक
तुलसीदासकवितावली, दोहावली, कृष्ण गीतावली, विनय पत्रिका
चतुर्भुजदासकीर्तनावली, चतुर्भुज कीर्तन संग्रह
रसखानदानलीला, अष्टयाम, सुजान रसखान, प्रेमवाटिका
मीराबाईरागसोरठा के पद, गीत गोविंद टीका, नरसी जी का मायरा
प्रतापनारायण मिश्रलोकोक्ति शतक, मन की लहर, प्रेम पुष्पावली, श्रंगार विलास
पद्माकरगंगालहरी, हिम्मतबहादुर विरुदावली, जग विनोद, प्रताप सिंह विरुदावली
बिहारीबिहारी सतसई
चंद्रशेखर बाजपेईमाधवी बसंत, वृंदावन शतक, रसिक विनोद नख शिख, हम्मीर हठ, गुरुपंचाशिका
भारतेंदु हरिश्चंद्रप्रेम मालिका, वषी विनोद, प्रेम फुलवारी, प्रेम सरोवर, वेणुगीत, गीतगोविंद
सोमनाथमाधव विनोद नाटक
जगमोहन सिंहजुगल विलास
जसवंत सिंहसिद्धांत सार, सिद्धांत बोध, अपरोक्ष सिद्धांत, अनुभव प्रकाश, आनंद विलास
भिखारी दासश्रंगार निर्णय, रस सारांश, काव्य निर्णय
गिरधर दासभारती भूषण, नायिका भेद, रसरत्नाकर
नवनीत चतुर्वेदीकुब्जा पच्चीसी
सुरति मिश्रश्री कृष्ण चरित, रामचरित
घनानंदप्रीतिपावस, वियोग बेलि, कृपानंद निबंध
रसनिधिकवित्त, हिंडोला, रीतिसंग्रह, रस हजारा
ब्रजभाषा रचनाकार कृतियां
ब्रज भाषा साहित्य
ब्रजभाषा रचनाकार कृतियां
ब्रजभाषा उत्पत्ति विकास क्षेत्रआधुनिक ब्रजभाषा साहित्यभक्तिकालीन ब्रज साहित्य
रीतिकालीन ब्रज साहित्यलोक साहित्यलोकगाथा वर्गीकरण विशेषताएं उत्पत्ति
ब्रजभाषा रचनाकार कृतियांभ्रमर-दूत की विशेषताएंप्रेम पचीसी की विशेषताएं
guest

0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments